Giridih News: आज़ादी के दशकों बाद दलान चलकरी गांव में पहुंचेगी पक्की सड़क और पेयजल; विधायक जयराम महतो ने 32 आदिवासी परिवारों को बांटा एक माह का राशन
गिरिडीह (न्यूज़ प्रहरी डेस्क): गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत छछन्दो पंचायत का दूरस्थ 'दलान चलकरी' गांव आज़ादी के सात दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा है.
पारसनाथ पहाड़ की तलहटी में स्थित इस दुर्गम और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे आदिवासी बाहुल्य गांव में अब विकास की नई शुरुआत होने जा रही है। डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों से किए अपने वादे को पूरा करते हुए 32 आदिवासी परिवारों को एक महीने का राशन उपलब्ध कराया।
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| Dumri MLA Jairam Kumar Mahato distributing one month ration to tribal families in Dalan Chalkari village Giridih, |
हत्याकांड के बाद दौरे में दिया था मदद का आश्वासन
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व गांव में एक आदिवासी दंपति की दर्दनाक हत्या हो गई थी। घटना के बाद जब विधायक जयराम कुमार महतो गांव पहुंचे थे, तब ग्रामीणों ने बरसात के मौसम में सड़क न होने के कारण बाज़ार तक पहुंचने और भोजन जुटाने में आ रही भारी दिक्कतों से अवगत कराया था। विधायक ने उसी समय ग्रामीणों की सहायता का भरोसा दिलाया था।
पक्की सड़क और सोलर पानी टंकी की अनुशंसा
विधायक ने बताया कि गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने और पक्की सड़क के निर्माण के लिए प्रशासनिक अनुशंसा कर दी गई है। इस संबंध में गिरिडीह के उपायुक्त (DC) से भी दूरभाष और पत्राचार के माध्यम से विस्तार से चर्चा हुई है। इसके अलावा गांव में व्याप्त पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए सोलर संचालित पानी टंकी लगाने का आग्रह प्रशासन से किया गया है।
विकास से अब तक अछूता रहा यह क्षेत्र
पारसनाथ की तराई में बसा यह इलाका लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहा। पूर्व में जब यहां सीआरपीएफ (CRPF) कैंप की स्थापना की जा रही थी, तब काफी विरोध और तनाव उत्पन्न हुआ था। इन विषम परिस्थितियों का असर दशकों तक यहाँ के बुनियादी ढाँचे पर पड़ा, जिसके चलते आज तक कोई जनप्रतिनिधि यहाँ तक नहीं पहुँच सका था।
विधायक जयराम महतो ने सामाजिक संस्थाओं से भी इस दूरस्थ क्षेत्र में जाकर सहयोग करने की अपील की थी, जिस पर कई गैर-सरकारी संगठनों और समाजसेवियों ने आगे आकर मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने दोहराया कि अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना ही उनका मुख्य संकल्प है।
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