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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: DMFT योजनाओं पर DC हेमंत सती का कड़ा अल्टीमेटम, 15 अगस्त तक काम पूरा न करने पर संवेदक होंगे ब्लैकलिस्ट!

 

हजारीबाग: DMFT योजनाओं पर उपायुक्त हेमंत सती का कड़ा रुख, 2025-26 की अपूर्ण योजनाएं 15 अगस्त तक हर हाल में पूरी करने के दिए निर्देश

हजारीबाग। हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में गुरुवार (6 अगस्त 2026) को समाहरणालय सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद के तहत संचालित विकास योजनाओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं की भौतिक व वित्तीय प्रगति का बारीकी से आकलन किया गया।

Hazaribagh DC Hemant Sati and DDC Riya Singh presiding over DMFT review meeting in Hazaribagh collectorate

​समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सख्त तेवर अपनाते हुए सभी कार्यपालक एजेंसियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की जितनी भी योजनाएं अब तक अपूर्ण हैं, उन्हें हर हाल में 15 अगस्त 2026 तक पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

काम में ढिलाई पर रद्द होंगे टेंडर, लापरवाही पर संवेदक होंगे ब्लैकलिस्ट

​बैठक के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने सभी विभागों और संवेदकों (ठेकेदारों) को दो टूक चेतावनी जारी की:

  • कार्य रद्द करने की चेतावनी: जिन एजेंसियों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई जाएगी, उनके आवंटित काम तत्काल प्रभाव से रद्द कर दूसरी सक्षम एजेंसियों को सौंप दिए जाएंगे।
  • ब्लैकलिस्ट करने का आदेश: कार्यों में ढुलमुल रवैया और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें काली सूची (Blacklist) में डालने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया।
  • शत-प्रतिशत सदुपयोग: उपायुक्त ने बल देकर कहा कि DMFT फंड की एक-एक राशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी है।

सतत निगरानी और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

​उपायुक्त ने जिले में DMFT मद से जारी सभी लंबित व अधूरी योजनाओं की दैनिक आधार पर मॉनिटरिंग और फॉलो-अप करने को कहा है, ताकि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हो सकें।

बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

​इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह, आईएएस पूर्वा अग्रवाल, जिला खनन पदाधिकारी (DMO) अजीत कुमार, जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी, विभिन्न कार्यपालक अभियांत (Executive Engineers) और संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

और पढ़ें : हजारीबाग: अवैध ईंट भट्ठों पर चलेगा बुलडोजर! DC हेमंत सती ने DMO को दिए ध्वस्तीकरण के सख्त निर्देश

हजारीबाग: जिला पुस्तकालय में आईएएस अधिकारियों ने प्रतियोगी छात्रों को दिए सफलता के मूलमंत्र; 15 अगस्त से मिलेगा फ्री वाई-फाई!

​📚 हजारीबाग: जिला पुस्तकालय में आईएएस अधिकारियों ने दिए सफलता के गुरुमंत्र; 15 अगस्त से छात्रों को मिलेगी वाई-फाई व आधुनिक सुविधाएं!

हजारीबाग: जिला प्रशासन की पहल पर शनिवार, 1 अगस्त 2026 को जिला पुस्तकालय हजारीबाग में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक विशेष प्रेरक व्याख्यान (Motivational Talk) का आयोजन किया गया।

dc hemant sati ias poorva agrawal motivational talk hazaribagh district library iprd press release 496 news prahari

​सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन हजारीबाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 496 (दिनांक: 01.08.2026) के अनुसार, इस कार्यक्रम में उपायुक्त हेमंत सती, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, आईएफएस अधिकारी मौन प्रकाश और आईएएस अधिकारी पूर्वा अग्रवाल ने अभ्यर्थियों को "How to Crack Competitive Exams" विषय पर रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

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​🎯 अधिकारियों ने बताए सफलता के मुख्य सूत्र

  • उपायुक्त हेमंत सती: सफलता अधिक समय तक पढ़ने से नहीं, बल्कि सही दिशा, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सीमित प्रमाणिक सामग्री के उपयोग से मिलती है।
  • उप विकास आयुक्त रिया सिंह: अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन, उत्तर लेखन, मॉक टेस्ट और पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • आईएएस पूर्वा अग्रवाल: असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानें। आत्मविश्वास, धैर्य और निरंतरता ही सफलता की कुंजी है।

​संवादात्मक सत्र के दौरान अभ्यर्थियों ने वैकल्पिक विषयों के चयन, उत्तर लेखन और साक्षात्कार से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से समाधान किया।

​🏛️ 15 अगस्त से जिला पुस्तकालय में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

​जिला प्रशासन ने युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि 15 अगस्त 2026 को जिला पुस्तकालय पूर्ण रूप से विद्यार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा। यहाँ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय भवन, बैठने की बेहतर व्यवस्था, शुद्ध पेयजल तथा मुफ्त वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

​कार्यक्रम में जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी कुमारी नीलम, जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार समेत कई अन्य अधिकारी और सैकड़ों अभ्यर्थी उपस्थित थे।

स्रोत (Source): सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग — आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 496/01.08.2026।

 अस्वीकरण (Editorial Disclaimer): यह रिपोर्ट News Prahari (न्यूज़ प्रहारी) द्वारा जनहित में प्रकाशित की गई है। सभी तथ्य जिला प्रशासन हजारीबाग द्वारा निर्गत आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित हैं। हमारी वेबसाइट एडसेंस की सभी नीतियों का पूर्णतः पालन करती है।

और पढ़ें:हजारीबाग: आईएएस अधिकारी पूर्वा अग्रवाल बताएंगी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का मूल मंत्र; जिला पुस्तकालय में प्रेरक सत्र आज!


हजारीबाग: फाइलेरिया मुक्त भविष्य के लिए जिला प्रशासन का महामंथन, 20 अप्रैल से चलेगा 'फोकल एमडीए' अभियान

हजारीबाग: फाइलेरिया मुक्त भविष्य के लिए जिला प्रशासन का महामंथन, 20 अप्रैल से चलेगा 'फोकल एमडीए' अभियान

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए रणनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त (DDC) श्रीमती रिया सिंह की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 20 अप्रैल से 5 मई 2026 तक चलने वाले 'फोकल मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' (FOCAL MDA) अभियान को प्रभावी बनाना है।

हजारीबाग समाहरणालय में फाइलेरिया उन्मूलन जिला समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करतीं डीडीसी रिया सिंह।

समन्वित रणनीति पर जोर

बैठक में डीडीसी ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक जनस्वास्थ्य लक्ष्य है। उन्होंने शिक्षा विभाग, नगर निकाय और अन्य विभागों को निर्देश दिया कि वे दवाओं के वितरण, लॉजिस्टिक प्रबंधन और कर्मियों के प्रशिक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। अभियान के दौरान निगरानी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने पर विशेष बल दिया गया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा से वंचित न रहे।

जन-जागरूकता ही बचाव का आधार

प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना है। बैठक में पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा साझा की। सिविल सर्जन और जिला मलेरिया पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे पंचायत स्तर तक सूक्ष्म नियोजन (Micro Planning) सुनिश्चित करें।

हजारीबाग: डीसी शशि प्रकाश सिंह की पहल लाई रंग, समाहरणालय में रक्तदान शिविर लगाकर जुटाया गया 36 यूनिट ब्लड

हजारीबाग: डीसी शशि प्रकाश सिंह की पहल लाई रंग, समाहरणालय में रक्तदान शिविर लगाकर जुटाया गया 36 यूनिट ब्लड

हजारीबाग: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आपात स्थिति में मरीजों को जीवनदान देने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। उपायुक्त (DC) श्री शशि प्रकाश सिंह के विशेष निर्देश पर शनिवार को समाहरणालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक बार फिर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस मानवीय पहल में जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और उत्साहपूर्वक स्वैच्छिक रक्तदान किया।

"हजारीबाग समाहरणालय परिसर में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में रक्त दान करते अधिकारी व कर्मी।"

अब तक कुल 36 यूनिट रक्त हुआ संग्रहित

जानकारी के अनुसार, शनिवार को आयोजित इस शिविर में कुल 8 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इससे पहले भी समाहरणालय परिसर में इसी तरह का शिविर लगाया गया था, जिसमें 28 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ था। इस तरह दोनों शिविरों के आंकड़ों को मिला दें, तो अब तक कुल 36 यूनिट रक्त का सफलतापूर्वक संग्रहण किया जा चुका है। यह ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा और जिले के गंभीर रूप से बीमार व आपातकालीन स्थिति में इलाज करा रहे मरीजों के लिए संजीवनी का काम करेगा।

'रक्तदान केवल सेवा नहीं, जीवन रक्षा का संकल्प है' - उपायुक्त

इस मौके पर हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने सभी रक्तदाताओं की सराहना करते हुए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "रक्तदान कोई सामान्य सेवा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर किसी की जीवन रक्षा करने का एक पुनीत संकल्प है।" उपायुक्त ने जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें और इस महादान रूपी मानवीय अभियान से निरंतर जुड़े रहें।

भविष्य में भी जारी रहेगा यह अभियान: उपविकास आयुक्त

यह पूरा रक्तदान शिविर उपविकास आयुक्त (DDC)  रिया सिंह की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर के सफल आयोजन पर खुशी जताते हुए उपविकास आयुक्त ने कहा कि भविष्य में भी समाहरणालय परिसर के साथ-साथ जिले के अन्य सरकारी संस्थानों में नियमित अंतराल पर ऐसे रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य हजारीबाग जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी जरूरतमंद को ऐन मौके पर खून की कमी के कारण जान न गंवानी पड़े।

शिविर को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम द्वारा पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया। जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनहित से जुड़ी यह मुहिम आगे भी सतत रूप से जारी रहेगी।

स्कूलों की बदलेगी सूरत, उप विकास आयुक्त ने शिक्षा विभाग की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

स्कूलों की बदलेगी सूरत, उप विकास आयुक्त ने शिक्षा विभाग की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

हजारीबाग: समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में मंगलवार को शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के दिशा-निर्देशानुसार, उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले की शैक्षणिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की।

समाहरणालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान पदाधिकारियों को निर्देश देतीं उप विकास आयुक्त रिया सिंह।

इन मुख्य बिंदुओं पर रहा फोकस:

बैठक के दौरान डीडीसी ने निम्नलिखित योजनाओं और कार्यों की प्रगति की जांच की:

उपस्थिति और रिपोर्टिंग: एसएमएस (SMS) रिपोर्टिंग को प्रतिदिन अनिवार्य करने और स्कूलों में छात्र-शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य योजनाएं: आईएफए (IFA) दवा वितरण और आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी गति पर चर्चा हुई और इसमें तेजी लाने को कहा गया।

क्षेत्रीय निरीक्षण: सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से विद्यालयों का दौरा करें और वहां की व्यवस्थाओं का खुद निरीक्षण करें।

बुनियादी ढांचे के लिए तैयार होगी चेकलिस्ट रिया सिंह ने स्कूलों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEEOs) को एक विस्तृत चेकलिस्ट सौंपी है।

"विद्यालयों में पेयजल, चहारदीवारी, किचन शेड, नए भवन और बेंच-डेस्क जैसी सुविधाओं की कमी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी स्कूल अपनी आवश्यकताओं के अनुसार चेकलिस्ट भरकर समय सीमा में जमा करें।" — रिया सिंह, डीडीसी

बैठक में पीएम विद्यालयों की प्रगति की भी अलग से समीक्षा की गई ताकि उन्हें मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा सके।

हजारीबाग: किराए के भवनों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, आधारभूत सुदृढ़ीकरण के साथ अब सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन

हजारीबाग: किराए के भवनों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, आधारभूत सुदृढ़ीकरण के साथ अब सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन

​हजारीबाग जिले में नौनिहालों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब तक शहर और ग्रामीण अंचलों में किराए के भवनों में संचालित होने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को निकटतम सरकारी विद्यालयों के परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा।

"डीडीसी रिया सिंह समाहरणालय सभागार में निर्देश देते हुए"

इस वृहद परिवर्तन को अमलीजामा पहनाने के लिए शुक्रवार को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के कड़े निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त रिया सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय भवन में एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक आहूत की गई। इस अहम बैठक में शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के समन्वय पर जोर देते हुए संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए।
"डीडीसी रिया सिंह समाहरणालय सभागार में निर्देश देते हुए द्वीतिय फोटो"


​उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का विद्यालयों में विलय न केवल संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण भी तैयार होगा। उन्होंने अधिकारियों व प्राचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में उपलब्ध अतिरिक्त और रिक्त कक्षों को चिन्हित कर वहां आंगनबाड़ी केंद्रों को अविलंब प्रतिस्थापित किया जाए। इसके साथ ही, जिन विद्यालयों में पर्याप्त बुनियादी ढांचा और अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध हैं, उनकी एक विस्तृत और प्रामाणिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है ताकि स्थानांतरण की यह कवायद सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

​विद्यालयों के कायाकल्प और संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक पारदर्शी और आधुनिक प्रक्रिया अपनाने का भी निर्णय लिया है। उप विकास आयुक्त ने बताया कि सभी प्राचार्यों के साथ एक डिजिटल 'गूगल फॉर्म' साझा किया जाएगा। इस फॉर्म के माध्यम से विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं, जैसे— जर्जर भवनों की मरम्मत, नए कक्षा-कक्षों का निर्माण, किचेन शेड की स्थिति और बेंच-डेस्क की उपलब्धता का सघन आकलन किया जाएगा। प्राचार्यों द्वारा दी गई इस जानकारी का वरीय पदाधिकारियों की टीम द्वारा भौतिक सत्यापन होगा, जिसके उपरांत विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की परिपूर्ति के लिए त्वरित और समुचित पहल की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा, जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार समेत तमाम महिला पर्यवेक्षिकाएं और विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभिनव पहल को जिले के शैक्षणिक विकास के लिए एक मील का पत्थर करार दिया।

अस्पताल में मरीजों से बदसलूकी अब नहीं चलेगी; DDC रिया सिंह ने सिविल सर्जन और डॉक्टरों के साथ की मैराथन बैठक

अस्पताल में मरीजों से बदसलूकी अब नहीं चलेगी; DDC रिया सिंह ने सिविल सर्जन और डॉक्टरों के साथ की मैराथन बैठक

हजारीबाग:

जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने और अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त (DDC) श्रीमती रिया सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और विशेष रूप से DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) के तहत कार्यरत डॉक्टरों व कर्मियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।

"स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ बैठक करतीं हजारीबाग DDC रिया सिंह (फाइल फोटो)"

बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य (Biometric Mandatory)

बैठक का सबसे अहम मुद्दा 'उपस्थिति' रहा। DDC रिया सिंह ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति अब बायोमेट्रिक सिस्टम से ही मान्य होगी।

प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि कई बार डॉक्टर ड्यूटी से नदारद रहते हैं। DDC ने अधिकारियों को बायोमेट्रिक मशीनों में आ रही तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक करने का आदेश दिया, ताकि अनुशासन और पारदर्शिता (Transparency) बनी रहे।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मरीजों से हो अच्छा व्यवहार

अक्सर सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ रूखे व्यवहार की शिकायतें आती हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए DDC ने स्पष्ट निर्देश दिया:

"स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा हर कर्मी मरीजों के साथ शालीनता और संवेदनशीलता से पेश आए। सेवा भाव ही आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।"


वेतन, छुट्टी और एम्बुलेंस पर चर्चा

बैठक में प्रशासन ने सिर्फ सख्ती ही नहीं दिखाई, बल्कि कर्मियों की समस्याएं भी सुनीं। DMFT के तहत कार्यरत कर्मियों के वेतन वृद्धि (Increment), HRA (House Rent Allowance) और मैटरनिटी लीव (Maternity Leave) जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

इसके अलावा, अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता और एम्बुलेंस सेवाओं को सुचारू करने के लिए भी रणनीति बनाई गई, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को भटकना न पड़े।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में सिविल सर्जन, जिला योजना पदाधिकारी, डीपीएम (DPM) और जिले के कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।

Hazaribagh: अब निर्माण कार्यों में 'क्वालिटी' से समझौता नहीं; DDC रिया सिंह ने इंजीनियरों को भेजा फील्ड में, दिए कड़े निर्देश

Hazaribagh: अब निर्माण कार्यों में 'क्वालिटी' से समझौता नहीं; DDC रिया सिंह ने इंजीनियरों को भेजा फील्ड में, दिए कड़े निर्देश

हजारीबाग:

जिले में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर उप विकास आयुक्त (DDC)  रिया सिंह ने तकनीकी विभागों की एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में DDC ने साफ कर दिया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

"तकनीकी विभागों के अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक करतीं हजारीबाग DDC रिया सिंह (फाइल फोटो)"

DMFT फंड और स्कूलों पर पैनी नजर

बैठक का मुख्य केंद्र 'जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट' (DMFT) के तहत चल रही योजनाएं रहीं। DDC रिया सिंह ने विशेष रूप से DMFT फंड से बन रहे स्कूलों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इन कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।

  • सख्त निर्देश: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता (Quality) से कोई समझौता नहीं होगा।
  • डेडलाइन: सभी प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना होगा ताकि छात्रों को इसका लाभ मिल सके।

इंजीनियरों को फरमान: फील्ड में उतरें

अक्सर देखा जाता है कि अधिकारी दफ्तरों से ही फाइलों का निपटारा करते हैं। इस संस्कृति को बदलते हुए DDC ने सभी वरीय अभियंताओं (Senior Engineers) को निर्देश दिया कि वे योजनाओं का भौतिक निरीक्षण (Physical Verification) स्वयं करें। उन्होंने कहा कि साइट पर जाकर ही वास्तविकता का पता चलता है, इसलिए फील्ड विजिट अनिवार्य है।

कटकमसांडी CHC और बिजली विभाग

बिजली विभाग की समीक्षा के दौरान, डीडीसी ने कटकमसांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और विभिन्न विद्यालयों में बिजली कनेक्शन के कार्यों को तत्काल पूरा करने का आदेश दिया। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचे में बिजली की कमी प्रशासन के लिए चिंता का विषय है, जिसे जल्द दूर करने की बात कही गई।

सड़क, पुल और सिंचाई पर जोर

  • पथ प्रमंडल: सड़कों और पुलों के निर्माण में तकनीकी मानकों (Technical Standards) का पूरा ध्यान रखने और लागत व स्थल निरीक्षण के बीच संतुलन बनाने को कहा गया।
  • लघु सिंचाई विभाग: 'पत्थलाबार आहर' के जीर्णोद्धार कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और वन भूमि से जुड़े विवादों को जल्द सुलझाने का निर्देश दिया गया।
  • पेयजल: बोरिंग कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने को कहा गया।

​इस बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, भवन निर्माण, विद्युत और पेयजल स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत कई तकनीकी अधिकारी मौजूद थे।

Hazaribagh Development: अबुआ आवास और मनरेगा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; DDC रिया सिंह ने BDOs की क्लास लगाई, दिए सख्त निर्देश

Hazaribagh Development: अबुआ आवास और मनरेगा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; DDC रिया सिंह ने BDOs की क्लास लगाई, दिए सख्त निर्देश

हजारीबाग:

जिले में चल रही सरकारी योजनाओं की धीमी रफ्तार अब और नहीं चलेगी। उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में सोमवार को उप विकास आयुक्त (DDC)  रिया सिंह ने समाहरणालय सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDOs) और संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।

"समाहरणालय सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक करतीं DDC रिया सिंह (फाइल फोटो)"

आवास योजनाओं पर विशेष फोकस

समीक्षा के दौरान DDC का सबसे ज्यादा जोर गरीबों के आवास पर रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'अबुआ आवास योजना' की फाइलें खंगालीं।

श्रीमती रिया सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो भी पुराने आवास अधूरे पड़े हैं, उन्हें मिशन मोड में पूरा किया जाए। साथ ही, पूर्ण हो चुके घरों की 'जियो-टैगिंग' (Geo-tagging) शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने को कहा, ताकि लाभुकों को अगली किस्त मिलने में देरी न हो।

मनरेगा और आजीविका: रोजगार पर जोर

गांवों में रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से बिरसा हरित ग्राम योजना, दीदी बाड़ी (पोषण वाटिका) और पोटो हो खेल विकास योजना की भी समीक्षा की गई। DDC ने निर्देश दिया कि:

  1. मनरेगा: 100 दिवसीय कार्य और मजदूरों के भुगतान (FTO Generation) में कोई कोताही न बरती जाए।
  2. JSLPS: स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बैंक लिंकेज और मुद्रा लोन दिलाने की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।

अधिकारियों को अल्टीमेटम

बैठक में उप विकास आयुक्त ने 15वें वित्त आयोग और पंचायती राज विभाग के कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में योजनाओं का नियमित निरीक्षण करें और लंबित मामलों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर करें।

​इस मैराथन बैठक में डीपीएम (DPM), बीपीएम (BPM) और विभिन्न योजनाओं के समन्वयकों को भी अपने डेटा अपडेट रखने की हिदायत दी गई।


"प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनता से जुड़े कार्यों में लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।"


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