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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग में लोकतंत्र के महापर्व का शंखनाद: 36 वार्डों और महापौर पद के लिए बिछ गई सियासी बिसात, बैलेट पेपर से तय होगा शहर की सरकार का भविष्य


हजारीबाग में लोकतंत्र के महापर्व का शंखनाद: 36 वार्डों और महापौर पद के लिए बिछ गई सियासी बिसात, बैलेट पेपर से तय होगा शहर की सरकार का भविष्य

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

हजारीबाग

​हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही प्रशासनिक महकमे ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने हेतु अपनी कमर कस ली है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से चुनावी कार्यक्रम की विधिवत घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि इस बार लोकतंत्र के इस उत्सव में ईवीएम की जगह मतपत्रों की पुरानी और विश्वसनीय पद्धति का उपयोग किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हजारीबाग नगर निगम के 36 वार्ड पार्षदों और महापौर पद के लिए होने वाले इस चुनाव में 1,77,437 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर शहर की सरकार चुनेंगे। प्रशासनिक घोषणा के अनुसार चुनावी समर का आगाज नामांकन प्रक्रिया के साथ होगा और आगामी 23 फरवरी को मतदान तथा 27 फरवरी को मतगणना के साथ जनादेश सार्वजनिक किया जाएगा।

​जिला निर्वाचन पदाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने चुनावी बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि महापौर पद के प्रत्याशियों के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र तथा वार्ड पार्षदों के लिए श्वेत रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है, जो मतपेटियों में बंद होकर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेगा। धनबल के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने हेतु आयोग ने व्यय सीमा भी निर्धारित कर दी है, जिसके तहत महापौर पद के उम्मीदवार अधिकतम पंद्रह लाख रुपये तथा वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशी तीन लाख रुपये तक ही चुनावी खर्च कर सकेंगे। नामांकन शुल्क के रूप में सामान्य वर्ग के महापौर प्रत्याशियों को पांच हजार और आरक्षित वर्ग को ढाई हजार, जबकि वार्ड पार्षद हेतु सामान्य को एक हजार और आरक्षित वर्ग को पांच सौ रुपये जमा करने होंगे। चुनाव की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए 1 अक्टूबर 2024 की मतदाता सूची को आधार माना गया है।

​दूसरी ओर, विधि-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी अपने तेवर सख्त कर लिए हैं। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन


ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि चुनाव को प्रभावित करने वाले किसी भी असमाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में कुल 160 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। मतदाताओं में विश्वास बहाली हेतु पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च और वल्नरेबल पॉकेट्स में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। अवैध शराब और नकदी के प्रवाह को रोकने के लिए एफएसटी और एसएसटी की टीमों को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि भयमुक्त वातावरण में प्रत्येक नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके।

नगर सरकार की जंग, मतगणना केंद्र पर डीसी की पैनी नजर, सुरक्षा और पारदर्शिता के सख्त निर्देश

नगर सरकार की जंग, मतगणना केंद्र पर डीसी की पैनी नजर, सुरक्षा और पारदर्शिता के सख्त निर्देश

हजारीबाग: आसन्न नगर निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने आज बाजार समिति स्थित मतगणना केंद्र और स्ट्रांग रूम का सघन निरीक्षण किया। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उपायुक्त के साथ उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय और प्रशिक्षु आईएएस आनंद शर्मा सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।

उपायुक्त ने पूरे बाजार समिति परिसर का बारीकी से भ्रमण करते हुए वहां की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचों का आकलन किया। उन्होंने विशेष रूप से मतपेटिकाओं के रखरखाव, उनकी सफाई और उन्हें खोलने-बंद करने की तकनीकी प्रक्रिया की समीक्षा की। मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि होनी चाहिए।

परिसर की स्वच्छता, सुचारु यातायात प्रबंधन और आगत-निर्गत द्वारों पर सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर उपायुक्त ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित कर्मियों को चुनाव आयोग के मानकों का अक्षरश, पालन करने की हिदायत दी गई है ताकि लोकतंत्र का यह पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकता।


झारखंड निकाय चुनाव; हजारीबाग नगर निगम मेयर पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 के लिए आरक्षित, जारी हुई अधिसूचना ने बदले राजनीतिक समीकरण

 

झारखंड निकाय चुनाव;  हजारीबाग नगर निगम मेयर पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 के लिए आरक्षित, जारी हुई अधिसूचना ने बदले राजनीतिक समीकरण


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

​हजारीबाग: नगर निगम चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी झारखंड गजट (असाधारण) की अधिसूचना ने हजारीबाग की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। जारी अधिसूचना के अनुसार, हजारीबाग नगर निगम (वर्ग-ख) के महापौर (मेयर) का पद इस बार अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 (बीसी-1) के लिए आरक्षित किया गया है। इस घोषणा के साथ ही कई सामान्य वर्ग और अन्य श्रेणियों के दिग्गज दावेदारों के चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं, जबकि पिछड़ा वर्ग से आने वाले नेताओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर बनकर सामने आया है।

​शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को प्रकाशित प्रपत्र-3 (नियम-9) के तहत आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों की सूची सार्वजनिक की गई। इसमें स्पष्ट किया गया है कि हजारीबाग नगर निगम का पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 के कोटे में गया है, और इसे महिला के लिए आरक्षित नहीं किया गया है, यानी इस वर्ग के पुरुष और महिला दोनों ही उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। इससे पूर्व शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म था कि सीट महिला आरक्षित होगी या सामान्य, लेकिन आयोग की चिट्ठी ने तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है। अब राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी होगी।

​हजारीबाग के अलावा राज्य के अन्य प्रमुख नगर निगमों की स्थिति भी स्पष्ट की गई है। पलामू के मेदिनीनगर नगर निगम का पद अनारक्षित रखते हुए उसे महिलाओं के लिए सुरक्षित किया गया है, जबकि गिरिडीह नगर निगम का पद अनुसूचित जाति और देवघर व बोकारो (चास) का पद अनारक्षित रखा गया है। सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर नगर निगम को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है। हजारीबाग में सीट बीसी-1 होने के बाद अब शहर के उन नेताओं में मायूसी है जो सामान्य वर्ग से आते हैं और लंबे समय से चुनाव की तैयारी में जुटे थे।

​इस अधिसूचना के जारी होते ही हजारीबाग में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चौक-चौराहों से लेकर सोशल मीडिया तक अब नए प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने भी चुनाव को लेकर अपनी कमर कस ली है और आदर्श आचार संहिता व अन्य चुनावी प्रक्रियाओं के पालन हेतु दिशा-निर्देशों पर काम शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि इस आरक्षण रोस्टर के बाद हजारीबाग नगर निगम चुनाव में कई नए चेहरे देखने को मिलेंगे जो शहर के विकास के लिए अपना दावा पेश करेंगे।

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