Hazaribagh: अब निर्माण कार्यों में 'क्वालिटी' से समझौता नहीं; DDC रिया सिंह ने इंजीनियरों को भेजा फील्ड में, दिए कड़े निर्देश
हजारीबाग:
जिले में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह ने तकनीकी विभागों की एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में DDC ने साफ कर दिया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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| "तकनीकी विभागों के अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक करतीं हजारीबाग DDC रिया सिंह (फाइल फोटो)" |
DMFT फंड और स्कूलों पर पैनी नजर
बैठक का मुख्य केंद्र 'जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट' (DMFT) के तहत चल रही योजनाएं रहीं। DDC रिया सिंह ने विशेष रूप से DMFT फंड से बन रहे स्कूलों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इन कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
- सख्त निर्देश: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता (Quality) से कोई समझौता नहीं होगा।
- डेडलाइन: सभी प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना होगा ताकि छात्रों को इसका लाभ मिल सके।
इंजीनियरों को फरमान: फील्ड में उतरें
अक्सर देखा जाता है कि अधिकारी दफ्तरों से ही फाइलों का निपटारा करते हैं। इस संस्कृति को बदलते हुए DDC ने सभी वरीय अभियंताओं (Senior Engineers) को निर्देश दिया कि वे योजनाओं का भौतिक निरीक्षण (Physical Verification) स्वयं करें। उन्होंने कहा कि साइट पर जाकर ही वास्तविकता का पता चलता है, इसलिए फील्ड विजिट अनिवार्य है।
कटकमसांडी CHC और बिजली विभाग
बिजली विभाग की समीक्षा के दौरान, डीडीसी ने कटकमसांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और विभिन्न विद्यालयों में बिजली कनेक्शन के कार्यों को तत्काल पूरा करने का आदेश दिया। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचे में बिजली की कमी प्रशासन के लिए चिंता का विषय है, जिसे जल्द दूर करने की बात कही गई।
सड़क, पुल और सिंचाई पर जोर
- पथ प्रमंडल: सड़कों और पुलों के निर्माण में तकनीकी मानकों (Technical Standards) का पूरा ध्यान रखने और लागत व स्थल निरीक्षण के बीच संतुलन बनाने को कहा गया।
- लघु सिंचाई विभाग: 'पत्थलाबार आहर' के जीर्णोद्धार कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और वन भूमि से जुड़े विवादों को जल्द सुलझाने का निर्देश दिया गया।
- पेयजल: बोरिंग कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने को कहा गया।
इस बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, भवन निर्माण, विद्युत और पेयजल स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत कई तकनीकी अधिकारी मौजूद थे।
