हजारीबाग में जंगलराज के खिलाफ फूटा जनआक्रोश - इंद्रपुरी हत्याकांड के विरोध में सड़कों पर उतरा हुजूम, मौन जुलूस निकाल मांगी फांसी
हजारीबाग। शहर के इंद्रपुरी चौक पर नववर्ष की रात हुई निर्मम हत्या के विरोध में अब जनता का सब्र जवाब दे गया है। पुलिस की पकड़ से दूर अपराधियों और न्याय में हो रही देरी के खिलाफ मंगलवार की शाम पूरा हजारीबाग उबल पड़ा। समाजसेवी और पूर्व सांसद प्रत्याशी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में इंद्रपुरी चौक से झंडा चौक तक एक विशाल कैंडल मार्च सह काला पट्टी मौन जुलूस निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियां और बांहों पर काली पट्टी बांधकर हजारों की संख्या में महिला-पुरुषों ने इस हत्याकांड के खिलाफ अपना मौन विरोध दर्ज कराया और प्रशासन को जगाने का प्रयास किया।
जुलूस में शामिल लोगों का आक्रोश देखते ही बन रहा था। 1 जनवरी की रात 10:30 बजे हुई इस नृशंस हत्या के बाद भी अब तक गिरफ्तारी न होने से लोगों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग थी कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए और पीड़ित पत्नी को तत्काल नौकरी मुहैया कराई जाए। इस जनआक्रोश रैली को शहर के हर वर्ग और हर प्रकोष्ठ का व्यापक समर्थन मिला। भारी भीड़ के साथ पीड़ित परिवार और अभिषेक कुमार ने एसडीएम और डीआईजी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने परिवार को आश्वस्त किया है कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे और जांच में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जो लोग अपराधियों को पनाह या मदद दे रहे हैं, उन्हें भी सह-अभियुक्त मानकर कड़ी सजा दी जाएगी।
मौके पर नेतृत्व कर रहे अभिषेक कुमार ने कानून व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हजारीबाग में अब जंगलराज जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि हमने आज मौन जुलूस निकाला है, लेकिन पुलिस को अब ठोस कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में किसी और परिवार के साथ ऐसा घिनौना कृत्य न हो। यह जनसमूह गवाह है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
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