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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: किराए के भवनों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, आधारभूत सुदृढ़ीकरण के साथ अब सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन

हजारीबाग: किराए के भवनों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, आधारभूत सुदृढ़ीकरण के साथ अब सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन

​हजारीबाग जिले में नौनिहालों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब तक शहर और ग्रामीण अंचलों में किराए के भवनों में संचालित होने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को निकटतम सरकारी विद्यालयों के परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा।

"डीडीसी रिया सिंह समाहरणालय सभागार में निर्देश देते हुए"

इस वृहद परिवर्तन को अमलीजामा पहनाने के लिए शुक्रवार को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के कड़े निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त रिया सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय भवन में एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक आहूत की गई। इस अहम बैठक में शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के समन्वय पर जोर देते हुए संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए।
"डीडीसी रिया सिंह समाहरणालय सभागार में निर्देश देते हुए द्वीतिय फोटो"


​उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का विद्यालयों में विलय न केवल संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण भी तैयार होगा। उन्होंने अधिकारियों व प्राचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में उपलब्ध अतिरिक्त और रिक्त कक्षों को चिन्हित कर वहां आंगनबाड़ी केंद्रों को अविलंब प्रतिस्थापित किया जाए। इसके साथ ही, जिन विद्यालयों में पर्याप्त बुनियादी ढांचा और अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध हैं, उनकी एक विस्तृत और प्रामाणिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है ताकि स्थानांतरण की यह कवायद सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

​विद्यालयों के कायाकल्प और संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक पारदर्शी और आधुनिक प्रक्रिया अपनाने का भी निर्णय लिया है। उप विकास आयुक्त ने बताया कि सभी प्राचार्यों के साथ एक डिजिटल 'गूगल फॉर्म' साझा किया जाएगा। इस फॉर्म के माध्यम से विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं, जैसे— जर्जर भवनों की मरम्मत, नए कक्षा-कक्षों का निर्माण, किचेन शेड की स्थिति और बेंच-डेस्क की उपलब्धता का सघन आकलन किया जाएगा। प्राचार्यों द्वारा दी गई इस जानकारी का वरीय पदाधिकारियों की टीम द्वारा भौतिक सत्यापन होगा, जिसके उपरांत विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की परिपूर्ति के लिए त्वरित और समुचित पहल की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा, जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार समेत तमाम महिला पर्यवेक्षिकाएं और विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभिनव पहल को जिले के शैक्षणिक विकास के लिए एक मील का पत्थर करार दिया।

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