इंडियन सिटी हॉस्पिटल में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत: परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर किया अस्पताल का घेराव, इलाज में लापरवाही का आरोप
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
बड़कागांव / हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत महटिकरा स्थित निजी 'इंडियन सिटी हॉस्पिटल' में प्रसव के बाद उपजी जटिलताओं के कारण सीकरी गांव निवासी अर्जुन महतो की 26 वर्षीया पत्नी मंजू देवी की इलाज के दौरान रांची में मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शनिवार को आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों ने मृतका का शव निजी अस्पताल परिसर में रखकर जोरदार घेराव व प्रदर्शन किया तथा इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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| Angry villagers and family members protesting with deceased woman body outside private hospital in Barkagaon |
रक्तस्राव के बाद भी रेफर करने में देरी का आरोप
परिजनों के अनुसार, मंजू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर महटिकरा स्थित इंडियन सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के उपरांत प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लडिंग) होने लगा। परिजनों का आरोप है कि स्थिति बिगड़ने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने लगभग एक दिन तक मरीज को वहीं रोके रखा। बाद में जब हालत नियंत्रण से बाहर होने लगी, तो अस्पताल संचालक स्वयं मरीज को हजारीबाग स्थित अपनी पसंद के एक निजी अस्पताल ले गए।
हजारीबाग में करीब दो दिनों तक चले इलाज के दौरान भी मंजू देवी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और स्थिति और ज्यादा नाजुक हो गई। अंततः उन्हें आनन-फानन में बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों के अथक प्रयास के बावजूद उन्होंने दम तोड़ दिया।
अस्पताल संचालक फरार, चिकित्सा प्रभारी के बोर्ड पर खड़े हुए सवाल
महिला की मौत की खबर मिलते ही सीकरी गांव में मातम छा गया। गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव को एंबुलेंस से सीधे महटिकरा स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे और मुख्य द्वार पर रखकर घेराव शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल संचालक मौके से नदारद थे, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।
अस्पताल परिसर में चिकित्सा प्रभारी के रूप में डॉ. अविनाश कुमार का नाम पट्टिका (बोर्ड) पर अंकित है। हालांकि, संपर्क किए जाने पर डॉ. अविनाश कुमार ने इस अस्पताल से किसी भी वर्तमान संबंध से साफ इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे काफी पहले ही लिखित रूप से उक्त अस्पताल से अपना नाता तोड़ चुके हैं और प्रबंधन को बोर्ड हटाने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुखद है और सिविल सर्जन के निर्देशानुसार मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक माह पूर्व भी इसी अस्पताल में हुई थी प्रसूता की मौत
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस अस्पताल में पहले भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने याद दिलाया कि ठीक एक माह पूर्व भी इसी अस्पताल में सीकरी पारपैन निवासी ललकु महतो की पत्नी खुशबू कुमारी की प्रसव के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बार-बार हो रही ऐसी दुखद घटनाओं के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा ठोस कदम न उठाए जाने से क्षेत्र के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, अस्पताल के पंजीकरण की वैधता की पड़ताल और दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।




