हजारीबाग रामनवमी 2026: सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DGP ने अधिकारियों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश
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| "हजारीबाग एसपी कार्यालय में रामनवमी की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करतीं डीजीपी व अन्य वरीय अधिकारी। जिले में सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर।" |
हजारीबाग। झारखंड का ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध हजारीबाग रामनवमी पर्व इस वर्ष सुरक्षा के कड़े पहरे में संपन्न होगा। पर्व की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) ने स्वयं कमान संभाल ली है। बुधवार को हजारीबाग एसपी कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय मैराथन बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट कर दिया कि शांति व्यवस्था में खलल डालने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगा।
हाई-प्रोफाइल बैठक: सुरक्षा तैयारियों का ब्लूप्रिंट तैयार
इस समीक्षा बैठक में हजारीबाग के डीआईजी, उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) और सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) की मौजूदगी रही। बैठक का मुख्य एजेंडा रामनवमी के दौरान उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को नियंत्रित करना और सांप्रदायिक सौहार्द को हर हाल में कायम रखना था।
डीजीपी ने बिंदुवार तरीके से जिले की भौगोलिक और सांख्यिकीय स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि हजारीबाग की रामनवमी पूरे देश में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल मिले।
इन 5 बिंदुओं पर रहेगा प्रशासन का विशेष जोर
जुलूस मार्गों की डिजिटल मैपिंग और ड्रोन निगरानी
शहर के सभी पारंपरिक जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। संकरे रास्तों और ऊंची इमारतों पर विशेष बल तैनात रहेंगे।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर नकेल
डीजीपी ने आईटी सेल को 24x7 एक्टिव रहने का निर्देश दिया है। भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों या अफवाह फैलाने वालों को सीधे चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा।
भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक डायवर्जन
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए यातायात के रूट में बदलाव किए गए हैं। चिकित्सा और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संवेदनशील इलाकों में नियमित फ्लैग मार्च करें ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।
नागरिक सुविधाएं
पेयजल, स्ट्रीट लाइट और स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि नगर निगम और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर चुका है।
अधिकारियों को सख्त चेतावनी: लापरवाही की कोई जगह नहीं
डीजीपी ने बैठक के दौरान कड़े लहजे में कहा कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी स्तर के अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थानों के प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें करें और स्थानीय गणमान्य लोगों का सहयोग लें।
निष्कर्ष: शांतिपूर्ण आयोजन की ओर बढ़ते कदम
हजारीबाग प्रशासन का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि इस बार की रामनवमी केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि बेहतर प्रबंधन की मिसाल भी बनेगी। जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और आम जनता से भी अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखने में सहयोग करें।

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