झुमरी तिलैया बिजली विभाग का कर्मी ₹5,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार; सिक्योरिटी मनी रिफंड के एवज में मांगी थी घूस
भ्रष्टाचार के खिलाफ विंग का कड़ा प्रहार: ईंट प्लांट मालिक की शिकायत पर बिछाया गया था जाल, हजारीबाग थाना में कांड संख्या 04/2026 दर्ज।
हजारीबाग/कोडरमा: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की विशेष ट्रैप टीम ने आज (21 मई 2026, गुरुवार) को पड़ोसी जिले कोडरमा के झुमरी तिलैया में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने बिजली आपूर्ति प्रमंडल, झुमरी तिलैया (कोडरमा) में पदस्थापित लाइनमैन सह प्रतिनियुक्ति सहायक सुनील कुमार को आवेदक से 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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| Range Hath Giraftaar. |
ईंट प्लांट का बिजली कनेक्शन बंद कराने और सिक्योरिटी मनी वापसी का था मामला
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कोडरमा जिले के डोमचांच थाना अंतर्गत ग्राम-चौधरीडीह (पो0-सपही) निवासी राजू कुमार यादव (उम्र 44 वर्ष), पिता-बासुदेव यादव, ने निरूपडाही स्थित अपने ईंट प्लांट के लिए बिजली कनेक्शन लिया था। प्लांट बंद हो जाने के कारण उन्होंने बिजली कनेक्शन कटवाने और बकाया बिल को उनकी पूर्व में जमा सिक्योरिटी मनी (सुरक्षा राशि) से काटने हेतु 9 जुलाई 2025 को कार्यपालक अभियंता कार्यालय, झुमरी तिलैया में आवेदन दिया था।
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| Press Releases. |
डोमचांच बिजली कार्यालय के कनीय अभियंता (JE) द्वारा कनेक्शन बंद कर फाइल आगे बढ़ाई गई। इसके बाद जब आवेदक अपनी सिक्योरिटी मनी रिफंड कराने के लिए विभाग के लेखापाल और संबंधित कर्मी सुनील कुमार से मिले, तो उनसे कहा गया कि रिफंड की रिपोर्ट रांची भेजने के नाम पर 15,000 रुपये की घूस देनी होगी।
सत्यापन में सही पाया गया आरोप, एसीबी ने बिछाया जाल
आवेदक राजू कुमार यादव रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इस बात की लिखित शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग से की। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के सत्यापनकर्ता द्वारा गुप्त रूप से किए गए विधिवत सत्यापन के दौरान आरोपी सुनील कुमार द्वारा पीड़ित से 5,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप पूरी तरह सत्य पाया गया।
आरोप की पुष्टि होने के बाद, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हजारीबाग थाना कांड सं0-04/2026, दिनांक-20.05.2026 पंजीकृत किया गया और आरोपी को दबोचने के लिए एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
केमिकल युक्त नोट थमाते ही एसीबी की टीम ने दबोचा
आज, 21 मई 2026 को ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर गठित ट्रैप टीम, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी (Magistrate) एवं दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में झुमरी तिलैया पहुंची। जैसे ही आवेदक ने आरोपी सुनील कुमार (उम्र 46 वर्ष), पिता-स्व० नारायण लाल दास (निवासी- आईसीआईसीआई बैंक के पीछे, झुमरी तिलैया) को रिश्वत के ₹5,000 थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी का रंग बदल गया (जो केमिकल लगे नोटों की पुष्टि करता है)। एसीबी की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर हजारीबाग प्रमंडलीय मुख्यालय ले आई है, जहां कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
संपादकीय संदेश: आम जनता की जमा पूंजी और उनके हक के पैसों (सिक्योरिटी मनी) को वापस करने के लिए भी सरकारी दफ्तरों में घूसखोरी का यह खेल बेहद शर्मनाक है। हजारीबाग एसीबी की यह त्वरित और जाल बिछाकर की गई कार्रवाई सराहनीय है। यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि यदि नागरिक सजग रहें और रिश्वत देने के बजाय आवाज उठाएं, तो ऐसे भ्रष्ट तंत्र को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सकता है।
प्रस्तुति: पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), हजारीबाग।
रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी स्पेशल क्राइम डेस्क।


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