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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh News : विश्व मलेरिया दिवस पर 'प्रभात फेरी' के जरिए जागरूकता की अलख, सिविल सर्जन ने दी सावधानी बरतने की सलाह

Hazaribagh News : विश्व मलेरिया दिवस पर 'प्रभात फेरी' के जरिए जागरूकता की अलख, सिविल सर्जन ने दी सावधानी बरतने की सलाह

मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय; शहरी सहिया और ANM छात्राओं ने शहर में निकाली जागरूकता रैली।

हजारीबाग : विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आज हजारीबाग जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला स्वास्थ्य समिति और जिला भी.बी.डी. (VBD) कार्यालय के सौजन्य से एक भव्य 'प्रभात फेरी' का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को मलेरिया जैसी घातक बीमारी के प्रति सचेत करना और उससे बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करना था।

Vishwa Maleria Sivas.

सिविल सर्जन ने दिखाई हरी झंडी

इस कार्यक्रम की शुरुआत कार्यालय परिसर से हुई, जहाँ हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए झंडा चौक तक पहुंची और पुनः कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों की सहिया और ए.एन.एम.टी. (ANM) स्कूल की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 'मलेरिया मुक्त भारत' के नारों के साथ पूरा शहर गूंज उठा।

Nikala jakrukta railir.

बचाव ही सबसे बड़ा इलाज: डॉ. अशोक कुमार

रैली के समापन पर सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हर साल 25 अप्रैल को पूरी दुनिया में 'विश्व मलेरिया दिवस' मनाया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, "मलेरिया से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि जागरूक रहने की जरूरत है। मच्छरदानी का नियमित उपयोग और घर के आसपास साफ-सफाई रखकर हम इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सकते हैं।" उन्होंने अपील की कि यदि किसी को भी बुखार के लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत मलेरिया की जांच कराएं।

मलेरिया के लक्षण और सरकारी सुविधाएं

जिला भी.बी.डी. पदाधिकारी डॉ. कपिलमुनि प्रसाद ने मलेरिया के तकनीकी पहलुओं और लक्षणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

  • ​कंपकंपी के साथ तेज बुखार आना।
  • ​सिर दर्द और बदन दर्द।
  • ​अत्यधिक पसीना आना।
  • ​जी मिचलाना और उल्टी होना।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि हजारीबाग जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में मलेरिया की जांच और इलाज पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध है।

स्कूलों और गांवों में भी जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य विभाग केवल शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी (Quiz), और निबंध प्रतियोगिताएं शामिल हैं ताकि नई पीढ़ी जागरूक हो सके। साथ ही ग्रामीण स्तर पर 'ग्राम सभा' का आयोजन कर लोगों को जल-जमाव रोकने और स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।

​इस अवसर पर डॉ. राहुल, चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के कई लिपिक और कर्मचारी उपस्थित थे।

फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, 20 अप्रैल से चलेगा विशेष अभियान

फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, 20 अप्रैल से चलेगा विशेष अभियान

जिले के 117 गांवों में 2 लाख लोगों को खिलाई जाएगी दवा, स्वास्थ्य कर्मियों को एमडीए (MDA) अभियान की सफलता के लिए दिए गए विशेष निर्देश।


नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हज़ारीबाग: झारखंड के हज़ारीबाग जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को स्थानीय सिविल सर्जन कार्यालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (District TOT) का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला की अध्यक्षता हज़ारीबाग के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने की। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु आगामी 'फोकल मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' (MDA) अभियान को सफल बनाना रहा।

Hazaribagh MDA Training Program

स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता वर्धन

इस एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मुख्य रूप से जिले के सभी बीपीएम (BPM), एमटीएस (MTS) और बीटीटी (BTT) के सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सत्र का संचालन वीबीडीसी (VBDC) के मैमूर सुल्तान और पिरामल टीम (Piramal Team) के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को अभियान की बारीकियों, दवाओं के वितरण की सटीक प्रक्रिया और फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित चुनौतियों के समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

20 अप्रैल से शुरू होगा महा-अभियान

कार्यशाला को संबोधित करते हुए वीबीडी पदाधिकारी डॉ. कपिलमुनि ने अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह फोकल एमडीए अभियान 20 अप्रैल से 5 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। विभाग ने जिले के उन 117 गांवों को चिन्हित किया है जो फाइलेरिया से अति-प्रभावित हैं। इस 15 दिवसीय अभियान के दौरान कुल 2 लाख लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर

सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने उपस्थित प्रतिभागियों को निर्देशित करते हुए कहा कि एमडीए अभियान की सफलता स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता पर निर्भर करती है। उन्होंने दवा वितरण के दौरान पारदर्शिता और शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने की बात कही। प्रशिक्षण में डीपीएम समरेश सिंह और महेंद्र पाल ने भी अपने विचार रखे और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की।

अभियान का उद्देश्य और रणनीति

इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता का विकास करना है ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को दवा के महत्व के प्रति जागरूक कर सकें। कार्यशाला के अंत में सिविल सर्जन द्वारा सभी प्रतिभागियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मिशन मोड में काम करने और अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि सामूहिक दवा सेवन के माध्यम से फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी की चेन को तोड़ा जा सके, जिससे आने वाली पीढ़ियों को इस शारीरिक अक्षमता से बचाया जा सके।

हजारीबाग: फाइलेरिया मुक्त भविष्य के लिए जिला प्रशासन का महामंथन, 20 अप्रैल से चलेगा 'फोकल एमडीए' अभियान

हजारीबाग: फाइलेरिया मुक्त भविष्य के लिए जिला प्रशासन का महामंथन, 20 अप्रैल से चलेगा 'फोकल एमडीए' अभियान

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए रणनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त (DDC) श्रीमती रिया सिंह की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 20 अप्रैल से 5 मई 2026 तक चलने वाले 'फोकल मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' (FOCAL MDA) अभियान को प्रभावी बनाना है।

हजारीबाग समाहरणालय में फाइलेरिया उन्मूलन जिला समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करतीं डीडीसी रिया सिंह।

समन्वित रणनीति पर जोर

बैठक में डीडीसी ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक जनस्वास्थ्य लक्ष्य है। उन्होंने शिक्षा विभाग, नगर निकाय और अन्य विभागों को निर्देश दिया कि वे दवाओं के वितरण, लॉजिस्टिक प्रबंधन और कर्मियों के प्रशिक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। अभियान के दौरान निगरानी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने पर विशेष बल दिया गया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा से वंचित न रहे।

जन-जागरूकता ही बचाव का आधार

प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना है। बैठक में पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा साझा की। सिविल सर्जन और जिला मलेरिया पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे पंचायत स्तर तक सूक्ष्म नियोजन (Micro Planning) सुनिश्चित करें।

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