विभावि हजारीबाग: डॉ. मोख्तार आलम और डॉ. अविनाश कुमार विश्वविद्यालय अभिषद (Senate) के नए सदस्य मनोनीत
कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने चक्रानुक्रम पद्धति के आधार पर की नियुक्ति; वाणिज्य और मनोविज्ञान विभाग को मिला प्रतिनिधित्व।
हजारीबाग, झारखंड: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग में शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने 'झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम' के प्रावधानों के तहत विश्वविद्यालय अभिषद (Senate) में दो नए विभागाध्यक्षों को सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। यह मनोनयन रिक्त हुए स्थानों को भरने और चक्रानुक्रम (Rotation) पद्धति को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
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| वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ मोख्तार आलम |
चक्रानुक्रम पद्धति से हुआ चयन
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पूर्व सदस्यों का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद यह नई नियुक्तियाँ की गई हैं। कुलपति ने रसायन शास्त्र विभाग के अध्यक्ष के स्थान पर अब वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. मोख्तार आलम को मनोनीत किया है। वहीं, मानवविज्ञान विभाग के अध्यक्ष के स्थान पर मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार को अभिषद का नया सदस्य बनाया गया है।
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| मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार |
एक वर्ष का होगा कार्यकाल
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह मनोनयन पदनाम (By Designation) के आधार पर किया गया है। दोनों नवनियुक्त सदस्यों का कार्यकाल उनकी नियुक्ति की तिथि से एक वर्ष के लिए प्रभावी होगा। इस दौरान वे विश्वविद्यालय की नीति-निर्धारक संस्था 'अभिषद' में अपने संबंधित विभागों और शैक्षणिक हितों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल
डॉ. मोख्तार आलम और डॉ. अविनाश कुमार के मनोनयन पर विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ और गैर-शैक्षणिक कर्मियों ने खुशी जाहिर की है। शिक्षकों का मानना है कि इन अनुभवी शिक्षाविदों के आने से विश्वविद्यालय के विकास कार्यों और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
साथ ही, विश्वविद्यालय समुदाय ने पूर्व सदस्यों डॉ. आशीष कुमार शाहा और डॉ. विनोद रंजन के सफल कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उनके योगदान को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक इतिहास में महत्वपूर्ण माना गया है।
अभिषद का महत्व
विश्वविद्यालय अभिषद एक सर्वोच्च निकाय होता है जो विश्वविद्यालय के बजट, नए पाठ्यक्रमों की मंजूरी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों पर मुहर लगाता है। नए सदस्यों के आने से विश्वविद्यालय के आंतरिक सुशासन में पारदर्शिता और नवीन विचारों के समावेश की उम्मीद की जा रही है।


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