हजारीबाग नशामुक्ति जागरूकता अभियान प्रभातफेरी के साथ हुई शुरूआ
हजारीबाग सदर अस्पताल की बदहाली पर भड़के विधायक, डीसी को फोन कर जताई नाराजगी और अधिकारियों को दी सीधी चेतावनी
हजारीबाग सदर अस्पताल की बदहाली पर भड़के विधायक, डीसी को फोन कर जताई नाराजगी और अधिकारियों को दी सीधी चेतावनी
हजारीबाग: सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था और मरीजों की फजीहत देखकर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद का गुस्सा सोमवार को सातवें आसमान पर पहुंच गया। भाजपा कार्यकर्ता गंगा साव और बीरेंद्र बीरू पासवान के पिता स्व. सरजू पासवान के निधन के बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर अचानक अस्पताल पहुंचे विधायक ने जब वहां का नजारा देखा तो वे दंग रह गए और मौके पर ही अधिकारियों की क्लास लगा दी। विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि अस्पताल में इलाज और मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
अस्पताल पहुंचते ही विधायक ने सबसे पहले आम मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानी। पर्ची काउंटर पर घोर अव्यवस्था, कर्मचारियों की कमी और मरीजों की लंबी कतार देखकर वे खासे नाराज हुए। दूर-दराज से आए मरीज घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर थे, लेकिन उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं था। विधायक ने मौके पर ही पर्ची व्यवस्था का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिया कि मरीजों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्ची बनवाने की प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
अस्पताल की बदहाल स्थिति को गंभीर बताते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने तत्काल जिला उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें पूरे हालात से अवगत कराया। विधायक की नाराजगी के बाद उपायुक्त ने व्यवस्था में शीघ्र सुधार का भरोसा दिलाया और कुछ ही देर बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे अस्पताल परिसर पहुंचे। विधायक ने एसडीओ को पर्ची व्यवस्था, मरीजों की अनियंत्रित भीड़ और इलाज की प्रक्रिया में हो रही लेतलाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। विधायक ने शोकाकुल परिजनों की परेशानी को देखते हुए पोस्टमार्टम प्रक्रिया सुबह 8 बजे से ही प्रारंभ कराने की पहल की ताकि शव ले जाने के लिए लोगों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनियां सेवा भावना से कार्य करें न कि केवल कमाई के उद्देश्य से। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों के भोजन का प्रतिदिन का चार्ट अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए और शीतकालीन मौसम को देखते हुए मरीजों को पर्याप्त मात्रा में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। मीडिया से मुखातिब होते हुए विधायक ने स्पष्ट किया कि सदर अस्पताल आम जनता की उम्मीद का केंद्र है और यहां की व्यवस्थाओं पर अब उनकी लगातार नजर रहेगी। जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधार और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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इंद्रपुरी चौक पर खूनी खेल से दहला हजारीबाग, सांसद मनीष जायसवाल ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम, पाताल से भी खोज निकालें सूरज के हत्यारों को
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हजारीबाग शहर के व्यस्ततम इलाके इंद्रपुरी चौक पर देर रात घटित हुई निर्मम हत्या की सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। मंडई खुर्द निवासी युवक सूरज कुमार राणा की धारदार हथियार से की गई नृशंस हत्या और दो अन्य युवकों पर जानलेवा हमले की घटना पर स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस हृदयविदारक घटना को लेकर सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह कृत्य अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए सांसद के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि किशोरी राणा ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। सांसद ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया है कि वे पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़े हैं। मनीष जायसवाल ने जिला एवं पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों से स्वयं वार्ता कर दो टूक लहजे में कहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष और त्वरित गति से होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी हो और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मुकदमा चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि कानून का इकबाल बुलंद रहे। इसके साथ ही हमले में घायल हुए कुलदीप सोनी और छोटू गोप को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी प्रशासन को निर्देशित किया गया है। सांसद ने शहर की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि निर्दोषों को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र और पूर्ण न्याय मिल सके।