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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh Khel Mahotsav 2026 to be held from 27 to 29 August: DC Hemant Sati

 

हजारीबाग खेल महोत्सव-2026: 27 से 29 अगस्त तक होगा प्रमंडल स्तरीय आयोजन, विजेताओं को मिलेगा नकद पुरस्कार

हजारीबाग: जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और स्थानीय खिलाड़ियों को बड़ा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आगामी 27, 28 एवं 29 अगस्त 2026 को प्रमंडल स्तरीय "हजारीबाग खेल महोत्सव" का भव्य आयोजन किया जाएगा।

Hazaribagh Sports News: 27 से 29 अगस्त तक होगा 'हजारीबाग खेल महोत्सव'! विजेताओं को मिलेगा नकद पुरस्कार।

​राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय खेल महोत्सव का निर्णय बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

​ओलंपिक संघ के तत्वावधान में होगा आयोजन; इन खेलों में दिखेगा दमखम

​उपायुक्त हेमंत सती द्वारा रखे गए खेल महोत्सव के प्रस्ताव का सभी खेल संघों के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। यह महोत्सव हजारीबाग जिला ओलंपिक संघ के तत्वावधान में आयोजित होगा, जिसमें जिले के सभी खेल संघ सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताएं:

महोत्सव के दौरान विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों और खिलाड़ियों के लिए निम्नलिखित खेलों का आयोजन किया जाएगा:

  • ​फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल
  • ​कराटे, शूटिंग, ताइक्वांडो
  • ​लॉन टेनिस, तीरंदाजी और एथलेटिक्स

​विजेताओं को नकद पुरस्कार और बेहतरीन सुविधाएं

​बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार (Cash Prize) एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

​उपायुक्त ने जिला खेल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रमंडल भर से आने वाले खिलाड़ियों के ठहरने, गुणवत्तापूर्ण भोजन, पेयजल तथा सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था समय पर पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सभी जिलों के उपायुक्तों को आमंत्रण भेजा जाएगा ताकि प्रमंडल स्तर पर खिलाड़ियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

​स्केटिंग रिंक और बास्केटबॉल कोर्ट की मरम्मत के निर्देश

​खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को शहर के स्केटिंग रिंक की तत्काल मरम्मत कराकर उसे उपयोग योग्य बनाने के निर्देश दिए। साथ ही बास्केटबॉल कोर्ट को भी शीघ्र दुरुस्त कराने की बात कही।

​बैठक में जिला खेल पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ एवं संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

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Hazaribagh Health News: सेवा के 10 बेमिसाल वर्ष! आरोग्यम अस्पताल ने आधुनिक चिकित्सा और मानवीय संवेदनाओं से लिखी सफलता की नई इबारत।

​🏥 हजारीबाग: स्वास्थ्य सेवा के 10 गौरवपूर्ण वर्ष; 'आरोग्यम अस्पताल' ने आधुनिक चिकित्सा और मानवीय संवेदनाओं से जीता जन-विश्वास

हजारीबाग: किसी भी स्वास्थ्य संस्थान की सफलता उसकी भव्य इमारतों या आधुनिक मशीनों से नहीं, बल्कि मरीजों के उस भरोसे से मापी जाती है, जिसे वह वर्षों की निस्वार्थ सेवा से अर्जित करता है। हजारीबाग का आरोग्यम अस्पताल इसी भरोसे का दूसरा नाम बनकर उभरा है। दस वर्ष पूर्व जिस सेवा-संकल्प के साथ इस संस्थान की नींव रखी गई थी, वह आज हजारीबाग और आसपास के जिलों के हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है।

The management team of Arogyam Hospital marking the completion of 10 years of dedicated healthcare services, reaffirming their commitment to public health. 

🩺 एक सपने की हकीकत: आत्मीयता के साथ आधुनिक चिकित्सा

​उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने के बाद समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाने वाले अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने जब आरोग्यम की स्थापना की थी, तब उनका उद्देश्य केवल एक स्वास्थ्य केंद्र खोलना नहीं था। उनका लक्ष्य था—एक ऐसा संस्थान बनाना, जहाँ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ हर मरीज को आत्मीयता और संवेदनशीलता का एहसास हो।

​पिछले एक दशक में यह सपना पूरी तरह साकार हुआ है। आज अस्पताल निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है:

  • सर्जिकल सेवाएं: जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी।
  • विशेषज्ञ विभाग: महिला एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, हड्डी एवं जोड़ रोग।
  • क्रिटिकल केयर: आधुनिक गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) और आपातकालीन सेवाएं।
  • निदान (Diagnostics): डिजिटल पैथोलॉजी, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड तथा अन्य आधुनिक जांच।

​🛡️ कोरोना काल का वो संघर्ष: जब बनी 'जीवन रक्षक' उम्मीद

​आरोग्यम अस्पताल की दस वर्षों की यात्रा में वैश्विक कोरोना महामारी का दौर सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। जब पूरा देश स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा था, तब इस अस्पताल ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखा। सीमित संसाधनों के बावजूद, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने दिन-रात अथक परिश्रम कर अनगिनत लोगों को नया जीवन प्रदान किया। इस कठिन दौर में अस्पताल ने साबित किया कि वह केवल एक चिकित्सा केंद्र नहीं, बल्कि समाज के लिए एक जीवन रक्षक स्तंभ है।

​🤝 विश्वास की पूंजी: मरीजों के प्रति समर्पित कार्यशैली

​अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा का मानना है कि पिछले दस वर्षों की यात्रा उपलब्धियों से अधिक 'विश्वास की यात्रा' रही है। उनका कहना है कि मरीजों का विश्वास और उनके स्वस्थ होकर घर लौटने की खुशी ही सबसे बड़ी प्रेरणा है। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह के अनुसार, संस्थान की सफलता के पीछे पूरी टीम की संवेदनशील सोच और अनुशासित कार्यप्रणाली है। जया सिंह ने स्पष्ट किया कि यहां आने वाला प्रत्येक मरीज केवल एक रोगी नहीं, बल्कि उनके परिवार का सदस्य होता है।

​🌟 जन-सरोकार और भविष्य का संकल्प

​स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ आरोग्यम अस्पताल ने समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन किया है। समय-समय पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविरों, विशेषज्ञ परामर्श और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के माध्यम से हजारों लोग लाभान्वित हुए हैं।

​संस्थान की उत्कृष्ट कार्यशैली का ही परिणाम है कि इसे विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। अपनी सेवाओं के निरंतर विस्तार के क्रम में अस्पताल ने दूसरी शाखा की भी स्थापना की है, जो इस बात का प्रमाण है कि आरोग्यम अस्पताल भविष्य में और भी अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है।

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16 मई को मनाया जाएगा 'राष्ट्रीय डेंगू दिवस', प्रशासन ने जारी की एडवाईजरी; मच्छरों के खिलाफ जंग में जनभागीदारी की अपील

16 मई को मनाया जाएगा 'राष्ट्रीय डेंगू दिवस', प्रशासन ने जारी की एडवाईजरी; मच्छरों के खिलाफ जंग में जनभागीदारी की अपील

हजारीबाग: मानसून की आहट के साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हजारीबाग ने 16 मई (शनिवार) को 'राष्ट्रीय डेंगू दिवस' के अवसर पर जिलेवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उपायुक्त और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि डेंगू से बचाव का सबसे बड़ा हथियार 'साफ-सफाई' और 'जागरूकता' है।

Dangu Day.

मच्छरों के प्रजनन को रोकें: स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन

डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए घर के भीतर और आसपास पानी जमा होना खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

सफाई का सप्ताह: कूलर, फूलदान, और पशु-पक्षियों के पीने के बर्तनों को सप्ताह में कम से कम एक बार खाली कर सुखाएं और साफ करें।

कबाड़ का निस्तारण: छतों पर रखे पुराने टायर, टूटे गमले, डिस्पोजल कप और कबाड़ में बारिश का पानी जमा न होने दें।

सुरक्षित भंडारण: पानी की टंकियों और बर्तनों को हमेशा ढक्कन से ढककर रखें ताकि मच्छर उनमें अंडे न दे सकें।

बचाव के आसान तरीके: स्वयं को रखें सुरक्षित

बीमारी से बचने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है:

मच्छरदानी का प्रयोग: सोते समय हमेशा मच्छरदानी लगाएं।

पहनावा: बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढकने वाले यानी पूरी बाजू के कपड़े पहनें।

सुरक्षा कवच: खिड़कियों और दरवाजों पर जाली का उपयोग करें ताकि मच्छरों का प्रवेश रुक सके।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

यदि आपको या परिवार में किसी को तेज बुखार, असहनीय सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द या बदन दर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे सामान्य बुखार न समझें। तत्काल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें।

आपातकालीन सहायता के लिए डायल करें

किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सहायता या आपात स्थिति के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित नंबर जारी किए हैं:

राज्य हेल्पलाइन: 108 और 104 (निःशुल्क सेवा)

आयुष्मान भारत जानकारी: 18003456540 (टोल फ्री)

नोट: दारू प्रखंड सह अंचल क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों से न मच्छरदानी वितरण किया गया और न ही साफ़-सफाई पर जागरूकता अभियान चलाया गया।

एयरफोर्स जवान की शहादत के बाद परिजनों के साथ व्यवस्था का क्रूर मजाक, एक प्रमाण पत्र के लिए 15 दिनों तक भटकाया

एयरफोर्स जवान की शहादत के बाद परिजनों के साथ व्यवस्था का क्रूर मजाक, एक प्रमाण पत्र के लिए 15 दिनों तक भटकाया

हजारीबाग: "देश सेवा करने वालों का सम्मान केवल भाषणों में है, धरातल पर नहीं।" यह कड़वी सच्चाई तब सामने आई जब देश की रक्षा करने वाले भारतीय वायु सेना (Airforce) के एक जवान की आकस्मिक मृत्यु के बाद उनके भाई को दाह संस्कार प्रमाण पत्र के लिए हजारीबाग नगर निगम के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ा। 15 दिनों तक दर-दर भटकने के बाद भी जब सिस्टम नहीं जागा, तब एक समाजसेवी के हस्तक्षेप के बाद देर रात यह प्रमाण पत्र निर्गत हो सका।

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शोक संतप्त परिवार और सिस्टम की संवेदनहीनता

जानकारी के अनुसार, एयरफोर्स में कार्यरत जवान की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी। नियमानुसार, मृतक के परिजनों को उनके विभाग में मृत्यु से संबंधित दस्तावेज जमा करने होते हैं। इसके लिए दाह संस्कार प्रमाण पत्र अनिवार्य था। लेकिन नगर निगम के बाबुओं और लचर व्यवस्था ने शोक में डूबे भाई को पंद्रह दिनों तक केवल आश्वासन दिया।

महापौर का वादा भी निकला खोखला

हैरानी की बात यह है कि नगर निगम की बैठकों में महापौर (Mayor) द्वारा अक्सर यह दावा किया जाता रहा है कि प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी सेवाएं 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करा दी जाएंगी। लेकिन इस मामले ने उन दावों की पोल खोल दी है। पीड़ित भाई ने व्यथा सुनाते हुए कहा कि जिस परिवार ने देश को जवान दिया, उसे अपने ही शहर में मामूली कागज के लिए अपमानित होना पड़ा।

समाजसेवी अभिषेक कुमार ने रात 8 बजे दिलवाया न्याय

जब पीड़ित भाई की कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने समाजसेवी अभिषेक कुमार से संपर्क किया। मामले की गंभीरता और परिवार के दर्द को देखते हुए अभिषेक कुमार तत्काल नगर निगम पहुँचे और अधिकारियों से जवाब तलब किया। उनके कड़े विरोध और हस्तक्षेप के बाद, रात 8 बजे आनन-फानन में दाह संस्कार प्रमाण पत्र जारी किया गया।

जनता का सवाल: कब सुधरेगा सिस्टम?

यह घटना हजारीबाग नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। यदि एक सेना के जवान के परिवार को न्याय के लिए 15 दिनों तक भटकना पड़ता है और रात के अंधेरे में दबाव बनाकर काम कराना पड़ता है, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी?

निरामय हजारीबाग की दिशा में सार्थक पहल, विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया 6 दिवसीय एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर का शंखनाद

निरामय हजारीबाग की दिशा में सार्थक पहल,


विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया 6 दिवसीय एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर का शंखनाद

हजारीबाग | जनसेवा के ध्येय को चरितार्थ करते हुए रोटरी क्लब ऑफ हजारीबाग जागृति के तत्वावधान में शनिवार को एक वृहद स्वास्थ्य अनुष्ठान का आरंभ हुआ। झिनझरिया पुल स्थित विधायक जनसेवा कार्यालय परिसर में आयोजित इस छह दिवसीय निःशुल्क एक्यूप्रेशर स्वास्थ्य शिविर का विधिवत उद्घाटन हजारीबाग के विधायक श्री प्रदीप प्रसाद ने किया। 31 जनवरी से 05 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस शिविर में ख्यातिप्राप्त चिकित्सक डॉ. एम.ए. चायनन और डॉ. पी.के. पहाड़िया अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। यहाँ आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न जटिल व्याधियों जैसे माइग्रेन, सर्वाइकल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा जोड़ों के दर्द का उपचार एक्यूप्रेशर, सुजोक, वाइब्रेशन एवं मैग्नेट थेरेपी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से किया जाएगा।

​उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक श्री प्रसाद ने कहा कि वर्तमान की आपाधापी भरी दिनचर्या में 'बिना औषधि के उपचार' की यह पद्धति आम जनमानस के लिए संजीवनी समान है। उन्होंने रोटरी क्लब के इस पुनीत कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य लाभ पहुँचाने का सशक्त माध्यम बताया। विधायक ने स्पष्ट किया कि स्वस्थ नागरिक ही एक सशक्त समाज की नींव रखते हैं, अतः जनस्वास्थ्य से जुड़े ऐसे आयोजन उनकी प्राथमिकता सूची में सर्वोपरि रहेंगे। उन्होंने समस्त नगरवासियों से आह्वान किया कि वे प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे और अपराह्न 3 बजे से संध्या 6 बजे के मध्य संचालित इस शिविर में उपस्थित होकर स्वास्थ्य लाभ अर्जित करें और इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं।

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