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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Sonam Wangchuk Letter to Union Ministers Nadda and Jitendra Singh: Fast Condition

 

​सोनम वांगचुक का केंद्रीय मंत्रियों नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र: बोले—'प्रदर्शनकारी छात्रों पर न हो कानूनी कार्रवाई, तभी तोडूंगा अनशन'

नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है।

Sonam Wangchuk का बड़ा कदम: Nadda और Jitendra Singh को लिखा पत्र, अनशन तोड़ने के लिए रखी यह शर्त!

​अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनशन समाप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते सरकार आंदोलन में शामिल युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित और स्पष्ट आश्वासन दे।

​अस्पताल में मुलाकात और अनशन समाप्त करने की अपील

​सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में पिछली रात अस्पताल पहुंचे दोनों केंद्रीय मंत्रियों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि मंत्रियों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।

​बातचीत के दौरान मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों का उल्लेख करते हुए वांगचुक ने लिखा:

  • पीड़ित परिवारों को मुआवजा: परीक्षा पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी।
  • संसद में जवाबदेही और चर्चा: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सहित पूरे मामले की जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा कराई जाएगी।

​"65 से अधिक सांसदों ने की अनशन तोड़ने की अपील"

​पत्र में सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों के दौरे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 से अधिक सांसदों ने उनसे संपर्क कर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है।

​उन्होंने लिखा, "मैं जीवित रहना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और अपने सामाजिक कार्यों के बीच लौटना चाहता हूं। लेकिन मैं उन युवाओं की बलि देकर ऐसा नहीं कर सकता, जिनके अधिकारों के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।"

​सरकार के समक्ष रखी मुख्य शर्त

​सोनम वांगचुक ने सरकार से स्पष्ट आश्वासन मांगा है कि 20 जुलाई 2026 को आयोजित शांतिपूर्ण 'चलो संसद' मार्च या इस आंदोलन में हिस्सा लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई या मुकदमे दर्ज न किए जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं का एकमात्र अपराध एक निष्पक्ष और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली के लिए अपनी आवाज उठाना था।

​उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है, तो वे अपना अनशन अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने को मजबूर होंगे।

और पढ़ें: Chhatrasal Stadium Detention Centre: Rahul Gandhi's Video Message to Students on NEET & Education System

हजारीबाग में बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट: नगर भवन में शांति समिति की बैठक, हेल्प लाइन नंबर जारी

 हजारीबाग में बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट: नगर भवन में शांति समिति की बैठक, हेल्प लाइन नंबर जारी

उपायुक्त हेमंत सती और एसपी अमन कुमार ने दिए कड़े निर्देश; उपद्रवियों पर धारा 126 के तहत नोटिस, संवेदनशील इलाकों में होगा फ्लैग मार्च।

हजारीबाग: ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व 2026 के अवसर पर जिले में विधि व्यवस्था, आपसी भाईचारा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में नगर भवन, हजारीबाग में उपायुक्त (DC)  हेमन्त सती की अध्यक्षता में शांति समिति एवं विधि व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार, उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता, एसडीएम (SDM) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, दंडाधिकारी और केंद्रीय शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।

Town Hall Hazaribagh,

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि क्षेत्र में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले संदिग्ध एवं अराजक तत्वों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्ध धारा 126 के तहत नोटिस जारी करें। इसके साथ ही सभी थाना क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर समन्वय बनाने को कहा गया।

कुर्बानी के अवशेषों का व्यवस्थित निष्पादन और 24x7 इमरजेंसी सेवाएं

उपायुक्त ने त्योहार के मद्देनजर बुनियादी सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए:

अवशेषों का निष्पादन: बकरीद पर्व के दौरान होने वाली कुर्बानी को देखते हुए पशुओं के अवशेषों का व्यवस्थित और साफ-सुथरे तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि गंदगी न फैले।

24x7 अलर्ट: किसी भी आकस्मिक दुर्घटना से निबटने के लिए जिले के अस्पतालों और अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) वाहनों को 24 घंटे क्रियाशील रखने को कहा गया है।

पेयजल व ट्रैफिक: भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और त्योहार के दौरान सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने हेतु आम सूचना जारी करने का निर्देश दिया गया।

विशेष नजर: उपायुक्त ने विशेष रूप से विष्णुगढ़, ईचाक, बरही, बड़कागांव एवं टाटीझरिया क्षेत्रों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

आपात स्थिति के लिए जिला नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) के नंबर जारी

प्रशासन ने आम जनता से किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या आपात स्थिति की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुंचाने की अपील की है। इसके लिए जिला नियंत्रण कक्ष को एक्टिव करते हुए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:

कंट्रोल रूम दूरभाष संख्या: 06546-265233, 8002529349

पुलिस आपातकालीन सहायता: 112

सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर, थानों में होगा फ्लैग मार्च: एसपी

बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार ने पुलिस महकमे को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था संधारण के लिए सभी दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया का उपयोग बेहद सावधानी और जिम्मेदारी से करें। किसी भी भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली या आपत्तिजनक पोस्ट को शेयर करने से बचें। यदि कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। बैठक के अंत में शांति समिति के सदस्यों से महत्वपूर्ण सुझाव लिए गए और जिलेवासियों से शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने की अपील की गई।

शीर्षक: त्योहारों में प्रशासनिक मुस्तैदी और नागरिक जिम्मेदारी

ईद-उल-अज़हा (बकरीद) जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के अवसर पर हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा समय रहते शांति समिति की बैठक करना और सुरक्षा के कड़े ब्लूप्रिंट तैयार करना एक परिपक्व प्रशासनिक व्यवस्था को दर्शाता है। संवेदनशील इलाकों जैसे बरही, बड़कागांव और विष्णुगढ़ में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और अराजक तत्वों पर धारा 126 के तहत कार्रवाई का निर्देश सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को जाहिर करता है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर निगरानी और हेल्पलाइन नंबरों को जारी करना अफवाहों को फैलने से रोकने में सबसे कारगर हथियार साबित हो सकता है। हालांकि, किसी भी पर्व की वास्तविक सफलता प्रशासनिक मुस्तैदी से कहीं अधिक आम नागरिकों की जिम्मेदारी और आपसी सौहार्द पर टिकी होती है। जब समाज का हर वर्ग मिलकर त्योहारों की पवित्रता और शांति बनाए रखने में सहयोग करेगा, तभी जिला प्रशासन की यह कवायद धरातल पर पूरी तरह सफल साबित होगी।

21वीं सदी भारत की होगी": 2047 तक $1 ट्रिलियन तक पहुंचेगी देश की बायो-इकोनॉमी, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का बड़ा दावा

21वीं सदी भारत की होगी": 2047 तक $1 ट्रिलियन तक पहुंचेगी देश की बायो-इकोनॉमी, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का बड़ा दावा

IIT रुड़की में बोले डॉ. जितेंद्र सिंह- जीन से लेकर क्यूबिट और गहरे समुद्र से अंतरिक्ष तक तकनीक में परचम लहरा रहा है भारत।


नई दिल्ली/रुड़की: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक बार फिर दोहराया है कि 21वीं सदी पूरी तरह से भारत की होने वाली है। IIT रुड़की में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने देश की बढ़ती आर्थिक और तकनीकी शक्ति का खाका पेश किया। मंत्री ने विशेष रूप से जैव-अर्थव्यवस्था (Bio-Economy) पर जोर देते हुए भविष्यवाणी की कि वर्ष 2047 तक भारत की बायो-इकोनॉमी 1 ट्रिलियन डॉलर के विशाल आंकड़े को छू लेगी।
Bio-Economy par Vishesh antrasriye sammelan

तकनीकी क्षमता: जीन से लेकर क्यूबिट तक


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत आज केवल उपभोगता नहीं, बल्कि नवाचार का केंद्र बन चुका है। उन्होंने भारत की 'फुल-स्पेक्ट्रम' तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि हम जीन (Biotechnology) से लेकर क्यूबिट (Quantum Computing) तक अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। भारत की पहुंच आज समुद्र की गहराइयों (Deep Ocean Mission) से लेकर अंतरिक्ष की ऊंचाइयों (Outer Space) तक है।

BioE3 नीति: अर्थव्यवस्था और पर्यावरण का संगम


सरकार की दूरदर्शी नीतियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने BioE3 नीति (Biotechnology for Economy, Environment, and Employment) पर प्रकाश डाला। 2024 में स्वीकृत इस नीति का उद्देश्य है:

अर्थव्यवस्था (Economy): जैव-आधारित विनिर्माण को बढ़ावा देकर जीडीपी में योगदान देना।

पर्यावरण (Environment): कार्बन उत्सर्जन कम करना और टिकाऊ समाधान खोजना।

रोजगार (Employment): बायोटेक क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना।

उन्होंने बताया कि यह नीति 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करेगी।

निष्कर्ष

डॉ. सिंह के अनुसार, भारत की यह प्रगति वैश्विक स्तर पर देश की नई पहचान बना रही है। उच्च तकनीक और नवाचार के मेल से भारत न केवल अपनी समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि दुनिया को भी नई दिशा दिखा रहा है।

हजारीबाग: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राशन दुकान की आड़ में चल रहे अवैध शराब के धंधे का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

हजारीबाग: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राशन दुकान की आड़ में चल रहे अवैध शराब के धंधे का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

हजारीबाग: झारखंड में अवैध नशा और शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हजारीबाग पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दारू थाना क्षेत्र के ग्राम पुनाईटांड़ में संचालित एक राशन दुकान की आड़ में चल रहे अवैध शराब के कारोबार का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब जब्त की गई है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

"पुलिस रेड"
गुप्त सूचना पर त्वरित एक्शन

मिली जानकारी के अनुसार, हजारीबाग पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि पुनाईटांड़ स्थित 'रौशन जनरल स्टोर' में अवैध रूप से शराब की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के आदेश पर तत्काल एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने 22 अप्रैल 2026 को त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकान पर धावा बोला।

press vigyapti
भारी मात्रा में शराब बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दुकान की तलाशी ली, जहाँ से विभिन्न नामी कंपनियों की विदेशी शराब बरामद हुई। जब्त किए गए सामानों की सूची निम्नलिखित है:

  • गॉड फादर बीयर (500 ML): 05 पीस

  • रॉयल चैलेंज (375 ML): 06 पीस

  • 8 PM प्रीमियम ब्लैक: 06 पीस (375 ML) और 12 पीस (180 ML)

  • स्टर्लिंग रिजर्व B7: 05 पीस (375 ML) और 12 पीस (180 ML)

  • आइकॉनिक व्हाइट: 06 पीस (375 ML) और 12 पीस (180 ML)

  • मैकडॉवेल्स (180 ML): 11 पीस

आरोपी गिरफ्तार, कानूनी कार्रवाई शुरू

मौके से पुलिस ने दुकान संचालक रौशन कुमार (पिता: रूपलाल महतो) को गिरफ्तार किया है। इस संदर्भ में दारू थाना में कांड संख्या 0-28/26 दर्ज की गई है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 272/292 और उत्पाद अधिनियम की धारा 47(a) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में दारू थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन, सहायक अवर निरीक्षक फुलजेम्स खाखा, हवलदार मोतीलाल महतो, आरक्षी रविन्द्र नारायण देव और चालक सकील अंसारी मुख्य रूप से शामिल थे।

हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार के अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाइयां और तेज की जाएंगी।

 

सांसद मनीष जायसवाल ने जगदीशपुर-इचाक पथ का किया शिलान्यास, दो लोकसभा क्षेत्रों के लाखों ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत

सांसद मनीष जायसवाल ने जगदीशपुर-इचाक पथ का किया शिलान्यास, दो लोकसभा क्षेत्रों के लाखों ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत

सदर/ इचाक: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने मंगलवार को क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए सदर प्रखंड के जगदीशपुर बीटी रोड से सिवाने नदी होते हुए इचाक प्रखंड के इचाक बीटी रोड को जोड़ने वाले अत्यंत महत्वपूर्ण पथ का विधिवत शिलान्यास किया। यह मार्ग हजारीबाग लोकसभा के सदर विधानसभा और कोडरमा लोकसभा के बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेगा। इस अवसर पर जगदीशपुर पहुंचे सांसद मनीष जायसवाल का ग्रामीणों ने ढोल-ताशों, फूल-मालाओं और जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति में नारियल फोड़कर और शिलापट्ट का अनावरण कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी ।

Sansad manish jaisawal 

डीएमएफटी मद से करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 1700 मीटर लंबा पीसीसी पथ आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें जल निकासी के लिए 430 मीटर नाली, सुरक्षा हेतु 100 मीटर गार्डवाल और सुगम आवागमन के लिए आधा दर्जन से अधिक पुलिया का निर्माण भी शामिल है। शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि यह पथ निर्माण हजारीबाग सदर, इचाक और बरकट्ठा क्षेत्र के लगभग 50 से 60 गांवों के लिए लाइफलाइन साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बन जाने से न केवल सुदूरवर्ती गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने में आसानी होगी, बल्कि स्थानीय किसानों को अपनी उपज हाट-बाजारों तक ले जाने में भी बड़ी राहत मिलेगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को एक नई गति प्राप्त होगी।

उक्त अवसर पर विशेषरूप से सदर विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि किशोरी राणा, सदर पूर्वी सांसद प्रतिनिधि सह मुखिया कृष्णा मेहता, जिला योजना के सांसद प्रतिनिधि अनूप कुमार, सदर पूर्वी भाजपा मंडल अध्यक्ष अजीत कुशवाहा, भाजपा एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, कटकमसांडी पूर्वी सांसद प्रतिनिधि बीरेंद्र कुमार बीरू, इचाक सांसद प्रतिनिधि भागवत प्रसाद मेहता, इचाक के पूर्व मंडल अध्यक्ष गौतम नारायण सिंह, सुभाष सोनी, भाजपा कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार, सीताराम प्रसाद, श्यामलाल महतो, धर्मेंद्र कुमार, गौतम वर्मा, उमेश मेहता, बिरजू मेहता, चरकू मेहता, बबलू मेहता, सरोज सिंह। गौतम कुमार, दशरथ कुमार, पंकज मेहता, मनोज मेहता, मनोज सिंह, सुधीर मेहता, पंकज कुमार, अजय मेहता, गौतम मेहता, बलराम मेहता, विनोद राणा, राजकुमार मेहता, भीखन महतो, नारायण प्रसाद, द्वारिका प्रसाद, मनोज मेहता, सकलदीप, सुनील कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य सैकड़ो लोग मौजूद रहें ।

भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली ने दी सहमति पर हजारीबाग जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में बढ़े 102 नए मतदान केंद्र

भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली ने दी सहमति पर हजारीबाग जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में बढ़े 102 नए मतदान केंद्र

हजारीबाग: मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदान केंद्रों के पुनर्गठन के प्रस्ताव पर भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली से प्राप्त स्वीकृति के आलोक में जिले के चार प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों बरकट्टा, बरही, माण्डू और हजारीबाग में कुल 102 नए मतदान केंद्रों के गठन को मंजूरी दी गई है। इस वृद्धि के बाद जिले में कुल मतदान केंद्रों की संख्या अब 1866 से बढ़कर 1968 हो गई है।

Pratikatmak chitra 

क्षेत्रवार विवरण के अनुसार, 25-हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 43 नए केंद्र जोड़े गए हैं, जिससे यहाँ केंद्रों की कुल संख्या 529 हो गई है। इसी प्रकार, 20-बरकट्टा में 25 नए केंद्रों के साथ अब कुल 495 केंद्र, 21-बरही में 21 नए केंद्रों के साथ कुल 421 केंद्र और 24-माण्डू में 13 नए केंद्रों के साथ अब कुल 523 मतदान केंद्र संचालित होंगे। 

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे आयोग द्वारा अनुमोदित इन नए मतदान केंद्रों के डेटा को तत्काल कंट्रोल टेबल में अपडेट करना सुनिश्चित करें। साथ ही, आम जनता की सुविधा और पारदर्शिता के लिए इन बदलावों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगामी चुनावों में मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

दारू मंडल के पेटो में गूंजा संगठन शक्ति का नारा, कार्यकर्ताओं ने मनाया 46वां जन्मदिवस

दारू मंडल के पेटो में गूंजा संगठन शक्ति का नारा, कार्यकर्ताओं ने मनाया 46वां जन्मदिवस

संकल्प सभा: पेटो शिव मंदिर प्रांगण में जुटे दिग्गज, भाजपा के गौरवशाली इतिहास और विकास की कार्यशैली पर हुई चर्चा।

स्थापना दिवस पर विशेष आयोजन

हजारीबाग/दारू : जिले के दारू मंडल अंतर्गत ग्राम पेटो स्थित शिव मंदिर प्रांगण में भारतीय जनता पार्टी का 46वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष अशोक कुशवाहा ने की, जबकि मंच संचालन महामंत्री इंद्रदेव कुशवाहा द्वारा किया गया।

भाजपा स्थापना दिवस समारोह दारू मंडल हजारीबाग 2026

इतिहास और कार्यशैली पर चर्चा

समारोह के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सांसद प्रतिनिधि बलदेव बाबू ने भाजपा के स्थापना काल से लेकर वर्तमान तक के सफर और पार्टी के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे एक छोटे संगठन से निकलकर भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। वहीं, मंडल अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए भारी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। प्रमुख रूप से

पदाधिकारी: महामंत्री संजय कुशवाहा, उपाध्यक्ष शत्रुंजय प्रसाद, युवा मोर्चा अध्यक्ष विकास कुमार।

प्रमुख कार्यकर्ता: राजेन्द्र राम, मोहन प्रसाद कुशवाहा, धनपत कुशवाहा, नागेश्वर महतो, सीता राम, राजेश प्रसाद, सुदामा महतो, योगेन्द्र प्रसाद, बैजनाथ महतो, मनोहर प्रसाद, प्रकाश देव, खगेश्वर प्रसाद और नरेश प्रसाद समेत सैकड़ों समर्थक उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में कार्यकर्ताओं ने पार्टी की मजबूती के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक (न्यूज प्रहरी).

हजारीबाग कुसुम्बा कांड: पुलिस की थ्योरी या 'साहित्यिक रचना'? DGP की प्रेस विज्ञप्ति पर उठे 10 तीखे सवाल

हजारीबाग कुसुम्बा कांड: पुलिस की थ्योरी या 'साहित्यिक रचना'? DGP की प्रेस विज्ञप्ति पर उठे 10 तीखे सवाल

क्या मासूम की रूह को इंसाफ मिलेगा? FIR के सूचक को ही अभियुक्त बनाने से लेकर 'प्री-मैच्योर बलि' के दावों तक, झारखंड पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हुए गंभीर सवाल।

हजारीबाग: जिले विष्णुगढ़ स्थित कुसुम्बा में हुई मासूम की नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन, 1 अप्रैल 2026 की मध्य रात्रि को पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति ने न्याय की उम्मीदों पर कई सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस विज्ञप्ति को 'साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन' के बजाय एक 'साहित्यिक कहानी' करार दिया जा रहा है।

purva vidhayak amba prasad ranchi me press Conference karte huey 

जांच रिपोर्ट की 5 बड़ी विसंगतियां:

सूचक ही हत्यारिन? पुलिस के अनुसार मृतका की मां रेशमी देवी ही हत्यारिन है और वही FIR की सूचक भी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सूचक ही अभियुक्त बन जाए, तो कोर्ट में केस को साबित करना लगभग असंभव होगा।

पंचांग और समय का फेर: विज्ञप्ति में अष्टमी की रात बलि की बात कही गई है, जबकि पंचांग के अनुसार हत्या की रात (24-25 मार्च) सप्तमी थी। क्या पुलिस ने कहानी बुनते समय तिथियों का मिलान भी नहीं किया?

भीम राम का रहस्य: आरोपी भीम राम का राजनीतिक संबंध और उसकी संलिप्तता की कहानी गले नहीं उतरती। कोई राह चलता व्यक्ति सिर्फ बुलाने पर गला घोंटने और सिर फोड़ने को कैसे तैयार हो सकता है?

SOP और फॉरेंसिक की अनदेखी: घटनास्थल को 9 दिनों तक असुरक्षित छोड़ना, फॉरेंसिक टीम की देरी और बिना DNA रिपोर्ट के बलात्कार की संभावना को नकारना, पॉक्सो (POCSO) इन्वेस्टिगेशन के नियमों की धज्जियां उड़ाने जैसा है।

सुरक्षा या घेराबंदी? मृतका के परिजनों को सुरक्षा के नाम पर पुलिस घेरे में रखना, कहीं सच को मीडिया से छिपाने की कोशिश तो नहीं?

"इस अनुसंधान के जरिए बच्ची की दोबारा हत्या हुई है। यह पुलिसिया थ्योरी ट्रायल में टिक नहीं पाएगी और असली गुनहगार बच निकलेंगे। इसीलिए हम CBI जांच की मांग करते हैं।"

निष्कर्ष

संविधान के तीनों स्तंभों—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—की गरिमा इस केस के सटीक अनुसंधान पर टिकी है। यदि पुलिस की यह 'चंदा मामा' वाली कहानी सच की कसौटी पर फेल होती है, तो यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह न्याय की मशाल जलाए रखे।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक (न्यूज़ प्रहरी)

हजारीबाग रामनवमी के गिरते स्वरूप पर कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह चिंतित: नशा-मुक्त और अनुशासित उत्सव की अपील

हजारीबाग रामनवमी के गिरते स्वरूप पर कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह चिंतित: नशा-मुक्त और अनुशासित उत्सव की अपील

हजारीबाग:

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुन्ना सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हजारीबाग की विश्वविख्यात रामनवमी के दौरान हुई हालिया घटनाओं और समाज में बढ़ती नशाखोरी पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने उत्सव की गरिमा बचाए रखने और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए।
Press Conference karte Munna Singh.

खबर के मुख्य बिंदु:

विष्णुगढ़ मामले में पुलिस की सराहना:

मुन्ना सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे विष्णुगढ़ हत्याकांड मामले में पुलिस की जांच से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि जो आरोपी पकड़े गए हैं, वे सही दोषी हैं और पुलिस ने बिना किसी बनावट (Fabrication) के निष्पक्ष कार्य किया है।

रामनवमी का राजनीतिकरण और डीजे पर प्रहार:

उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग (लगभग 2-3%) अपने निजी राजनीतिक स्वार्थ और बदला लेने की भावना के लिए रामनवमी के स्वरूप को बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि "डीजे बजाने से कोई हिंदू नहीं होता।" झांकियों में शोर-शराबे के बजाय हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और रामचरितमानस का पाठ होना चाहिए।

नशा-मुक्त रामनवमी की वकालत:

मुन्ना सिंह ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि हजारीबाग को 'नशा-मुक्त रामनवमी' की ओर ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं को बर्बाद कर रहा है और उत्सव के दौरान अनुशासनहीनता का मुख्य कारण है।

अनुशासित झांकियों की प्रशंसा:

उन्होंने 'अर्श गुरुकुल कन्या' और 'सनराइज ग्रुप' जैसी झांकियों का उदाहरण देते हुए उनकी अनुशासन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रामनवमी ऐसी ही होनी चाहिए जो समाज को संस्कार दे।

बड़ा बाजार और सुरक्षा व्यवस्था:

शहर की अन्य घटनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बड़ा बाजार मामले में थाना स्तर पर अपराधियों को चिन्हित करने का काम चल रहा है। उन्होंने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि हजारीबाग की पुरानी आध्यात्मिक पहचान बनी रहे।


Naresh Soni Editor in Chief, NEWS PRAHARI.

विधायक प्रदीप प्रसाद ने शहर की सूरत बदलने का खींचा खाका, नगर आयुक्त को दिए व्यवस्था सुधार के कड़े निर्देश

विधायक प्रदीप प्रसाद ने शहर की सूरत बदलने का खींचा खाका, नगर आयुक्त को दिए व्यवस्था सुधार के कड़े निर्देश

हजारीबाग: शहरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित और जनोपयोगी बनाने के संकल्प के साथ विधायक प्रदीप प्रसाद ने शनिवार को नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता से भेंट कर जनहित से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विमर्श किया। इस उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान विधायक ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि शहर का विकास तभी सार्थक है जब वह सर्वसमावेशी हो। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि फुटपाथ दुकानदारों की आजीविका को संरक्षित करते हुए उनके लिए ऐसी सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार की जाए जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में कोई अवरोध उत्पन्न न हो और दुकानदारों का सम्मान भी बना रहे। नागरिक सुविधाओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए उन्होंने डेली मार्केट स्थित सार्वजनिक शौचालय को अविलंब निःशुल्क करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि आम जन को बुनियादी सुविधाएं बिना किसी आर्थिक बोझ के उपलब्ध हो सकें।


शहर की स्वच्छता और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर विधायक ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में होने वाले जलजमाव की चिरलंबित समस्या का स्थायी समाधान समयबद्ध तरीके से निकाला जाए। उन्होंने कूद रेलवे स्टेशन के समीप मैला टाँड में कचरा संग्रहण की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए स्वच्छता प्रबंधन को और अधिक वैज्ञानिक एवं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। विधायक की दृष्टि केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने डेली मार्केट को आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस 'स्मार्ट मार्केट' के रूप में विकसित करने का एक महत्वाकांक्षी विजन भी प्रशासन के समक्ष रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कालीबाड़ी में निर्मित भवन को शीघ्र क्रियाशील किया जाए ताकि सब्जी उत्पादक किसानों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाने का मंच मिल सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।


प्रशासनिक बैठक के उपरांत विधायक प्रदीप प्रसाद ने धरातल पर उतरकर सीधे फुटपाथ दुकानदारों से संवाद स्थापित किया


और उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा। दुकानदारों के बीच पहुँचकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहर के सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्था के नाम पर किसी भी निर्धन के हितों की बलि नहीं चढ़ने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि यातायात जाम से मुक्ति और स्वच्छ हजारीबाग का लक्ष्य केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर प्रभावी रूप से दृष्टिगोचर हो। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे इन सभी विकास कार्यों और प्रशासनिक कदमों की सतत निगरानी करेंगे ताकि हजारीबाग एक आदर्श नगर के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सके।

ज्ञान ज्योति पैरामेडिकल स्कूल के परीक्षा परिणाम में सफलता का परचम, विद्यार्थियों के कौशल ने गढ़ा प्रगति का नया सोपान

ज्ञान ज्योति पैरामेडिकल स्कूल के परीक्षा परिणाम में सफलता का परचम, विद्यार्थियों के कौशल ने गढ़ा प्रगति का नया सोपान


हजारीबाग: चिकित्सा और सेवा के क्षेत्र में समर्पित हजारीबाग के प्रतिष्ठित 'ज्ञान ज्योति पैरामेडिकल स्कूल' ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता को सिद्ध करते हुए पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणामों में अभूतपूर्व सफलता अर्जित की है। दिसंबर माह में आयोजित विभिन्न संकायों की परीक्षाओं के हालिया परिणामों ने संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत मार्गदर्शन पर मुहर लगा दी है। घोषित परिणामों के अनुसार, संस्थान का सामूहिक उत्तीर्ण प्रतिशत अत्यंत उत्साहजनक रहा है, जो विद्यार्थियों की कठोर साधना और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का प्रतिफल है।

​संस्थान में संचालित ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन, डिप्लोमा इन मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी (DMLT) और ड्रेसर जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। परिणामों के सूक्ष्म विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य सेवा के इन महत्वपूर्ण आयामों में विद्यार्थियों ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान, बल्कि प्रयोगात्मक दक्षता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सफलता के इस हर्षोल्लास के बीच आयोजित एक गरिमामयी समारोह में संस्थान के प्राचार्य डॉ. संजय ने उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य का आशीष देते हुए उन्हें मानवता की सेवा हेतु प्रेरित किया।

​इस अवसर पर संस्थान के निदेशक शंभू कुमार ने विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए दोहराया कि कॉलेज प्रबंधन गुणवत्तापूर्ण तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने हेतु पूर्णतः संकल्पित है। वहीं, सचिव  बिनय कुमार ने स्वास्थ्य क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक मांगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान दक्ष एवं कुशल मानव संसाधन तैयार करने के अपने पवित्र लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर है। विभागाध्यक्ष अनिता कुमारी ने संस्थान की भविष्यगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि विद्यार्थियों के कौशल संवर्धन, व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ये युवा स्वास्थ्य योद्धा समाज में स्वावलंबन के साथ अपनी पहचान स्थापित कर सकें। प्राकृतिक ऊर्जा और नवीन संकल्पों से सराबोर यह परीक्षा परिणाम न केवल संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि हजारीबाग के हेल्थकेयर सेक्टर के लिए भी एक शुभ संकेत है।

रामगढ़ की धरा पर सजेगा 101 बेटियों के सपनों का भव्य संसार, वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच सांसद मनीष जायसवाल निभाएंगे अभिभावक का धर्म


रामगढ़ की धरा पर सजेगा 101 बेटियों के सपनों का भव्य संसार,

वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच सांसद मनीष जायसवाल निभाएंगे अभिभावक का धर्म

हजारीबाग/रामगढ़

विकास के पथ पर अग्रसर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में अब सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं का एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाने वाला है। सांसद मनीष जायसवाल की अनूठी पहल 'सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026' के तहत आगामी 8 फरवरी को रामगढ़ का ऐतिहासिक सिद्धू-कान्हु मैदान एक ऐसे वैवाहिक महाकुंभ का साक्षी बनेगा, जहां अभावों के अंधेरे को चीरकर 101 बेटियों के जीवन में सुखद दांपत्य का सवेरा होगा। इस भव्य आयोजन में न केवल शहनाई की गूंज होगी, बल्कि प्रख्यात सांसद और गायक मनोज तिवारी के सुरों का जादू और कोलकाता के राघव पंडित के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण देवमय हो जाएगा।

​सांसद मनीष जायसवाल के 'वार्षिक सेवा कैलेंडर' का यह आयोजन मात्र एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के लिए एक संबल है। वर्ष 2023 में 25 जोड़ों से शुरू हुआ यह सेवा अनुष्ठान अब 101 जोड़ों के महापर्व में परिवर्तित हो चुका है। इस वर्ष के आयोजन की भव्यता किसी 'रॉयल वेडिंग' से कम नहीं होगी। 8 फरवरी की सुबह रामगढ़ की फिजाओं में जब मंगल गीतों की मिठास घुलेगी, तब सुबह 9 बजे एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिलेगा। 101 सजी-धजी गाड़ियों का काफिला जब दूल्हों को लेकर निकलेगा, तो उसकी अगुवाई स्वयं सांसद मनीष जायसवाल करेंगे। झारखंड की माटी की पहचान छऊ नृत्य, आर्ष कन्या गुरुकुल की विदुषियों की झांकियां, ढाक-ताशा की थाप और राज शेरा पार्टी का उल्लास इस बारात को अलोकिक बना देगा। रामगढ़ छावनी परिषद मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाली इस शोभायात्रा का 23 स्थानों पर भव्य स्वागत होगा, जहां मातृशक्ति तिलक लगाकर वर पक्ष का अभिनंदन करेंगी।

​विवाह स्थल पर प्रवेश के समय 'हे री सखी मंगल गाओ री' की गूंज और सांसद मनोज तिवारी के लोकगीतों के बीच जब वर-वधू एक-दूसरे के गले में जयमाला डालेंगे, तो वह दृश्य अद्भुत होगा। कोलकाता से पधारे राघव पंडित की टीम द्वारा संगीतमय मंत्रोच्चारण के बीच 101 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस आयोजन का सबसे भावुक क्षण वह होगा जब सांसद मनीष जायसवाल एक पिता और अभिभावक की भूमिका निभाते हुए 'बाबुल दे दो दुआ आज तो प्यार से' की धुन के बीच 101 बेटियों का कन्यादान करेंगे। इन कन्याओं में कई दिव्यांग बेटियां और एक राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी कोच सहित वे बेटियां भी शामिल हैं जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है। सांसद जायसवाल ने न केवल इनका घर बसाने का बीड़ा उठाया है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रत्येक नव-दंपति को आजीविका के साधन के रूप में एक-एक 'टोटो' (ई-रिक्शा) और गृहस्थी की संपूर्ण सामग्री उपहार स्वरूप भेंट करने का संकल्प लिया है।

​इस पुनीत कार्य में नव-दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए झारखंड के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार सहित समाज और राजनीति जगत की कई दिग्गज हस्तियां मंच पर उपस्थित रहेंगी। सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिकोण से जिला प्रशासन के साथ-साथ निजी सुरक्षाकर्मी और कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी से तैनात रहेंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने इस आयोजन को मानवीय सेवा का सर्वोच्च उदाहरण बताते हुए आम जनमानस से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और नव-दंपतियों के सुखी जीवन के लिए अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित करें। निश्चित रूप से, यह आयोजन आधुनिकता की चकाचौंध के बीच भारतीय संस्कृति, परोपकार और सामूहिक दायित्व बोध की एक नई इबारत लिखने जा रहा है।

संवीक्षा के चक्रव्यूह में फंसे कई दिग्गज, त्रुटिपूर्ण दस्तावेजों के कारण नामांकन निरस्त

संवीक्षा के चक्रव्यूह में फंसे कई दिग्गज, त्रुटिपूर्ण दस्तावेजों के कारण नामांकन निरस्त

हजारीबाग। नगर निगम चुनाव 2026 की चुनावी बिसात पर नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) ने कई प्रत्याशियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। समाहरणालय भवन स्थित सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, पार्षद पद हेतु दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच के उपरांत कई आवेदनों को तकनीकी एवं विधिक कमियों के आधार पर अस्वीकृत कर दिया गया है। निर्वाचन प्रक्रिया के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच की गई, जिसमें जाति प्रमाण पत्र की वैधता और संतान संबंधी विधिक घोषणा पत्र जैसे विषय प्रत्याशियों के लिए बाधक सिद्ध हुए।

​इस प्रक्रिया में सबसे अधिक प्रहार वार्ड 1, 17 और 30 पर पड़ा, जहाँ शाहीन परवीन, शमा परवीन और रजिया खातून के नामांकन पत्र अन्य राज्य (बिहार सरकार) द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र होने के कारण निरस्त कर दिए गए। निर्वाचन नियमावली की कठोरता यहीं समाप्त नहीं हुई; वार्ड 10 से मनोरमा देवी, वार्ड 21 से मोहम्मद अयातुल्लाह इरफान और वार्ड 24 से कंचन देवी को संतान संबंधी अनिवार्य घोषणा पत्र में विसंगति के कारण चुनावी रेस से बाहर होना पड़ा। इसके अतिरिक्त, वार्ड 4 के प्रत्याशी रामेश्वर कुशवाहा का नामांकन नगर पालिका देयता प्रमाण पत्र, मतदाता सूची की त्रुटिपूर्ण प्रति और बैंक पासबुक के सत्यापन के अभाव में निरस्त कर दिया गया।

​रोचक स्थिति वार्ड 32 और 35 में देखने को मिली, जहाँ प्रत्याशियों ने एक से अधिक नामांकन सेट जमा किए थे। वार्ड 32 से चंदन कुमार का एक सेट शुल्क और जाति प्रमाण पत्र की कमी से रद्द हुआ, किंतु दूसरा सेट वैध पाया गया। इसी प्रकार वार्ड 35 से खुशबू देवी का एक नामांकन पत्र आयु संबंधी विसंगति के कारण अस्वीकृत हुआ, जबकि दूसरी प्रति निर्वाचन हेतु स्वीकृत कर ली गई। प्रशासन की इस सघन जांच के बाद अब चुनावी रणक्षेत्र की तस्वीर स्पष्ट होने लगी है, जिससे योग्य उम्मीदवारों के बीच शक्ति प्रदर्शन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

हजारीबाग मेयर चुनाव: नामांकन के बाद प्रत्याशी टुन्नू गोप का बड़ा ऐलान, फुटपाथ दुकानदारों के लिए मल्टीलेवल मार्केट और स्वच्छ शहर बनाने का किया वादा

हजारीबाग मेयर चुनाव: नामांकन के बाद प्रत्याशी टुन्नू गोप का बड़ा ऐलान, फुटपाथ दुकानदारों के लिए मल्टीलेवल मार्केट और स्वच्छ शहर बनाने का किया वादा


हजारीबाग नगर निगम चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है और इसी क्रम में मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद प्रत्याशी टुन्नू गोप अपनी प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखा है। नामांकन के बाद समर्थकों के हुजूम और फूलों की माला से लदे टुन्नू गोप ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि भले ही निकाय चुनाव में किसी भी दल का आधिकारिक सिंबल इस्तेमाल नहीं हो रहा है लेकिन उन्हें संगठन और विचारधारा का पूरा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने स्वीकार किया कि संघ और भाजपा से जुड़े कई अन्य लोगों ने भी नामांकन किया है लेकिन उन्होंने विश्वास दिलाया कि स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद आपसी सहमति से एक मजबूत प्रत्याशी मैदान में रहेगा जो पार्टी के निर्णय का सम्मान करेगा।

शहर के विकास के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने हजारीबाग की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई और शहर को गंदगी मुक्त करना अपना पहला कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि जब वे दूसरे शहरों में जाते हैं तो वहां की सफाई देखकर अच्छा लगता है लेकिन अपने शहर की गंदगी और खुले नाले देखकर उन्हें पीड़ा होती है, इसलिए नालों को ढकवाना और कचरा प्रबंधन उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। इसके साथ ही उन्होंने शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम और फुटपाथ दुकानदारों की बदहाली को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है।

उन्होंने फुटपाथ दुकानदारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा बार-बार हटाए जाने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट आता है और सड़क किनारे दुकानें लगने से ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमरा जाती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने हजारीबाग में चार से पांच मंजिला एक भव्य मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने का वादा किया है जहां सभी फुटपाथ दुकानदारों को सम्मानजनक स्थान दिया जाएगा। उनका मानना है कि इससे न केवल गरीबों की आजीविका सुरक्षित होगी बल्कि सड़कें अतिक्रमण मुक्त होंगी और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में भी व्यापक सुधार आएगा। चुनाव की आगे की रणनीति पर उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया बाकी है जिसके बाद चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।


कटकमसांडी में शौडिक समाज का महाजुटान : विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा- आपसी संवाद और संस्कार ही सुदृढ़ समाज की नींव

कटकमसांडी में शौडिक समाज का महाजुटान : विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा- आपसी संवाद और संस्कार ही सुदृढ़ समाज की नींव


हजारीबाग/कटकमसांडी। हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड की सुरम्य वादियों में रविवार को शौडिक (सुंडी) समाज द्वारा आयोजित प्रखंड स्तरीय वनभोजन सह मिलन समारोह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम बन गया। इस भव्य आयोजन में हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस समारोह में विधायक ने स्वजातीय बंधुओं और स्थानीय नागरिकों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता के सूत्र में पिरोने और संगठन को वज्र जैसा कठोर बनाने में संजीवनी का कार्य करते हैं।

​विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने ओजस्वी संबोधन में प्रतिपादित किया कि किसी भी समाज की उन्नति की आधारशिला उसका आपसी भाईचारा और निरंतर संवाद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे मिलन समारोह हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और सुख-दुख साझा करने का एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। विधायक ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि ये आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों से अवगत कराने का माध्यम भी हैं। शौडिक समाज की एकजुटता की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित होता है, तो राष्ट्र निर्माण में उसकी भागीदारी और भी प्रबल हो जाती है।

​समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अशोक प्रसाद, जिला परिषद सदस्य कुमकुम देवी, जिला परिषद सदस्य संतोष मंडल और प्रख्यात समाजसेवी सनत मंडल ने भी अपने विचार रखे और समाज की इस पहल को अनुकरणीय बताया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सहभागिता और सहकार की भावना ही क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिकों, बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। वनभोजन के दौरान सभी ने एक पंगत में बैठकर सादगी और प्रेम के साथ भोजन ग्रहण किया जो सामाजिक समानता का परिचायक बना।

असम के रण में हेमंत सोरेन की हुंकार: 'सत्ताधीश राजनेता नहीं मुनाफाखोर व्यापारी हैं, मैं उनके गले की वह फांस हूं जिसे उगला नहीं जा सकता'

असम के रण में हेमंत सोरेन की हुंकार: 'सत्ताधीश राजनेता नहीं मुनाफाखोर व्यापारी हैं, मैं उनके गले की वह फांस हूं जिसे उगला नहीं जा सकता'



गुवाहाटी/रांची। असम में आयोजित विशाल आदिवासी महासभा में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र और असम की सत्ताधारी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा और आक्रामक प्रहार किया है। जनसमूह को संबोधित करते हुए सोरेन ने हुंकार भरी कि वर्तमान में जो लोग सत्ता के शीर्ष पर काबिज हैं, उनका चरित्र राजनीतिक नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से व्यापारिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग केवल लेना जानते हैं, जनता को कुछ देना इनकी फितरत में नहीं है। मुख्यमंत्री ने आदिवासी अस्मिता और स्वाभिमान का वास्ता देते हुए कहा कि हम उन महान पुरखों के वंशज हैं जो कभी झुकना नहीं जानते, बल्कि सत्ता की आंखों में आंखें डालकर बात करने का माद्दा रखते हैं।

​हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में विरोधियों को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि दमनकारी नीतियों के तहत उन्हें जेल में डाला गया, लेकिन वे यह भूल गए कि आदिवासी समाज का यह बेटा उनके गले की ऐसी हड्डी बन जाएगा, जिसे न तो निगला जा सकेगा और न ही उगला। उन्होंने कहा कि हम उस गौरवशाली परंपरा के सिपाही हैं, जहां संघर्ष की राह में ही मंजिल और ठहराव है। जेल की सलाखों से बाहर आने के बाद वे और अधिक मजबूती से उभरे हैं और आज दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मंच 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' में आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है।

​झारखंड मॉडल का उदाहरण पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर तथाकथित 'व्यापारी सरकारें' जनता का शोषण कर रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि आज झारखंड की 56 लाख माताएं-बहनें हर महीने 2500 रुपये की सम्मान राशि प्राप्त कर रही हैं। यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके स्वावलंबन और परिवार के भविष्य को संवारने का एक सशक्त माध्यम है। सोरेन ने आदिवासी समाज से एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि बिखराव से बचने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होना समय की सबसे बड़ी मांग है।

बजट को मुन्ना सिंह ने बताया 'छलावा', कहा- कॉरपोरेट पर मेहरबान और झारखंड के विकास पर कुठाराघात

बजट को मुन्ना सिंह ने बताया 'छलावा', कहा- कॉरपोरेट पर मेहरबान और झारखंड के विकास पर कुठाराघात

रांची। केंद्र सरकार द्वारा संसद के पटल पर रखे गए वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने सिरे से खारिज करते हुए इसे आंकड़ों की बाजीगरी करार दिया है। मुन्ना सिंह ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम आवाम की आशाओं पर तुषारापात है और जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वित्त मंत्री का लंबा-चौड़ा भाषण महज एक शब्दजाल साबित हुआ है जिसमें पारदर्शिता का घोर अभाव परिलक्षित होता है। मुन्ना सिंह के अनुसार देश का मध्यम वर्ग, किसान और मजदूर इस बजट से राहत की आस लगाए बैठे थे लेकिन सरकार ने उनकी झोली में केवल मायूसी डाली है।

मुन्ना सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुरसा की मुंह की तरह बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के दंश को झेल रहे युवाओं के लिए इस वित्तीय दस्तावेज में कोई भी ठोस रोडमैप नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी बहुल और पिछड़े राज्य झारखंड की उपेक्षा पर रोष जताते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य को कोई विशेष पैकेज न देना केंद्र के सौतेले व्यवहार को उजागर करता है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह से कॉरपोरेट घरानों के हितों को साधने वाला है जबकि इसमें गांव, गरीब और खेत-खलिहान की घोर उपेक्षा की गई है। उन्होंने इसे दिशाहीन और जनविरोधी दस्तावेज बताते हुए कहा कि सरकार ने वास्तविक बजटीय आवंटन को स्पष्ट करने के बजाय केवल लोकलुभावन घोषणाओं का झुनझुना थमाया है जिससे आम आदमी की आर्थिक रीढ़ और कमजोर होगी।


वैश्विक चुनौतियों को ठेंगा दिखा कुलांचे भर रही भारतीय अर्थव्यवस्था, बजट 2026 ने खींचा 10 फीसदी विकास दर का 'सुपर ब्लूप्रिंट'

वैश्विक चुनौतियों को ठेंगा दिखा कुलांचे भर रही भारतीय अर्थव्यवस्था, बजट 2026 ने खींचा 10 फीसदी विकास दर का 'सुपर ब्लूप्रिंट'




नई दिल्ली: संसद के पटल पर आज एक ऐसे सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर उभरी है जिसने तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अपनी आर्थिक संप्रभुता का लोहा मनवाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 के साथ जो वृहद आर्थिक रूपरेखा प्रस्तुत की है वह स्पष्ट संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था केवल चल नहीं रही है बल्कि दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। जहाँ दुनिया की बड़ी ताकतें मंदी और महंगाई के भंवर में फंसी हैं वहीं भारत ने 7.4 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान लगाकर यह साबित कर दिया है कि विकास का असली इंजन अब एशिया के इसी उपमहाद्वीप में धड़क रहा है।

वित्त मंत्री ने आंकड़ों के जरिए देश को आश्वस्त किया है कि आगामी वित्त वर्ष में नॉमिनल जीडीपी 10 प्रतिशत की दर से छलांग लगाएगी। यह बजट केवल बही-खाते का हिसाब नहीं है बल्कि 'विकसित भारत' के संकल्प की एक ठोस प्रतिज्ञा है। सेवा क्षेत्र 9.1 प्रतिशत की रफ़्तार से विस्तार करते हुए विकास का प्रमुख सारथी बना हुआ है। सबसे सुखद पहलू यह है कि भारतीय उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास 2012 के बाद अपने चरम पर है। निजी खपत व्यय जीडीपी का 61.5 प्रतिशत हो गया है जो यह दर्शाता है कि आम भारतीय की क्रय शक्ति बढ़ी है और घरेलू मांग ही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है। यूपीआई से लेकर हवाई और रेल यात्राओं तक के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि शहरी और ग्रामीण भारत दोनों में जबरदस्त आर्थिक हलचल है।

सरकार ने अपनी तिजोरी का मुंह बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूरी तरह खोल दिया है। प्रभावी पूंजीगत व्यय के लिए 17.15 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है जो जीडीपी का 4.4 प्रतिशत है। इसका सीधा अर्थ है कि देश में सड़कों, पुलों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ऐसा जाल बिछेगा जो रोजगार और तरक्की के नए द्वार खोलेगा। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने राजकोषीय अनुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए राजकोषीय घाटे को 4.3 प्रतिशत पर सीमित रखने और सरकारी कर्ज को घटाकर 55.6 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है जो वित्तीय समझदारी का परिचायक है।

सहकारी संघवाद की भावना को प्रबल करते हुए वित्त आयोग के माध्यम से राज्यों को 16.56 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने का प्रस्ताव है जिससे राज्य भी विकास की इस दौड़ में कदम से कदम मिलाकर चल सकें। वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर भी भारत ने अपनी धमक बरकरार रखी है। अनिश्चित शुल्क परिदृश्यों और अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंकाओं के बावजूद भारत का कुल निर्यात 825.3 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का 81 बिलियन डॉलर का आंकड़ा यह बताता है कि दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा भारत की विकास गाथा पर अटूट है। कुल मिलाकर यह बजट दस्तावेज भारत के आर्थिक उत्कर्ष का वह घोषणापत्र है जो आने वाले समय में विश्व पटल पर भारत की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ और अजेय बनाएगा।


पदमा में विकास की नब्ज टटोलने पहुंचे डीसी, 57 बच्चों पर एक शिक्षक देख जताई चिंता, पंचायत भवन के खर्च के ऑडिट का दिया सख्त फरमान

पदमा में विकास की नब्ज टटोलने पहुंचे डीसी, 57 बच्चों पर एक शिक्षक देख जताई चिंता, पंचायत भवन के खर्च के ऑडिट का दिया सख्त फरमान

हजारीबाग।

​प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से हजारीबाग के उपायुक्त




शशि प्रकाश सिंह ने शनिवार को पदमा प्रखंड का सघन दौरा किया। समाहरणालय की चहारदीवारी से निकलकर सुदूर ग्रामीण अंचलों में पहुंचे उपायुक्त का यह निरीक्षण महज औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने पंचायत से लेकर विद्यालय तक की व्यवस्था में कसावट लाने के लिए अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। बंदरबेला पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त का रुख बेहद सख्त नजर आया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सर्वोपरि है। पंचायत भवन के संचालन हेतु आवंटित सरकारी राशि के पाई-पाई का हिसाब मांगते हुए उन्होंने बीडीओ को व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने और अनिवार्य रूप से ऑडिट कराने का कड़ा निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में सीएससी केंद्र, जन्म-मृत्यु पंजी के संधारण और ग्राम सभा की कार्यवाही पंजियों का बारीकी से अवलोकन कर उन्होंने व्यवस्था को सुदृढ़ करने की हिदायत दी।

​ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली मनरेगा और आजीविका मिशन पर भी उपायुक्त की विशेष नजर रही। जेएसएलपीएस के तहत स्वयं सहायता समूहों (दीदी समूहों) के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने क्रेडिट लिंकेज के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र में उनकी सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, मनरेगा के तहत आम बागवानी योजना का जायजा लेते हुए उन्होंने मस्टर रोल की सत्यता जांची और डीपीएम को कार्यस्थल पर मौजूद सभी श्रमिकों के जॉब कार्ड उसी दिन कार्यालय में तलब करने का आदेश दिया, जो श्रम कानूनों के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।

​दौरे का सबसे संवेदनशील पहलू शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का उजागर होना रहा। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय दोनाई खुर्द के निरीक्षण में यह विडंबना सामने आई कि वहां नामांकित 57 नौनिहालों का भविष्य महज एक शिक्षक के भरोसे है। पठन-पाठन की इस दयनीय स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने सहायक शिक्षकों की पदस्थापना हेतु त्वरित विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। इसके अतिरिक्त बघरा नदी पर निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता परखने के बाद, उपायुक्त ने अधिकारियों को 'लकीर का फकीर' बनने के बजाय दूरगामी सोच अपनाने की नसीहत दी। उन्होंने पंचायतों के समग्र और समावेशी विकास के लिए आगामी पांच वर्षों का एक ठोस 'विजन डॉक्यूमेंट' और रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि विकास योजनाओं को धरातल पर मूर्त रूप दिया जा सके। इस औचक निरीक्षण के दौरान जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी समेत कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

हजारीबाग में सड़क सुरक्षा का महासंकल्प: 50 हजार से अधिक स्वरों में गूंजी जीवन रक्षा की प्रतिज्ञा

हजारीबाग में सड़क सुरक्षा का महासंकल्प: 50 हजार से अधिक स्वरों में गूंजी जीवन रक्षा की प्रतिज्ञा




हजारीबाग। सड़क दुर्घटनाओं के दंश से समाज को मुक्त कराने और सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को समूचा हजारीबाग जिला एक रंग में रंगा नजर आया। जिला सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित 'ओथ टेकिंग डे' (शपथ ग्रहण दिवस) पर एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक क्षण साक्षी बना, जब जिले भर के शैक्षणिक संस्थानों में 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों ने एक साथ, एक समय पर सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। यह आयोजन महज एक रस्म अदायगी नहीं, बल्कि अमूल्य मानव जीवन को बचाने के प्रति एक ठोस और सामूहिक प्रतिबद्धता का शंखनाद था।

जिला प्रशासन के दिशानिर्देश पर आयोजित इस व्यापक जन-जागरूकता अभियान का मूल ध्येय युवा पीढ़ी को एक जिम्मेदार और संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ता के रूप में गढ़ना है। शपथ ग्रहण समारोहों के दौरान वातावरण में सुरक्षा के प्रति गहरी गंभीरता परिलक्षित हुई। हजारों कंठों से एक स्वर में नि:सृत हुई इस प्रतिज्ञा में दोपहिया वाहन चलाते समय आईएसआई मार्क हेलमेट का अनिवार्य धारण, चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग सुनिश्चित करना और जानलेवा साबित होने वाली गति सीमा के उल्लंघन (ओवरस्पीडिंग) से पूरी तरह बचने का संकल्प दोहराया गया। प्रशासन का यह सार्थक प्रयास है कि यातायात नियमों का पालन पुलिस के भय से नहीं, बल्कि आत्मдисिप्लिन और नागरिक कर्तव्यबोध के साथ किया जाए।

इस वृहद अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु शहर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल रहा, जहाँ जिला परिवहन कार्यालय, मोटर यान कार्यालय और यातायात पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। यहाँ मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) श्री विजय गौतम ने नेतृत्व करते हुए प्रांगण में उपस्थित 2000 से अधिक उत्साहित विद्यार्थियों और संपूर्ण शिक्षक समुदाय को यातायात नियमों के अक्षरशः पालन की शपथ दिलाई। इस महत्वपूर्ण अवसर पर यातायात प्रभारी, सड़क सुरक्षा प्रबंधक, रोड इंजीनियर एनालिस्ट तथा आईटी सहायक सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से छात्रों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें सड़क सुरक्षा की अहमियत समझाई।

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