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Hazaribagh Police Big Action: कुख्यात अंतरराज्यीय 'कोढ़ा गिरोह' का भंडाफोड़, 8 अपराधी गिरफ्तार | 100+ घटनाओं का खुलासा! 🚨🏍️

 

हजारीबाग पुलिस की बड़ी कामयाबी: अंतरराज्यीय 'कोढ़ा गिरोह' का पर्दाफाश, 8 शातिर अपराधी गिरफ्तार; छीने गए सोने के जेवरात और 4 बाइक बरामद!

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष क्राइम ब्यूरो): हजारीबाग पुलिस ने शहर में छिनतई, लूट और डिक्की तोड़कर पैसे उड़ाने वाले कुख्यात अंतरराज्यीय 'कोढ़ा गिरोह' के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने लोहसिंघना थाना क्षेत्र स्थित हजारीबाग झील के पास से घेराबंदी कर कटिहार (बिहार) के जुराबगंज निवासी अपराधियों और चौपारण के लोकल शरणदाताओं सहित कुल 08 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने छीने गए लगभग 27 ग्राम सोने के आभूषण, चोरी की 4 मोटरसाइकिलें, खुजली करने वाला केमिकल/पाउडर, 6 फर्जी नंबर प्लेट और 6 की-पैड मोबाइल बरामद किए हैं।

Hazaribagh police team with 8 arrested members of interstate Kodha gang and recovered gold, bikes

झील रोड पर भाग रहे थे अपराधी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा:

  • गुप्त सूचना पर बनी विशेष एसआईटी: पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को 1 सितंबर 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि पूर्व में छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने वाले कोढ़ा गिरोह के कुछ सक्रिय सदस्य पुनः बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए शहरी क्षेत्र में दाखिल हुए हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर एसडीपीओ रूपक कुमार और डीएसपी सीसीआर अरमानुल हक के नेतृत्व में शहरी क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों और सशस्त्र बलों की विशेष छापामारी टीम गठित की गई।
  • झील के पास चेकिंग में धरे गए 4 बदमाश: लोहसिंघना थाना प्रभारी द्वारा हजारीबाग झील के समीप एंटी-क्राइम चेकिंग लगाई गई थी। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार चार संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर गाड़ी घुमाकर भागने लगे, जिन्हें पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया।
  • बिहार-झारखंड में 100 से अधिक वारदातों को दिया अंजाम: पकड़े गए अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे कटिहार के कुख्यात कोढ़ा गिरोह के सदस्य हैं। वे बैंकों, डाकघरों से पैसे निकालने वालों की रेकी कर, फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइकों से चेन छिनतई, डिक्की तोड़ना और खुजली पाउडर फेंककर टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे। गिरोह ने बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों में 100 से अधिक वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है।

चौपारण में था लोकल नेटवर्क, गैरेज में छिपाई जाती थीं चोरी की बाइकें:

​पूछताछ में खुलासा हुआ कि चौपारण थाना क्षेत्र के मरहेड़ी निवासी तीन सगे भाई—अरशद खान, अजहर खान और अफसर खान इस गिरोह को स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक्स और शरण उपलब्ध कराते थे। चौपारण बस स्टैंड के पास इनका गैरेज है, जहां अपराध में इस्तेमाल की जाने वाली चोरी की बाइकें छिपाकर रखी जाती थीं। इसके एवज में तीनों भाइयों को छिनतई के सोने और नकदी का हिस्सा मिलता था। पुलिस ने त्वरित दबिश देकर तीनों भाइयों को भी गिरफ्तार किया और इनके पास से चोरी की दो बाइकें बरामद कीं। इसके अतिरिक्त गिरोह के एक अन्य सदस्य सावन कुमार को भी गिरफ्तार कर लूटे गए जेवरात बरामद किए गए।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

  1. मिट्ठु यादव (41 वर्ष), पिता- स्व० श्यामलाल यादव, ग्राम- जुराबगंज, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार (बिहार) (पूर्व में पश्चिम बंगाल से शराब तस्करी में जेल जा चुका है)
  2. रितिक कुमार यादव (24 वर्ष), पिता- स्व० राजकुमार यादव, ग्राम- नया टोला जुराबगंज, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार (बिहार)
  3. सन्नी कुमार (24 वर्ष), पिता- प्रकाश यादव, ग्राम- नया टोला जुराबगंज, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार (बिहार) (पूर्व में बाइक चोरी में जेल जा चुका है)
  4. अमन यादव (32 वर्ष), पिता- राजेन्द्र यादव, ग्राम- नया टोला जुराबगंज, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार (बिहार) (पूर्व में बाइक चोरी व छिनतई के 2 कांडों में जेल जा चुका है)
  5. सावन कुमार, पिता- पृथ्वी चंद यादव, ग्राम- नया टोला जुराबगंज, थाना- कोढ़ा, जिला- कटिहार (बिहार)
  6. अरशद खान, पिता- मो० करीम खान, ग्राम- मरहेड़ी, थाना- चौपारण, जिला- हजारीबाग
  7. अजहर खान, पिता- मो० करीम खान, ग्राम- मरहेड़ी, थाना- चौपारण, जिला- हजारीबाग
  8. अफसर खान, पिता- मो० करीम खान, ग्राम- मरहेड़ी, थाना- चौपारण, जिला- हजारीबाग

बरामद सामानों की विवरणी:

  • सोने के आभूषण: लगभग 27 ग्राम (छीने गए जेवरात)
  • चोरी की मोटरसाइकिलें: 04 (फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई)
  • खुजली करने वाला पदार्थ: 23 पुड़िया (टप्पेबाजी में प्रयुक्त)
  • फर्जी नंबर प्लेट: 06
  • की-पैड मोबाइल फोन: 06

छापेमारी टीम में शामिल प्रमुख पदाधिकारी:

​सदर एसडीपीओ रूपक कुमार, सीसीआर डीएसपी अरमानुल हक, सदर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार, कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक, लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा, चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार, कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार, सअनि काशीनाथ सिंह, लोहसिंघना, कोर्रा व सदर थाना के पुअनि तथा तकनीकी शाखा व जिला सशस्त्र बल के जवान।

Hazaribagh Crime: इचाक के देवकुली में मकई विवाद में सगे भतीजे ने चाचा सुनील ठाकुर को मार डाला! 🚨💥

इचाक के देवकुली में मकई विवाद में खूनी संघर्ष: सगे भतीजे छोटू ठाकुर ने चाचा सुनील ठाकुर को पीट-पीटकर मार डाला!

इचाक/हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष क्राइम डेस्क):

हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड अंतर्गत देवकुली (विदेकुली) गांव में मकई (भुट्टे) के मामूली विवाद ने भयानक रूप ले लिया। मकई तोड़ने और खाने का झूठा आरोप लगाते हुए सगे भतीजे छोटू ठाकुर ने अपने 42 वर्षीय चाचा सुनील ठाकुर पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनील ठाकुर ने अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में भारी आक्रोश व मातम पसरा है।

Deceased Sunil Thakur and grieving family members at Devkuli village Ichak Hazaribagh

घटना का विस्तृत विवरण:

  • विवाद की शुरुआत: परिजनों के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को घर में मकई खाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। मृतक सुनील ठाकुर बाजार से अपने पैसों से मकई खरीदकर लाए थे, जिसे घर के बच्चे खा रहे थे।
  • झूठा आरोप व हमला: आरोपी भतीजे छोटू ठाकुर ने खेत से मकई तोड़ने का झूठा आरोप लगाते हुए पहले घर की महिलाओं से गाली-गलौज की। इसके बाद अचानक कमरे से निकलकर उसने चाचा सुनील ठाकुर पर हमला कर दिया।
  • सिर और सीने पर बेरहमी से वार: छोटू ठाकुर ने चाचा के सिर और छाती पर ताबड़तोड़ गंभीर वार किए, जिससे उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी और वे बेहोश होकर गिर पड़े।
  • अस्पताल ले जाते समय मौत: परिजन गंभीर हालत में उन्हें शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (हजारीबाग) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक और परिवार का विवरण:

  • मृतक: सुनील ठाकुर (उम्र 42 वर्ष), निवासी- देवकुली, थाना- इचाक, जिला- हजारीबाग।
  • आरोपी: छोटू ठाकुर (सगा भतीजा)।
  • परिवार: मृतक अपने पीछे पत्नी अंजू देवी, दो बेटे और तीन बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घटना के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिसिया कार्रवाई:

घटना की सूचना मिलते ही इचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के उपरांत परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, घटना को अंजाम देकर फरार हुए आरोपी छोटू ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

Hazaribagh Encounter News: केरेडारी में राहुल दुबे गैंग से मुठभेड़, 1 अपराधी को लगी गोली; हथियार के साथ 2 गिरफ्तार

 

Hazaribagh Police Encounter: हजारीबाग के केरेडारी में राहुल दुबे गैंग से मुठभेड़, 2 सक्रिय सदस्य हथियार समेत गिरफ्तार; 1 अपराधी पैर में गोली लगने से घायल

हजारीबाग:

हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में पुलिस और राहुल दुबे आपराधिक गिरोह के बीच देर रात सीधी मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक शातिर अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से राहुल दुबे गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए देशी पिस्तौल, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।

​पुलिस अधीक्षक (SP) हजारीबाग के निर्देश पर बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में की गई इस त्वरित कार्रवाई को पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Hazaribagh Encounter 

परिवहन मार्ग पर पर्चा छोड़कर भाग रहे थे अपराधी

​पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 23/24 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि हजारीबाग पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि केरेडारी थाना (पगार ओपी) क्षेत्र के अंतर्गत चंद्रगुप्त कोल खनन परियोजना के ट्रांसपोर्टिंग मार्ग पर खड़े ट्रकों एवं बुकरू-पचड़ा रोड बैरियर के समीप अपाची मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात अपराधी लेवी (रंगदारी) मांगने के उद्देश्य से पर्चा छोड़कर बुकरू जंगल की ओर भागे हैं।

​सूचना मिलते ही तत्काल बड़कागांव SDPO के नेतृत्व में केरेडारी थाना प्रभारी और पगार ओपी प्रभारी ने सशस्त्र बलों के साथ बुकरू गाँव के जंगलों में सघन घेराबंदी एवं छापेमारी अभियान शुरू किया।

मुठभेड़ और पुलिस की जवाबी कार्रवाई

​तड़के लगभग 3:20 बजे बुकरू गाँव के जंगल के पास एक अपाची मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस वाहन को देखते ही अपराधियों ने अपनी बाइक जंगल की ओर मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन असंतुलित होकर गिर पड़े।

  • अपराधियों की ओर से फायरिंग: पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने पर अपराधियों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए लगातार 3-3 राउंड गोलियां चलाईं।
  • पुलिस की आत्मरक्षार्थ कार्रवाई: पुलिस बल द्वारा सुरक्षित स्थिति (Safe Position) लेते हुए पुनः चेतावनी दी गई, लेकिन अपराधियों ने दूसरी बार फिर फायर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित जवाबी कार्रवाई करते हुए 3 राउंड फायर किए।
  • गोली लगने से एक पस्त: पुलिस की जवाबी गोलीबारी में फायरिंग कर रहे अपराधी के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।

रंगदारी के लिए डराने का था इरादा, हुई गिरफ्तारी

​पकड़ाए गए अपराधियों की पहचान निम्नलिखित रूप में की गई है:

  1. मो० रागीब अफजल (पिता- रफिक अंसारी), निवासी- चेपाखुर्द, थाना- डाडीकला ओपी (बड़कागांव थाना), जिला- हजारीबाग। (गोली लगने से घायल)
  2. जितेन्द्र सोनी (पिता- ईश्वर सोनी), निवासी- चट्टीबरियातु, थाना- पगार ओपी (केरेडारी थाना), जिला- हजारीबाग।

​पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि चंद्रगुप्त कंपनी द्वारा रंगदारी (लेवी) नहीं देने पर कंपनी के ट्रांसपोर्टिंग एरिया में दहशत फैलाने के उद्देश्य से उन्होंने फायरिंग की थी और गिरोह का पर्चा छोड़ा था।

बरामदगी का विवरण:

  • देशी पिस्तौल: 01
  • मोबाइल फोन: 03
  • अपाची मोटरसाइकिल: 01

छापेमारी दल (Police Team)

​इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारी व बल शामिल थे:

  1. ​अमिता आनन्द (भा०पु०से०), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव।
  2. पु०नि० शाहिद रजा, पुलिस निरीक्षक, बड़कागांव अंचल।
  3. पु०अ०नि० वेद प्रकाश पाण्डेय, थाना प्रभारी, केरेडारी थाना।
  4. पु०अ०नि० दिनेश मंडल, ओपी प्रभारी, पगार।
  5. स०अ०नि० सिद्धेश्वर पंडित, केरेडारी थाना।
  6. ​केरेडारी थाना एवं पगार ओपी के सशस्त्र बल।
  7. ​तकनीकी शाखा एवं संगठित अपराध शाखा के पुलिस अधिकारी व कर्मी।
Office of the Superintendent of Police, Hazaribagh (Official Press Release)

Hazaribagh: NEET परीक्षा को लेकर होटलों और लॉज में पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान, SP के आदेश पर कार्रवाई।

 

हजारीबाग: NEET परीक्षा को लेकर होटलों और लॉज में पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान, दिए कड़े निर्देश

हजारीबाग: आगामी नीट (NEET) परीक्षा को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार के आदेशानुसार बीते शुक्रवार की रात्रि को कोर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न होटलों और लॉज में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

NEET परीक्षा को लेकर होटलों और लॉज में पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान, SP के आदेश पर कार्रवाई।

👥 वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

​यह छापेमारी और जांच अभियान एसडीपीओ (SDPO) सदर एवं पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सीसीआर के संयुक्त नेतृत्व में चलाया गया। अभियान के दौरान कोर्रा थाना प्रभारी और पुलिस बल के जवानों ने क्षेत्र के होटलों और लॉज के कमरों, मुसाफिरों के दस्तावेजों और एंट्री रजिस्टरों की सघन जांच की।

​📋 होटल और लॉज मालिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश

​चेकिंग अभियान के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने सभी होटल और लॉज मालिकों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश भी दिए:

  • पहचान पत्र अनिवार्य: किसी भी मुसाफिर या छात्र को बिना वैध सरकारी पहचान पत्र (ID Proof) के कमरा न दिया जाए।
  • रजिस्टर मेंटेनेंस: आने-जाने वाले हर व्यक्ति का सही नाम, पता, मोबाइल नंबर और आने का उद्देश्य रजिस्टर में तुरंत दर्ज हो।
  • संदिग्ध गतिविधि की सूचना: यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आती है, तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय कोर्रा थाना या पुलिस प्रशासन को दें।

​पुलिस प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए ऐसे एहतियाती कदम आगे भी जारी रहेंगे।

और पढ़ें: हजारीबाग पुलिस का नशा माफियाओं के खिलाफ महा-अभियान: इचाक और विष्णुगढ़ में माइकिंग के जरिए सड़कों पर उतरी खाकी

हजारीबाग में SIT का बड़ा एक्शन: ईचाक के लोटवा जंगल से व्हाट्सएप ग्रुप चलाने वाले 5 बड़े ड्रग तस्कर गिरफ्तार, 52 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद

हजारीबाग में SIT का बड़ा एक्शन: ईचाक के लोटवा जंगल से व्हाट्सएप ग्रुप चलाने वाले 5 बड़े ड्रग तस्कर गिरफ्तार, 52 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद

चतरा से खरीदकर हजारीबाग, पदमा और बरही में फैलाया था जाल; मुख्य सरगना राहुल मेहता पर दर्ज हैं पहले से 16 से अधिक संगीन मामले।


हजारीबाग, झारखंड: हजारीबाग जिला पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने ईचाक थाना क्षेत्र के ग्राम लोटवा जंगल में घेराबंदी कर अंतर-जिला ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 5 शातिर मादक पदार्थ तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है, जिनके पास से 52 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर और 06 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। डीडी कीट से जांच करने पर बरामद सामग्री के ब्राउन शुगर होने की पुष्टि हुई है।
Giraftaar Abhiukten


अपर एसपी के नेतृत्व में बनी थी SIT टीम


हजारीबाग में ड्रग्स के बढ़ते नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमित कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (Sadar) अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में ईचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार और लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा सहित सशस्त्र बल शामिल थे। टीम को खुफिया जानकारी मिली थी कि तस्करों का गिरोह लोटवा जंगल के रास्ते बड़ी डील की प्लानिंग कर रहा है, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर इन्हें दबोच लिया।

व्हाट्सएप ग्रुप से ऑपरेट होता था पूरा सिंडिकेट


पकड़े गए अपराधियों की पहचान राहुल कुमार (गुँजा), विशाल कुमार (रतनपुर), अमित कुमार (बरकाकला), दीपक कुमार (बरका खुर्द) और मुकेश कुमार (सायलखुर्द) के रूप में हुई है।

 पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:


व्हाट्सएप सिंडिकेट: यह पूरा नेटवर्क एक गुप्त व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए संचालित होता था, जहां कोड वर्ड में सौदे तय किए जाते थे।
खुद नशा नहीं करते: गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी केवल सप्लायर हैं; इनमें से कोई भी खुद ब्राउन शुगर पीने का आदी नहीं है। पुलिस अब इनके द्वारा ड्रग्स की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर रही है।

चतरा कनेक्शन: ये अपराधी चतरा जिले के बड़े सप्लायरों से महज 1400 रुपये प्रति ग्राम की दर से ब्राउन शुगर खरीदते थे। इसके बाद इसे अपने सहयोगियों को 1500-1600 रुपये में देते थे, जो अंततः ईचाक, पदमा, बरही और हजारीबाग के स्थानीय युवाओं को 2200 से 2400 रुपये प्रति ग्राम की अत्यधिक ऊंची कीमतों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाते थे।

मुख्य सरगना राहुल मेहता का लंबा आपराधिक इतिहास


गिरफ्तार आरोपियों में से मुख्य सरगना राहुल कुमार (उम्र 26 वर्ष) एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ अकेले ईचाक, सदर, दारू, कोर्रा और बरही थानों में 16 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act), आर्म्स एक्ट और जुआ अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा आरोपी दीपक कुमार पर 2 मामले, विशाल पर 1, अमित पर 1 और मुकेश कुमार पर पहले से विस्फोटक अधिनियम व कोयला अधिनियम के मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने इस संदर्भ में ईचाक थाना कांड संख्या- 91/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सभी पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

चतरा मोड़ के समीप अवैध अंग्रेजी शराब लदी बोलेरो जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

 चतरा मोड़ के समीप अवैध अंग्रेजी शराब लदी बोलेरो जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

चतरा मोड़ के समीप पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बिना नंबर की सफेद बोलेरो से तस्करी की जा रही थी शराब।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक।

चौपारण (हजारीबाग): हजारीबाग जिले के चौपारण थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चतरा मोड़ के समीप घेराबंदी कर एक बिना नंबर प्लेट की सफेद बोलेरो से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने बि
Chuparan Hazaribagh.

छाया जाल

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सोमवार (11 मई) को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक बिना नंबर की बोलेरो में अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए चौपारण पुलिस ने चतरा मोड़ के पास चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध सफेद बोलेरो को रुकने का इशारा किया गया, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।

भारी मात्रा में शराब और बीयर बरामद

वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को भारी मात्रा में अवैध शराब मिली। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

किंगफिशर बीयर: 09 पेटी (कुल 120 पीस)

ब्लेंडर प्राइड शराब: 08 पीस (बोतल)

वाहन: सफेद रंग की बोलेरो (बिना नंबर प्लेट)

इटखोरी और चौपारण के रहने वाले हैं तस्कर

पुलिस ने वाहन में सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उनकी संलिप्तता स्पष्ट होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है:

मृत्युंजय कुमार: पिता - रामरक्षा सिंह, साकिन - कंजिया, इटखोरी।

बीरेंद्र कुमार: पिता - प्रभु यादव, साकिन - नावाडीह, चौपारण।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

पुलिस ने अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोमवार को आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों अभियुक्तों को हजारीबाग केंद्रीय कारा (न्यायिक हिरासत) भेज दिया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शराब की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसे कहाँ खपाने की योजना थी।

हजारीबाग में बड़े धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश: पुलिस छापेमारी में 35 आधार और 28 वोटर कार्ड समेत भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद

हजारीबाग में बड़े धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश: पुलिस छापेमारी में 35 आधार और 28 वोटर कार्ड समेत भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद

विष्णुगढ़ पुलिस की कार्रवाई: एक ही फोटो पर बने थे कई नाम के आधार कार्ड, 89 डेबिट कार्ड और लैपटॉप ज़ब्त; आरोपी फरार।

हजारीबाग, झारखंड:

झारखंड के हजारीबाग जिले के अंतर्गत विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

Jaalsaaji ka bhanda for

गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने साइबर अपराधियों और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के बीच हड़कंप मचा दिया है। हालांकि, छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी घर से फरार होने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस सघन छापेमारी कर रही है।
Press releases.

गुप्त सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

विष्णुगढ़ पुलिस को 24 अप्रैल 2026 को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि थाना कांड संख्या 08/26 का अभियुक्त अपने घर पर मौजूद है और पुनः धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सपन कुमार महथा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब अभियुक्त के घर पर दबिश दी, तो वह अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।

फर्जी दस्तावेजों का जखीरा बरामद

अभियुक्त के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को जो सबूत मिले, वे चौंकाने वाले हैं। पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में फर्जी पहचान पत्र और बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामानों की सूची इस प्रकार है:

  • पहचान पत्र: 35 आधार कार्ड (जिनमें एक ही फोटो का उपयोग अलग-अलग नामों के लिए किया गया था) और 28 वोटर आईडी कार्ड।
  • बैंकिंग दस्तावेज: विभिन्न बैंकों के कुल 89 डेबिट कार्ड, 39 बैंक पासबुक और 07 चेकबुक।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 02 पुराने लैपटॉप (HP और DELL), 02 JIO डोंगल और 02 एंड्रॉइड मोबाइल फोन।
  • अन्य: 08 पैन कार्ड और 03 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

जालसाजी का अनोखा तरीका

जांच में पाया गया कि अभियुक्त बेहद शातिराना तरीके से धोखाधड़ी कर रहा था। बरामद आधार कार्डों में एक ही व्यक्ति की फोटो का उपयोग 'मजिदन खातून', 'नजमा खातून' और 'आईसा खातून' जैसे अलग-अलग नामों से कार्ड बनाने में किया गया था। यही पैटर्न वोटर कार्ड और अन्य दस्तावेजों में भी देखा गया। पुलिस के अनुसार, इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग बैंक खाते खुलवाने और अवैध वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था।

पुलिस टीम में ये थे शामिल

इस सफल छापेमारी अभियान में थाना प्रभारी सपन कुमार महथा के साथ पु०अ०नि० अनुपम प्रकाश, आशीष कुमार सिंह, ग्लेडिस बरजो, म०द० कंचन कुमारी और थाना रिजर्व बल के जवान शामिल थे।

​विष्णुगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य साइबर अपराधियों से जुड़े हो सकते हैं और जल्द ही फरार अभियुक्त को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

ज्वेलरी दुकान में फायरिंग कर लूट करने वाले गिरोह के 7 अपराधी गिरफ्तार

ज्वेलरी दुकान में फायरिंग कर लूट करने वाले गिरोह के 7 अपराधी गिरफ्तार

नंदनी ज्वेलर्स लूट कांड का खुलासा; हथियार, जिंदा कारतूस और अपाचे बाइक बरामद

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग। झारखण्ड की हजारीबाग पुलिस ने बड़कागांव थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज लूट और गोलीबारी की घटना का सफल उद्भेदन किया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त गिरोह के सात शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों ने फरवरी माह में नंदनी ज्वेलर्स के मालिक पर फायरिंग कर गहनों से भरा झोला लूट लिया था। पुलिस ने इनके पास से हथियार और लूट में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की है।

Giraftaar abhiukt,

गुप्त सूचना पर पुलिस की घेराबंदी

पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। सूचना मिली थी कि अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए बड़कागांव-हजारीबाग मार्ग पर घात लगाकर बैठे हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए मौके से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में पिछले सभी कांडों का पर्चा फाड़ दिया।

Jabt kiye gaye smargi

मास्टरमाइंड ने रची थी लूट की साजिश

पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूट की पूरी रेकी बड़कागांव निवासी संदीप कुमार सोनी ने की थी। उसी ने 5 फरवरी को योजना बनाई और 7 फरवरी को अपने साथियों विनोद कुमार भुइयाँ, प्रिंस यादव और राहुल कुमार के साथ मिलकर नंदनी ज्वेलर्स के मालिक से लूटपाट की। विरोध करने पर अपराधियों ने फायरिंग भी की थी और चतरा की ओर भाग निकले थे।

Jari Press release.

गिरफ्तार अपराधियों की सूची

पुलिस ने इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है:

विनोद कुमार भुइयाँ (चतरा)

प्रिंस यादव (चतरा)

तेजू कुमार भोक्ता (चतरा)

साकिन्दर कुमार गंजु (चतरा - बाइक मालिक)

रामधनी ठठेरा (चतरा)

संदीप कुमार सोनी (बड़कागांव - मुख्य साजिशकर्ता)

विशाल शांताराम (गया, बिहार)

बरामदगी का विवरण

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है

देशी पिस्टल: 01

जिंदा गोली: 13

मोबाइल फोन: 03

अपाचे मोटरसाइकिल: 01 (लूट में प्रयुक्त)

पुलिस की इस सफलता में बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फिलहाल पुलिस अपराधियों के अन्य संपर्कों और लूटे गए जेवरों की बरामदगी के लिए जांच जारी रखे हुए है।

हजारीबाग में अंधविश्वास की पराकाष्ठा: विष्णुगढ़ में मासूम की नरबलि का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा

हजारीबाग में अंधविश्वास की पराकाष्ठा: विष्णुगढ़ में मासूम की नरबलि का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा

तंत्र-मंत्र और देवदोष दूर करने के नाम पर अपनों ने ही बुझा दिया घर का चिराग, पुलिस की एसआईटी टीम ने आरोपियों को भेजा जेल

हजारीबाग, झारखंड

झारखंड के हजारीबाग जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने आधुनिक समाज में शिक्षा और जागरूकता के दावों पर गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्भा गाँव में बीते दिनों एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसका पुलिस ने अब पूरी तरह से खुलासा कर दिया है। यह मामला महज एक हत्या का नहीं, बल्कि गहरी जड़ें जमाए हुए अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और नरबलि जैसी कुप्रथाओं का एक वीभत्स चेहरा है। पुलिस द्वारा की गई गहन जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिस बच्ची को दुनिया की बुरी नजरों से बचाने की जिम्मेदारी उसके माता-पिता की थी, उसी मां ने तांत्रिक के बहकावे में आकर अपनी ही कोख उजाड़ दी।

हजारीबाग पुलिस की गिरफ्त में नरबलि कांड के आरोपीयों और जिले के सभी पदाधिकारियों संघ जांच में जुटी एसआईटी टीम।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब 25 मार्च 2026 की सुबह विष्णुगढ़ पुलिस को सूचना मिली कि कुसुम्भा गांव के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में झाड़ियों के पास एक नाबालिग बच्ची का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ है। यह वही बच्ची थी जो एक दिन पहले यानी 24 मार्च की रात मंगला जुलूस के दौरान रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी। शुरुआत में इस मामले को बलात्कार और हत्या के दृष्टिकोण से देखा जा रहा था, क्योंकि मृतिका की मां रेशमी देवी ने ही धनेश्वर पासवान और अन्य अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लेकिन जब पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं को खंगाला, तो कहानी कुछ और ही निकलकर सामने आई।

जांच के दौरान पुलिस का शक गहराया और जब कड़ियों को जोड़ा गया तो मामला सीधे तौर पर तंत्र-मंत्र से जुड़ा पाया गया। पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि मृतिका की माँ रेशमी देवी पिछले एक साल से गाँव की ही एक कथित तांत्रिक शांति देवी उर्फ भगतिनी के संपर्क में थी। रेशमी देवी अपने बेटे सुधीर कुमार सिंह की शारीरिक और मानसिक बीमारी को लेकर काफी चिंतित रहती थी और उसे लगता था कि किसी ऊपरी साये की वजह से उसका बेटा ठीक नहीं हो पा रहा है। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए तांत्रिक भगतिनी ने उसके मन में यह बात बैठा दी कि उसके बेटे को तभी ठीक किया जा सकता है जब किसी कुंवारी कन्या की बलि दी जाए। भगतिनी ने बड़ी चालाकी से रेशमी को विश्वास दिलाया कि उसकी छोटी बेटी पर ही माता सवार रहती है और उसकी बलि देने से न केवल बेटा ठीक होगा बल्कि घर के सारे संकट दूर हो जाएंगे।

अंधविश्वास में अंधी हो चुकी मां अपनी ही बेटी की बलि देने के लिए तैयार हो गई। योजना के अनुसार रामनवमी के पर्व के दौरान इस कुकृत्य को अंजाम देने का समय तय किया गया। 24 मार्च की शाम जब पूरा गांव उत्सव में डूबा था, रेशमी देवी अपनी बेटी को लेकर तांत्रिक भगतिनी के घर पहुंची। भगतिनी ने पहले से ही बलि की पूरी तैयारी कर रखी थी। उसने यह भी निर्देश दिया था कि बलि के समय बच्ची को काबू करने के लिए एक पुरुष की आवश्यकता होगी, जिसके लिए भीम राम नामक व्यक्ति को शामिल किया गया। रात के सन्नाटे में जब गांव वाले उत्सव मना रहे थे, तब एक मासूम बच्ची को उसकी अपनी मां और तांत्रिक द्वारा मौत के घाट उतारने की पटकथा लिखी जा रही थी।

तांत्रिक भगतिनी के घर के भीतर स्थित मनसा मंदिर में पहले पूजा-पाठ का ढोंग किया गया। बच्ची को सिंदूर का टीका लगाया गया, काजल लगाया गया और प्रसाद के रूप में इलायची दाना खिलाया गया। इसके बाद उसे पास की एक बांसवाड़ी में ले जाया गया जिसे तांत्रिक अपना 'भूत बांधने का स्थान' कहती थी। वहां मासूम बच्ची को जमीन पर लेटा दिया गया। जैसे ही तंत्र-मंत्र का खेल शुरू हुआ, तांत्रिक ने दावा किया कि उस पर 'देवास' आ गया है और उसे कुमारी कन्या का खून चाहिए। इसके तुरंत बाद भीम राम ने बच्ची का गला घोंटना शुरू किया और अपनी ही कोख को कत्ल होते देख रही मां ने विरोध करने के बजाय अपनी तड़पती हुई बेटी के दोनों पैर मजबूती से पकड़ लिए ताकि वह हिल न सके।

बच्ची की जान निकलने के बाद भी दरिंदगी कम नहीं हुई। आरोपियों ने शव के साथ अत्यंत वीभत्स कृत्य किए। तांत्रिक के इशारे पर मृत बच्ची के शरीर के साथ छेड़छाड़ की गई और मंत्रोच्चार के बीच उसकी पवित्रता को खंडित करने का प्रयास किया गया। यही नहीं, भीम राम ने अपने साथ लाए पत्थर से बच्ची के सिर पर जोरदार प्रहार किया जिससे उसका चेहरा लहूलुहान हो गया। उस मासूम के बहते हुए खून को अंजुलि में भरकर तांत्रिक ने अपने मंदिर में छिड़का और शव पर उसी खून से पुताई कर अपनी आसुरी पूजा संपन्न की।

पुलिस ने इस जघन्य कांड में संलिप्त तीनों मुख्य आरोपियों—भीम राम, रेशमी देवी (मृतिका की मां) और शांति देवी उर्फ भगतिनी को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से अपराध में प्रयुक्त पत्थर, प्लास्टिक की बोरी और अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गई हैं। इस सफलता के पीछे विष्णुगढ़ और हजारीबाग पुलिस की एक बड़ी टीम का हाथ है, जिन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से मामले की गुत्थी सुलझाई। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि आज भी शिक्षा के अभाव और अंधविश्वास के जाल में फंसकर लोग कितने बड़े अपराध को अंजाम दे सकते हैं। फिलहाल तीनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक। न्यूज़ प्रहरी।।

हजारीबाग रामनवमी उत्सव के बीच मातम: झंडा चौक पर युवक की हत्या, मानवता शर्मसार

हजारीबाग रामनवमी उत्सव के बीच मातम: झंडा चौक पर युवक की हत्या, मानवता शर्मसार

हजारीबाग: खुशियों के बीच पसरा सन्नाटा

झारखंड के हजारीबाग में विश्वप्रसिद्ध रामनवमी और विजयादशमी का उत्साह उस समय मातम में बदल गया, जब एक होनहार युवक की नृशंस हत्या कर दी गई। शहर के हृदय स्थल झंडा चौक पर घटी इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और समाज की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ा बाजार ग्वालटोली मोहल्ले के रहने वाले संजू वर्मा के इकलौते पुत्र अभिषेक कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

Nayay ki guhaar lagate mritak ke parivar 

कैसे घटी यह अमानवीय घटना?

जानकारी के अनुसार, विजयादशमी की रात्रि जब पूरा शहर जुलूस और उत्सव के माहौल में डूबा हुआ था, तभी झंडा चौक के पास अज्ञात असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाकर अभिषेक कुमार पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और तेज धारदार औजारों का इस्तेमाल किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना अचानक और भीषण था कि अभिषेक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए रांची रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, रांची ले जाने के दौरान रास्ते में ही अभिषेक ने दम तोड़ दिया।

एक मां का छिन गया इकलौता सहारा

अभिषेक अपने माता-पिता का इकलौता चिराग था। जिस मां ने अपने आंचल की छांव में बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, आज वह असहनीय पीड़ा में बिलख रही है। ग्वालटोली स्थित उनके आवास पर चीख-पुकार मची है। मोहल्ले के लोग स्तब्ध हैं कि आखिर एक साधारण से युवक की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है कि उसकी जान ले ली गई। यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार के अंत की शुरुआत है।

पोस्टमार्टम के दौरान उमड़ी भारी भीड़

घटना की सूचना मिलते ही शहर के प्रबुद्ध नागरिक और जनप्रतिनिधि सदर अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के दौरान संपादक नरेश प्रसाद सोनी, डिप्टी मेयर  अविनाश कुमार यादव, रंजन चौधरी, दीपू गोप,  मनोज गुप्ता सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस अमानवीय कृत्य की निंदा की और जिला प्रशासन से हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है।

प्रशासनिक विफलता या असामाजिक तत्वों का दुस्साहस?

रामनवमी जैसे संवेदनशील मौके पर जब हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात रहता है, तब झंडा चौक जैसे प्रमुख स्थान पर ऐसी घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस मुस्तैद होती तो शायद अभिषेक की जान बच सकती थी। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।

झारखंड में मानवता शर्मसार: विष्णुगढ़ की दरिंदगी ने हिलाया प्रदेश, न्याय की मांग तेज

झारखंड में मानवता शर्मसार: विष्णुगढ़ की दरिंदगी ने हिलाया प्रदेश, न्याय की मांग तेज

हजारीबाग:  जिले के अंतर्गत आने वाले विष्णुगढ़ प्रखंड के एक सुदूरवर्ती गांव में हाल ही में घटित हुई अत्यंत वीभत्स और हृदयविदारक घटना ने न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। एक 12 वर्षीय मासूम बालिका के साथ जिस प्रकार की बर्बरता और नृशंसता की गई, उसने सभ्य समाज के माथे पर कलंक लगा दिया है। यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि प्रशासनिक विफलता और सामाजिक सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। संसद सत्र की व्यस्तताओं के तत्काल बाद हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का पीड़ित परिवार के बीच पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि मामले की गंभीरता कितनी गहरी है। पीड़ित परिवार के आंसू और उनकी न्याय की गुहार आज पूरे हजारीबाग की आवाज बन चुकी है।

सांसद सेवा केंद्र हजारीबाग में प्रेस वार्ता को संबोधित करते सांसद मनीष जायसवाल और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी।

विष्णुगढ़ की इस घटना के विवरण इतने भयावह हैं कि उन्हें सुनकर किसी भी व्यक्ति की रूह कांप सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगल जुलूस के पावन अवसर पर अपनी मां के साथ शामिल हुई वह मासूम बच्ची अचानक गायब हो गई। अगले दिन जब उसका शव बरामद हुआ, तो वह दृश्य अमानवीयता की सारी हदें पार कर चुका था। अपराधियों ने न केवल मासूम की जान ली, बल्कि उसके शरीर के साथ वह दरिंदगी की जिसकी कल्पना मात्र से सिहरन पैदा होती है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस घटना को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' की श्रेणी में रखते हुए इसकी तुलना दिल्ली के चर्चित निर्भया कांड से की है। वास्तव में, एक अबोध बालिका के साथ की गई यह क्रूरता उससे भी कहीं अधिक जघन्य प्रतीत होती है क्योंकि इसमें अपराधी की मानसिकता पूरी तरह से राक्षसी नजर आती है।

इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के उपरांत भी सत्ता पक्ष के किसी बड़े प्रतिनिधि का पीड़ित परिवार तक न पहुंचना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। लोकतंत्र में जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है, परंतु यहां प्रशासन की चुप्पी और सुस्ती ने जनता के आक्रोश को और अधिक भड़काने का काम किया है। भाजपा ने इसी संवेदनहीनता के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि रविवार तक दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो सोमवार को 'हजारीबाग बंद' के माध्यम से जनता अपनी आवाज बुलंद करेगी। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर झारखंड भाजपा महिला मोर्चा का प्रस्तावित उग्र प्रदर्शन भी सरकार की घेराबंदी करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सांसद सेवा केंद्र में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह बात प्रमुखता से उभर कर आई कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। पीड़िता के पिता को आजीविका के लिए अक्सर घर से दूर रहना पड़ता है। ऐसे में भाजपा द्वारा दी गई तत्काल सहायता सराहनीय है, किंतु स्थायी समाधान के लिए सरकार को एक सम्मानजनक मुआवजा राशि की घोषणा करनी चाहिए। न्याय की प्रक्रिया में देरी अक्सर अपराधियों के मनोबल को बढ़ाती है, इसलिए मांग की गई है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को तत्काल फांसी की सजा दी जाए। समाज में कानून का डर तभी कायम होगा जब ऐसे नरपिशाचों को उनके किए की कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।

इसी बीच, हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने एक अन्य महत्वपूर्ण विषय पर भी प्रकाश डाला जो सीधे तौर पर आम जनता की जेब और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा है। रामनवमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों पर कस्टम ड्यूटी में की गई कटौती एक राहत भरी खबर के रूप में सामने आई है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्धों और अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। जहां दुनिया के विकसित राष्ट्र भी महंगाई की मार से त्रस्त हैं और वहां ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हो रही है, ऐसे समय में भारत सरकार का यह निर्णय आम आदमी को बड़ी राहत प्रदान करने वाला है।

पेट्रोलियम उत्पादों पर सीमा शुल्क घटाने का सीधा अर्थ यह है कि आने वाले समय में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी या उनमें कमी आएगी। यह दूरदर्शितापूर्ण कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईंधन की कीमतों का सीधा असर माल ढुलाई और अंततः खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ता है। सांसद ने इस फैसले को प्रधानमंत्री की जनता के प्रति जवाबदेही और सेवा भावना का परिचायक बताया है। हजारीबाग की जनता के लिए एक तरफ जहां सुरक्षा और न्याय की लड़ाई जारी है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां उन्हें महंगाई के मोर्चे पर संबल प्रदान कर रही हैं।

अंततः, विष्णुगढ़ की घटना केवल एक कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की नैतिक गिरावट का भी संकेत है। अपराधियों को फांसी की सजा दिलाना और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करना अब पूरे जिले का संकल्प बन चुका है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं का सामूहिक प्रयास इस बात को सुनिश्चित करने के लिए है कि भविष्य में किसी भी मासूम को ऐसी दरिंदगी का शिकार न होना पड़े। सरकार को अपनी नींद त्याग कर अब ठोस कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाना होगा, अन्यथा जनता का यह आक्रोश आने वाले समय में एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

Naresh Soni Editor in Chief.

हजारीबाग: दारू प्रखंड में मवेशी चोरों का आतंक, गरीब किसान की दुधारू गाय चोरी; दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार

हजारीबाग: दारू प्रखंड में मवेशी चोरों का आतंक, गरीब किसान की दुधारू गाय चोरी; दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड भारत।
Photo pidit ka

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत ग्राम पुनाई में मवेशी चोरों ने एक गरीब किसान की आजीविका पर गहरा प्रहार किया है। बीती रात चोरों ने वीरेंद्र यादव की एक गर्भवती गाय चुरा ली, जिसकी कीमत लगभग ₹50,000 से अधिक बताई जा रही है। इस घटना के बाद से किसान का परिवार सदमे में है और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।

परिवार की जीविका का एकमात्र सहारा थी गाय

पीड़ित किसान वीरेंद्र यादव, पिता भुवनेश्वर यादव ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी पूरी गृहस्थी इसी गाय पर टिकी थी। गाय 15-20 दिनों में बच्चा देने वाली थी, जिससे परिवार को दूध की बिक्री से अच्छी आय की उम्मीद थी। वीरेंद्र ने कहा, "हमारा पूरा घर, छोटे-छोटे बच्चे इसी गाय के भरोसे थे। अब हमारे पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं बचा है।"

नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों पर संदेह

ग्रामीणों और पीड़ित के अनुसार, गांव के पास बने एक शेड में रात के समय नशेड़ियों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं असामाजिक तत्वों की मिलीभगत से इस चोरी को अंजाम दिया गया है। करीब दो-तीन महीने पहले भी गांव के एक कुएं से मोटर पंप की चोरी हुई थी, जिससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन से मुआवजे और कार्रवाई की मांग

वीरेंद्र यादव ने स्थानीय थाने में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि चोरों का जल्द पता लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गाय बरामद नहीं होती है, तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

हजारीबाग के बड़कागांव में खूनी संघर्ष: आपसी रंजिश में स्कॉर्पियो से लोगों को कुचला, 2 की मौत, 6 घायल; मुख्य आरोपी समेत 7 गिरफ्तार

हजारीबाग के बड़कागांव में खूनी संघर्ष: आपसी रंजिश में स्कॉर्पियो से लोगों को कुचला, 2 की मौत, 6 घायल; मुख्य आरोपी समेत 7 गिरफ्तार

हजारीबाग। जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत नापो खुर्द में आपसी रंजिश के चलते एक बेहद खौफनाक और अमानवीय वारदात सामने आई है। बीती रात करीब 11 बजे दो गुटों के बीच हुए विवाद में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर स्कॉर्पियो गाड़ी चढ़ा दी और फिर हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस सनसनीखेज घटना में मौके पर ही 2 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मामले की जांच के लिए बड़कागांव पहुंचे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विकास साव समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

बातचीत करने गए थे, अचानक स्कॉर्पियो से कुचला और तलवार से काटा

हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल के आईसीयू (ICU) में इलाजरत घायल रोहित गुप्ता ने घटना की खौफनाक आपबीती सुनाई। रोहित ने बताया कि वे लोग बातचीत करने के लिए आरोपी के घर के बाहर खड़े थे। तभी आरोपी पक्ष ने बिना कुछ सोचे-समझे अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी उन पर चढ़ा दी। टक्कर लगने के बाद रोहित बेहोश हो गए। जब उन्हें होश आया तो परिजनों ने बताया कि स्कॉर्पियो से कुचलने के बाद आरोपियों ने तलवार से हमला कर उनके दो साथियों को मौत के घाट उतार दिया। रोहित ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।

तीर और लाठी-डंडों से हुआ जानलेवा हमला

इस घटना में एक अन्य घायल विनोद साव (जो पेशे से एक व्यवसायी के मुंशी हैं) भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी विकास साव (पिता- बंधु साव) और उसके लोगों ने अचानक हमला कर दिया। विनोद के अनुसार, उन पर तीर से हमला किया गया जो उनके सिर (माथे) में लगा और उन्हें लाठी-डंडों से भी बुरी तरह पीटा गया, जिससे उनका हाथ सूज कर नीला पड़ गया है।

विनोद साव ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं और घर में कमाने वाले वे अकेले हैं। इस हमले के कारण वे अगले दो-ढाई महीने तक काम करने में असमर्थ रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजे और कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल में इलाजरत घायल एवं घटना के बाद बड़कागांव में न्याय की मांग करते आक्रोशित लोग।

अस्पतालों में चल रहा घायलों का इलाज, इलाके में तनाव

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्राप्त जानकारी के अनुसार:

एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

दो लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

वर्तमान में 3 लोग हजारीबाग के अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से दो को सिर में गंभीर चोटें आई हैं।

इस निर्मम हत्या और जानलेवा हमले के बाद बड़कागांव इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय विधायक और पूर्व विधायक भी घटना को लेकर धरने पर बैठे नजर आए। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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