हजारीबाग में सनसनी: पौता जंगल से तीन युवक-युवतियों के शव बरामद, इलाके में आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी
परिजनों ने लगाया पुलिस पर लापरवाही का आरोप; लापता होने की सूचना के बाद भी कार्रवाई न होने से उपजा गुस्सा।
हजारीबाग: जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पौता जंगल से सोमवार को तीन शवों के बरामद होने के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। मृतकों में दो युवतियां और एक युवक शामिल है, जो आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। इस घटना ने हजारीबाग की कानून-व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
![]() |
| toupa jangal me tin saw, |
परिजनों की सूचना के बाद भी देरी का आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक पिछले कुछ समय से लापता थे। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने समय रहते पुलिस को इस संबंध में सूचना दी थी, लेकिन प्रशासन की कथित शिथिलता और समय पर कार्रवाई न होने के कारण आज यह हृदयविदारक स्थिति उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस प्रारंभिक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करती, तो शायद इन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
मृतकों की हुई पहचान घटनास्थल पर पहुंची मुफस्सिल थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
खुशी परवीन (19 वर्ष): निवासी पौता, मुफस्सिल थाना।
आदिल हुसैना (18 वर्ष): निवासी सुल्ताना, कटकमदाग प्रखंड।
सानिया परवीन (19 वर्ष): निवासी मंडई, लोहसिंघना थाना।
प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग इस घटना के बाद आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। मांग की जा रही है कि हत्यारों को तत्काल चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए और ऐसी कठोर सजा दी जाए जो समाज के लिए नजीर बने।
कानून-व्यवस्था पर सवाल जंगल से तीन शवों का मिलना जिले में अपराधियों के बढ़ते हौसलों की ओर इशारा करता है। फिलहाल, पुलिस की फोरेंसिक टीम और स्थानीय थाना मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।

No comments
Post a Comment