खान एवं खनिज संशोधन विधेयक को कांग्रेस मानती है 'काला कानून': लाल किशोर नाथ शाहदेव बोले— 'झारखंड के राजस्व पर केंद्र का प्रहार, राम मंदिर चंदे का सार्वजनिक हो हिसाब!'
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष पॉलिटिकल डेस्क): जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 तथा अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे की वित्तीय पारदर्शिता के मुद्दे पर एक संयुक्त प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता की अध्यक्षता जिला कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष सह जिला उपाध्यक्ष निसार खान ने की।
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| Congress leader Lal Kishore Nath Shahdeo addressing press conference at KB Ashram in Hazaribagh |
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव सह प्रदेश मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया खनिज संशोधन विधेयक संघीय ढांचे पर सीधा कुठाराघात है और कांग्रेस इसे पूरी तरह 'काला कानून' मानती है।
प्रेसवार्ता के मुख्य बिंदु एवं गंभीर आरोप:
- झारखंड के 14 हजार करोड़ के राजस्व पर प्रहार: लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड में लगभग 15 लाख एकड़ भूमि पर कोयला और लौह अयस्क का खनन होता है, जिससे राज्य की जनता विस्थापन, गंभीर प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझती है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के 2024 के ऐतिहासिक फैसले के बाद राज्य सरकार ने सेस विधेयक तैयार किया था, जिससे वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग ₹14,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व जुटाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और 'मंईयां सम्मान योजना' जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाने की योजना थी। केंद्र के संशोधन से यह राजस्व रुक जाएगा।
- बकाए और वित्तीय नुकसान की मार: उन्होंने बताया कि केंद्र की नीतियों के कारण जीएसटी क्षतिपूर्ति में ₹4,000 करोड़ और बीबीजी रामजी योजना से ₹8,000 करोड़ का नुकसान होगा। वहीं पहले से लंबित ₹1.36 लाख करोड़ के रॉयल्टी बकाए पर भी ग्रहण लग सकता है।
- श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चंदे में पारदर्शिता की मांग: उन्होंने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। हालिया विवादों और जांच के मद्देनजर कांग्रेस मांग करती है कि मंदिर निर्माण और चंदे के पाई-पाई का निष्पक्ष लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए तथा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो।
आंदोलन की रूपरेखा:
- 7 सितंबर 2026: एमएमडीआर संशोधन और चंदा पारदर्शिता के मुद्दे पर रांची स्थित लोकभवन के समक्ष विशाल राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन।
- 9 से 16 सितंबर 2026: हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
उपस्थिति: इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, कटकमसांडी प्रखंड अध्यक्ष नरसिंह प्रजापति तथा बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरेश प्रसाद दांगी उपस्थित रहे।

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