पेलावल में शिक्षा की नई अलख, खिदमत-ए-खल्क ने उठाई होनहारों की जिम्मेदारी, गरीबी अब नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा
हजारीबाग। हजारीबाग के पेलावल क्षेत्र में शिक्षा की लौ को और तेज करने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था 'खिदमत-ए-खल्क' ने एक अनूठी पहल की है। संस्था ने न केवल एक नए शैक्षणिक केंद्र की सौगात दी है, बल्कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रतिभावान छात्रों के लिए उम्मीद की एक नई किरण भी जलाई है। इस नवनिर्मित शैक्षणिक संस्थान के उद्घाटन समारोह को यादगार बनाने के लिए एक भव्य इस्लामिक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में सैकड़ों की संख्या में नन्हे-मुन्ने और किशोर विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिससे पूरा माहौल शैक्षणिक गतिविधियों से गुलजार हो उठा।
कार्यक्रम का सबसे अहम और संवेदनशील पल वह रहा जब संस्था के पदाधिकारियों ने मंच से समाज के वंचित तबके के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब पैसे की कमी किसी भी होनहार बच्चे की पढ़ाई में रोड़ा नहीं बनेगी। 'खिदमत-ए-खल्क' ने संकल्प लिया है कि वे ऐसे छात्रों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे जो पढ़ने में मेधावी हैं लेकिन आर्थिक मजबूरियों के कारण अपनी शिक्षा जारी रखने में असमर्थ हैं। इस ऐलान ने वहां मौजूद कई अभिभावकों के चेहरों पर राहत की मुस्कान ला दी और भविष्य की चिंता को कम कर दिया।
संस्था के जिम्मेदारों ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनका मकसद केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज में इंसानियत की जड़ों को मजबूत करना और एक तरक्की पसंद समाज का निर्माण करना है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का खुले दिल से स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि पेलावल जैसे क्षेत्र में ऐसे प्रयासों की सख्त जरूरत थी, जो न केवल बच्चों को शिक्षित करेंगे बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की दिशा भी दिखाएंगे। कार्यक्रम का समापन बच्चों के उत्साह और अभिभावकों की उम्मीदों के साथ हुआ।

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