युवा अधिवक्ता का आकस्मिक निधन, बार एसोसिएशन हजारीबाग में शोक की लहर
हजारीबाग: बार एसोसिएशन हजारीबाग के युवा सदस्य अधिवक्ता गोविंद मोहन मिश्रा (38) का निधन 5 अपै्रल को हो गया। वे मुनका बगिचा के समीप रहते थे। उनका 15 दिन पहले हाई बीपी के कारण बे्रन हेम्रेज हो गया था। जिसके बाद वे कोमा में थे।
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| युवा सदस्य अधिवक्ता गोविंद मोहन मिश्रा प्रोफ़ाइल चित्र। |
रांची स्थित मेडिका अस्पताल में उनका ईलाज चल रहा था जहां रविवार की सुबह 04ः00 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 2016 से अधिवक्ता संघ से जुड़कर नियमित रूप से वकालत कर रहे थे। वे अविवाहित थे। उनकी बड़ी बहन अनुराधा मिश्रा बार एसोसिएशन के कार्यकारणी सदस्य है। साथ ही बड़े गोपाल कृष्ण मिश्रा भी वकील है। वे अपने पीछे माता-पिता, दो बहन और एक भाई को पीछे छोड़ कर चले गए। उनके निधन के बाद बार एसोसिएशन में शोक की लहर दौड़ गई। सभी अधिवक्ताओं ने एक सुर में कहा कि गोविंद बहुत ही नेक, मृदुभाषी एवं मिलनसार व्यक्ति थे। उनका इस तरह से जाना बार में अपूर्णीय क्षति है। जिसे कभी पूरा नही किया जा सकता। उनका पार्थीव शरीर रांची से उनके निवास स्थान लाया गया। जहां सैकड़ों अधिवक्ताओं, राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन से जुड़े हुए लोगों ने अंतिम दर्शन कर नम आंखों से विदाई दी। बार एसोसिएशन के प्रभारी संयुक्त सचिव कुणाल कुमार ने बताया कि गोविंद मोहन मिश्रा के निधन के बाद 6 अप्रैल को बार एसोसिएशन में शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। शोक सभा के बाद सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से अपने आप को अलग रखेंगे।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक ( न्यूज़ प्रहरी)

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