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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग के किसानों के लिए खुशखबरी: जलनिधि योजना के तहत डीप बोरिंग और पर्कोलेशन टैंक के लिए आवेदन शुरू, जानें आवेदन की प्रक्रिया

 

हजारीबाग: जलनिधि योजना के तहत डीप बोरिंग और पर्कोलेशन टैंक के लिए आवेदन आमंत्रित, जानें पात्रता, नियम और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

हजारीबाग। हजारीबाग जिले में कृषि को बढ़ावा देने, बहुफसलीय खेती (Multi-cropping) को प्रोत्साहित करने तथा मानसून पर किसानों की निर्भरता कम करने के उद्देश्य से भूमि संरक्षण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'जलनिधि योजना' के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के माध्यम से जिले के लघु एवं सीमांत किसानों को सिंचाई की विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

Hazaribagh Jalanidhi Yojana notice for Deep Boring and Percolation Tank applications

1. डीप बोरिंग योजना: 5 एकड़ भूमि और पानी पंचायत अनिवार्य

  • किसे मिलेगा लाभ: लघु एवं सीमांत कृषक समूहों को।
  • क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी: 6 इंच व्यास का डीप बोरिंग, 1.5 एचपी (HP) सबमर्सिबल पंप, आवश्यक सामग्री तथा नि:शुल्क इंस्टॉलेशन।
  • नियम व पात्रता: योजना का क्रियान्वयन विधिवत गठित 'पानी पंचायत' के माध्यम से होगा। पानी पंचायत के सदस्यों के क्लस्टर में न्यूनतम 5 एकड़ भूमि होना अनिवार्य है।

2. पर्कोलेशन टैंक योजना: 10 एकड़ भूमि का क्लस्टर जरूरी

  • किसे मिलेगा लाभ: लघु एवं सीमांत कृषक समूहों को।
  • निर्धारित संरचना: 120 फीट लंबाई, 100 फीट चौड़ाई, 12 फीट गहराई तथा 370 फीट बंध।
  • पात्रता: पर्कोलेशन टैंक के लिए संबंधित किसान क्लस्टर में न्यूनतम 10 एकड़ भूमि होना अनिवार्य है।

चयन प्रक्रिया, प्राथमिकता और शर्तें

  • प्राथमिकता: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिला कृषक एवं इच्छुक लघु-सीमांत कृषक समूहों को चयन में प्राथमिकता मिलेगी।
  • जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा: त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सहभागिता के साथ ग्राम सभा द्वारा चयनित प्रस्तावों एवं स्थानीय विधायक की अनुशंसा वाले आवेदनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • अपात्रता: जिन किसान समूहों को पूर्व में डीप बोरिंग या पर्कोलेशन टैंक का लाभ मिल चुका है, वे पुनः आवेदन नहीं कर सकते।

आवेदन कहां से प्राप्त करें और कैसे जमा करें?

  • फॉर्म प्राप्त करने का स्थान: आवेदन पत्र भूमि संरक्षण सर्वे कार्यालय, कनहरी हिल रोड, दीपुगढ़ा, हजारीबाग से नि:शुल्क प्राप्त किया जा सकता है।
  • ऑनलाइन डाउनलोड: फॉर्म विभागीय वेबसाइट www.jharkhand.gov.in/agri तथा www.sameti.org पर भी उपलब्ध है।
  • जमा करने का माध्यम: पात्र किसान निर्धारित प्रपत्र-I (Form-I) में भरकर भूमि संरक्षण सर्वे पदाधिकारी, हजारीबाग के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं।

आवेदन के साथ जमा करने वाले आवश्यक दस्तावेज

  1. ​ग्राम सभा / योजना बनाओ अभियान में पारित प्रस्ताव की मुखिया/ग्राम प्रधान द्वारा प्रमाणित प्रति।
  2. ​गठित पानी पंचायत के पंजीकरण की प्रति एवं गठन की रंगीन तस्वीर।
  3. ​पानी पंचायत के बचत खाते में 10% कृषक अंशदान जमा करने का प्रमाण।
  4. ​लाभान्वित किसानों की सूची (मोबाइल नंबर सहित)।
  5. ​गांव के नक्शे पर योजना स्थल की चिह्नित प्रति।
  6. ​जमीन की अद्यतन (Current) रसीद एवं अंचलाधिकारी (CO) द्वारा निर्गत भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC)।
  7. ​पहचान पत्र।
  8. विशेष ध्यान दें: दस्तावेज अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण होने पर आवेदन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा। अतः किसान समय पर अपने आवश्यक कागजात तैयार कर आवेदन जमा करें।

हजारीबाग: दारू प्रखंड में मवेशी चोरों का आतंक, गरीब किसान की दुधारू गाय चोरी; दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार

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नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड भारत।
Photo pidit ka

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत ग्राम पुनाई में मवेशी चोरों ने एक गरीब किसान की आजीविका पर गहरा प्रहार किया है। बीती रात चोरों ने वीरेंद्र यादव की एक गर्भवती गाय चुरा ली, जिसकी कीमत लगभग ₹50,000 से अधिक बताई जा रही है। इस घटना के बाद से किसान का परिवार सदमे में है और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।

परिवार की जीविका का एकमात्र सहारा थी गाय

पीड़ित किसान वीरेंद्र यादव, पिता भुवनेश्वर यादव ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी पूरी गृहस्थी इसी गाय पर टिकी थी। गाय 15-20 दिनों में बच्चा देने वाली थी, जिससे परिवार को दूध की बिक्री से अच्छी आय की उम्मीद थी। वीरेंद्र ने कहा, "हमारा पूरा घर, छोटे-छोटे बच्चे इसी गाय के भरोसे थे। अब हमारे पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं बचा है।"

नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों पर संदेह

ग्रामीणों और पीड़ित के अनुसार, गांव के पास बने एक शेड में रात के समय नशेड़ियों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं असामाजिक तत्वों की मिलीभगत से इस चोरी को अंजाम दिया गया है। करीब दो-तीन महीने पहले भी गांव के एक कुएं से मोटर पंप की चोरी हुई थी, जिससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन से मुआवजे और कार्रवाई की मांग

वीरेंद्र यादव ने स्थानीय थाने में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि चोरों का जल्द पता लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गाय बरामद नहीं होती है, तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

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