Hazaribagh News: झारखंड पुलिस अकादमी में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित; विशेषज्ञ वक्ताओं ने दी विस्तृत जानकारी
हजारीबाग (News Prahari Desk): झारखंड पुलिस अकादमी (JPA), हजारीबाग में सोमवार, 27 जुलाई 2026 को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और कानूनी सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम "माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007" (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007) विषय पर केंद्रित था।
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| One day training program on Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act 2007 at Jharkhand Police Academy Hazaribagh |
यह आयोजन जे.पी.ए. हजारीबाग के निदेशक अखिलेश कुमार झा के निर्देशन में झारखंड पुलिस अकादमी (JPA), हजारीबाग तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित संवेदीकरण, कानूनी प्रावधानों और व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने की बारीकियों से अवगत कराया गया।
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| One day training program on Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act 2007 at Jharkhand Police Academy Hazaribagh |
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों पर गहन मंथन
प्रशिक्षण सत्र के दौरान विषय विशेषज्ञों और अनुभवी वक्ताओं ने अधिनियम के विभिन्न कानूनी पहलुओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के मैदानी अनुभवों को पुलिस पदाधिकारियों के साथ साझा किया।
- NISD का दृष्टिकोण: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD), नई दिल्ली की रिसर्च ऑफिसर तान्या सेनगुप्ता (Tanya Sengupta) ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय कार्यक्रमों, सामाजिक सुरक्षा नीतियों और कानूनी अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की भूमिका वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- स्वास्थ्य एवं देखभाल पहलू: कोशिश एवं द हॉस्पिस, बोकारो के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अभिजीत दाम (Dr. Abhijit Dam) ने बुजुर्गों की शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं और उनके स्वास्थ्य देखभाल प्रबंधन पर चर्चा की।
- कानूनी व व्यावहारिक अनुभव: सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक (Dy-SP Rtd.) अभय कुमार झा तथा सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक (Dy-SP Rtd.) एस. बी. शर्मा ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007 के विभिन्न प्रावधानों, केस स्टडीज और थानों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के त्वरित समाधान पर अपने अनुभव साझा किए।
अधिनियम के मुख्य बिंदुओं और सामाजिक जिम्मेदारियों पर चर्चा
कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2007 में लागू यह अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों को अपने बच्चों या कानूनी वारिसों से भरण-पोषण प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देता है। यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति किसी रिश्तेदार के नाम इस शर्त पर हस्तांतरित करता है कि वह उसकी देखभाल करेगा, और बाद में देखभाल नहीं की जाती, तो उस हस्तांतरण को रद्द किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।
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| One day training program on Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act 2007 at Jharkhand Police Academy Hazaribagh |
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अवसर पर झारखंड पुलिस अकादमी के कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं प्रशिक्षण अधिकारी उपस्थित रहे:
- मंजरूल होदा (वरीय-उप निदेशक, JPA हजारीबाग)
- विजय कुमार रंजन (सहायक निदेशक अन्तः, JPA हजारीबाग)
- बसंत कुमार (मुख्य विधि अनुदेशक)
- रानी मुकुट (पु०नि०, कोर्स को-ऑर्डिनेटर)
इनके अलावा झारखंड पुलिस अकादमी (JPA) के समस्त पुलिस पदाधिकारी एवं प्रशिक्षक कार्यक्रम में उपस्थित थे। सभी प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को व्यावहारिक दृष्टिकोण से बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।
Jharkhand Police Academy (JPA), Hazaribagh / Official Training Press Release (Dated: 27.07.2026)



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