टाइगर जयराम महतो की हुंकार से हिला प्रशासन
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क
पर उतरा जनसैलाब और अधिकारियों को मानना पड़ा समझौता
घाटशिला: सड़क पर भारी हंगामा और जन-आक्रोश देखने को मिला जब टाइगर जयराम महतो के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोगों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हाथों में तख्तियां और जुबान पर 'जय झारखंड' के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार के लिए इंसाफ की मांग की। भीड़ का गुस्सा इतना जबरदस्त था कि मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा और लोगों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी वे पीछे नहीं हटेंगे। अंततः जन-दबाव के आगे झुकते हुए घाटशिला बीडीओ और प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों के साथ एक लिखित समझौता किया।
इस समझौता नामा के तहत प्रशासन ने पीड़ित परिवार को ब्लॉक या एचसीएल के अंतर्गत एक नौकरी सुनिश्चित करने और उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने का वादा किया है। इसके अलावा साजिशकर्ता हराधन सिंह और विकास दुबे को अविलंब जेल भेजने और विवादित जीएम जमीन पर बने अवैध घर को ध्वस्त करने की मांग भी स्वीकार कर ली गई है। प्रदर्शन में शामिल किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज न करने की शर्त भी रखी गई है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर पंद्रह दिनों के भीतर इन सभी बिंदुओं पर कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिला तो लाखों की संख्या में लोग सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
