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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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विभावि में इतिहास के पन्नों से रूबरू होंगे छात्र: प्रख्यात इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार का 'भारत विभाजन' पर विशेष व्याख्यान

विभावि में इतिहास के पन्नों से रूबरू होंगे छात्र: प्रख्यात इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार का 'भारत विभाजन' पर विशेष व्याख्यान

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
"हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय में व्याख्यान की तैयारियों का जायजा लेते विभागाध्यक्ष व अन्य।

हजारीबाग, झारखंड: शैक्षणिक विमर्श और ऐतिहासिक शोध की दिशा में विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तय करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के तत्वावधान में आगामी सोमवार, 16 मार्च को एक भव्य व्याख्यान का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए बल्कि इतिहास के जानकारों और शोधार्थियों के लिए भी वैचारिक मंथन का एक बड़ा मंच साबित होने वाला है।

विषय की गंभीरता और वर्तमान परिप्रेक्ष्य

इस विशेष व्याख्यान का विषय "भारत का विभाजन: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता" रखा गया है। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. हितेंद्र अनुपम ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्तमान समय में विभाजन की विभीषिका और उसके दूरगामी प्रभावों को समझना नई पीढ़ी के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव आज भी प्रासंगिक है।                        VBU News: फिजियोथैरेपी विभाग में 680 लोगों ने कराई निशुल्क जांच, कुलपति ने कहा- छात्राओं के स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्य वक्ता: प्रो. कपिल कुमार का व्यक्तित्व

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दिल्ली के प्रतिष्ठित प्रोफेसर और देश के जाने-माने इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार होंगे। प्रो. कुमार अपनी प्रखर विचारधारा और ऐतिहासिक तथ्यों के गहन विश्लेषण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं। उनके व्याख्यान अक्सर अनकहे ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करने के लिए जाने जाते हैं, जिससे श्रोताओं को इतिहास को एक नए नजरिए से देखने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम की रूपरेखा और उपस्थिति

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। स्थान: रवींद्रनाथ टैगोर भवन स्थित राधाकृष्णन सभागार।समय: व्याख्यान सुबह 11:00 बजे शुरू होगा।अनिवार्यता: विभाग ने प्रथम और चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए उपस्थिति अनिवार्य की है।

इस गरिमामई अवसर पर समाज विज्ञान संकाय के सभी विभागों के प्राध्यापक, पीएचडी शोधार्थी और विभिन्न महाविद्यालयों के इतिहास शिक्षक उपस्थित रहेंगे। विभाग ने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया है कि वे सुबह 10:50 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लें ताकि कार्यक्रम की गरिमा और अनुशासन बना रहे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह व्याख्यान?

'लो वैल्यू कंटेंट' से बचने के लिए यह समझना जरूरी है कि ऐसे आयोजन अकादमिक जगत में क्यों मायने रखते हैं। हजारीबाग जैसे शैक्षणिक केंद्र में प्रो. कपिल कुमार जैसे विद्वान का आना स्थानीय शोधार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है। भारत विभाजन की प्रासंगिकता पर चर्चा करने से न केवल पुराने जख्मों को समझा जा सकता है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए एक बेहतर राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा भी ली जा सकती है।

स्कूलों की बदलेगी सूरत, उप विकास आयुक्त ने शिक्षा विभाग की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

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हजारीबाग: समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में मंगलवार को शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के दिशा-निर्देशानुसार, उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले की शैक्षणिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की।

समाहरणालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान पदाधिकारियों को निर्देश देतीं उप विकास आयुक्त रिया सिंह।

इन मुख्य बिंदुओं पर रहा फोकस:

बैठक के दौरान डीडीसी ने निम्नलिखित योजनाओं और कार्यों की प्रगति की जांच की:

उपस्थिति और रिपोर्टिंग: एसएमएस (SMS) रिपोर्टिंग को प्रतिदिन अनिवार्य करने और स्कूलों में छात्र-शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य योजनाएं: आईएफए (IFA) दवा वितरण और आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी गति पर चर्चा हुई और इसमें तेजी लाने को कहा गया।

क्षेत्रीय निरीक्षण: सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से विद्यालयों का दौरा करें और वहां की व्यवस्थाओं का खुद निरीक्षण करें।

बुनियादी ढांचे के लिए तैयार होगी चेकलिस्ट रिया सिंह ने स्कूलों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEEOs) को एक विस्तृत चेकलिस्ट सौंपी है।

"विद्यालयों में पेयजल, चहारदीवारी, किचन शेड, नए भवन और बेंच-डेस्क जैसी सुविधाओं की कमी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी स्कूल अपनी आवश्यकताओं के अनुसार चेकलिस्ट भरकर समय सीमा में जमा करें।" — रिया सिंह, डीडीसी

बैठक में पीएम विद्यालयों की प्रगति की भी अलग से समीक्षा की गई ताकि उन्हें मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा सके।

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