विष्णुगढ़ दरिंदगी मामला: हजारीबाग में जन-आक्रोश का उबाल, SIT गठित और राजनीतिक दलों का आर-पार का एलान
![]() |
| विष्णुगढ़ में मासूम के लिए न्याय की मांग को लेकर निकाला गया कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन करते स्थानीय लोग। |
मानवता को शर्मसार करने वाली घटना का विवरण
पीड़ित मासूम मंगलवारी जुलूस देखने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। जब उसका शव बरामद हुआ, तो मंजर देखकर हर किसी की रूह कांप गई। बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और उसके दांत तक टूटे हुए थे, जो इस बात का प्रमाण हैं कि हत्या से पहले उसके साथ किस कदर हैवानियत की गई होगी। इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में मातम के साथ-साथ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
प्रशासन की कार्रवाई: DGP ने गठित की विशेष SIT
मामले की संवेदनशीलता और जनता के बढ़ते दबाव को देखते हुए झारखंड की DGP तदाशा मिश्र ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपराधियों की त्वरित पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
नेतृत्व: प्रशिक्षु IPS नागरगोजे शुभम भाउसाहेब।
टीम के सदस्य: डीएसपी बैजनाथ प्रसाद और विष्णुगढ़ थाना प्रभारी सपन महथा।
डेडलाइन: DGP ने SIT को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर मामले का पूर्ण उद्भेदन कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए।
राजनीतिक गलियारों में हलचल: बंद और अल्टीमेटम
इस जघन्य अपराध ने झारखंड की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही पुलिस की सुस्ती पर सवाल उठा रहे हैं।
भाजपा का हजारीबाग बंद: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस घटना को 'कानून-व्यवस्था का जनाजा' करार दिया है। विरोध स्वरूप आज (सोमवार) हजारीबाग बंद का आह्वान किया गया है। इसके समर्थन में रविवार शाम को विष्णुगढ़ में विशाल कैंडल मार्च भी निकाला गया।
JLKM की चेतावनी: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के अध्यक्ष और विधायक जयराम कुमार महतो ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि समय सीमा में गिरफ्तारी नहीं हुई, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस का घेराव: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने अपनी ही गठबंधन सरकार के प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों का बाहर होना प्रशासनिक विफलता है।
'समानांतर न्याय' की गूंज: अपराधी गिरोह का ऐलान
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब राहुल सिंह गिरोह नामक एक आपराधिक संगठन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की। गिरोह ने इस घटना को 'इंसानियत पर कलंक' बताते हुए प्रशासन को खुली चुनौती दी है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि कानून दोषियों को सजा नहीं देता, तो वे अपने स्तर पर अपराधियों को 'सजा-ए-मौत' देंगे। एक आपराधिक गिरोह द्वारा न्याय की बात करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
निष्कर्ष और सामाजिक प्रभाव
विष्णुगढ़ की इस घटना ने समाज के हर वर्ग को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। लोग केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, पूरा हजारीबाग पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकाए बैठा है।
Naresh Soni Editor in Chief ( News Prahari )

No comments
Post a Comment