हजारीबाग: आगामी ईद, सरहुल और रामनवमी पर्व को लेकर हजारीबाग पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। त्योहारों के दौरान शहर और ग्रामीण इलाकों में शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर एक सख्त आदेश जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की भ्रामक या भड़काऊ सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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| हजारीबाग एसपी ने ईद, सरहुल और रामनवमी को लेकर सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन के लिए सख्त आदेश जारी किया है। अफवाह या भड़काऊ पोस्ट करने पर जेल होगी। |
व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप एडमिन की होगी विशेष जिम्मेदारी
पुलिस अधीक्षक कार्यालय (गोपनीय शाखा) द्वारा 10 मार्च 2026 को जारी पत्रांक 694/गो० के अनुसार, सभी सोशल मीडिया (जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम आदि) के ग्रुप एडमिन और सदस्यों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि ग्रुप एडमिन अपने-अपने ग्रुप में यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी सदस्य सांप्रदायिक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करे। यदि किसी ग्रुप में ऐसा कोई पोस्ट आता है, तो एडमिन को तुरंत उसे डिलीट कर उसकी प्रशासनिक पुष्टि करनी होगी।
अफवाह फैलाने वालों को जाना पड़ेगा जेल
डिजिटल युग में अफवाहें बहुत तेजी से फैलती हैं और समाज का माहौल खराब करती हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए हजारीबाग पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर न तो ध्यान दें और न ही उसे आगे फॉरवर्ड करें। एसपी ने अपने आदेश में सख्त लहजे में कहा है कि समाज में अशांति या अफवाह फैलाना एक दंडनीय अपराध है। जो भी व्यक्ति या असामाजिक तत्व इसके लिए दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सीधे जेल भेजा जा सकता है।
हजारीबाग SP का सख्त आदेश: ईद, सरहुल और रामनवमी पर सोशल मीडिया में अफवाह फैलाई तो सीधे होगी जेल, व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन रहें सावधान
झारखंड में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
आदेश में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि झारखंड राज्य के विभिन्न हिस्सों में पूर्व में भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन त्योहारों के दौरान साइबर सेल के माध्यम से सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नजर रखेगा।
पुलिस की जनता से अपील
सख्ती के साथ-साथ हजारीबाग एसपी ने जिले की जनता पर भरोसा भी जताया है। प्रशासन ने अपील की है कि सभी नागरिक मिलकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और पर्व को आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। शांति व्यवस्था कायम रखना केवल पुलिस का ही नहीं, बल्कि समाज के हर एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है।
क्या करें आम नागरिक?
किसी भी अनजान मैसेज को बिना सच्चाई जाने फॉरवर्ड न करें।
भड़काऊ वीडियो या फोटो देखते ही स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
त्योहारों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।

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