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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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MMDR Bill Protest: खान एवं खनिज संशोधन विधेयक को कांग्रेस ने बताया 'काला कानून', लाल किशोर नाथ शाहदेव ने केंद्र को घेरा! 🚨⛏️

 

खान एवं खनिज संशोधन विधेयक को कांग्रेस मानती है 'काला कानून': लाल किशोर नाथ शाहदेव बोले— 'झारखंड के राजस्व पर केंद्र का प्रहार, राम मंदिर चंदे का सार्वजनिक हो हिसाब!'

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष पॉलिटिकल डेस्क): जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 तथा अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे की वित्तीय पारदर्शिता के मुद्दे पर एक संयुक्त प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता की अध्यक्षता जिला कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष सह जिला उपाध्यक्ष निसार खान ने की।

Congress leader Lal Kishore Nath Shahdeo addressing press conference at KB Ashram in Hazaribagh

​प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव सह प्रदेश मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया खनिज संशोधन विधेयक संघीय ढांचे पर सीधा कुठाराघात है और कांग्रेस इसे पूरी तरह 'काला कानून' मानती है।

प्रेसवार्ता के मुख्य बिंदु एवं गंभीर आरोप:

  • झारखंड के 14 हजार करोड़ के राजस्व पर प्रहार: लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड में लगभग 15 लाख एकड़ भूमि पर कोयला और लौह अयस्क का खनन होता है, जिससे राज्य की जनता विस्थापन, गंभीर प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझती है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के 2024 के ऐतिहासिक फैसले के बाद राज्य सरकार ने सेस विधेयक तैयार किया था, जिससे वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग ₹14,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व जुटाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और 'मंईयां सम्मान योजना' जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाने की योजना थी। केंद्र के संशोधन से यह राजस्व रुक जाएगा।
  • बकाए और वित्तीय नुकसान की मार: उन्होंने बताया कि केंद्र की नीतियों के कारण जीएसटी क्षतिपूर्ति में ₹4,000 करोड़ और बीबीजी रामजी योजना से ₹8,000 करोड़ का नुकसान होगा। वहीं पहले से लंबित ₹1.36 लाख करोड़ के रॉयल्टी बकाए पर भी ग्रहण लग सकता है।
  • श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चंदे में पारदर्शिता की मांग: उन्होंने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। हालिया विवादों और जांच के मद्देनजर कांग्रेस मांग करती है कि मंदिर निर्माण और चंदे के पाई-पाई का निष्पक्ष लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए तथा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो।

आंदोलन की रूपरेखा:

  • 7 सितंबर 2026: एमएमडीआर संशोधन और चंदा पारदर्शिता के मुद्दे पर रांची स्थित लोकभवन के समक्ष विशाल राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन।
  • 9 से 16 सितंबर 2026: हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

उपस्थिति: इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, कटकमसांडी प्रखंड अध्यक्ष नरसिंह प्रजापति तथा बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरेश प्रसाद दांगी उपस्थित रहे।

शिक्षाविद विपिन कुमार का निधन निजी विद्यालय जगत के लिए अपूरणीय क्षति: हजारीबाग पहुंचे पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे

 

निजी विद्यालयों के अधिकारों और शैक्षिक सुधारों के लिए समर्पित था विपिन कुमार का जीवन, संगठन ने अधूरे कार्यों को पूरा करने का लिया संकल्प

संवाददाता, हजारीबाग/रांची:

पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) के पूर्व जिला अध्यक्ष तथा आईजीएम पब्लिक स्कूल के निदेशक व प्रख्यात शिक्षाविद विपिन कुमार के आकस्मिक निधन पर संपूर्ण शैक्षणिक जगत और पासवा परिवार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। 6 जुलाई को हुए उनके निधन के उपरांत, शुक्रवार को पासवा का एक उच्च स्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल हजारीबाग स्थित उनके आवासीय परिसर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत शिक्षाविद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

PASWA-National-President-Alok-Kumar-Dubey-paying-tribute-to-educationist-Vipin-Kumar-in-Hazaribag.

निजी विद्यालयों के अधिकारों की सशक्त आवाज

​इस शोक सभा के दौरान पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने दिवंगत आत्मा को नमन करते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विपिन कुमार निजी विद्यालयों के एक अत्यंत सशक्त और दूरदर्शी रहनुमा थे। उन्होंने दशकों तक निजी शिक्षण संस्थानों के विधिक अधिकारों, संकाय सदस्यों व शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और बुनियादी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत मुद्दों को हर प्रशासनिक व सामाजिक मंच पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ उठाया। उनका लंबा वैचारिक संघर्ष, अद्वितीय समर्पण और कुशल नेतृत्व निजी विद्यालय आंदोलन के इतिहास में सदैव एक प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाएगा।

​नीतिगत निर्णयों में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

​राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनके सांगठनिक योगदानों का स्मरण करते हुए बताया कि विपिन कुमार कई महत्वपूर्ण अवसरों पर पासवा के केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के मुख्य सदस्य के रूप में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और तत्कालीन शिक्षा मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ताओं में शामिल रहे। उन्होंने झारखंड में निजी विद्यालयों की जटिल विधिक समस्याओं, भूमि विवादों और मान्यता संबंधी मांगों को सरकार के समक्ष अत्यंत प्रभावी और तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत किया था। शिक्षा के सार्वभौमीकरण के प्रति उनकी निष्ठा और संगठन के प्रति अटूट समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा।

​अधूरे सांगठनिक लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प

​आलोक कुमार दूबे ने आगे कहा कि विपिन कुमार का असामयिक अवसान निजी विद्यालय परिवार के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में असंभव है। पासवा संगठन उनके अधूरे सपनों, योजनाओं और सांगठनिक कार्यों को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करता रहेगा। निजी विद्यालयों के हितों और छात्र कल्याण की लड़ाई को उसी गति और मजबूती के साथ आगे बढ़ाना ही उनके प्रति संगठन की वास्तविक और सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

​इस अवसर पर पासवा के उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि विपिन कुमार का संपूर्ण जीवन शिक्षा के लोकव्यापीकरण, सांगठनिक सुदृढ़ीकरण और निस्वार्थ समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने निजी विद्यालयों की समस्याओं के त्वरित वैज्ञानिक समाधान के लिए हमेशा अग्रणी और निर्णायक भूमिका निभाई। उनका निधन पूरे शिक्षा जगत के लिए एक बड़ा आघात है।

​शोक व्यक्त करने वाले गणमान्य सदस्य

​श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे, उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव, हजारीबाग के जिला अध्यक्ष मींकू प्रसाद, मेघाली सेन गुप्ता और उमेश प्रसाद मेहता सहित संगठन के कई अन्य जिला व प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी और स्थानीय शिक्षाविद उपस्थित थे। सभी ने शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने के लिए ईश्वर से शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

  • समाचार का स्रोत (Source): पासवा (PASWA) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा निशार खान और हजारीबाग ब्यूरो रिपोर्ट।
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