हजारीबाग: ₹1 और ₹2 के सिक्के न लेने वाले दुकानदारों पर दारू पुलिस का महा-एक्शन; थाना प्रभारी बोले— "अफवाह फैलाई या सिक्का ठुकराया, तो सीधे दर्ज होगी FIR"
ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर पुलिस का त्वरित संज्ञान: हरली और दारू क्षेत्र के बाजारों में छोटे सिक्कों पर अघोषित बैन के खिलाफ फूटा था जनाक्रोश, जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष भी रहे मौजूद।
हजारीबाग/दारू: हजारीबाग जिले के दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थानीय बाजारों और हरली इलाके में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी वैध मुद्रा यानी ₹1 और ₹2 के सिक्कों को दुकानदारों द्वारा स्वीकार न किए जाने का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। इस अघोषित और गैर-कानूनी पाबंदी के खिलाफ शनिवार (16 मई 2026) को जहां एक तरफ ग्रामीणों का आक्रोश फूटा और उन्होंने थाने में लिखित आवेदन दिया, वहीं दूसरी तरफ दारू पुलिस ने भी इस पर त्वरित और बेहद शक्तिशाली संज्ञान लिया है।
![]() |
| Jlkm Adhyaksh and Thana Prabhari. |
दारू थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने एक आधिकारिक वीडियो बयान जारी कर सिक्का न लेने वालों और बाजार में भ्रम फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को खुली और अंतिम चेतावनी दी है।
पूरा मामला: सिक्कों के अघोषित बैन से त्रस्त थे ग्रामीण
शनिवार को हरली निवासी मुख्य शिकायतकर्ता आकाश कुमार सोनी के नेतृत्व में क्षेत्र के जागरूक युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर दारू थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप था कि स्थानीय दुकानदार और छोटे-बड़े व्यवसायी धड़ल्ले से ₹1 और ₹2 के सिक्के लेने से मना कर रहे हैं।
सिक्के न चलने का बहाना बनाकर दुकानदार वस्तुओं के दाम मनमाने तरीके से बढ़ाकर ले रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी वस्तु की कीमत ₹12 या ₹13 है, तो खुले पैसे न होने का हवाला देकर ग्राहकों से सीधे ₹15 वसूल लिए जाते हैं। इस अघोषित पाबंदी और कृत्रिम महंगाई के कारण सबसे ज्यादा मार गरीब, मजदूर और छोटे खरीदारों पर पड़ रही थी।
इन प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा गया था आवेदन:
स्थानीय बाजार के सभी दुकानदारों को ₹1 एवं ₹2 के वैध सिक्के अनिवार्य रूप से स्वीकार करने हेतु पुलिस स्तर से कड़ा निर्देश जारी हो।
सिक्कों के चलन को लेकर आम जनता और दुकानदारों के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए प्रशासन उचित कदम उठाए।
खुले पैसों के नाम पर ग्राहकों से मनमाना मूल्य वसूलने वाले दुकानदारों को चिन्हित कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
इस जनहित के संवेदनशील मुद्दे को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के दारू प्रखंड अध्यक्ष रविन्द्र प्रसाद, महेंद्र विश्वकर्मा, आकाश विश्वकर्मा, मनोज कुमार ठाकुर, बादल कुमार, समीर हुसैन, बालेश्वर साव, अभिषेक कुमार सोनी, प्रकाश सोनी और रविन्द्र सिंह सहित दर्जनों ग्रामीणों का सीधा समर्थन मिला।
पावरफुल एक्शन: दारू थाना प्रभारी ने जारी किया कड़ा संदेश
ग्रामीणों के आवेदन पर बिना समय गंवाए दारू थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने सीधे मोर्चा संभाला। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि भारतीय सिक्कों को लेने से मना करना पूरी तरह से गैर-कानूनी है और ऐसा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने साफ शब्दों में कहा:
"भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ऐसा कोई भी नोटिफिकेशन या निर्देश जारी नहीं किया गया है, जिसमें ₹1 और ₹2 के सिक्कों को बंद करने की बात कही गई हो। भारत सरकार द्वारा जारी सभी सिक्के 100% वैध (Valid) हैं और इन्हें स्वीकार करना हर नागरिक और दुकानदार की कानूनी जिम्मेदारी है। यह अफवाह फैलाना कि सिक्के नहीं चल रहे हैं, समाज को भ्रमित करने जैसा गंभीर कृत्य है।"
पुलिस की दो चरणों वाली कार्ययोजना (Action Plan):
पहला चरण (व्यापक जागरूकता): थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए सबसे पहले स्थानीय दुकानदारों, व्यवसायियों और आम जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाएगी ताकि सिक्कों को लेकर फैला भ्रम पूरी तरह दूर हो सके।
दूसरा चरण (सीधी कानूनी कार्रवाई): यदि इस जागरूकता और प्रशासनिक चेतावनी के बावजूद भी कोई दुकानदार या व्यक्ति सिक्के लेने से मना करता है, तो पुलिस उसे तुरंत चिन्हित करेगी। ऐसे हठी दुकानदारों के खिलाफ भारतीय कानून की सुसंगत धाराओं के तहत सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहता है देश का कानून?
News Prahari अपने सभी पाठकों, आम नागरिकों और विशेषकर क्षेत्र के व्यापारिक वर्ग को सचेत करना चाहता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, भारत सरकार द्वारा जारी किए गए किसी भी वैध सिक्के को लेने से मना करना एक दंडनीय अपराध है। ऐसा करना सीधे तौर पर देश की संप्रभुता और भारतीय मुद्रा का अपमान माना जाता है, जिसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
संपादकीय संदेश (न्यूज़ प्रहरी दृष्टिकोण): दारू थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार सिंह का यह स्पष्ट, त्वरित और बेहद कड़ा बयान बाजार में फैले भ्रम को जड़ से खत्म करने के लिए बेहद जरूरी था। पुलिस प्रशासन के इस पुख्ता रुख के बाद अब उम्मीद है कि हरली और दारू क्षेत्र के बाजारों में सिक्कों का लेनदेन सामान्य होगा, जिससे छोटे खरीदारों और गरीब जनता को इस अघोषित आर्थिक प्रताड़ना से बड़ी राहत मिलेगी। न्यूज़ प्रहरी जनता के हक में उठाए गए इस प्रशासनिक कदम का स्वागत करता है।

No comments
Post a Comment