Hazaribagh News : विश्व मलेरिया दिवस पर 'प्रभात फेरी' के जरिए जागरूकता की अलख, सिविल सर्जन ने दी सावधानी बरतने की सलाह
मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय; शहरी सहिया और ANM छात्राओं ने शहर में निकाली जागरूकता रैली।
हजारीबाग : विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आज हजारीबाग जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला स्वास्थ्य समिति और जिला भी.बी.डी. (VBD) कार्यालय के सौजन्य से एक भव्य 'प्रभात फेरी' का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को मलेरिया जैसी घातक बीमारी के प्रति सचेत करना और उससे बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करना था।
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| Vishwa Maleria Sivas. |
सिविल सर्जन ने दिखाई हरी झंडी
इस कार्यक्रम की शुरुआत कार्यालय परिसर से हुई, जहाँ हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए झंडा चौक तक पहुंची और पुनः कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों की सहिया और ए.एन.एम.टी. (ANM) स्कूल की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 'मलेरिया मुक्त भारत' के नारों के साथ पूरा शहर गूंज उठा।
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| Nikala jakrukta railir. |
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज: डॉ. अशोक कुमार
रैली के समापन पर सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हर साल 25 अप्रैल को पूरी दुनिया में 'विश्व मलेरिया दिवस' मनाया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, "मलेरिया से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि जागरूक रहने की जरूरत है। मच्छरदानी का नियमित उपयोग और घर के आसपास साफ-सफाई रखकर हम इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सकते हैं।" उन्होंने अपील की कि यदि किसी को भी बुखार के लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत मलेरिया की जांच कराएं।
मलेरिया के लक्षण और सरकारी सुविधाएं
जिला भी.बी.डी. पदाधिकारी डॉ. कपिलमुनि प्रसाद ने मलेरिया के तकनीकी पहलुओं और लक्षणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
- कंपकंपी के साथ तेज बुखार आना।
- सिर दर्द और बदन दर्द।
- अत्यधिक पसीना आना।
- जी मिचलाना और उल्टी होना।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हजारीबाग जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में मलेरिया की जांच और इलाज पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध है।
स्कूलों और गांवों में भी जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग केवल शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी (Quiz), और निबंध प्रतियोगिताएं शामिल हैं ताकि नई पीढ़ी जागरूक हो सके। साथ ही ग्रामीण स्तर पर 'ग्राम सभा' का आयोजन कर लोगों को जल-जमाव रोकने और स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर डॉ. राहुल, चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के कई लिपिक और कर्मचारी उपस्थित थे।


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