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Editor EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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विभावि हजारीबाग: स्वामी विवेकानंद सभागार में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, बीएड छात्रों ने 'मृगतृष्णा' नाटक से किया जागरूक!

 

विभावि शिक्षा शास्त्र विभाग ने स्वामी विवेकानंद सभागार में चलाया नशा मुक्ति अभियान, 'मृगतृष्णा' नाटक व गीतों से दिया नशामुक्त समाज का संदेश

​हजारीबाग। विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के शिक्षा शास्त्र विभाग द्वारा युवाओं को नशे के कुप्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार (5 अगस्त 2026) को स्वामी विवेकानंद सभागार में "नशा मुक्ति अभियान" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

VBU Hazaribagh students performing street play Mrigtrishna during anti drug awareness campaign

​कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन और आचार्य विनोबा भावे की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया। अतिथियों का औपचारिक स्वागत प्रो. (डॉ.) मृत्युंजय प्रसाद ने स्वागत भाषण देकर किया।

​विद्यार्थी पढ़ाई का नशा करें ताकि भविष्य उज्ज्वल हो: प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह

​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के सीबीडब्ल्यूडी/सीवीडीसी (CCDC) प्रो. (डॉ.) मिथिलेश कुमार सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान को शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से खोखला कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि 'युवाओं को यदि नशा करना ही है, तो पढ़ाई का नशा करें ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल और समाज समृद्ध हो सके।'

​कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय के कुलानुशासक (Proctor) डॉ. सादिक रज्जाक, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पंकज कुमार माझी, वित्तीय पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार पाल एवं विकास पदाधिकारी सह अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. डी.एन. राम ने भी मंच साझा किया। शिक्षा शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तनवीर युनूस ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए मार्गदर्शन दिया।

​'मृगतृष्णा' नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

​अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशा मुक्ति का कड़ा संदेश दिया:

  • ​'मृगतृष्णा' नुक्कड़ नाटक: इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों—उमर, काजल, अमित, सूरज, सृष्टि, मंतशा, महविष, सुजाता, अंकित, सुजल, पंकज, रोशन, रुस्तम, निशा, रानी, महजबिन, कुमकुम और स्वाति ने 'मृगतृष्णा' नामक नुक्कड़ नाटक का मंचन कर नशीले पदार्थों के दलदल में फंसते युवाओं की त्रासदी को जीवंत किया।
  • ​प्रेरणादायक गीत: अपूर्वा, आदर्श एवं ईशा कुमारी ने अर्थपूर्ण गीतों से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। वहीं रितेश, हिमांशु, गुनगुन और अंजली ने भी नशा मुक्ति पर सुरीले गीत प्रस्तुत किए।
  • ​राष्ट्रीय अखंडता का संदेश: छात्रा अर्चना, टेरेसिना, अशियांती, अमीषा, जौन्सी और सुनीता ने देशभक्ति व राष्ट्रीय अखंडता से ओत-प्रोत समूह गान प्रस्तुत किया।

​मंच का सफल और प्रभावी संचालन छात्रा आरती विश्वकर्मा और अदिति पांडे ने किया।

​शिक्षकगण एवं धन्यवाद ज्ञापन

​कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग के प्राध्यापक डॉ. रजनीश कुमार, डॉ. विनीता बांकिरा, डॉ. अमिता कुमारी, डॉ. शालिनी अवधिया, डॉ. कुमारी भारती एवं डॉ. चौधरी प्रेम प्रकाश का सराहनीय योगदान रहा। अंत में कार्यक्रम समन्वयक प्रो. निशा सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर समारोह के समापन की घोषणा की।

Source of Information: शिक्षा शास्त्र विभाग, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, दिनांक: 05.08.2026)

और पढ़ें: JPA Hazaribagh Training: झारखंड पुलिस अकादमी में वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम पर प्रशिक्षण शिविर; NISD और JPA का संयुक्त आयोजन

एएमयू और विभावि के बीच बढ़ेगी शैक्षणिक निकटता: कुलसचिव प्रो. आसीम जफर की शिष्टाचार भेंट

एएमयू और विभावि के बीच बढ़ेगी शैक्षणिक निकटता: कुलसचिव प्रो. आसीम जफर की शिष्टाचार भेंट
हजारीबाग में विनोबा भावे विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. प्रणिता को गुलदस्ता भेंट कर अभिवादन करते एएमयू के कुलसचिव प्रो. आसीम जफर।

हजारीबाग: शिक्षा के क्षेत्र में दो प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच वैचारिक आदान-प्रदान और भविष्य की संभावनाओं को लेकर शनिवार को एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कुलसचिव प्रो. आसीम जफर ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि), हजारीबाग की कुलसचिव डॉ. प्रणिता से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान न केवल शिष्टाचार का परिचय दिया गया, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक सुधारों पर भी गहन चर्चा हुई।

शिक्षा और प्रबंधन पर केंद्रित रही चर्चा

डॉ. प्रणिता ने प्रो. जफर का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें आगामी ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। बातचीत के मुख्य अंशों में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच 'शैक्षणिक आदान-प्रदान' (Academic Exchange) की संभावनाओं को तलाशना शामिल था। प्रो. आसीम जफर, जो स्वयं एक पुरस्कृत शिक्षक और कुशल प्रशासक रहे हैं, ने अपने अनुभवों को साझा किया। डॉ. प्रणिता ने बताया कि प्रो. जफर से शिक्षण और प्रशासन की बारीकियों पर संवाद करना एक सुखद अनुभव रहा।

केंद्रीय बनाम राज्य विश्वविद्यालय: एक तुलनात्मक अध्ययन

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना 1920 में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में हुई थी, जिसे आज NAAC 'A+' ग्रेड प्राप्त है। लगभग 39,367 विद्यार्थियों की क्षमता वाला यह संस्थान देश के क्रीम टैलेंट को आकर्षित करता है। दूसरी ओर, 1992 में स्थापित विनोबा भावे विश्वविद्यालय झारखंड के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहा है। विभावि में स्नातक स्तर पर ही प्रति वर्ष 50,000 से अधिक छात्र नामांकित होते हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच को दर्शाता है।

हजारीबाग की मिट्टी से एएमयू के शिखर तक

प्रो. आसीम जफर का यह दौरा भावनात्मक रूप से भी खास है, क्योंकि वे मूल रूप से हजारीबाग के चिश्तिया मोहल्ला के निवासी हैं। 11 सितंबर 2025 को भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक (AMU) के कुलसचिव के पद पर उनकी नियुक्ति हजारीबाग के लिए गौरव का विषय है। एक स्थानीय प्रतिभा का राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा नेतृत्व संभालना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

भविष्य की राह आपसी सहयोग से विकास

मुलाकात के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे एएमयू जैसी पुरानी संस्था के अनुभव का लाभ विभावि जैसे उभरते विश्वविद्यालय को मिल सकता है। शोध (Research), फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और छात्रों के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल पर दोनों अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाया। इस तरह की मुलाकातें भविष्य में एमओयू (MoU) का आधार बन सकती हैं, जिससे झारखंड के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर मिल सकेगा।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक भारत।

विभावि में इतिहास के पन्नों से रूबरू होंगे छात्र: प्रख्यात इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार का 'भारत विभाजन' पर विशेष व्याख्यान

विभावि में इतिहास के पन्नों से रूबरू होंगे छात्र: प्रख्यात इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार का 'भारत विभाजन' पर विशेष व्याख्यान

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
"हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय में व्याख्यान की तैयारियों का जायजा लेते विभागाध्यक्ष व अन्य।

हजारीबाग, झारखंड: शैक्षणिक विमर्श और ऐतिहासिक शोध की दिशा में विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तय करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के तत्वावधान में आगामी सोमवार, 16 मार्च को एक भव्य व्याख्यान का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए बल्कि इतिहास के जानकारों और शोधार्थियों के लिए भी वैचारिक मंथन का एक बड़ा मंच साबित होने वाला है।

विषय की गंभीरता और वर्तमान परिप्रेक्ष्य

इस विशेष व्याख्यान का विषय "भारत का विभाजन: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता" रखा गया है। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. हितेंद्र अनुपम ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्तमान समय में विभाजन की विभीषिका और उसके दूरगामी प्रभावों को समझना नई पीढ़ी के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव आज भी प्रासंगिक है।                        VBU News: फिजियोथैरेपी विभाग में 680 लोगों ने कराई निशुल्क जांच, कुलपति ने कहा- छात्राओं के स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्य वक्ता: प्रो. कपिल कुमार का व्यक्तित्व

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दिल्ली के प्रतिष्ठित प्रोफेसर और देश के जाने-माने इतिहासविद प्रो. कपिल कुमार होंगे। प्रो. कुमार अपनी प्रखर विचारधारा और ऐतिहासिक तथ्यों के गहन विश्लेषण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं। उनके व्याख्यान अक्सर अनकहे ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करने के लिए जाने जाते हैं, जिससे श्रोताओं को इतिहास को एक नए नजरिए से देखने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम की रूपरेखा और उपस्थिति

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। स्थान: रवींद्रनाथ टैगोर भवन स्थित राधाकृष्णन सभागार।समय: व्याख्यान सुबह 11:00 बजे शुरू होगा।अनिवार्यता: विभाग ने प्रथम और चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए उपस्थिति अनिवार्य की है।

इस गरिमामई अवसर पर समाज विज्ञान संकाय के सभी विभागों के प्राध्यापक, पीएचडी शोधार्थी और विभिन्न महाविद्यालयों के इतिहास शिक्षक उपस्थित रहेंगे। विभाग ने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया है कि वे सुबह 10:50 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लें ताकि कार्यक्रम की गरिमा और अनुशासन बना रहे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह व्याख्यान?

'लो वैल्यू कंटेंट' से बचने के लिए यह समझना जरूरी है कि ऐसे आयोजन अकादमिक जगत में क्यों मायने रखते हैं। हजारीबाग जैसे शैक्षणिक केंद्र में प्रो. कपिल कुमार जैसे विद्वान का आना स्थानीय शोधार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है। भारत विभाजन की प्रासंगिकता पर चर्चा करने से न केवल पुराने जख्मों को समझा जा सकता है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए एक बेहतर राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा भी ली जा सकती है।

VBU हजारीबाग की अनोखी पहल VIP अतिथि नहीं, बल्कि इन दो विद्यार्थियों ने किया 'दीवार पत्रिका' का अनावरण

VBU हजारीबाग की अनोखी पहल VIP अतिथि नहीं, बल्कि इन दो विद्यार्थियों ने किया 'दीवार पत्रिका' का अनावरण

नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी विशेष संवाददाता।

हजारीबाग: अक्सर शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी कार्यक्रम का उद्घाटन बड़े अतिथियों द्वारा किया जाता है, लेकिन विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के राजनीति विज्ञान विभाग ने एक नई और सकारात्मक मिसाल पेश की है। 

विभावि के राजनीति विज्ञान विभाग में सर्वाधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थी राहुल कुमार और अंजू कुमारी दीवार पत्रिका का अनावरण करते हुए।

महिला दिवस पखवाड़े के अवसर पर बुधवार को विभाग में एक विस्तृत 'दीवार पत्रिका' (Wall Magazine) का अनावरण किया गया। खास बात यह रही कि इसका अनावरण किसी VIP ने नहीं, बल्कि प्रथम समसत्र में सबसे अधिक उपस्थिति (Highest Attendance) दर्ज करने वाले दो विद्यार्थियों— राहुल कुमार और अंजू कुमारी ने फीता खोलकर किया।

महिला दिवस पर आकर्षक दीवार पत्रिका तैयार करने वाली राजनीति विज्ञान विभाग की टीम।

नैक (NAAC) के दिशा-निर्देशों का शानदार पालन

विभाग का यह कदम नैक (NAAC) के मानकों के बिल्कुल अनुरूप है। नैक के सर्वे प्रपत्र के बिंदु 48 में स्पष्ट निर्देश है कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों और अनुशासन के लिए पुरस्कृत एवं मान्यता (Award & Recognition) देने की परिपाटी विकसित की जानी चाहिए। नियमित उपस्थिति के लिए राहुल और अंजू को यह सम्मान देकर विभाग ने अन्य छात्रों को भी प्रेरित किया है।

नव-नामांकित विद्यार्थियों की रचनात्मकता आई सामने 

इस सूचनात्मक दीवार पत्रिका को तैयार करने का पूरा श्रेय विभाग के प्रथम समसत्र के नव-नामांकित विद्यार्थियों को जाता है।

मुख्य भूमिका विद्यार्थी राहुल कुमार, पूजा मेहता, संदीप कुमार, बबली कुमारी, प्रज्ञा आर्या तथा विक्रम मेहता ने इसे तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

मार्गदर्शन: इन छात्रों को दीवार पत्रिका तैयार करने के विभिन्न तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं का प्रशिक्षण विभाग की तीन महिला शोधार्थियों— श्वेता कुमारी, चंचल कुमारी तथा संजना मासूम ने दिया।

दीवार पत्रिका में क्या है खास?

विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में पत्रिका में शामिल सामग्री की जमकर तारीफ हुई। विद्यार्थियों ने अलग-अलग अखबारों और स्रोतों से बेहतरीन आलेखों का संकलन किया है

प्रमुख हस्तियों के विचार इसमें 8 मार्च को भारत की माननीय राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू के संबोधन, महिला एवं बाल विकास मंत्री व कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी और आर्ट ऑफ़ लिविंग के  रविशंकर के आलेखों को प्रमुखता दी गई है।

गिव टू गेन (Give to Gain) इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम 'गिव टू गेन' के अर्थ और महिला दिवस के इतिहास को विस्तार से दर्शाया गया है।

सैंड आर्ट का प्रदर्शन उड़ीसा के पुरी समुद्र तट पर प्रख्यात शिल्पकार सुदर्शन पटनायक द्वारा बालू से उकेरी गई 'महिला शक्ति' (Women Power) की शानदार कलाकृति को भी पत्रिका में जगह मिली है।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर विभागीय प्राध्यापक डॉ. अजय बहादुर सिंह के साथ-साथ शोधार्थी और प्रथम व चतुर्थ समसत्र के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विभावि राजनीति विज्ञान विभाग में 'दीक्षारंभ': नव-नामांकित विद्यार्थियों ने जाना केंद्रीय पुस्तकालय का महत्व

विभावि राजनीति विज्ञान विभाग में 'दीक्षारंभ': नव-नामांकित विद्यार्थियों ने जाना केंद्रीय पुस्तकालय का महत्व

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के राजनीति विज्ञान विभाग में सत्र 2025-27 के नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए आयोजित 'दीक्षारंभ कार्यक्रम' (Induction Meet) के तहत एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के गोस्वामी तुलसीदास केंद्रीय पुस्तकालय की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध संसाधनों से विस्तृत रूप से परिचित कराया गया।

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NAAC नियमावली के तहत शैक्षणिक परिचय

विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नैक (NAAC) की गाइडलाइंस के अनुसार, नए विद्यार्थियों को विभाग और विश्वविद्यालय के विभिन्न संभागों से रूबरू कराना अनिवार्य है। इसी कड़ी में प्रथम सेमेस्टर के छात्रों को पुस्तकालय भ्रमण कराया गया, ताकि वे अपने शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही शोध और अध्ययन के संसाधनों का सही उपयोग कर सकें।

पुस्तकालय भ्रमण की मुख्य झलकियाँ

केंद्रीय पुस्तकालय के निदेशक डॉ. राजेंद्र मिस्त्री के सहयोग से विद्यार्थियों ने लगभग एक घंटा पुस्तकालय के विभिन्न अनुभागों में बिताया। भ्रमण के दौरान निम्नलिखित मुख्य आकर्षण रहे:

संविधान की विशेष प्रति: छात्र भारत के संविधान की विशेष प्रति को देख कर अभिभूत हुए, जो राजनीति विज्ञान के छात्रों के लिए प्रेरणा का केंद्र रही।

ई-लाइब्रेरी और साइबर सेल: छात्रों को ई-लाइब्रेरी की बारीकियों और डिजिटल संसाधनों को एक्सेस करने के तरीके सिखाए गए।

विशिष्ट संभाग: विद्यार्थियों ने अखबार एवं पत्रिका संभाग, राजनीति विज्ञान संदर्भ ग्रंथ संभाग और पठन-पाठन संभाग का अवलोकन किया।

इस शैक्षणिक भ्रमण को सफल बनाने में शोधार्थी रवि कुमार विश्वकर्मा, इनामुल अंसारी, अनन्या शर्मा, चंचल कुमारी सहित पुस्तकालय कर्मी आरिफ मुस्तफा सिद्दीकी और सीमा खान का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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