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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग के आंगो थाना में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, डायल-112, डायन कुप्रथा और दहेज उन्मूलन पर ग्रामीणों को दी गई कानूनी जानकारी

हजारीबाग के आंगो थाना में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन। ग्रामीणों को डायल-112, डायन प्रथा उन्मूलन व दहेज रोधी कानूनों की जानकारी दी गई।
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आंगो थाना में पुलिस-पब्लिक संवाद: डायल-112 की उपयोगिता, डायन कुप्रथा और दहेज कानूनों को लेकर ग्रामीणों को किया गया जागरूक

नरेश सोनी, प्रधान संपादक

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार आंगो थाना परिसर में रविवार को आम ग्रामीण जनता के साथ आपसी परिचय एवं विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध लोगों को जागरूक करना और उन्हें आपातकालीन पुलिस सेवाओं से जोड़ना था।

Ango police station in Hazaribagh organizing public awareness program on Dial 112 and legal provisions with DLSA

डायल-112 की कार्यप्रणाली और उपयोग पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को राज्य सरकार की एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 'डायल-112' के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति—जैसे अपराध, दुर्घटना, आगजनी या चिकित्सीय आपातकाल—में डायल-112 पर कॉल करके त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है। ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे संकट के समय बिना किसी संकोच के इस नंबर का उपयोग करें।

डायन और दहेज कुप्रथा के खिलाफ सख्त कानूनों से कराया अवगत

थाना परिसर में आयोजित बैठक में समाज में फैली कुप्रथाओं के उन्मूलन पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीणों को डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए बताया गया कि किसी को डायन करार देकर प्रताड़ित करना कानूनन संगीन अपराध है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, दहेज प्रथा के खिलाफ बने कड़े कानूनों और महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा करते हुए सामाजिक स्तर पर इन बुराइयों के बहिष्कार की अपील की गई।

डीएलएसए ने दी निःशुल्क कानूनी सलाह

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के लीगल एडवाइजर भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं, विभिन्न दीवानी व फौजदारी कानूनों के प्रावधानों तथा विवादों के शांतिपूर्ण निपटारे के उपायों पर आवश्यक कानूनी सलाह और मार्गदर्शन प्रदान किया। बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने कानून का पालन करने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का संकल्प लिया।

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