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Editor: Naresh Prasad Soni
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विभावि में महिला अधिकारियों का 'हंटर': 17 कर्मचारियों को शो-कॉज, प्रभारी कुलपति को ऑफिस न मिलने पर कुलसचिव सख्त

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विभावि में महिला अधिकारियों का 'हंटर': 17 कर्मचारियों को शो-कॉज, प्रभारी कुलपति को ऑफिस न मिलने पर कुलसचिव सख्त

औचक निरीक्षण में गायब मिले कर्मियों पर गिरी गाज, कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी; कहा- अनुशासनहीनता से छात्रों का हो रहा नुकसान।

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) प्रशासन इन दिनों 'एक्शन मोड' में है। विश्वविद्यालय की कमान वर्तमान में दो महिला अधिकारियों—प्रभारी कुलपति डॉ. रेणु बोस और कुलसचिव डॉ. प्रणिता के हाथों में है, जिनके कड़े रुख ने लापरवाह कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। रविवार को कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने अनुशासनहीनता के मामले में 17 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 'कारण बताओ' (Show cause) नोटिस जारी करने की पुष्टि की।
Vbu ki kulsachiv dr. Priniti.

औचक निरीक्षण में खुली पोल

कुलसचिव ने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों के देर से आने और बिना सूचना गायब रहने की शिकायतें मिल रही थीं। इसकी पुष्टि के लिए जब औचक निरीक्षण किया गया, तो कई कर्मचारी अपने डेस्क से नदारद मिले। डॉ. प्रणिता के अनुसार, "यह एक गलत परिपाटी है जो न केवल विश्वविद्यालय के कार्यों को बाधित करती है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले कर्मियों का मनोबल भी गिराती है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों का हित है, जिससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Prabhari kulpati dr. Renu boss.

तीन दिनों का अल्टीमेटम

नोटिस पाने वाले कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने के लिए 3 दिनों का समय दिया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो मामला कुलपति के समक्ष अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। कुलसचिव ने चेतावनी दी है कि इस बार नाम गोपनीय रखे गए हैं, लेकिन पुनरावृत्ति होने पर नाम सार्वजनिक कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी कुलपति को कार्यालय न मिलने पर जताई आहत

प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कुलसचिव ने प्रभारी कुलपति डॉ. रेणु बोस के साथ हुए हालिया घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि डॉ. बोस को कुलपति कक्ष में बैठने से रोकना न केवल अमर्यादित है बल्कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से अव्यावहारिक भी है।

उन्होंने इस घटना के लिए अनुबंध पर कार्यरत एक कर्मचारी के आचरण को जिम्मेदार ठहराया, जो विश्वविद्यालय सेवा का हिस्सा भी नहीं है। डॉ. प्रणिता ने कहा, "कुलपति सचिवालय के सहयोग के बिना फाइलों का निपटारा और आगंतुकों से मिलना संभव नहीं है। इसीलिए डॉ. रेणु बोस को फिलहाल कुलसचिव कार्यालय से कार्य निष्पादन का आग्रह किया गया है।"

बता दें कि डॉ. रेणु बोस और डॉ. प्रणिता दोनों ही अपनी कड़क प्रशासनिक शैली और नियमानुकूल कार्य करने की छवि के लिए जानी जाती हैं। इस कार्रवाई से विश्वविद्यालय के भीतर अनुशासन को लेकर एक कड़ा संदेश गया है।


नरेश सोनी प्रधान सम्पादक ( न्यूज़ प्रहरी)

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