-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Special Offer
🎙️ न्यूज़ प्रहरी रिपोर्टर बनें
क्या आप अपने क्षेत्र की आवाज बनना चाहते हैं?
मात्र 5 मिनट में अपनी पत्रकार ID एवं अपॉइंटमेंट लेटर प्राप्त करें!
Hazaribag Private School Association लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Hazaribag Private School Association लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शिक्षाविद विपिन कुमार का निधन निजी विद्यालय जगत के लिए अपूरणीय क्षति: हजारीबाग पहुंचे पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे

 

निजी विद्यालयों के अधिकारों और शैक्षिक सुधारों के लिए समर्पित था विपिन कुमार का जीवन, संगठन ने अधूरे कार्यों को पूरा करने का लिया संकल्प

संवाददाता, हजारीबाग/रांची:

पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) के पूर्व जिला अध्यक्ष तथा आईजीएम पब्लिक स्कूल के निदेशक व प्रख्यात शिक्षाविद विपिन कुमार के आकस्मिक निधन पर संपूर्ण शैक्षणिक जगत और पासवा परिवार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। 6 जुलाई को हुए उनके निधन के उपरांत, शुक्रवार को पासवा का एक उच्च स्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल हजारीबाग स्थित उनके आवासीय परिसर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत शिक्षाविद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

PASWA-National-President-Alok-Kumar-Dubey-paying-tribute-to-educationist-Vipin-Kumar-in-Hazaribag.

निजी विद्यालयों के अधिकारों की सशक्त आवाज

​इस शोक सभा के दौरान पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने दिवंगत आत्मा को नमन करते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विपिन कुमार निजी विद्यालयों के एक अत्यंत सशक्त और दूरदर्शी रहनुमा थे। उन्होंने दशकों तक निजी शिक्षण संस्थानों के विधिक अधिकारों, संकाय सदस्यों व शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और बुनियादी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत मुद्दों को हर प्रशासनिक व सामाजिक मंच पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ उठाया। उनका लंबा वैचारिक संघर्ष, अद्वितीय समर्पण और कुशल नेतृत्व निजी विद्यालय आंदोलन के इतिहास में सदैव एक प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाएगा।

​नीतिगत निर्णयों में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

​राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनके सांगठनिक योगदानों का स्मरण करते हुए बताया कि विपिन कुमार कई महत्वपूर्ण अवसरों पर पासवा के केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के मुख्य सदस्य के रूप में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और तत्कालीन शिक्षा मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ताओं में शामिल रहे। उन्होंने झारखंड में निजी विद्यालयों की जटिल विधिक समस्याओं, भूमि विवादों और मान्यता संबंधी मांगों को सरकार के समक्ष अत्यंत प्रभावी और तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत किया था। शिक्षा के सार्वभौमीकरण के प्रति उनकी निष्ठा और संगठन के प्रति अटूट समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा।

​अधूरे सांगठनिक लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प

​आलोक कुमार दूबे ने आगे कहा कि विपिन कुमार का असामयिक अवसान निजी विद्यालय परिवार के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में असंभव है। पासवा संगठन उनके अधूरे सपनों, योजनाओं और सांगठनिक कार्यों को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करता रहेगा। निजी विद्यालयों के हितों और छात्र कल्याण की लड़ाई को उसी गति और मजबूती के साथ आगे बढ़ाना ही उनके प्रति संगठन की वास्तविक और सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

​इस अवसर पर पासवा के उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि विपिन कुमार का संपूर्ण जीवन शिक्षा के लोकव्यापीकरण, सांगठनिक सुदृढ़ीकरण और निस्वार्थ समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने निजी विद्यालयों की समस्याओं के त्वरित वैज्ञानिक समाधान के लिए हमेशा अग्रणी और निर्णायक भूमिका निभाई। उनका निधन पूरे शिक्षा जगत के लिए एक बड़ा आघात है।

​शोक व्यक्त करने वाले गणमान्य सदस्य

​श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे, उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव, हजारीबाग के जिला अध्यक्ष मींकू प्रसाद, मेघाली सेन गुप्ता और उमेश प्रसाद मेहता सहित संगठन के कई अन्य जिला व प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी और स्थानीय शिक्षाविद उपस्थित थे। सभी ने शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने के लिए ईश्वर से शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

  • समाचार का स्रोत (Source): पासवा (PASWA) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा निशार खान और हजारीबाग ब्यूरो रिपोर्ट।
© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972