बोकारो: टाइगर जयराम महतो के तेवर के आगे झुका DVC प्रबंधन, मजदूरों को मिला 26 दिन काम का अधिकार
चंद्रपुरा (CTPS) में 20 दिनों से जारी मजदूरों की भूख हड़ताल सफल; MLA जयराम महतो ने प्रबंधन को दी कड़ी चेतावनी— "शोषण करने वाले अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं करेगा समाज"।
बोकारो/चंद्रपुरा। झारखंड की राजनीति में अपनी प्रखर शैली के लिए पहचाने जाने वाले 'टाइगर' जयराम महतो एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए। बोकारो जिले के चंद्रपुरा स्थित DVC (CTPS) प्रबंधन और स्थानीय मजदूरों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए विधायक जयराम महतो ने मोर्चा संभाला। उनके कड़े रुख और मजदूरों की एकजुटता के कारण आखिरकार प्रबंधन को झुकना पड़ा और मजदूरों की मांगें मान ली गईं।
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| Dumri Vidhayak jairam kumar mahto |
दूरों का सालों पुराना दर्द और शोषण
बता दें कि ये मजदूर वर्ष 2008 से लगातार संस्थान में अपनी सेवाएं दे रहे थे। लेकिन आरोप है कि वर्ष 2018 के बाद से ही उनके साथ भेदभाव और शोषण का दौर शुरू हो गया। मजदूरों को महीने में मात्र 13 दिन ही काम दिया जा रहा था, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। हद तो तब हो गई जब पिछले 20 दिनों से उन्हें पूरी तरह से काम से बैठा दिया गया था।
प्रबंधन को खुली चुनौती
BKMS के बैनर तले चल रही भूख हड़ताल में पहुंचे जयराम महतो ने प्रबंधन के सामने ही अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मजदूरों को संबोधित करते हुए बेहद तल्ख लहजे में कहा कि जो अधिकारी मजदूरों का हक मारें और उनका शोषण करें, उन्हें सबक सिखाना जरूरी है। उन्होंने साफ कर दिया कि झारखंड की धरती पर अब मजदूरों और माटी के बेटों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सफल वार्ता और आंदोलन की जीत
विधायक जयराम महतो के हस्तक्षेप के बाद आज श्रम आयुक्त बोकारो और CTPS DVC प्रबंधन के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई। लंबी चर्चा के बाद प्रशासन और प्रबंधन ने मजदूरों की मांग पर सहमति जताई। समझौते के तहत अब मजदूरों को महीने में कम से कम 26 दिन काम सुनिश्चित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक जीत के बाद मजदूरों में खुशी की लहर दौड़ गई और पिछले कई दिनों से जारी भूख हड़ताल को जूस पिलाकर विधिवत समाप्त कराया गया।
इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और मजदूर संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने इस सफलता को मजदूरों के पसीने और एकजुटता की जीत बताया।

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