एएमयू और विभावि के बीच बढ़ेगी शैक्षणिक निकटता: कुलसचिव प्रो. आसीम जफर की शिष्टाचार भेंट
![]() |
| हजारीबाग में विनोबा भावे विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. प्रणिता को गुलदस्ता भेंट कर अभिवादन करते एएमयू के कुलसचिव प्रो. आसीम जफर। |
शिक्षा और प्रबंधन पर केंद्रित रही चर्चा
डॉ. प्रणिता ने प्रो. जफर का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें आगामी ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। बातचीत के मुख्य अंशों में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच 'शैक्षणिक आदान-प्रदान' (Academic Exchange) की संभावनाओं को तलाशना शामिल था। प्रो. आसीम जफर, जो स्वयं एक पुरस्कृत शिक्षक और कुशल प्रशासक रहे हैं, ने अपने अनुभवों को साझा किया। डॉ. प्रणिता ने बताया कि प्रो. जफर से शिक्षण और प्रशासन की बारीकियों पर संवाद करना एक सुखद अनुभव रहा।
केंद्रीय बनाम राज्य विश्वविद्यालय: एक तुलनात्मक अध्ययन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना 1920 में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में हुई थी, जिसे आज NAAC 'A+' ग्रेड प्राप्त है। लगभग 39,367 विद्यार्थियों की क्षमता वाला यह संस्थान देश के क्रीम टैलेंट को आकर्षित करता है। दूसरी ओर, 1992 में स्थापित विनोबा भावे विश्वविद्यालय झारखंड के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहा है। विभावि में स्नातक स्तर पर ही प्रति वर्ष 50,000 से अधिक छात्र नामांकित होते हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
हजारीबाग की मिट्टी से एएमयू के शिखर तक
प्रो. आसीम जफर का यह दौरा भावनात्मक रूप से भी खास है, क्योंकि वे मूल रूप से हजारीबाग के चिश्तिया मोहल्ला के निवासी हैं। 11 सितंबर 2025 को भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक (AMU) के कुलसचिव के पद पर उनकी नियुक्ति हजारीबाग के लिए गौरव का विषय है। एक स्थानीय प्रतिभा का राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा नेतृत्व संभालना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भविष्य की राह आपसी सहयोग से विकास
मुलाकात के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे एएमयू जैसी पुरानी संस्था के अनुभव का लाभ विभावि जैसे उभरते विश्वविद्यालय को मिल सकता है। शोध (Research), फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और छात्रों के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल पर दोनों अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाया। इस तरह की मुलाकातें भविष्य में एमओयू (MoU) का आधार बन सकती हैं, जिससे झारखंड के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर मिल सकेगा।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक भारत।

No comments
Post a Comment