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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Gyan Jyoti College of Pharmacy: टालवार फार्मा रुड़की से लौटे छात्र, सचिव बिनय कुमार ने प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित! 🎓🏭

 

ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में सम्मान समारोह: टालवार फार्मा (रुड़की) औद्योगिक भ्रमण से लौटे छात्र, सचिव बिनय कुमार ने प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष ब्यूरो):

ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में टालवार फार्मा (रुड़की, उत्तराखंड) के सफल औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visit) से लौटे बी.फार्मा (B.Pharm) एवं डी.फार्मा (D.Pharm) के विद्यार्थियों के लिए अनुभव साझाकरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के सचिव बिनय कुमार ने औद्योगिक भ्रमण में शामिल सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

Gyan Jyoti College of Pharmacy Secretary Binay Kumar felicitating students and teachers after industrial visit



औद्योगिक अनुभव से मिला व्यावहारिक ज्ञान:

  • दवा निर्माण और करियर के अवसरों की समझ: कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि टालवार फार्मा में उन्हें अत्याधुनिक औषधि निर्माण (Medicine Manufacturing), गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control), पैकेजिंग और फार्मेसी के व्यावहारिक पहलुओं को करीब से देखने का अवसर मिला।
  • संस्थान व शिक्षकों का जताया आभार: विद्यार्थियों ने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ इस तरह के एक्सपोजर से उन्हें फार्मा सेक्टर में भविष्य के करियर और रोजगार की संभावनाओं को समझने में नई दिशा मिली है। छात्रों ने सचिव बिनय कुमार और मार्गदर्शक शिक्षकों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।

व्यावहारिक ज्ञान ही सफलता की कुंजी : बिनय कुमार

​कॉलेज के सचिव बिनय कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी का मुख्य उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष और कुशल बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार होता है और वे फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री की चुनौतियों व अवसरों के लिए तैयार होते हैं।

शिक्षकों को स्मृति चिन्ह व स्मार्ट वॉच देकर किया गया सम्मानित:

​औद्योगिक भ्रमण के सफल आयोजन और विद्यार्थियों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन के लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा शिक्षक एम.डी. असलम, रंजीत कुमार एवं गुड्डू को विशेष रूप से स्मृति-चिह्न (Momento) और स्मार्ट घड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया।

Hazaribagh News: शिक्षा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति: पूर्व प्राचार्या स्नेह लता प्रसाद के द्वादश संस्कार में शामिल हुए पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह, दी श्रद्धांजलि

 

उत्कृष्ट शैक्षणिक नेतृत्व और सादगी की प्रतिमूर्ति थीं स्नेह लता प्रसाद, शोक सभा में प्रबुद्ध नागरिकों ने किया नमन

संवाददाता, हजारीबाग:

सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने शुक्रवार को हजारीबाग के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित आवास पहुंचकर एक अत्यंत शोक संतप्त कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। वे यहाँ अपने बचपन के मित्र और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के वरिष्ठ अधिकारी सत्यम प्रकाश की माता तथा हजारीबाग टीचर ट्रेनिंग कॉलेज की पूर्व प्राचार्या स्नेह लता प्रसाद के द्वादश (बारहवीं) संस्कार में शामिल हुए। मुन्ना सिंह ने दिवंगत शिक्षाविद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

Former-assembly-candidate-Munna-Singh-paying-tribute-to-educationist-Sneh-Lata-Prasad-in-Hazaribag

शैक्षणिक सुधारों और अनुशासन को समर्पित जीवन

​शोक संतप्त परिजनों और उपस्थित नागरिकों को ढांढस बंधाते हुए मुन्ना सिंह ने कहा कि स्नेह लता प्रसाद का संपूर्ण जीवन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक चेतना और अकादमिक अनुशासन को समर्पित था। हजारीबाग टीचर ट्रेनिंग कॉलेज की प्राचार्या के रूप में उन्होंने अपने उल्लेखनीय और दीर्घकालिक योगदान, कड़े अनुशासन तथा उत्कृष्ट प्रशासनिक नेतृत्व से न केवल हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा, बल्कि भावी शिक्षकों का भी कुशल मार्गदर्शन किया। उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, उच्च कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के प्रति बिना शर्त समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव स्मरणीय और अनुकरणीय रहेगा।

​प्रबुद्ध नागरिकों ने दी भावभीनी विदाई

​उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपार मानसिक व पारिवारिक दुख को सहन करने का संबल और साहस दें।

​इस द्वादश संस्कार और शोक सभा में क्षेत्र के अनेक परिजनों, शुभचिंतकों, प्रमुख शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने स्नेह लता प्रसाद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शिक्षा के लोकव्यापीकरण और समाज निर्माण में उनके ऐतिहासिक सांगठनिक योगदान को भावपूर्वक याद किया।

और पढ़ें: Katkamdag Updates: एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत से स्तब्ध कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह पहुंचे कूद गांव, परिजनों को बंधाया ढांढस

शिक्षाविद विपिन कुमार का निधन निजी विद्यालय जगत के लिए अपूरणीय क्षति: हजारीबाग पहुंचे पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे

 

निजी विद्यालयों के अधिकारों और शैक्षिक सुधारों के लिए समर्पित था विपिन कुमार का जीवन, संगठन ने अधूरे कार्यों को पूरा करने का लिया संकल्प

संवाददाता, हजारीबाग/रांची:

पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) के पूर्व जिला अध्यक्ष तथा आईजीएम पब्लिक स्कूल के निदेशक व प्रख्यात शिक्षाविद विपिन कुमार के आकस्मिक निधन पर संपूर्ण शैक्षणिक जगत और पासवा परिवार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। 6 जुलाई को हुए उनके निधन के उपरांत, शुक्रवार को पासवा का एक उच्च स्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल हजारीबाग स्थित उनके आवासीय परिसर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत शिक्षाविद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

PASWA-National-President-Alok-Kumar-Dubey-paying-tribute-to-educationist-Vipin-Kumar-in-Hazaribag.

निजी विद्यालयों के अधिकारों की सशक्त आवाज

​इस शोक सभा के दौरान पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने दिवंगत आत्मा को नमन करते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विपिन कुमार निजी विद्यालयों के एक अत्यंत सशक्त और दूरदर्शी रहनुमा थे। उन्होंने दशकों तक निजी शिक्षण संस्थानों के विधिक अधिकारों, संकाय सदस्यों व शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और बुनियादी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत मुद्दों को हर प्रशासनिक व सामाजिक मंच पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ उठाया। उनका लंबा वैचारिक संघर्ष, अद्वितीय समर्पण और कुशल नेतृत्व निजी विद्यालय आंदोलन के इतिहास में सदैव एक प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाएगा।

​नीतिगत निर्णयों में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

​राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनके सांगठनिक योगदानों का स्मरण करते हुए बताया कि विपिन कुमार कई महत्वपूर्ण अवसरों पर पासवा के केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के मुख्य सदस्य के रूप में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और तत्कालीन शिक्षा मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ताओं में शामिल रहे। उन्होंने झारखंड में निजी विद्यालयों की जटिल विधिक समस्याओं, भूमि विवादों और मान्यता संबंधी मांगों को सरकार के समक्ष अत्यंत प्रभावी और तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत किया था। शिक्षा के सार्वभौमीकरण के प्रति उनकी निष्ठा और संगठन के प्रति अटूट समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा।

​अधूरे सांगठनिक लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प

​आलोक कुमार दूबे ने आगे कहा कि विपिन कुमार का असामयिक अवसान निजी विद्यालय परिवार के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में असंभव है। पासवा संगठन उनके अधूरे सपनों, योजनाओं और सांगठनिक कार्यों को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करता रहेगा। निजी विद्यालयों के हितों और छात्र कल्याण की लड़ाई को उसी गति और मजबूती के साथ आगे बढ़ाना ही उनके प्रति संगठन की वास्तविक और सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

​इस अवसर पर पासवा के उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि विपिन कुमार का संपूर्ण जीवन शिक्षा के लोकव्यापीकरण, सांगठनिक सुदृढ़ीकरण और निस्वार्थ समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने निजी विद्यालयों की समस्याओं के त्वरित वैज्ञानिक समाधान के लिए हमेशा अग्रणी और निर्णायक भूमिका निभाई। उनका निधन पूरे शिक्षा जगत के लिए एक बड़ा आघात है।

​शोक व्यक्त करने वाले गणमान्य सदस्य

​श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे, उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव, हजारीबाग के जिला अध्यक्ष मींकू प्रसाद, मेघाली सेन गुप्ता और उमेश प्रसाद मेहता सहित संगठन के कई अन्य जिला व प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी और स्थानीय शिक्षाविद उपस्थित थे। सभी ने शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने के लिए ईश्वर से शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

  • समाचार का स्रोत (Source): पासवा (PASWA) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा निशार खान और हजारीबाग ब्यूरो रिपोर्ट।

विभावि हजारीबाग: डॉ. मोख्तार आलम और डॉ. अविनाश कुमार विश्वविद्यालय अभिषद (Senate) के नए सदस्य मनोनीत

विभावि हजारीबाग: डॉ. मोख्तार आलम और डॉ. अविनाश कुमार विश्वविद्यालय अभिषद (Senate) के नए सदस्य मनोनीत

कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने चक्रानुक्रम पद्धति के आधार पर की नियुक्ति; वाणिज्य और मनोविज्ञान विभाग को मिला प्रतिनिधित्व।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग, झारखंड: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग में शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने 'झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम' के प्रावधानों के तहत विश्वविद्यालय अभिषद (Senate) में दो नए विभागाध्यक्षों को सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। यह मनोनयन रिक्त हुए स्थानों को भरने और चक्रानुक्रम (Rotation) पद्धति को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ मोख्तार आलम

चक्रानुक्रम पद्धति से हुआ चयन

विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पूर्व सदस्यों का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद यह नई नियुक्तियाँ की गई हैं। कुलपति ने रसायन शास्त्र विभाग के अध्यक्ष के स्थान पर अब वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. मोख्तार आलम को मनोनीत किया है। वहीं, मानवविज्ञान विभाग के अध्यक्ष के स्थान पर मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार को अभिषद का नया सदस्य बनाया गया है।

मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार

एक वर्ष का होगा कार्यकाल

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह मनोनयन पदनाम (By Designation) के आधार पर किया गया है। दोनों नवनियुक्त सदस्यों का कार्यकाल उनकी नियुक्ति की तिथि से एक वर्ष के लिए प्रभावी होगा। इस दौरान वे विश्वविद्यालय की नीति-निर्धारक संस्था 'अभिषद' में अपने संबंधित विभागों और शैक्षणिक हितों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल

डॉ. मोख्तार आलम और डॉ. अविनाश कुमार के मनोनयन पर विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ और गैर-शैक्षणिक कर्मियों ने खुशी जाहिर की है। शिक्षकों का मानना है कि इन अनुभवी शिक्षाविदों के आने से विश्वविद्यालय के विकास कार्यों और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

साथ ही, विश्वविद्यालय समुदाय ने पूर्व सदस्यों डॉ. आशीष कुमार शाहा और डॉ. विनोद रंजन के सफल कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उनके योगदान को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक इतिहास में महत्वपूर्ण माना गया है।

अभिषद का महत्व

विश्वविद्यालय अभिषद एक सर्वोच्च निकाय होता है जो विश्वविद्यालय के बजट, नए पाठ्यक्रमों की मंजूरी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों पर मुहर लगाता है। नए सदस्यों के आने से विश्वविद्यालय के आंतरिक सुशासन में पारदर्शिता और नवीन विचारों के समावेश की उम्मीद की जा रही है।

हजारीबाग के प्रतिष्ठित स्कूलों में 'फीस और सामान' पर घमासान: 38 छात्र निष्कासित, DC के आदेश पर जांच शुरू

हजारीबाग के प्रतिष्ठित स्कूलों में 'फीस और सामान' पर घमासान: 38 छात्र निष्कासित, DC के आदेश पर जांच शुरू

निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का हल्लाबोल; न्याय न मिलने पर 17 अप्रैल से आमरण अनशन की चेतावनी।

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में निजी स्कूलों की मनमानी और व्यावसायिकता के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा होता दिख रहा है। जिले के दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों—माउंट कार्मल और संत जेवियर स्कूल पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि इन स्कूलों ने नियमों का विरोध करने पर लगभग 38 छात्र-छात्राओं को स्कूल से बाहर निकाल दिया है, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

38 छात्र-छात्राओं को स्कूल से बाहर निकाल के मामले में उपयुक्त का सख्त

जबरन खरीदारी का गंभीर आरोप

सोमवार को बड़ी संख्या में पीड़ित अभिभावक उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। अभिभावकों का सीधा आरोप है कि स्कूल प्रबंधन उन पर 'कमीशन के खेल' का हिस्सा बनने के लिए दबाव बना रहा है। स्कूल द्वारा निर्धारित दुकानों से ही महंगे दाम पर किताब-कॉपी, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जब कुछ अभिभावकों ने इस मनमानी और सरकारी नियमों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाई, तो प्रबंधन ने सुधारात्मक कदम उठाने के बजाय उनके बच्चों का नामांकन रद्द कर दिया या उन्हें स्कूल से निष्कासित कर दिया।

छात्रों के अभिभावक साथ मुन्ना सिंह।

प्रशासनिक हस्तक्षेप: एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से एक उच्चस्तरीय जांच कमिटी का गठन किया है। इस कमिटी को निर्देश दिया गया है कि वह स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के पक्ष को सुनकर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुन्ना सिंह ने इस संबंध में बताया कि प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद यदि स्कूल प्रबंधन दोषी पाया जाता है, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आमरण अनशन की चेतावनी

इधर, समाजसेवियों और अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। समाजसेवी अभिषेक कुमार और प्रकाश पासवान ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को ज्ञापन सौंपते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन एक निश्चित समय सीमा के भीतर छात्रों को न्याय नहीं दिला पाता है और स्कूलों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगता है, तो 17 अप्रैल से कलेक्ट्रेट के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

इस विवाद ने एक बार फिर निजी स्कूलों के व्यावसायिक मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा के अधिकार (RTE) के दौर में किसी छात्र को सिर्फ इसलिए निकाल देना कि उसके माता-पिता ने महंगी सामग्री खरीदने से मना कर दिया, न केवल नैतिक रूप से गलत है बल्कि कानूनी रूप से भी अवैध है। फिलहाल, पूरे हजारीबाग की नजरें प्रशासनिक जांच और 17 अप्रैल के घटनाक्रम पर टिकी हैं।

विभावि में महिला अधिकारियों का 'हंटर': 17 कर्मचारियों को शो-कॉज, प्रभारी कुलपति को ऑफिस न मिलने पर कुलसचिव सख्त

विभावि में महिला अधिकारियों का 'हंटर': 17 कर्मचारियों को शो-कॉज, प्रभारी कुलपति को ऑफिस न मिलने पर कुलसचिव सख्त

औचक निरीक्षण में गायब मिले कर्मियों पर गिरी गाज, कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी; कहा- अनुशासनहीनता से छात्रों का हो रहा नुकसान।

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) प्रशासन इन दिनों 'एक्शन मोड' में है। विश्वविद्यालय की कमान वर्तमान में दो महिला अधिकारियों—प्रभारी कुलपति डॉ. रेणु बोस और कुलसचिव डॉ. प्रणिता के हाथों में है, जिनके कड़े रुख ने लापरवाह कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। रविवार को कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने अनुशासनहीनता के मामले में 17 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 'कारण बताओ' (Show cause) नोटिस जारी करने की पुष्टि की।
Vbu ki kulsachiv dr. Priniti.

औचक निरीक्षण में खुली पोल

कुलसचिव ने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों के देर से आने और बिना सूचना गायब रहने की शिकायतें मिल रही थीं। इसकी पुष्टि के लिए जब औचक निरीक्षण किया गया, तो कई कर्मचारी अपने डेस्क से नदारद मिले। डॉ. प्रणिता के अनुसार, "यह एक गलत परिपाटी है जो न केवल विश्वविद्यालय के कार्यों को बाधित करती है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले कर्मियों का मनोबल भी गिराती है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों का हित है, जिससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Prabhari kulpati dr. Renu boss.

तीन दिनों का अल्टीमेटम

नोटिस पाने वाले कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने के लिए 3 दिनों का समय दिया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो मामला कुलपति के समक्ष अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। कुलसचिव ने चेतावनी दी है कि इस बार नाम गोपनीय रखे गए हैं, लेकिन पुनरावृत्ति होने पर नाम सार्वजनिक कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी कुलपति को कार्यालय न मिलने पर जताई आहत

प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कुलसचिव ने प्रभारी कुलपति डॉ. रेणु बोस के साथ हुए हालिया घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि डॉ. बोस को कुलपति कक्ष में बैठने से रोकना न केवल अमर्यादित है बल्कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से अव्यावहारिक भी है।

उन्होंने इस घटना के लिए अनुबंध पर कार्यरत एक कर्मचारी के आचरण को जिम्मेदार ठहराया, जो विश्वविद्यालय सेवा का हिस्सा भी नहीं है। डॉ. प्रणिता ने कहा, "कुलपति सचिवालय के सहयोग के बिना फाइलों का निपटारा और आगंतुकों से मिलना संभव नहीं है। इसीलिए डॉ. रेणु बोस को फिलहाल कुलसचिव कार्यालय से कार्य निष्पादन का आग्रह किया गया है।"

बता दें कि डॉ. रेणु बोस और डॉ. प्रणिता दोनों ही अपनी कड़क प्रशासनिक शैली और नियमानुकूल कार्य करने की छवि के लिए जानी जाती हैं। इस कार्रवाई से विश्वविद्यालय के भीतर अनुशासन को लेकर एक कड़ा संदेश गया है।


नरेश सोनी प्रधान सम्पादक ( न्यूज़ प्रहरी)

VBU News: फिजियोथैरेपी विभाग में 680 लोगों ने कराई निशुल्क जांच, कुलपति ने कहा- छात्राओं के स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस

VBU News: फिजियोथैरेपी विभाग में 680 लोगों ने कराई निशुल्क जांच, कुलपति ने कहा- छात्राओं के स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 
विभावि के फिजियोथैरेपी विभाग में स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण करते कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा एवं अन्य गणमान्य।

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) के फिजियोथैरेपी विभाग में चल रहे तीन-दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का शनिवार को विधिवत समापन हुआ। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने स्वयं शिविर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कुलपति ने घोषणा की कि भविष्य में विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं के लिए नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।

पांच अलग-अलग स्टॉलों पर हुई जांच

कुलपति प्रो. शर्मा ने अपराहन 1:00 बजे फिजियोथैरेपी विभाग पहुंचकर वहां लगे पांच विशेष स्टॉलों का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और फिजियोथैरेपी विभाग के छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। कुलपति ने कहा, "पदभार ग्रहण करने के बाद से ही विद्यार्थियों का स्वास्थ्य मेरी प्राथमिकता रही है, विशेषकर छात्राओं के लिए स्वास्थ्य जांच अत्यंत अनिवार्य है।"

680 लाभार्थियों ने उठाया लाभ, निशुल्क बांटी गई दवाएं

फिजियोथैरेपी विभाग के निदेशक डॉ. उमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 12 मार्च से शुरू हुए इस शिविर में कुल 680 लोगों ने अपनी विस्तृत जांच करवाई। इस आंकड़े में विश्वविद्यालय की छात्राओं की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विश्वविद्यालय के आसपास रहने वाले स्थानीय ग्रामीणों ने भी निशुल्क सेवाओं का लाभ लिया।

हजारीबाग डेंटल कॉलेज का विशेष सहयोग

इस शिविर का सफल आयोजन हजारीबाग डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, विभावि के फिजियोथैरेपी विभाग और IQAC के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। दंत चिकित्सा स्टॉल पर कई विद्यार्थियों को आधुनिक टूथपेस्ट और ब्रश मुफ्त दिए गए। साथ ही, कई जरूरतमंदों के बीच दवाओं का निशुल्क वितरण भी किया गया। सभी जांच रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से सीधे लाभार्थियों के मोबाइल नंबर पर भेजी जा रही हैं।

"विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल से परिसर में 'हेल्थ अवेयरनेस' बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ नियमित फिजियोथैरेपी चेकअप कराते रहना चाहिए।"

रसोइयों और सेविकाओं के हक में बोले विधायक प्रदीप प्रसाद, मानदेय वृद्धि और पेंशन की मांग

रसोइयों और सेविकाओं के हक में बोले विधायक प्रदीप प्रसाद, मानदेय वृद्धि और पेंशन की मांग
विधानसभा सत्र के दौरान हजारीबाग की जनसमस्याओं को रखते विधायक प्रदीप प्रसाद।

हजारीबाग/रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने राज्य की रसोइयों और सेविकाओं की दयनीय स्थिति पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने सदन में पुरजोर तरीके से इन कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन की मांग उठाई।

सामाजिक सुरक्षा और स्थायित्व की जरूरत

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना को धरातल पर उतारने वाली रसोइया और सेविकाएं वर्षों से अल्प मानदेय पर काम कर रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि:

इन कर्मियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए।

वेतन भुगतान की एक नियमित व्यवस्था बने।

उन्हें पेंशन, पीएफ (PF) और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के पोषण और शिक्षा में इन कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए इन्हें कार्यस्थल पर स्थायित्व और सम्मान मिलना ही चाहिए।

हजारीबाग को जाम से मिलेगी मुक्ति, इंद्रपुरी चौक से अतिया तक फ्लाइओवर की मांग

हजारीबाग: शहर की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए विधायक प्रदीप प्रसाद ने बड़ी पहल की है। उन्होंने विधानसभा में इंद्रपुरी चौक से अतिया तक फ्लाइओवर निर्माण की मांग रखी है।

विधायक ने तर्क दिया कि यह मार्ग हजारीबाग का सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है, जहाँ आए दिन घंटों जाम लगा रहता है। फ्लाइओवर बनने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था आधुनिक और सुरक्षित हो सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया है।


विभावि में तीन दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आगाज़, पहले दिन 303 विद्यार्थियों ने कराई जाँच

विभावि में तीन दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आगाज़, पहले दिन 303 विद्यार्थियों ने कराई जाँच
विभावि हजारीबाग के फिजियोथैरेपी विभाग में स्वास्थ्य शिविर के दौरान जाँच करते डॉक्टर और उपस्थित छात्र-छात्राएं।

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के फिजियोथैरेपी विभाग और IQAC के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार से तीन दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर की शुरुआत हुई। हजारीबाग डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित इस शिविर के पहले ही दिन भारी उत्साह देखा गया, जहाँ कुल 303 मरीजों (विद्यार्थियों) ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

कुलपति की प्रेरणा से स्वास्थ्य जागरूकता की पहल

फिजियोथैरेपी विभाग के निदेशक डॉ. उमेंद्र सिंह ने बताया कि इस शिविर का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति की प्रेरणा और मार्गदर्शन में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिविर का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को कैंपस के भीतर ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना और उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है।

पहले दिन का रिपोर्ट कार्ड: किस विभाग में कितने मरीज?

शिविर के दौरान विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों और फिजियोथेरेपी के छात्र-छात्राओं ने मिलकर सेवाएँ दीं। पहले दिन का विवरण इस प्रकार है:

दंत परामर्श (Dental): सबसे अधिक 100 मरीजों की जाँच डॉ. स्वेता, डॉ. तान्या, डॉ. मुस्कान और डॉ. सौम्या की टीम ने की।

नेत्र परामर्श (Eye): डॉ. पूजा और डॉ. संगम की देखरेख में 66 विद्यार्थियों की आँखों की जाँच हुई।

रक्तचाप एवं शुगर जाँच: कुल 43 लोगों ने डॉ. हरि ओम और डॉ. अरबाज से परामर्श लिया।

सामान्य चिकित्सा: डॉ. अभिमन्यु और डॉ. आसिफ ने 11 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

रक्तचाप (BP) विशेष स्टॉल: यहाँ 83 लोगों की स्क्रीनिंग की गई।

सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन

मौके पर IQAC के निदेशक डॉ. अविनाश कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। शिविर में चमेली, निशु, शिवांगी, कृति, श्रेया, अर्चना, प्रिंसी, निशा, स्वर्णिमा और शिवानी जैसी फिजियोथेरेपी की छात्राओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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