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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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गुमला: किसानों की समृद्धि के लिए 24 FPO और कोऑपरेटिव का होगा कायाकल्प, सशक्तिकरण कार्यशाला में बनी बड़ी रणनीति

गुमला: किसानों की समृद्धि के लिए 24 FPO और कोऑपरेटिव का होगा कायाकल्प, सशक्तिकरण कार्यशाला में बनी बड़ी रणनीति
"गुमला में आयोजित कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले FPO को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो व अन्य अधिकारी।"

गुमला: झारखंड के गुमला जिले में कृषि और किसानों के आर्थिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन, जेएसएलपीएस (JSLPS), नाबार्ड (NABARD) और प्रदान (PRADAN) के संयुक्त तत्वावधान में 24 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) एवं कोऑपरेटिव के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत इन संगठनों को न केवल सशक्त बनाना है, बल्कि उन्हें एक सफल व्यावसायिक मॉडल के रूप में स्थापित करना भी है।

सशक्तिकरण और विस्तार पर केंद्रित चर्चा

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि FPO केवल नाम के संगठन न रहें, बल्कि वे किसानों के लिए लाभ का जरिया बनें। इसके लिए निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई:

शेयरधारकों की वृद्धि: संगठनों में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की रणनीति साझा की गई ताकि सामूहिक शक्ति का लाभ मिल सके।

व्यावसायिक योजना (Business Plan): कार्यशाला में प्रभावी व्यावसायिक योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रबंधन के गुर सिखाए गए।

वित्तीय सुदृढ़ीकरण: FPO के संचालन, ऋण प्राप्ति की प्रक्रियाओं और इक्विटी ग्रांट (Equity Grant) के तकनीकी पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन

कार्यक्रम में उपस्थित उप विकास आयुक्त (DDC) दिलेश्वर महतो ने संगठनों की संस्थागत मजबूती पर विशेष बल दिया। नाबार्ड के डीडीएम (DDM) रवि शंकर ने बैंकिंग सहयोग और वित्तीय सहायता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि कैसे सहकारी अधिनियम और सरकारी योजनाओं से जुड़कर ये संगठन स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकते हैं।

प्रतिभागियों ने भी अपने जमीनी अनुभवों को साझा किया। चर्चा का मुख्य केंद्र बाजार से सीधा जुड़ाव (Market Linkage) और आपसी सहयोग रहा, ताकि बिचौलियों की भूमिका कम हो और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले FPO हुए सम्मानित

कार्यशाला के अंत में उत्साहवर्धन के लिए जिले के 9 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को उनके सराहनीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान अन्य संगठनों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।

प्रमुख उपस्थित अधिकारी:

कार्यशाला में DCO माधुरी, पशुपालन विभाग के डॉ. मयूर, JTDS के DPM प्रमुदित दुंगदुंग, JSLPS के DPM शैलेन्द्र जारिका तथा PRADAN के मेराज सहित कई अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।

नरेश सोनी (Naresh Soni)

Editor-in-Chief, News Prahari

Hazaribagh Development: अबुआ आवास और मनरेगा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; DDC रिया सिंह ने BDOs की क्लास लगाई, दिए सख्त निर्देश

Hazaribagh Development: अबुआ आवास और मनरेगा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; DDC रिया सिंह ने BDOs की क्लास लगाई, दिए सख्त निर्देश

हजारीबाग:

जिले में चल रही सरकारी योजनाओं की धीमी रफ्तार अब और नहीं चलेगी। उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में सोमवार को उप विकास आयुक्त (DDC)  रिया सिंह ने समाहरणालय सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDOs) और संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।

"समाहरणालय सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक करतीं DDC रिया सिंह (फाइल फोटो)"

आवास योजनाओं पर विशेष फोकस

समीक्षा के दौरान DDC का सबसे ज्यादा जोर गरीबों के आवास पर रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'अबुआ आवास योजना' की फाइलें खंगालीं।

श्रीमती रिया सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो भी पुराने आवास अधूरे पड़े हैं, उन्हें मिशन मोड में पूरा किया जाए। साथ ही, पूर्ण हो चुके घरों की 'जियो-टैगिंग' (Geo-tagging) शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने को कहा, ताकि लाभुकों को अगली किस्त मिलने में देरी न हो।

मनरेगा और आजीविका: रोजगार पर जोर

गांवों में रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से बिरसा हरित ग्राम योजना, दीदी बाड़ी (पोषण वाटिका) और पोटो हो खेल विकास योजना की भी समीक्षा की गई। DDC ने निर्देश दिया कि:

  1. मनरेगा: 100 दिवसीय कार्य और मजदूरों के भुगतान (FTO Generation) में कोई कोताही न बरती जाए।
  2. JSLPS: स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बैंक लिंकेज और मुद्रा लोन दिलाने की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।

अधिकारियों को अल्टीमेटम

बैठक में उप विकास आयुक्त ने 15वें वित्त आयोग और पंचायती राज विभाग के कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में योजनाओं का नियमित निरीक्षण करें और लंबित मामलों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर करें।

​इस मैराथन बैठक में डीपीएम (DPM), बीपीएम (BPM) और विभिन्न योजनाओं के समन्वयकों को भी अपने डेटा अपडेट रखने की हिदायत दी गई।


"प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनता से जुड़े कार्यों में लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।"


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