हजारीबाग का खूनी रामनवमी उत्सव: उल्लास के बीच मौत का तांडव, खाकी ने बेनकाब किए चेहरों के पीछे छिपे 'कातिल'
हजारीबाग: आस्था के महापर्व रामनवमी के दौरान जिस शहर की गलियां जयकारों से गूंज रही थीं, उन्हीं गलियों के अंधेरे कोनों में खौफनाक साजिशें रची जा रही थीं। हजारीबाग जिले में रामनवमी जुलूस के दौरान एक के बाद एक हुई चार वारदातों ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया था। लेकिन कानून के लंबे हाथों ने आखिरकार उस रहस्यमयी परत को हटा दिया है, जिसके पीछे छिपे थे क्रूरता के असली चेहरे।
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| पिछे खडे़ गिरफ्तार आरोपीयों को अरेस्ट कर पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते। |
भीड़ का फायदा और 'अदृश्य' वार: तीन कत्ल, एक सनसनी
पुलिस की फाइलों में दर्ज ये दास्तां किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। रामनवमी की रात जब पूरा शहर उत्सव में डूबा था, तब अलग-अलग थाना क्षेत्रों में खूनी खेल खेला गया।
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| जारी किया गया प्रेस विज्ञप्ति। |
झंडा चौक का रहस्य: गाड़ी खाना क्लब के जुलूस में शामिल अभिषेक कुमार पर अचानक हमला होता है। हमलावर भीड़ में घुल-मिल गए थे, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं ने पुलिस को 'विजय कुमार विनायक' और उसके चार साथियों के गुप्त ठिकानों तक पहुंचा दिया।
जामा मस्जिद रोड का खौफ: प्रिंस कुमार नाम का युवक खेल दिखा रहा था, तभी एक अनजान हाथ से निकला चाकू उसकी जान ले बैठा। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 'करन कुमार' को दबोचकर इस पहेली को सुलझाया।
गदोखर की रात: आधी रात को रामकुमार साव की हत्या कर दी गई। साजिश इतनी गहरी थी कि आरोपी फरार होने में सफल रहे, लेकिन कंडसार रेलवे स्टेशन के पास पुलिस की घेराबंदी ने इनके भागने के रास्ते बंद कर दिए।
खाकी का 'ऑपरेशन क्लीन': 10 गिरफ्तार, हथियारों की बरामदगी
पुरानी रंजिश या सोची-समझी साजिश?
पुलिस के मुताबिक, इन घटनाओं के पीछे 'आपसी रंजिश' और 'पुराने विवाद' की बू आ रही है। त्योहार के उल्लास को ढाल बनाकर अपराधियों ने अपने दुश्मनों पर प्रहार किया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने यह साफ कर दिया है कि भीड़ की आड़ में कानून से बच पाना नामुमकिन है।
रामनवमी जुलूस के दौरान हुई रामकुमार साव की हत्या का खुलासा, तीन गिरफ्तार
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक ( न्यूज प्रहरी) । यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के तथ्यों पर आधारित है।


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