विदाई की बेला में स्मृतियों का सैलाब, वाणिज्य संकाय के छात्रों को नम आंखों से दी गई भावपूर्ण विदाई
हजारीबाग। स्थानीय जीएम महाविद्यालय के प्रांगण में इंटरमीडिएट वाणिज्य संकाय (सत्र 2024-26) के निवर्तमान छात्रों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह स्मृतियों, संकल्पों और भावनाओं का साक्षी बना। 'फेयरवेल' की इस बेला में हर्ष और विषाद के मिश्रित भावों के बीच कनिष्ठ छात्रों ने अपने अग्रजों को तिलक लगाकर और मंगलकामनाओं के साथ विदा किया। समारोह का विधिवत शुभारंभ माँ शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसके पश्चात प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाविद्यालय के सचिव विनय कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यह विदाई अंत नहीं, बल्कि जीवन के नए अध्याय का आरंभ है। उन्होंने छात्रों को आगामी वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एकाग्रता और कठोर परिश्रम को सफलता का एकमात्र 'गुरुमंत्र' बताया। वहीं, प्राचार्य शम्भु कुमार ने वर्तमान परिदृश्य में वाणिज्य शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के इस दौर में वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए करियर की असीम संभावनाएं और अनंत आकाश खुले हैं।
कार्यक्रम के दौरान वातावरण उस समय अत्यंत भावुक हो गया जब महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रंजन कुमार ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थी केवल संस्था की चहारदीवारी से विदा ले रहे हैं, शिक्षकों के हृदय से नहीं; गुरु और शिष्य का यह आत्मिक संबंध सदैव जीवंत रहेगा। छात्रा पायल कुमारी और मुस्कान कुमारी ने अपने सधे हुए मंच संचालन से कार्यक्रम को गति प्रदान की। समारोह के अंतिम क्षणों में छात्रा निशु कुमारी द्वारा प्रस्तुत विदाई गीत की मर्मस्पर्शी स्वरलहरियों ने वहां उपस्थित सभी जनों की आंखों को सजल कर दिया और पूरा माहौल उदासी की चादर में लिपट गया। कार्यक्रम का समापन
उमेश ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इस अवसर पर शिक्षक आशीष पांडे, मनोज राणा, रेयाज अहमद, कुंदन शशि शर्मा, कृष्ण कुमार, नीलिमा कुजूर, प्रिया कुमारी, पूनम कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।








