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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Bihar Govt Relief for NEET Protesters: नीट प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस होंगे वापस, गिरफ्तार छात्र होंगे रिहा; गृह विभाग ने जारी किया आदेश

 

Bihar Govt NEET Protest Relief: बिहार सरकार की बड़ी घोषणा; NEET विरोध प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस होंगे वापस, गिरफ्तार लोग तुरंत होंगे रिहा

पटना (News Prahari Desk): नीट-यूजी (NEET/UG) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं, उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर बिहार में चल रहे छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच बिहार सरकार के गृह विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

Official press release issued by Special Secretary Kshtranil Singh IPS, Home Department Bihar Government regarding NEET protests

​इस संबंध में गृह विभाग के विशेष सचिव क्षेत्रानिल सिंह (IPS) के हस्ताक्षर से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है।

प्रदर्शनकारियों को मिली राहत: FIR वापस और तत्काल रिहाई के आदेश

​गृह विभाग द्वारा जारी प्रेस रिलीज में राज्य सरकार ने निम्नलिखित प्रमुख आश्वासन दिए हैं:

  • दर्ज केस होंगे वापस: 26 जुलाई 2026 की शाम 6:00 बजे से पूर्व प्रदर्शन में शामिल होने के कारण दर्ज की गई सभी प्राथमिकी (FIR), आपराधिक शिकायतें (Criminal Complaints) और कारण बताओ नोटिस (Showcause Notice) को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।
  • तत्काल रिहाई के निर्देश: उक्त तिथि और समय से पहले दर्ज मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को तुरंत रिहा किया जाएगा।
  • भविष्य में भी नहीं होगी कार्रवाई: सरकार ने स्पष्ट किया है कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले दर्ज इन मामलों में भविष्य में भी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
  • कानूनी संरक्षण: राज्य भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों और युवाओं पर किसी भी प्रकार का दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।

उच्च शिक्षा और परीक्षा सुधार पर सरकार का रुख

​नीट-यूजी परीक्षा को लेकर छात्रों के विरोध के बाद राज्य सरकार का यह कदम परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। सरकार के इस फैसले से राज्य के हजारों प्रदर्शनकारी छात्रों और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।

Home Department, Government of Bihar (Press Release Dated: 27.07.2026)

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जनसेवा का सम्मान: सांसद पप्पू यादव को दिल्ली में मिला 'दादासाहेब फाल्के आइकन अवार्ड', शुभचिंतकों को किया समर्पित

जनसेवा का सम्मान: सांसद पप्पू यादव को दिल्ली में मिला 'दादासाहेब फाल्के आइकन अवार्ड', शुभचिंतकों को किया समर्पित

दिल्ली में DPIAF – कल्चरल एंड टूरिज्म शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन

नई दिल्ली: राजनीति के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में हमेशा सक्रिय रहने वाले सांसद पप्पू यादव को एक बड़े राष्ट्रीय सम्मान से नवाज़ा गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित 'DPIAF – कल्चरल एंड टूरिज्म शिखर सम्मेलन' (Cultural and Tourism Summit) में उन्हें प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के आइकन अवार्ड फिल्म्स आर्गेनाइजेशन (NGO) द्वारा सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके जनसेवा और सामाजिक योगदान को देखते हुए प्रदान किया गया।

दिल्ली में आयोजित DPIAF कल्चरल एंड टूरिज्म शिखर सम्मेलन के दौरान 'भारत गौरव आइकॉन अवार्ड' ग्रहण करते सांसद पप्पू यादव।

"यह सम्मान मेरा नहीं, मेरे शुभचिंतकों का है"

अवार्ड ग्रहण करने के बाद सांसद पप्पू यादव ने अपनी चिर-परिचित शैली में विनम्रता व्यक्त की। उन्होंने इस सम्मान को केवल अपनी उपलब्धि न मानकर, अपने समर्थकों और जनता के प्यार का परिणाम बताया।

मंच से अपनी भावनाएं साझा करते हुए उन्होंने कहा, "यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। मैं इस प्रतिष्ठित मंच के सभी आयोजकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने मुझे इस सम्मान के योग्य समझा।" उन्होंने आगे जोड़ा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की असली ताकत उसकी जनता होती है। "यह सम्मान न केवल मेरे लिए बल्कि उन सभी साथियों और शुभचिंतकों के लिए भी है, जिनके सहयोग और विश्वास से मुझे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रही है।"

समाज और संस्कृति के प्रति दोहराया अपना संकल्प

इस खास अवसर पर सांसद ने भविष्य के लिए भी अपना विजन स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान जिम्मेदारियों को और बढ़ा देते हैं। पप्पू यादव ने संकल्प लेते हुए कहा कि वे भविष्य में भी समाज, संस्कृति और जनसेवा के कार्यों में अपनी जिम्मेदारी को और अधिक निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

इस भव्य समारोह में कला, संस्कृति, और राजनीति जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं, जिन्होंने पप्पू यादव को उनकी इस उपलब्धि पर बधाइयां दीं।

बिहार की राजनीति में युगांत: नीतीश कुमार ने भरा राज्यसभा का पर्चा, 20 वर्षों के 'नीतीश युग' का हुआ अवसान

बिहार की राजनीति में युगांत: नीतीश कुमार ने भरा राज्यसभा का पर्चा, 20 वर्षों के 'नीतीश युग' का हुआ अवसान


पटना: बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक युगांतरकारी परिवर्तन देखने को मिला है। पिछले लगभग दो दशकों से बिहार की सत्ता के शीर्ष पर विराजमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति से विदाई लेते हुए राष्ट्रीय राजनीति ('दिल्ली दरबार') की ओर अपने कदम बढ़ा दिए हैं।
"पटना में निर्वाचन अधिकारी के समक्ष राज्यसभा के अभ्यर्थी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल करते और संविधान के प्रति सत्यनिष्ठा की शपथ लेते हुए नीतीश कुमार। उनके ठीक बगल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित हैं।"



उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए के अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में राज्यसभा के लिए अपना आधिकारिक नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस घटनाक्रम के साथ ही राज्य में उस 'नीतीश युग' का समापन हो गया है, जिसने बिहार की दशा और दिशा तय करने में एक अहम भूमिका निभाई थी।

वायरल वीडियो में गूंजा संकल्प

नामांकन कक्ष का एक वीडियो इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना है। वीडियो में नीतीश कुमार निर्वाचन अधिकारी को अपने दस्तावेज सौंपते हुए और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान वे स्पष्ट शब्दों में अपने दायित्व का प्रतिज्ञान करते हुए कहते हैं—

"मैं नीतीश कुमार, जो राज्यसभा में स्थान भरने के लिए अभ्यर्थी के रूप में नाम निर्देशित हुआ हूँ, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूँ कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा और मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा।"

इस संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान उनके ठीक बगल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी इस राजनीतिक घटनाक्रम की गंभीरता और एनडीए (NDA) गठबंधन की भावी रणनीति की एकजुटता को प्रमाणित करती है।

एक युग का अवसान और भविष्य की रूपरेखा

साल 2005 से (कुछ संक्षिप्त अंतरालों को छोड़कर) लगातार मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार अब उच्च सदन (राज्यसभा) के सदस्य के रूप में संसद में अपनी सेवाएं देंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम गठबंधन के भीतर एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत उन्हें ससम्मान राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय किया जा रहा है। स्वयं नीतीश कुमार ने भी अपने समर्थकों को यह आश्वस्त किया है कि नई सरकार और बिहार के विकास में उनका निरंतर मार्गदर्शन बना रहेगा।

अब आगे क्या?

सुशासन बाबू के इस प्रस्थान के बाद अब बिहार के राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह तैर रहा है कि राज्य के नेतृत्व की बागडोर अब किसके हाथों में सौंपी जाएगी। नई सरकार के गठन और नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

70 एकड़ में लहलहाती 'सफेद मौत' की खेती खाक, ड्रोन ने तोड़ी तस्करों की कमर


70 एकड़ में लहलहाती 'सफेद मौत' की खेती खाक, ड्रोन ने तोड़ी तस्करों की कमर

हजारीबाग | नशे के सौदागरों और अवैध अफीम की खेती के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और करारी चोट दी है। "मिशन जीरो टॉलरेंस" की तर्ज पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चौपारण के बीहड़ इलाकों में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। इस महाअभियान में लगभग 70 एकड़ में फैली अफीम की अवैध फसल को मौके पर ही नेस्तनाबूद कर दिया गया।

बिहार बॉर्डर पर 'ड्रोन' से निगहबानी

तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए बिहार से सटे फल्गु नदी के किनारे स्थित ग्राम सिकदा के दुर्गम और सुदूर इलाकों को अपना ठिकाना बनाया था। लेकिन पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरों से आसमान से नजर रखी और अफीम के खेतों को सटीक रूप से चिन्हित किया।

मौके पर ही इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त

कार्रवाई केवल फसल नष्ट करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि खेती में प्रयुक्त संसाधनों को भी नष्ट किया गया। पुलिस ने मौके से 15 डिलीवरी पाइप बरामद कर उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया, ताकि दोबारा इस नेटवर्क को खड़ा न किया जा सके।

माफियाओं पर कसेगा कानूनी शिकंजा

हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। अफीम की खेती करने वाले सिंडिकेट और जमीन मालिकों के नाम-पते का सत्यापन तेज कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के निर्देशानुसार, दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ कठोर धाराओं में कांड दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

इस साहसिक अभियान के नायक:

बरही के एसडीपीओ श्री अजित कुमार बिमल के नेतृत्व में चले इस अभियान में अंचल पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, एसआई सुबिन्दर राम, एसआई रतन टुडू, एएसआई बादल महतो और वनपाल कुलदीप कुमार समेत सशस्त्र बल के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया।

पुलिस का स्पष्ट संदेश:

हजारीबाग पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी और खेती को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए आगे भी इसी प्रकार की सख्त और त्वरित कार्रवाई 

जारी रहेगी।

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