हजारीबाग में SIT का बड़ा एक्शन: ईचाक के लोटवा जंगल से व्हाट्सएप ग्रुप चलाने वाले 5 बड़े ड्रग तस्कर गिरफ्तार, 52 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद
चतरा से खरीदकर हजारीबाग, पदमा और बरही में फैलाया था जाल; मुख्य सरगना राहुल मेहता पर दर्ज हैं पहले से 16 से अधिक संगीन मामले।
हजारीबाग, झारखंड: हजारीबाग जिला पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने ईचाक थाना क्षेत्र के ग्राम लोटवा जंगल में घेराबंदी कर अंतर-जिला ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 5 शातिर मादक पदार्थ तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है, जिनके पास से 52 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर और 06 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। डीडी कीट से जांच करने पर बरामद सामग्री के ब्राउन शुगर होने की पुष्टि हुई है।
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अपर एसपी के नेतृत्व में बनी थी SIT टीम
हजारीबाग में ड्रग्स के बढ़ते नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमित कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (Sadar) अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में ईचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार और लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा सहित सशस्त्र बल शामिल थे। टीम को खुफिया जानकारी मिली थी कि तस्करों का गिरोह लोटवा जंगल के रास्ते बड़ी डील की प्लानिंग कर रहा है, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर इन्हें दबोच लिया।
व्हाट्सएप ग्रुप से ऑपरेट होता था पूरा सिंडिकेट
पकड़े गए अपराधियों की पहचान राहुल कुमार (गुँजा), विशाल कुमार (रतनपुर), अमित कुमार (बरकाकला), दीपक कुमार (बरका खुर्द) और मुकेश कुमार (सायलखुर्द) के रूप में हुई है।
पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
व्हाट्सएप सिंडिकेट: यह पूरा नेटवर्क एक गुप्त व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए संचालित होता था, जहां कोड वर्ड में सौदे तय किए जाते थे।
खुद नशा नहीं करते: गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी केवल सप्लायर हैं; इनमें से कोई भी खुद ब्राउन शुगर पीने का आदी नहीं है। पुलिस अब इनके द्वारा ड्रग्स की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर रही है।
चतरा कनेक्शन: ये अपराधी चतरा जिले के बड़े सप्लायरों से महज 1400 रुपये प्रति ग्राम की दर से ब्राउन शुगर खरीदते थे। इसके बाद इसे अपने सहयोगियों को 1500-1600 रुपये में देते थे, जो अंततः ईचाक, पदमा, बरही और हजारीबाग के स्थानीय युवाओं को 2200 से 2400 रुपये प्रति ग्राम की अत्यधिक ऊंची कीमतों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाते थे।
मुख्य सरगना राहुल मेहता का लंबा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपियों में से मुख्य सरगना राहुल कुमार (उम्र 26 वर्ष) एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ अकेले ईचाक, सदर, दारू, कोर्रा और बरही थानों में 16 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act), आर्म्स एक्ट और जुआ अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा आरोपी दीपक कुमार पर 2 मामले, विशाल पर 1, अमित पर 1 और मुकेश कुमार पर पहले से विस्फोटक अधिनियम व कोयला अधिनियम के मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने इस संदर्भ में ईचाक थाना कांड संख्या- 91/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सभी पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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