-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Showing posts with label VBU Hazaribagh. Show all posts
Showing posts with label VBU Hazaribagh. Show all posts

Hazaribagh NEET Success: दैनिक वेतनभोगी की संतान संजीत कुमार ने NEET में पाई सफलता; VBU में मां और बेटे का अभिनंदन

 

Hazaribagh NEET Success Story: हजारीबाग के संजीत कुमार ने NEET में गाड़े सफलता के झंडे; VBU कुलपति कक्ष में मां शीला देवी और संजीत को किया गया सम्मानित

हजारीबाग (News Prahari Desk): हजारीबाग जिले के नगवां गांव निवासी संजीत कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा' (NEET) में शानदार सफलता हासिल की है। संजीत कुमार विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के जियोलॉजी (भूविज्ञान) विभाग में दैनिक भत्ता भोगी (Daily Wager) के रूप में कार्यरत शीला देवी के पुत्र हैं।

VBU Vice Chancellor Prof Chandra Bhushan Sharma and Bateshwar Prasad Mehta felicitating NEET achiever Sanjeet Kumar and his mother Sheela Devi

​साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों के बावजूद संजीत की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरा परिवार, नगवां गांव और हजारीबाग क्षेत्र गौरवान्वित है। इस उपलक्ष्य में विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलपति कक्ष में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

कुलपति कक्ष में मिला अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मान

​विश्वविद्यालय के कुलपति कक्ष में 'स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच' की ओर से संजीत कुमार और उनकी मां शीला देवी का भव्य अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष सह समाजसेवी बटेश्वर प्रसाद मेहता, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा और जियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एच.एन. सिन्हा ने संयुक्त रूप से संजीत कुमार को अंगवस्त्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।

​उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और समाजशास्त्रियों ने संजीत कुमार को उनकी इस गौरवमयी उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य तथा एक सफल डॉक्टर बनने की कामना की।

"प्रतिभा किसी भौतिक सुविधा की मोहताज नहीं होती": बटेश्वर प्रसाद मेहता

​सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा:

"संजीत कुमार की यह सफलता हजारीबाग के हजारों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। सीमित साधनों के बीच एक दैनिक वेतनभोगी की मां के संघर्ष को संजीत ने अपनी पढ़ाई से सार्थक किया है। इससे यह साबित होता है कि प्रतिभा किसी बड़े साधन या सुविधा की मोहताज नहीं होती। यदि विद्यार्थी एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर पूरी ईमानदारी, अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ प्रयास करें तो हर कठिन मंजिल को पाया जा सकता है।"


​उन्होंने आगे कहा कि ऐसे होनहार विद्यार्थियों का सम्मान करने से ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य छात्र-छात्राओं में भी उच्च शिक्षा हासिल करने और बड़े लक्ष्य तय करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।

"अनुशासन और मेहनत से खुलते हैं सफलता के रास्ते": VC प्रो. चंद्र भूषण शर्मा

​विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने संजीत की माता शीला देवी को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि माता-पिता के त्याग और बच्चों के अनुशासन से ही ऐसी बड़ी सफलताएँ संभव होती हैं।

​कुलपति ने कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिवार के एक सदस्य के घर से इस तरह की राष्ट्रीय सफलता निकलना पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संजीत आगे चलकर डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी कर देश और समाज के गरीब व जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ सेवा करेंगे।

​जियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एच.एन. सिन्हा ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संजीत ने विषम परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाया है और उनकी यह उपलब्धि विभाग के अन्य कर्मचारियों तथा छात्रों को प्रेरित करती रहेगी।

समारोह में दर्जनों गणमान्य लोग रहे मौजूद

​सम्मान समारोह के दौरान शिक्षाविद, समाजसेवी और विश्वविद्यालय के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से लोकनाथ प्रसाद मेहता, प्रदीप मेहता, ललन सिंह, समाजसेवी द्रोपदी देवी, निरंजन कुमार मेहता तथा इंदर ठाकुर शामिल थे। सभी उपस्थित लोगों ने संजीत कुमार की माता शीला देवी के निरंतर संघर्ष की सराहना की और संजीत को भावी चिकित्सीय करियर के लिए शुभकामनाएँ दीं।

Vinoba Bhave University (VBU) Press Release & Freedom Fighter Thought Forum Event Input

और पढ़ें: Hazaribagh News: सैकड़ों लड़कियों को नरक से निकालने वाली दैनिक भास्कर की रिपोर्टर महिमा सिंह को न्यूज़ प्रहरी का कड़क सलाम, गूंजा 'ऑपरेशन रेड लाइट'!

VBU Hazaribagh Sports Board Meeting: चतरा में बनेगा 'स्पोर्ट्स हब', खेल के लिए 1.09 करोड़ मंजूर; VC प्रो. चंद्र भूषण शर्मा के कड़े निर्देश

 

VBU Hazaribagh: विभावि स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की वार्षिक बैठक; चतरा में 'स्पोर्ट्स हब' और 1.09 करोड़ रुपये का बजट मंजूर, हॉकी पर रहेगा विशेष फोकस

हजारीबाग (News Prahari Desk): विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग के आर्यभट्ट सभागार में बुधवार को विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने खेलकूद गतिविधियों को केवल कुछ दिनों के आयोजनों तक सीमित न रखकर वर्ष भर संचालित करने का स्पष्ट निर्देश दिया।

Vinoba Bhave University Vice Chancellor Prof Chandra Bhushan Sharma addressing Sports Control Board meeting at Aryabhatta Hall Hazaribagh

​बैठक के दौरान वर्ष 2026-27 के लिए खेल गतिविधियों हेतु 1 करोड़ 9 लाख रुपये (1.09 Cr) के अनुमानित बजट और व्यय प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई।

"खेलों को औपचारिकता न बनाएं, साल भर करें काम": कुलपति

​अध्यक्षीय भाषण प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने कहा:

"खेलकूद को अत्यंत गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। इसे साल में कुछ दिनों के औपचारिक इवेंट्स में परिणत न होने दें, बल्कि इस पर वर्ष भर निरंतर काम करें। जिस प्रकार कला और संस्कृति के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने पहचान बनाई है, उसी प्रकार खेल के क्षेत्र में भी पूर्वी भारत में विनोबा भावे विश्वविद्यालय को एक नई पहचान दिलाएं। सभी संबद्ध संस्थान अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट घरानों से खेल इंफ्रास्ट्रक्चर व टूर्नामेंट्स को स्पॉन्सर कराने की दिशा में पहल करें।"


चतरा में 'स्पोर्ट्स हब' का निर्माण और छात्राओं की सहभागिता पर जोर

​बैठक में चतरा जैसे आकांक्षी और पिछड़े क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए बड़ा फैसला लिया गया। कुलपति ने चतरा जिले के तीनों अंगीभूत महाविद्यालयों के लिए संयुक्त रूप से एक आधुनिक "स्पोर्ट्स हब" तैयार करने का प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया।

​इसके साथ ही, अंतर-महाविद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने और विशेष रूप से छात्राओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। इस वर्ष विश्वविद्यालय प्रशासन ने राष्ट्रीय खेल हॉकी के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत संत कोलंबा कॉलेज के अलावा जेजे कॉलेज तिलैया, अन्नदा कॉलेज, रामगढ़ कॉलेज, पीजी एथलेटिक क्लब और चतरा कॉलेज को पुरुष व महिला हॉकी टीमें अनिवार्य रूप से तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

PTI की नियुक्ति, दैनिक भत्ता (DA) में वृद्धि और फिजियोथेरेपिस्ट की स्वीकृति

​खिलाड़ियों और खेल व्यवस्था में सुधार के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए:

  1. खेल अनुदेशकों (PTI) की नियुक्ति: विश्वविद्यालय और कॉलेजों में रिक्त पड़े Physical Training Instructors (PTI) के पदों पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया।
  2. दैनिक भत्ते (DA) में बढ़ोतरी: बढ़ती महंगाई को देखते हुए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों के दैनिक भत्ते में आंशिक वृद्धि को मंजूरी दी गई, जिसे विश्वविद्यालय की वित्त समिति में शामिल किया जाएगा।
  3. टीम के साथ फिजियोथेरेपिस्ट: अंतर-विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं में जाने वाली VBU की स्पोर्ट्स टीम के साथ एक प्रोफेशनल फिजियोथेरेपिस्ट भेजने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।

सत्र 2026-27 के मेजबान संस्थानों का चयन

​सत्र 2026-27 में आयोजित होने वाली विभिन्न अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं के लिए मेजबान कॉलेजों का चयन किया गया। तय किया गया कि जिस संस्थान को आयोजन की जिम्मेदारी मिलेगी, वही संस्थान विश्वविद्यालय टीम के लिए कोचिंग कैंप का आयोजन करेगा और अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

​विगत वर्ष में सर्वाधिक खेलों में भाग लेने और शानदार प्रदर्शन करने के लिए संत कोलंबा महाविद्यालय और अन्नदा महाविद्यालय की विशेष सराहना की गई।

बैठक में प्रशासनिक व शैक्षणिक दिग्गजों की मौजूदगी

​कार्यक्रम की शुरुआत में छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष (DSW) डॉ. विकास कुमार ने स्वागत भाषण दिया और पिछली बैठक का कार्यवृत्त प्रस्तुत किया। खेल निदेशक डॉ. जॉनी रूफीना तिर्की ने पिछले एक वर्ष की खेल गतिविधियों और खर्च का ब्योरा दिया। धन्यवाद ज्ञापन कुलानुशासक डॉ. सादिक रज्जाक ने किया।

​बैठक में CCDC प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह, कुलसचिव सुरेंद्र कुशवाहा, वित्त पदाधिकारी डॉ. प्रदीप पाल, पूर्व DSW डॉ. इंद्रजीत कुमार, पूर्व खेल निदेशक डॉ. राखो हरि, संत कोलंबा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बिमल रेवन, मारखम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गजेंद्र कुमार सिंह, रामगढ़ कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ. रत्ना पांडे, पीजी एथलेटिक क्लब के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार दुबे, सचिव विजय कुजूर समेत 55 से अधिक संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य और खेल शिक्षक उपस्थित थे। 

और पढ़ें विनोबा भावे विश्वविद्यालय: राजनीति विज्ञान विभाग में विदाई समारोह का आयोजन, मनीष 'श्री' और दिव्या 'सुश्री' राजनीति विज्ञान से सम्मानित

VBU Hazaribagh Seminar: विभावि फिजियोथेरेपी विभाग में राष्ट्रीय संगोष्ठी; पार्किंसनिज्म के इलाज पर एम्स के डॉ. प्रभात रंजन का व्याख्यान

 

VBU Hazaribagh: विभावि फिजियोथेरेपी विभाग में राष्ट्रीय संगोष्ठी; एम्स के डॉ. प्रभात रंजन ने पार्किंसनिज्म और आधुनिक इलाज पर दिए टिप्स

हजारीबाग (News Prahari Desk): विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग के भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) विभाग द्वारा 27 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय परिसर स्थित सी.वी. रमन साइंस ब्लॉक-1 के आर्यभट्ट सेमिनार हॉल में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।

National seminar on Parkinsonism and Physiotherapy at Vinoba Bhave University Hazaribagh Aryabhatta Hall

​इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय “पार्किंसनिज़्म” एवं “आधुनिक युग में फिजियोथेरेपी की भूमिका” रखा गया था। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने फिजियोथेरेपी के बढ़ते महत्व, न्यूरो रिहैबिलिटेशन और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की शुरुआत और प्रशासनिक संबोधन

​संगोष्ठी का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. उमेन्द्र सिंह के स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) चन्द्र भूषण शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और विभाग को मिलने वाले निरंतर प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया। विभागाध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से आने वाले समय में भी फिजियोथेरेपी के अत्याधुनिक और समसामयिक विषयों पर ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

​विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा ने विभाग को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, क्लिनिकल रिसर्च और व्यावसायिक दक्षता को निखारने में बेहद अहम भूमिका निभाती हैं।

​कार्यक्रम का संचालन डॉ. अम्बिका गुप्ता द्वारा किया गया। वहीं डॉ. मेराज नबी सिद्दीकी ने फिजियोथेरेपी विभाग का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए विभाग की स्थापना, उपलब्धियों और देश-विदेश में कार्यरत पूर्व विद्यार्थियों (Alumni) की सफलताओं पर प्रकाश डाला।

एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञ का 'पार्किंसनिज्म' पर मुख्य व्याख्यान

​संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एम्स (AIIMS), नई दिल्ली के न्यूरो रिहैबिलिटेशन विभाग के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. प्रभात रंजन (पी.टी.) थे। उन्होंने 'पार्किंसनिज्म' (Parkinsonism) बीमारी के लक्षणों और फिजियोथेरेपी आधारित पुनर्वास पर विस्तृत तकनीकी व्याख्यान दिया।

​डॉ. प्रभात रंजन ने कहा:

"पार्किंसनिज्म से पीड़ित मरीजों में मांसपेशियों की अकड़न, हाथों में कंपन और संतुलन बिगड़ने की समस्या मुख्य रूप से देखने को मिलती है। समय पर बीमारी की प्रारंभिक पहचान, वैज्ञानिक मूल्यांकन, बैलेंस ट्रेनिंग (सुलतान प्रशिक्षण) और एविडेंस-बेस्ड (साक्ष्य-आधारित) फिजियोथेरेपी के जरिए मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार लाया जा सकता है।"


झारखंड स्टेट काउंसिल और अन्य विशेषज्ञों के विचार

​द्वितीय वक्ता झारखंड स्टेट काउंसिल ऑफ फिजियोथेरेपी (JSCPT) के रजिस्ट्रार एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स (IAP) झारखंड के संयोजक डॉ. अजीत कुमार (पी.टी.) थे। उन्होंने “आधुनिक युग में फिजियोथेरेपी की भूमिका” विषय पर विचार रखते हुए कहा कि आज फिजियोथेरेपी केवल ऑर्थोपेडिक समस्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्डियाक, न्यूरो और स्पोर्ट्स मेडिसिन में भी इसका दायरा तेजी से बढ़ा है। उन्होंने शोध आधारित उपचार और प्रोफेशनल एथिक्स पर जोर दिया।

​विशिष्ट वक्ता रांची की डॉ. आयुषी (पी.टी.) ने “थिंक बियॉन्ड द शोल्डर” विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने कंधे की जटिल समस्याओं के समग्र मूल्यांकन और आधुनिक रिहैबिलिटेशन तकनीकों की जानकारी छात्रों के साथ साझा की।

राष्ट्रगान के साथ समापन

​कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉ. राहुल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथियों, वक्ताओं, विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन विद्यार्थियों की मेडिकल समझ को गहरा करने में उपयोगी साबित होगा। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

Department of Physiotherapy - Vinoba Bhave University (VBU) Press Release & Desk Analysis

और पढ़ें: VBU Sanskrit Department Teacher Parent Meet Farewell Ceremony

Hazaribagh News: हजारीबाग में लगेगा सरकारी योजनाओं का मेला! वीबीयू में राज्यस्तरीय सहकारिता सप्ताह के समापन पर जुटेंगे कई विभाग!

​🏛️ हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में 7 जुलाई को होगा राज्यस्तरीय सहकारिता सप्ताह का भव्य समापन; लगेंगे विभिन्न विभागों के जानकारीपरक स्टॉल

हजारीबाग: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय समाहरणालय भवन से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, हजारीबाग जिला सहकारिता विभाग को राज्यस्तरीय सहकारिता सप्ताह-2026 के समापन समारोह के सफल और प्रभावी आयोजन को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। आगामी सात जुलाई को पूर्वाह्न साढ़े दस बजे से विनोबा भावे विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में इस राज्यस्तरीय सहकारिता सप्ताह का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। गौरतलब है कि यह सहकारिता सप्ताह उनतीस जून से छह जुलाई तक संचालित हो रहा है, जिसके अंतिम चरण के इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की सीधी देखरेख में संपन्न कराया जाएगा। इस बड़े आयोजन के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने, विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आम नागरिकों को सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय सहकारिता सप्ताह के समापन समारोह की तैयारियों को लेकर बैठक करते अधिकारी। (फोटो: न्यूज़ प्रहरी)

​🏬 कृषि, पशुपालन और मत्स्य सहित कई विभागों को स्टॉल लगाने का निर्देश; प्रदर्शित की जाएंगी कल्याणकारी योजनाएं

​समारोह को जनोपयोगी और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने इस भव्य समापन समारोह को सफल बनाने के लिए जिला कृषि विभाग, जिला पशुपालन विभाग, जिला गव्य विकास विभाग, जिला मत्स्य विभाग, जिला उद्यान विभाग तथा जिला भूमि संरक्षण विभाग (हजारीबाग और रामगढ़) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन सभी संबंधित विभागों को कार्यक्रम स्थल पर अपने-अपने विभाग से जुड़ी जनहित की योजनाओं, प्रशासनिक उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित करने हेतु विशेष स्टॉल लगाने को कहा गया है। इन स्टॉल्स के माध्यम से समारोह में पहुंचने वाले आम नागरिकों और किसानों को सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के तरीकों से अवगत कराया जाएगा।

​🛑 विभागीय अद्यतन प्रतिवेदन के साथ शामिल होने की अपील; आमजन को मिलेगी सरकारी लाभ की सीधी जानकारी

​प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों से पुरजोर अनुरोध किया है कि वे अपनी विभागीय उपलब्धियों एवं वर्तमान योजनाओं से संबंधित बिल्कुल अद्यतन (लेटेस्ट) प्रतिवेदन के साथ इस भव्य समापन समारोह में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे बेहद आकर्षक, सरल और जानकारीपरक स्टॉल तैयार करें ताकि वहां आने वाले आमजन को विभिन्न विकास योजनाओं को समझने में कोई कठिनाई न हो। इस राज्यस्तरीय मंच के जरिए सरकार का मुख्य फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और सहकारिता के दायरे को बढ़ाकर अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक लाभ पहुंचाना है।

और पढ़ें: Jharkhand News: हेमंत कैबिनेट का महा-धमाका! रिम्स-2 की स्थापना और सड़कों के कायाकल्प के लिए अरबों की मंजूरी, कई नई नियमावलियां पास!

Hazaribagh: बड़कागांव के तीरंदाजों ने नेशनल आर्चरी में मचाया तहलका, जीते 18 मेडल; विभावि के पूर्व छात्र दुर्गेश के शिष्यों ने हरिद्वार में गाड़ा झंडा!

​🏹 हजारीबाग के तीरंदाजों ने हरिद्वार में गाड़ा झंडा: नेशनल चैंपियनशिप में जीते 18 पदक, विभावि के पूर्व छात्र दुर्गेश कुमार के शिष्यों का जलवा

हजारीबाग: उत्तराखंड के हरिद्वार (गोविंदपुरी) में 16 से 22 जून 2026 तक आयोजित '4th RJK गोल्ड मेडल ओपन नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप 2026' में बड़कागांव हजारीबाग तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र के बच्चों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। हजारीबाग के इन होनहार तीरंदाजों ने अपनी अचूक कला का लोहा मनवाते हुए कुल 18 पदकों पर कब्जा जमाया और पूरे देश में जिले का नाम रोशन कर दिया।

​यह जानकारी देते हुए केंद्र के निदेशक सह मुख्य प्रशिक्षक और विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के पूर्ववर्ती छात्र दुर्गेश कुमार ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अंडर-10 से लेकर सीनियर वर्ग तक के तीरंदाजों ने हिस्सा लिया था। अपने पूर्व छात्र और बच्चों की इस अभूतपूर्व सफलता से गदगद विभावि भूगोल विभाग के पूर्व अध्यक्ष सह समाज विज्ञान के पूर्व संकायाध्यक्ष डॉ. कमला प्रसाद ने हजारीबाग लौटने पर पूरी टीम का फूल-माला पहनाकर भव्य स्वागत किया।

HAZARIBAGH: Dr. Kamla Prasad welcoming the winning archery team along with coach Durgesh Kumar after their historic 18-medal win in Haridwar. (Photo: News Prahari)

​🎯 पदक जीतने वाले देश के भावी 'अर्जुन': किसने क्या जीता?

बालक वर्ग (Boys Category):

  • अंडर-10 (इंडियन व ओलंपिक राउंड): शिवम रंजन को कांस्य पदक और प्रशांत कुमार को कांस्य पदक मिला।
  • अंडर-13 (इंडियन व ओलंपिक राउंड): अभिषेक कुमार ने स्वर्ण, सौरव कुमार ने स्वर्ण, पीयूष कुमार ने रजत और सुजीत कुमार ने दो कांस्य पदक जीते।
  • अंडर-15 (इंडियन व ओलंपिक राउंड): पीयूष कुमार ने दो कांस्य पदक हासिल किए।
  • सीनियर वर्ग: पीयूष कुमार ने दो रजत पदक जीते। वहीं, बड़कागांव केंद्र के प्रशिक्षक अमित कुमार सिंह ने खुद शानदार प्रदर्शन करते हुए दो कांस्य पदक अपने नाम किए।

बालिका वर्ग (Girls Category):

  • अंडर-13 (इंडियन व ओलंपिक राउंड): सपना कुमारी ने दो कांस्य पदक जीतकर जिला का मान बढ़ाया।
  • अंडर-15 (इंडियन व ओलंपिक राउंड): प्रिया कुमारी ने एक स्वर्ण व एक कांस्य पदक जीता, जबकि आराधना कुमारी ने एक कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
  • सीनियर वर्ग: सीनियर बालिका वर्ग में भी हजारीबाग की बेटियों ने कमाल करते हुए दो कांस्य पदक हासिल किए।

​मालूम हो कि प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक दुर्गेश कुमार खुद जब विनोबा भावे विश्वविद्यालय की तीरंदाजी टीम का हिस्सा थे, तब उन्होंने विश्वविद्यालय के लिए कई मेडल जीतकर रिकॉर्ड बनाया था। आज उनके सिखाए बच्चे देश में तिरंगा लहरा रहे हैं।


Hazaribagh: विभावि में एक साल तक चलेगा नशा मुक्ति का महा-अभियान; विनोदिनी पार्क में हजारों छात्रों ने बनाई मानव श्रृंखला, वीसी ने कहा- नशे से दूर रहें युवा!

​🚫 विभावि में एक वर्षीय नशा निषेध अभियान का शंखनाद: विनोदिनी पार्क में हजारों छात्रों ने बनाई मानव श्रृंखला, कुलपति ने दिलाई शपथ

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) हजारीबाग में मंगलवार को दवा के दुरुपयोग तथा नशा निषेध जागरूकता अभियान के अगले चक्र का भव्य उद्घाटन किया गया। पूरे एक वर्ष तक चलने वाले दूसरे चक्र के इस विशेष अभियान की शुरुआत विश्वविद्यालय मुख्यालय के विनोदिनी पार्क में की गई। इस दौरान चिलचिलाती धूप में भी हजारों की संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी (Research Scholars), अधिकारी और शिक्षक पूरे उत्साह के साथ एकजुट दिखे।

HAZARIBAGH: Vice Chancellor of Vinoba Bhave University, Prof. Chandra Bhushan Sharma, and faculty members looking at the human chain formed by thousands of students during the launch of the anti-drug awareness campaign. (Photo: News Prahari)

​🤝 विनोदिनी पार्क में बनी भव्य मानव श्रृंखला, फ्लेक्स बोर्ड का हुआ लोकार्पण

​अभियान के उद्घाटन के अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने विनोदिनी पार्क में एक विशाल मानव श्रृंखला (Human Chain) का निर्माण कर नशा मुक्ति का कड़ा संदेश दिया। मौके पर कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए तीन अलग-अलग संदेशात्मक फ्लेक्स बोर्ड का लोकार्पण किया। इसके बाद राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. अशोक राम ने उपस्थित सभी अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को नशा न करने और समाज को बचाने की सामूहिक शपथ दिलाई।

HAZARIBAGH: Vice Chancellor of Vinoba Bhave University, Prof. Chandra Bhushan Sharma, and faculty members looking at the human chain formed by thousands of students during the launch of the anti-drug awareness campaign. (Photo: News Prahari)

​🗣️ "विद्यार्थी खुद को नशे से दूर रख लक्ष्य निर्धारित करें": कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा

​उपस्थित छात्र-छात्राओं को बेहद आत्मीय ढंग से संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने कहा, "नशे से दूर रहने का निर्णय आपको खुद ही लेना है। आप तय करें कि अपने जीवन को नष्ट नहीं होने देंगे। यदि आपने आज सही निर्णय लिया, तो आप जीवन में अवश्य सफल होंगे।" उन्होंने आगे कहा:

  • ​"आप सभी विद्यार्थी स्वस्थ रहें, सक्रिय बने रहें और भविष्य में भी मादक पदार्थों से खुद को दूर रखें।"
  • ​"अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को नशा मुक्त रखने के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें।"
  • ​"यह विश्वविद्यालय आपका है। आप अपना लक्ष्य निर्धारित कीजिए, हम सब मिलकर आपकी हर जरूरत को पूरा करेंगे।"

​इससे पूर्व, विनोदिनी पार्क पहुंचने पर नशा-निषेध अभियान के नोडल विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने कुलपति को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

और पढ़ें: Hazaribagh: नगर निगम की बड़ी बैठक; डोर-टू-डोर कचरा उठाव की जमीनी दिक्कतों को दूर करेंगे नगर आयुक्त, कर्मियों को दिए निर्देश!


विभावि: राजनीति विज्ञान विभाग में 'हीट वेव' से बचाव पर कार्यशाला; सत्तू घोल और खीरे के सेवन से दिया सेहत का संदेश

विभावि: राजनीति विज्ञान विभाग में 'हीट वेव' से बचाव पर कार्यशाला; सत्तू घोल और खीरे के सेवन से दिया सेहत का संदेश

बढ़ते तापमान और 'येलो अलर्ट' के बीच छात्रों को किया गया जागरूक; शोधार्थियों ने बताया— लू से बचने के लिए क्या खाएं और क्या पहनें।

हजारीबाग: झारखंड में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में मंगलवार को एक विशेष संवेदीकरण कार्यशाला (Sensitization Workshop) का आयोजन किया गया। "लू एवं गर्म हवा (Heat Wave) से बचाव" विषय पर केंद्रित इस कार्यशाला में शिक्षकों और शोधार्थियों ने छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने के गुर सिखाए।

सत्तू का घोल और खीरा का सेवन करते विद्यार्थी
 

स्वयं के साथ समाज को भी करें जागरूक: डॉ. सुकल्याण मोइत्रा विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान में मीडिया और सरकारी तंत्र अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन अब हमारा दायित्व है कि हम स्वयं, अपने परिवार और संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को लू के खतरों के प्रति सचेत करें।

झारखंड सरकार द्वारा जनहित में जारी विज्ञापन की व्याख्या करते वक्ता धर्मेंद्र कुमार

 
स्मार्ट बोर्ड पर 'येलो अलर्ट' का विश्लेषण कार्यशाला में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए शोधार्थी

क्या अपनाएं सावधानियां? विभागीय प्राध्यापक डॉ. अजय बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक सुझाव देते हुए बताया:

  • पहनावा: धूप में निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। छाता, गमछा और धूप के चश्मे का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।

  • खान-पान: ओआरएस (ORS) घोल, छाछ, लस्सी, नींबू पानी और आम के पन्ने का सेवन करें।

  • परहेज: धूप से तुरंत लौटकर फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें।

सत्तू और खीरे का सामूहिक सेवन इस कार्यशाला का मुख्य आकर्षण इसका व्यावहारिक संदेश रहा। सत्र के समापन पर सभी प्राध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से प्याज-नींबू मिश्रित सत्तू का घोल और खीरे का सेवन किया। इस गतिविधि के माध्यम से संदेश दिया गया कि स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थ ही इस मौसम में सबसे बेहतर सुरक्षा कवच हैं।

कार्यशाला का समापन शोधार्थी महेंद्र पंडित के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस दौरान विभाग के छात्र-छात्राएं और शोधार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

और पढ़ें:-  हजारीबाग SP अमन कुमार का एक्शन मोड: सदर, कोर्रा और लोहसिंघना समेत कई थानों का औचक निरीक्षण, पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश। 

 

विभावि के विवेकानंद सभागार में योगासन के महाकुंभ का भव्य समापन: कुलपति ने खिलाड़ियों को सराहा, केवी मेरू और गुरुकुल का दबदबा

विभावि के विवेकानंद सभागार में योगासन के महाकुंभ का भव्य समापन: कुलपति ने खिलाड़ियों को सराहा, केवी मेरू और गुरुकुल का दबदबा

हजारीबाग जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में सैकड़ों खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम; राज्य स्तरीय चयन संपन्न।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी

हजारीबाग: जिले में खेल और स्वास्थ्य के संगम 'योग' को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित "द्वितीय हजारीबाग जिला योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप" का रविवार, 12 अप्रैल 2026 को भव्य समापन हुआ। विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के विवेकानंद सभागार में आयोजित इस खेल महाकुंभ में जिले भर के विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने अपनी शारीरिक दक्षता और एकाग्रता का बेजोड़ प्रदर्शन किया।

Hazaribagh Yoga Championship 2026 Winners

कुलपति ने किया दीप प्रज्वलित

चैंपियनशिप का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. चंद्र भूषण शर्मा (माननीय कुलपति, विभावि) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। उन्होंने जिले में योगासन को खेल के रूप में स्थापित करने के एसोसिएशन के प्रयासों की सराहना की।

Vbu 

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा, योग विभाग के निदेशक डॉ. अमित कुमार सिंह और दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष श्री विजय कुजूर उपस्थित रहे। झारखंड योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह और सचिव चंदू कुमार ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

इन संस्थानों ने लहराया परचम

प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय (मेरू), आर्ष कन्या गुरुकुल, ज्ञान गंगा मेमोरियल स्कूल, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, डी.ए.वी. (DAV), माँ विन्ध्यवासिनी कॉलेज ऑफ एजुकेशन और विभावि योग केंद्र के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विशेषकर केवी मेरू और आर्ष कन्या गुरुकुल के खिलाड़ियों ने विभिन्न श्रेणियों में सर्वाधिक पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।

प्रमुख परिणाम एक नजर में

आर्टिस्टिक सिंगल (सब-जूनियर): समीर कुमार सिंह (केवी मेरू) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

आर्टिस्टिक सिंगल (जूनियर गर्ल्स): मुस्कान कुमारी (केवी मेरू) विजेता रहीं।

ट्रे़डिशनल (सीनियर गर्ल्स): हेमा कुमारी ने प्रथम और धृति कुमारी ने द्वितीय स्थान (दोनों M.V.C.E) हासिल किया।

सब-जूनियर गर्ल्स: कृतिका आर्या (गुरुकुल) प्रथम और आराध्या कुमारी (KVS) द्वितीय रहीं।

जूनियर बॉयज़: राजकुमार (KVS) प्रथम और शिवम कुमार मेहता (DAV) द्वितीय स्थान पर रहे।

आयोजन समिति की भूमिका

कार्यक्रम को सफल बनाने में हजारीबाग जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। एसोसिएशन के संरक्षक प्रमोद कुमार सिंह, अध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह, और उपाध्यक्ष सुबोध सिंह शिवगीत के मार्गदर्शन में पूरी टीम सक्रिय रही। सचिव विनीत सिंह ने अंत में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ से चयनित खिलाड़ी अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हजारीबाग का प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस दौरान कोषाध्यक्ष डॉ. नेहा कुमारी मेहता, सह सचिव वर्षा डे, सुरभि सिंह, आरती कुमारी, प्रीतम सिंह, गौतम कुमार, शशि भूषण और अजय कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

विभावि: सुरों की मलिका आशा भोंसले को हिंदी विभाग ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, सुर-साधना को बताया अमर विरासत

विभावि: सुरों की मलिका आशा भोंसले को हिंदी विभाग ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, सुर-साधना को बताया अमर विरासत

विनोबा भावे विश्वविद्यालय में शोक सभा आयोजित; विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज कुमार ने सामवेद और संगीत के अंतर्संबंधों पर डाला प्रकाश, शोधार्थियों ने दी प्रस्तुति।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग: भारतीय संगीत जगत की अपूरणीय क्षति और सुरों की जादूगरनी आशा भोंसले जी के निधन पर आज विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में गहरा शोक व्यक्त किया गया। विभाग के तत्वावधान में आयोजित एक विशेष श्रद्धांजलि सभा में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं ने भारी मन से स्वर कोकिला को अपनी पुष्पांजलि अर्पित की।

 की मलिका आशा भोंसले को हिंदी विभाग ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, सुर-साधना को बताया अमर विरासत

संगीत और वेदों का संगम

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज कुमार ने संगीत की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत की जड़ें 'सामवेद' में निहित हैं और आशा जी ने अपनी गायकी से उसी प्राचीन परंपरा को आधुनिक युग में जीवंत रखा। डॉ. कुमार ने उनके कुछ सदाबहार गीतों की पंक्तियाँ गुनगुनाते हुए उन्हें याद किया और कहा कि उनकी आवाज़ आने वाली कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।

महान विभूतियाँ कभी नहीं मरतीं

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डॉ. केदार सिंह ने एक मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा, "महान विभूतियों का भौतिक शरीर भले ही शांत हो जाता है, परंतु मृत्यु के पश्चात ही उनका वास्तविक जन्म होता है। वे अपने कृतित्व और कला के माध्यम से सदैव के लिए अमर हो जाते हैं।" वहीं, डॉ. सुबोध सिंह 'शिवगीत' ने आशा जी के जीवन के कठिन दौर और उनकी चुनौतियों का उल्लेख किया, जिससे उपस्थित छात्र भावुक हो गए।

संघर्ष से सफलता की प्रेरणा

डॉ. सुनील कुमार दुबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आशा जी का जीवन केवल संगीत नहीं, बल्कि संघर्षों से लड़कर जीतने की एक गाथा है। हर युवा को उनके जुझारूपन से प्रेरणा लेनी चाहिए। डॉ. राजू राम ने उनके नाम का सार्थक अर्थ बताते हुए छात्रों से अपील की कि वे अपने भीतर की निराशा को त्यागें और 'आशा' की किरण को सदैव जीवित रखें।

युवा पीढ़ी ने भी किया नमन

कार्यक्रम में केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि युवा शोधार्थियों और छात्रों ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। वक्ता के रूप में शोधार्थी अंजली कुमारी, चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा संध्या कुमारी एवं अंजली कुमारी, तथा प्रथम सेमेस्टर के छात्र शशि कुमार ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का समापन

इससे पूर्व, सभा का शुभारंभ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना के साथ हुआ। मंच का कुशल संचालन शोधार्थी उज्ज्वल कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शोधार्थी पूर्णिमा भारती द्वारा दिया गया। सभा के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे आशा जी के संगीत और उनके योगदान को अकादमिक और सांस्कृतिक चर्चाओं के माध्यम से जीवित रखेंगे।

हजारीबाग में कल योग का महासंग्राम: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में जुटेंगे सैकड़ों खिलाड़ी

हजारीबाग में कल योग का महासंग्राम: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में जुटेंगे सैकड़ों खिलाड़ी

विवेकानंद सभागार में सजेगा द्वितीय जिला योगासन खेल प्रतियोगिता का मंच, कुलपति करेंगे शुभारंभ

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग। जिले के खेल इतिहास में कल एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। हजारीबाग जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के बैनर तले रविवार, 12 अप्रैल को विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) के विवेकानंद सभागार में "द्वितीय हजारीबाग जिला योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप" का भव्य आयोजन होगा। इस प्रतियोगिता में जिले भर के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और योग क्लबों के सैकड़ों प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी शारीरिक दक्षता और योग कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

Hazaribagh District Yogasana Sports Championship at VBU Auditorium Vineet Singh and Surbhi Singh

सुबह 9 बजे से शुरू होगा पंजीकरण

एसोसिएशन के सचिव विनीत सिंह और सह-सचिव सुरभी सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रतियोगिता की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खिलाड़ियों के लिए रिपोर्टिंग और ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन का समय सुबह 9:00 बजे तय किया गया है। जो खिलाड़ी अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे सीधे आयोजन स्थल पर पहुंचकर अपना नामांकन करा सकते हैं।

Vbu HAZARIBAGH 

कुलपति करेंगे विधिवत उद्घाटन

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन सुबह 11:00 बजे विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा। यह चैंपियनशिप भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था 'योगासन भारत' के कड़े नियमों और मानकों के आधार पर आयोजित की जा रही है।

खेल प्रेमियों से अपील

एसोसिएशन ने जिले के अभिभावकों, शारीरिक शिक्षकों और खेल प्रेमियों से अपील की है कि वे इस गौरवशाली आयोजन का हिस्सा बनें और योग के इस महाकुंभ में बच्चों का उत्साहवर्धन करें। यह आयोजन न केवल योग को खेल के रूप में बढ़ावा देगा बल्कि युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

विभावि में महिला अधिकारियों का 'हंटर': 17 कर्मचारियों को शो-कॉज, प्रभारी कुलपति को ऑफिस न मिलने पर कुलसचिव सख्त

विभावि में महिला अधिकारियों का 'हंटर': 17 कर्मचारियों को शो-कॉज, प्रभारी कुलपति को ऑफिस न मिलने पर कुलसचिव सख्त

औचक निरीक्षण में गायब मिले कर्मियों पर गिरी गाज, कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी; कहा- अनुशासनहीनता से छात्रों का हो रहा नुकसान।

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) प्रशासन इन दिनों 'एक्शन मोड' में है। विश्वविद्यालय की कमान वर्तमान में दो महिला अधिकारियों—प्रभारी कुलपति डॉ. रेणु बोस और कुलसचिव डॉ. प्रणिता के हाथों में है, जिनके कड़े रुख ने लापरवाह कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। रविवार को कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने अनुशासनहीनता के मामले में 17 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 'कारण बताओ' (Show cause) नोटिस जारी करने की पुष्टि की।
Vbu ki kulsachiv dr. Priniti.

औचक निरीक्षण में खुली पोल

कुलसचिव ने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों के देर से आने और बिना सूचना गायब रहने की शिकायतें मिल रही थीं। इसकी पुष्टि के लिए जब औचक निरीक्षण किया गया, तो कई कर्मचारी अपने डेस्क से नदारद मिले। डॉ. प्रणिता के अनुसार, "यह एक गलत परिपाटी है जो न केवल विश्वविद्यालय के कार्यों को बाधित करती है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले कर्मियों का मनोबल भी गिराती है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों का हित है, जिससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Prabhari kulpati dr. Renu boss.

तीन दिनों का अल्टीमेटम

नोटिस पाने वाले कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने के लिए 3 दिनों का समय दिया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो मामला कुलपति के समक्ष अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। कुलसचिव ने चेतावनी दी है कि इस बार नाम गोपनीय रखे गए हैं, लेकिन पुनरावृत्ति होने पर नाम सार्वजनिक कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी कुलपति को कार्यालय न मिलने पर जताई आहत

प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कुलसचिव ने प्रभारी कुलपति डॉ. रेणु बोस के साथ हुए हालिया घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि डॉ. बोस को कुलपति कक्ष में बैठने से रोकना न केवल अमर्यादित है बल्कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से अव्यावहारिक भी है।

उन्होंने इस घटना के लिए अनुबंध पर कार्यरत एक कर्मचारी के आचरण को जिम्मेदार ठहराया, जो विश्वविद्यालय सेवा का हिस्सा भी नहीं है। डॉ. प्रणिता ने कहा, "कुलपति सचिवालय के सहयोग के बिना फाइलों का निपटारा और आगंतुकों से मिलना संभव नहीं है। इसीलिए डॉ. रेणु बोस को फिलहाल कुलसचिव कार्यालय से कार्य निष्पादन का आग्रह किया गया है।"

बता दें कि डॉ. रेणु बोस और डॉ. प्रणिता दोनों ही अपनी कड़क प्रशासनिक शैली और नियमानुकूल कार्य करने की छवि के लिए जानी जाती हैं। इस कार्रवाई से विश्वविद्यालय के भीतर अनुशासन को लेकर एक कड़ा संदेश गया है।


नरेश सोनी प्रधान सम्पादक ( न्यूज़ प्रहरी)

विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग में रामनवमी अवकाश में संशोधन और नए कुलपति प्रभार की विस्तृत रिपोर्ट

विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग में रामनवमी अवकाश में संशोधन और नए कुलपति प्रभार की विस्तृत रिपोर्ट

HAZARIBAGH: झारखंड के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शुमार विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग ने आगामी रामनवमी के त्यौहार को देखते हुए अपनी वार्षिक अवकाश तालिका में महत्वपूर्ण आंशिक संशोधन किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय राज्य सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा प्राप्त निर्देशों के आलोक में लिया गया है। इस बदलाव का सीधा प्रभाव विश्वविद्यालय मुख्यालय सहित राज्य के विभिन्न जिलों में फैले इसके तमाम अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों पर पड़ेगा। विद्यार्थियों और शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए यह जानना आवश्यक है कि पूर्व में निर्धारित तिथियों में अब बदलाव कर दिया गया है, ताकि त्यौहार की गरिमा और स्थानीय परंपराओं का उचित निर्वहन सुनिश्चित किया जा सके।
विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग का प्रशासनिक भवन जहाँ रामनवमी अवकाश के संबंध में नई अधिसूचना जारी की गई है।


विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, झारखंड सरकार के अवर सचिव द्वारा प्रेषित पत्रांक 1857, दिनांक 25 मार्च 2026 के संदर्भ में यह कार्रवाई की गई है। पूर्व में जारी की गई अवकाश तालिका में रामनवमी के लिए 26 मार्च को छुट्टी निर्धारित की गई थी, लेकिन अब संशोधित आदेश के तहत 26 मार्च के स्थान पर 27 मार्च को पूरे विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में अवकाश रहेगा। इसका अर्थ यह है कि विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सभी कॉलेज अब 27 मार्च को बंद रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फेरबदल केवल रामनवमी के विशेष अवकाश के लिए है और अन्य दिनों की कार्यप्रणाली पहले की तरह ही संचालित की जाएगी।

कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने इस विषय पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि केवल सामान्य अवकाश ही नहीं, बल्कि प्रतिबंधित अवकाशों की सूची में भी कुछ सुधार किए गए हैं। 19 मार्च 2026 को जो अधिसूचना जारी हुई थी, उसमें अब आंशिक बदलाव कर दिया गया है। हजारीबाग जिले में स्थित विश्वविद्यालय के मुख्यालय और इसकी अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों के लिए पहले 25, 26 और 28 मार्च को प्रतिबंधित अवकाश घोषित था। नई अधिसूचना के प्रभावी होने के बाद, अब यह प्रतिबंधित अवकाश 25, 27 और 28 मार्च को मान्य होगा। इस स्पष्टीकरण से कर्मचारियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इन विशेष तिथियों के अलावा बाकी सभी कार्य दिवस और छुट्टियां अपनी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही रहेंगी।
इसी बीच, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संकाय की वर्तमान अध्यक्षा और गृह विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. रेणु बोस को विश्वविद्यालय के कुलपति का प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा के अवकाश पर जाने के कारण यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी डॉ. रेणु बोस को दी गई है। डॉ. बोस ने पदभार ग्रहण करने की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें 6 अप्रैल 2026 तक के लिए यह प्रभार दिया गया है। यह नियुक्ति स्वयं कुलपति द्वारा उनके अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व की गई है, ताकि विश्वविद्यालय के दैनिक प्रशासनिक कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो।

डॉ. रेणु बोस की पहचान विश्वविद्यालय परिसर में एक बेहद अनुशासित और नियमों के प्रति सजग अधिकारी के रूप में रही है। उनके कार्यकाल के दौरान गृह विज्ञान विभाग ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और अब कुलपति के रूप में उनके अनुभव का लाभ पूरे विश्वविद्यालय को मिलने की उम्मीद है। वह अपनी कार्यशैली में परिनियमें और संवैधानिक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने के लिए जानी जाती हैं, जो विश्वविद्यालय जैसे बड़े संस्थान के सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य है। उनके इस नए दायित्व को लेकर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।

यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि डॉ. रेणु बोस के नाम की वर्तनी को लेकर पूर्व में कुछ तकनीकी त्रुटियाँ हुई थीं, जिसे अब सुधार लिया गया है। वरिय ब्यूरो चीफ प्रसन्न मिश्रा के सहयोग से प्राप्त जानकारी के आधार पर नाम की शुद्धता सुनिश्चित की गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सभी आगामी दस्तावेजों में अब 'रेणु बोस' नाम का ही प्रयोग किया जाएगा। इस तरह के प्रशासनिक बदलाव और अवकाश संशोधनों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराना छात्रों के हित में अत्यंत आवश्यक होता है, विशेषकर तब जब विश्वविद्यालय परीक्षाओं या नामांकन की प्रक्रिया के बीच से गुजर रहा हो।
रामनवमी का पर्व हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों में बहुत ही हर्षोल्लास और व्यापक स्तर पर मनाया जाता है। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा अवकाश की तिथि में किया गया यह बदलाव स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए व्यवहारिक प्रतीत होता है। छात्र-छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित विभागों और महाविद्यालयों के सूचना पट्ट का अवलोकन करते रहें ताकि किसी भी प्रकार की दुविधा न रहे। डॉ. रेणु बोस के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन वर्तमान में सत्र को नियमित करने और लंबित परिणामों को शीघ्र घोषित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।

विनोबा भावे विश्वविद्यालय के इस निर्णय से न केवल कर्मचारियों को त्यौहार मनाने की सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता बनी रहेगी। कुलपति के प्रभार में आए इस बदलाव से यह भी सुनिश्चित हुआ है कि शीर्ष पद रिक्त न रहे और फाइलों का निष्पादन समय पर होता रहे। आगामी 6 अप्रैल तक डॉ. बोस विश्वविद्यालय के सभी महत्वपूर्ण निर्णयों की निगरानी करेंगी।

Naresh Soni Editor in Chief.

विभावि के राजनीति विज्ञान विभाग में जल संवेदीकरण कार्यशाला 'जल और लैंगिक समानता' पर विशेषज्ञों ने दिया जोर

विभावि के राजनीति विज्ञान विभाग में जल संवेदीकरण कार्यशाला 'जल और लैंगिक समानता' पर विशेषज्ञों ने दिया जोर
विनोबा भावे विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में जल शपथ लेते प्राध्यापक एवं विद्यार्थी। 

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के राजनीति विज्ञान विभाग में विश्व जल दिवस 2026 पखवाड़े के तहत एक महत्वपूर्ण 'जल संवेदीकरण कार्यशाला' (Water Sensitization Workshop) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल जल संरक्षण के पारंपरिक तरीकों पर चर्चा हुई, बल्कि जल संकट का महिलाओं के जीवन पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

जल संरक्षण: वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जल का दुरुपयोग रोकना अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए अनिवार्य संकल्प बन चुका है। उन्होंने भारत के 'वाटरमैन' राजेंद्र सिंह की उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे सामुदायिक प्रयासों से सूखी नदियों को पुनर्जीवित किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे आज से ही अपने दैनिक जीवन में जल की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लें।

विश्व जल दिवस 2026: जल और लैंगिक समानता (Water & Gender Equality)

विषय प्रवेश करते हुए डॉ. अजय बहादुर सिंह ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने 1993 में विश्व जल दिवस की शुरुआत मीठे जल के संरक्षण के उद्देश्य से की थी। इस वर्ष (2026) की थीम "जल और लैंगिक समानता" और नारा "जहाँ पानी बहता है, वहाँ समानता पनपती है" रखा गया है। यह विषय इस बात को दर्शाता है कि पानी की उपलब्धता का सीधा संबंध सामाजिक न्याय और समानता से है।

जल संकट और नारी शक्ति का अंतर्संबंध

मुख्य वक्ता विकास कुमार यादव ने यूनेस्को (UNESCO) के आंकड़ों का हवाला देते हुए एक चौंकाने वाला तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में पानी की व्यवस्था करने की 80% जिम्मेदारी महिलाओं और बच्चियों पर है। जब जल संकट गहराता है, तो इसका सबसे बुरा असर महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि "जल शक्ति ही नारी शक्ति है।"

इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार के 'जल शक्ति मंत्रालय' की योजनाओं जैसे 'जल जीवन मिशन' और झारखंड सरकार की 'जल सहिया योजना' एवं 'नीलांबर-पीतांबर जल समृद्धि योजना' की विस्तृत जानकारी दी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन को सशक्त बना रही हैं।

'जल कंगाली' की ओर बढ़ती दुनिया: एक चेतावनी

विशिष्ट वक्ता प्रतीक कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से वैश्विक जल स्थिति का विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का केवल 3% ही मीठा पानी (Fresh Water) है, जिसका अधिकांश भाग ग्लेशियरों या भूजल के रूप में है। उन्होंने 'जल संकट' को 'जल कंगाली' (Water Bankruptcy) की संज्ञा देते हुए कहा कि यह संकट प्राकृतिक कम और मानव जनित (Anthropogenic) अधिक है। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे हम अपनी आय का बजट बनाते हैं, वैसे ही अब हर पंचायत और शहर को 'जल बजट' तैयार करने की आवश्यकता है।

जल शपथ और युवाओं की भागीदारी

कार्यक्रम के समापन सत्र में रवि कुमार विश्वकर्मा ने सभी उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को 'राष्ट्रीय जल मिशन' द्वारा निर्धारित 'जल शपथ' दिलाई। कार्यशाला में छात्रा प्रीति कुमारी और पिंटू रजक ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने इस वैश्विक समस्या के समाधान में अपनी भूमिका निभाने का भरोसा दिया।


न्यूज़ प्रहरी प्रधान सम्पादक नरेश सोनी।

शहीद-ए-आजम की याद में विभावि का राजनीति विज्ञान विभाग: डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने युवाओं को दिया 'क्रांतिकारी वैचारिकी' का मंत्र

शहीद-ए-आजम की याद में विभावि का राजनीति विज्ञान विभाग  डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने युवाओं को दिया क्रांतिकारी वैचारिकी का मंत्र
विभावि के राजनीति विज्ञान विभाग में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा, शिक्षक एवं शोधार्थी-1

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) के राजनीति विज्ञान विभाग में सोमवार को 'बलिदान दिवस' के गौरवशाली अवसर पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले अमर शहीद भगत सिंह, शिवराम हरी राजगुरु और सुखदेव थापर को अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों ने महान क्रांतिकारियों के जीवन दर्शन पर गंभीर चर्चा की।

  • विभावि के राजनीति विज्ञान विभाग में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा, शिक्षक एवं शोधार्थी।

भगत सिंह की पुस्तकें बनें आधुनिक युग का मार्गदर्शक - डॉ. सुकल्याण मोइत्रा

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने अपने संबोधन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। डॉ. मोइत्रा ने जोर देकर कहा, भगत सिंह द्वारा जेल की सलाखों के पीछे लिखी गई पुस्तकें और उनके विचार आज के आधुनिक भारत के युवाओं के लिए गीता, बाइबल और कुरान की तरह पवित्र और मार्गदर्शक होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि यह राष्ट्र सदियों तक इन तीनों महान सपूतों का ऋणी रहेगा, जिन्होंने मात्र 23 वर्ष की अल्पायु में अपने प्राणों की आहुति देकर सोए हुए भारत को जगाने का काम किया। डॉ. मोइत्रा के अनुसार, वर्तमान पीढ़ी को केवल उनके नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके लिखे साहित्य को पढ़कर एक तार्किक समाज का निर्माण करना चाहिए।

राष्ट्रवाद और मानवतावाद का अद्भुत मिश्रण

विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अजय बहादुर सिंह ने भगत सिंह के व्यक्तित्व के एक अलग पहलू पर प्रकाश डाला। उन्होंने उन्हें एक क्रांतिकारी राष्ट्रवादी की संज्ञा दी। डॉ. सिंह ने कहा कि भगत सिंह में क्रांति की ज्वाला और दर्शन की गहराई का एक अद्भुत मिश्रण था। वे केवल हथियार उठाना नहीं जानते थे, बल्कि उनके पास हर घटना का एक सटीक तर्कसंगत विश्लेषण था। वे एक ऐसे मानवतावादी थे जो समाज के अंतिम व्यक्ति के अधिकार के लिए लड़ रहे थे।

जेल की 116 दिनों की भूख हड़ताल और इंकलाब की गूंज

शोधार्थी धर्मेंद्र ने भगत सिंह की जीवन यात्रा का भावुक विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कैसे जलियांवाला बाग के भीषण नरसंहार ने एक छोटे से बालक के मन में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आक्रोश भर दिया और वे राष्ट्रीय आंदोलन की मुख्यधारा से जुड़ गए। धर्मेंद्र ने असेंबली में बम धमाके के पीछे की उस सोच को भी विस्तार से समझाया, जिसका उद्देश्य "बहरों को सुनाना" था, न कि किसी की जान लेना। उन्होंने जेल के भीतर कैदियों के अधिकारों के लिए की गई 116 दिनों की ऐतिहासिक भूख हड़ताल को याद करते हुए बताया कि कैसे "इंकलाब जिंदाबाद" का नारा आज भी देश की रगों में दौड़ता है।

धर्मनिरपेक्षता और वैज्ञानिक सोच का आह्वान

शोधार्थी रवि कुमार विश्वकर्मा ने भगत सिंह के दर्शन (Philosophy) पर चर्चा करते हुए बताया कि उनका राष्ट्रवाद मानव केंद्रित था। भगत सिंह किसी भी प्रकार के धार्मिक पाखंड या जातिगत भेदभाव के कड़े विरोधी थे। उन पर कार्ल मार्क्स और व्लादिमीर लेनिन जैसे महान विचारकों का गहरा प्रभाव था, जिसके कारण वे पूंजीवाद और शोषणकारी व्यवस्था को जड़ से मिटाना चाहते थे। रवि ने कहा, भगत सिंह भारत को अंधभक्तों का झुंड नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक सोच वाला प्रगतिशील राष्ट्र बनाना चाहते थे।

मैं नास्तिक क्यों हूँ' पर गहन विमर्श

कार्यक्रम के अंत में शोधार्थी महेंद्र पंडित ने भगत सिंह की सुप्रसिद्ध पुस्तक 'Why I am an Atheist' (मैं नास्तिक क्यों हूँ) पर अपने विचार रखे। महेंद्र ने उन सवालों को दोहराया जो भगत सिंह ने जेल में रहते हुए ईश्वर और व्यवस्था से पूछे थे—कि यदि ईश्वर है, तो दुनिया में युद्ध, शोषण और जलियांवाला बाग जैसी घटनाएं क्यों होती हैं? महेंद्र ने स्पष्ट किया कि भगत सिंह का नास्तिक होना किसी धर्म के प्रति द्वेष नहीं था, बल्कि एक न्यायपूर्ण और तर्क आधारित समाज की स्थापना की उनकी तड़प थी।

इस गरिमामयी अवसर पर प्रथम और चतुर्थ समसत्र के विद्यार्थी और भारी संख्या में शोधार्थी मौजूद थे, जिन्होंने शहीदों के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।

Naresh Soni Editor in Chief (News Prahari)

एएमयू और विभावि के बीच बढ़ेगी शैक्षणिक निकटता: कुलसचिव प्रो. आसीम जफर की शिष्टाचार भेंट

एएमयू और विभावि के बीच बढ़ेगी शैक्षणिक निकटता: कुलसचिव प्रो. आसीम जफर की शिष्टाचार भेंट
हजारीबाग में विनोबा भावे विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. प्रणिता को गुलदस्ता भेंट कर अभिवादन करते एएमयू के कुलसचिव प्रो. आसीम जफर।

हजारीबाग: शिक्षा के क्षेत्र में दो प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच वैचारिक आदान-प्रदान और भविष्य की संभावनाओं को लेकर शनिवार को एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कुलसचिव प्रो. आसीम जफर ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि), हजारीबाग की कुलसचिव डॉ. प्रणिता से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान न केवल शिष्टाचार का परिचय दिया गया, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक सुधारों पर भी गहन चर्चा हुई।

शिक्षा और प्रबंधन पर केंद्रित रही चर्चा

डॉ. प्रणिता ने प्रो. जफर का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें आगामी ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। बातचीत के मुख्य अंशों में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच 'शैक्षणिक आदान-प्रदान' (Academic Exchange) की संभावनाओं को तलाशना शामिल था। प्रो. आसीम जफर, जो स्वयं एक पुरस्कृत शिक्षक और कुशल प्रशासक रहे हैं, ने अपने अनुभवों को साझा किया। डॉ. प्रणिता ने बताया कि प्रो. जफर से शिक्षण और प्रशासन की बारीकियों पर संवाद करना एक सुखद अनुभव रहा।

केंद्रीय बनाम राज्य विश्वविद्यालय: एक तुलनात्मक अध्ययन

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना 1920 में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में हुई थी, जिसे आज NAAC 'A+' ग्रेड प्राप्त है। लगभग 39,367 विद्यार्थियों की क्षमता वाला यह संस्थान देश के क्रीम टैलेंट को आकर्षित करता है। दूसरी ओर, 1992 में स्थापित विनोबा भावे विश्वविद्यालय झारखंड के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहा है। विभावि में स्नातक स्तर पर ही प्रति वर्ष 50,000 से अधिक छात्र नामांकित होते हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच को दर्शाता है।

हजारीबाग की मिट्टी से एएमयू के शिखर तक

प्रो. आसीम जफर का यह दौरा भावनात्मक रूप से भी खास है, क्योंकि वे मूल रूप से हजारीबाग के चिश्तिया मोहल्ला के निवासी हैं। 11 सितंबर 2025 को भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक (AMU) के कुलसचिव के पद पर उनकी नियुक्ति हजारीबाग के लिए गौरव का विषय है। एक स्थानीय प्रतिभा का राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा नेतृत्व संभालना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

भविष्य की राह आपसी सहयोग से विकास

मुलाकात के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे एएमयू जैसी पुरानी संस्था के अनुभव का लाभ विभावि जैसे उभरते विश्वविद्यालय को मिल सकता है। शोध (Research), फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और छात्रों के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल पर दोनों अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाया। इस तरह की मुलाकातें भविष्य में एमओयू (MoU) का आधार बन सकती हैं, जिससे झारखंड के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर मिल सकेगा।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक भारत।

विभावि में इतिहास के पन्नों से रूबरू होंगे छात्र: प्रख्यात इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार का 'भारत विभाजन' पर विशेष व्याख्यान

विभावि में इतिहास के पन्नों से रूबरू होंगे छात्र: प्रख्यात इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार का 'भारत विभाजन' पर विशेष व्याख्यान

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
"हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय में व्याख्यान की तैयारियों का जायजा लेते विभागाध्यक्ष व अन्य।

हजारीबाग, झारखंड: शैक्षणिक विमर्श और ऐतिहासिक शोध की दिशा में विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तय करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के तत्वावधान में आगामी सोमवार, 16 मार्च को एक भव्य व्याख्यान का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए बल्कि इतिहास के जानकारों और शोधार्थियों के लिए भी वैचारिक मंथन का एक बड़ा मंच साबित होने वाला है।

विषय की गंभीरता और वर्तमान परिप्रेक्ष्य

इस विशेष व्याख्यान का विषय "भारत का विभाजन: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता" रखा गया है। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. हितेंद्र अनुपम ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्तमान समय में विभाजन की विभीषिका और उसके दूरगामी प्रभावों को समझना नई पीढ़ी के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव आज भी प्रासंगिक है।                        VBU News: फिजियोथैरेपी विभाग में 680 लोगों ने कराई निशुल्क जांच, कुलपति ने कहा- छात्राओं के स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्य वक्ता: प्रो. कपिल कुमार का व्यक्तित्व

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दिल्ली के प्रतिष्ठित प्रोफेसर और देश के जाने-माने इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार होंगे। प्रो. कुमार अपनी प्रखर विचारधारा और ऐतिहासिक तथ्यों के गहन विश्लेषण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं। उनके व्याख्यान अक्सर अनकहे ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करने के लिए जाने जाते हैं, जिससे श्रोताओं को इतिहास को एक नए नजरिए से देखने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम की रूपरेखा और उपस्थिति

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। स्थान: रवींद्रनाथ टैगोर भवन स्थित राधाकृष्णन सभागार।समय: व्याख्यान सुबह 11:00 बजे शुरू होगा।अनिवार्यता: विभाग ने प्रथम और चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए उपस्थिति अनिवार्य की है।

इस गरिमामई अवसर पर समाज विज्ञान संकाय के सभी विभागों के प्राध्यापक, पीएचडी शोधार्थी और विभिन्न महाविद्यालयों के इतिहास शिक्षक उपस्थित रहेंगे। विभाग ने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया है कि वे सुबह 10:50 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लें ताकि कार्यक्रम की गरिमा और अनुशासन बना रहे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह व्याख्यान?

'लो वैल्यू कंटेंट' से बचने के लिए यह समझना जरूरी है कि ऐसे आयोजन अकादमिक जगत में क्यों मायने रखते हैं। हजारीबाग जैसे शैक्षणिक केंद्र में प्रो. कपिल कुमार जैसे विद्वान का आना स्थानीय शोधार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है। भारत विभाजन की प्रासंगिकता पर चर्चा करने से न केवल पुराने जख्मों को समझा जा सकता है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए एक बेहतर राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा भी ली जा सकती है।

VBU हजारीबाग की अनोखी पहल VIP अतिथि नहीं, बल्कि इन दो विद्यार्थियों ने किया 'दीवार पत्रिका' का अनावरण

VBU हजारीबाग की अनोखी पहल VIP अतिथि नहीं, बल्कि इन दो विद्यार्थियों ने किया 'दीवार पत्रिका' का अनावरण

नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी विशेष संवाददाता।

हजारीबाग: अक्सर शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी कार्यक्रम का उद्घाटन बड़े अतिथियों द्वारा किया जाता है, लेकिन विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के राजनीति विज्ञान विभाग ने एक नई और सकारात्मक मिसाल पेश की है। 

विभावि के राजनीति विज्ञान विभाग में सर्वाधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थी राहुल कुमार और अंजू कुमारी दीवार पत्रिका का अनावरण करते हुए।

महिला दिवस पखवाड़े के अवसर पर बुधवार को विभाग में एक विस्तृत 'दीवार पत्रिका' (Wall Magazine) का अनावरण किया गया। खास बात यह रही कि इसका अनावरण किसी VIP ने नहीं, बल्कि प्रथम समसत्र में सबसे अधिक उपस्थिति (Highest Attendance) दर्ज करने वाले दो विद्यार्थियों— राहुल कुमार और अंजू कुमारी ने फीता खोलकर किया।

महिला दिवस पर आकर्षक दीवार पत्रिका तैयार करने वाली राजनीति विज्ञान विभाग की टीम।

नैक (NAAC) के दिशा-निर्देशों का शानदार पालन

विभाग का यह कदम नैक (NAAC) के मानकों के बिल्कुल अनुरूप है। नैक के सर्वे प्रपत्र के बिंदु 48 में स्पष्ट निर्देश है कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों और अनुशासन के लिए पुरस्कृत एवं मान्यता (Award & Recognition) देने की परिपाटी विकसित की जानी चाहिए। नियमित उपस्थिति के लिए राहुल और अंजू को यह सम्मान देकर विभाग ने अन्य छात्रों को भी प्रेरित किया है।

नव-नामांकित विद्यार्थियों की रचनात्मकता आई सामने 

इस सूचनात्मक दीवार पत्रिका को तैयार करने का पूरा श्रेय विभाग के प्रथम समसत्र के नव-नामांकित विद्यार्थियों को जाता है।

मुख्य भूमिका विद्यार्थी राहुल कुमार, पूजा मेहता, संदीप कुमार, बबली कुमारी, प्रज्ञा आर्या तथा विक्रम मेहता ने इसे तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

मार्गदर्शन: इन छात्रों को दीवार पत्रिका तैयार करने के विभिन्न तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं का प्रशिक्षण विभाग की तीन महिला शोधार्थियों— श्वेता कुमारी, चंचल कुमारी तथा संजना मासूम ने दिया।

दीवार पत्रिका में क्या है खास?

विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में पत्रिका में शामिल सामग्री की जमकर तारीफ हुई। विद्यार्थियों ने अलग-अलग अखबारों और स्रोतों से बेहतरीन आलेखों का संकलन किया है

प्रमुख हस्तियों के विचार इसमें 8 मार्च को भारत की माननीय राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू के संबोधन, महिला एवं बाल विकास मंत्री व कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी और आर्ट ऑफ़ लिविंग के  रविशंकर के आलेखों को प्रमुखता दी गई है।

गिव टू गेन (Give to Gain) इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम 'गिव टू गेन' के अर्थ और महिला दिवस के इतिहास को विस्तार से दर्शाया गया है।

सैंड आर्ट का प्रदर्शन उड़ीसा के पुरी समुद्र तट पर प्रख्यात शिल्पकार सुदर्शन पटनायक द्वारा बालू से उकेरी गई 'महिला शक्ति' (Women Power) की शानदार कलाकृति को भी पत्रिका में जगह मिली है।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर विभागीय प्राध्यापक डॉ. अजय बहादुर सिंह के साथ-साथ शोधार्थी और प्रथम व चतुर्थ समसत्र के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विभावि राजनीति विज्ञान विभाग में 'दीक्षारंभ': नव-नामांकित विद्यार्थियों ने जाना केंद्रीय पुस्तकालय का महत्व

विभावि राजनीति विज्ञान विभाग में 'दीक्षारंभ': नव-नामांकित विद्यार्थियों ने जाना केंद्रीय पुस्तकालय का महत्व

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के राजनीति विज्ञान विभाग में सत्र 2025-27 के नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए आयोजित 'दीक्षारंभ कार्यक्रम' (Induction Meet) के तहत एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के गोस्वामी तुलसीदास केंद्रीय पुस्तकालय की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध संसाधनों से विस्तृत रूप से परिचित कराया गया।

'Vinoba Bhave University'

NAAC नियमावली के तहत शैक्षणिक परिचय

विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नैक (NAAC) की गाइडलाइंस के अनुसार, नए विद्यार्थियों को विभाग और विश्वविद्यालय के विभिन्न संभागों से रूबरू कराना अनिवार्य है। इसी कड़ी में प्रथम सेमेस्टर के छात्रों को पुस्तकालय भ्रमण कराया गया, ताकि वे अपने शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही शोध और अध्ययन के संसाधनों का सही उपयोग कर सकें।

पुस्तकालय भ्रमण की मुख्य झलकियाँ

केंद्रीय पुस्तकालय के निदेशक डॉ. राजेंद्र मिस्त्री के सहयोग से विद्यार्थियों ने लगभग एक घंटा पुस्तकालय के विभिन्न अनुभागों में बिताया। भ्रमण के दौरान निम्नलिखित मुख्य आकर्षण रहे:

संविधान की विशेष प्रति: छात्र भारत के संविधान की विशेष प्रति को देख कर अभिभूत हुए, जो राजनीति विज्ञान के छात्रों के लिए प्रेरणा का केंद्र रही।

ई-लाइब्रेरी और साइबर सेल: छात्रों को ई-लाइब्रेरी की बारीकियों और डिजिटल संसाधनों को एक्सेस करने के तरीके सिखाए गए।

विशिष्ट संभाग: विद्यार्थियों ने अखबार एवं पत्रिका संभाग, राजनीति विज्ञान संदर्भ ग्रंथ संभाग और पठन-पाठन संभाग का अवलोकन किया।

इस शैक्षणिक भ्रमण को सफल बनाने में शोधार्थी रवि कुमार विश्वकर्मा, इनामुल अंसारी, अनन्या शर्मा, चंचल कुमारी सहित पुस्तकालय कर्मी आरिफ मुस्तफा सिद्दीकी और सीमा खान का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972