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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग में राम भक्तों की सेवा के लिए सांसद सेवा केंद्र का भव्य शुभारंभ

 हजारीबाग में राम भक्तों की सेवा के लिए सांसद सेवा केंद्र का भव्य शुभारंभ

हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी और सेवा का अनूठा संकल्प

HAZARIBAGH: झारखंड के हजारीबाग जिले में रामनवमी का पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि एक अटूट आस्था और जन-भागीदारी का महाकुंभ है। वर्ष 2026 की रामनवमी को लेकर पूरे शहर में उत्साह और उमंग का वातावरण व्याप्त है। इस पावन अवसर पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने राम भक्तों की सुविधा और सहायता के लिए एक विशेष पहल की है। शनिवार की देर शाम उन्होंने अपने सांसद सेवा कार्यालय को एक पूर्णकालिक सेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर इसका विधिवत उद्घाटन किया। इस केंद्र की स्थापना का मुख्य ध्येय उन लाखों श्रद्धालुओं की सेवा करना है जो सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य जिलों से इस विश्व प्रसिद्ध जुलूस का हिस्सा बनने हजारीबाग पहुंचते हैं। इस उद्घाटन समारोह की खास बात यह रही कि सांसद ने स्वयं हिंदूवादी युवा भैरव सिंह के साथ मिलकर इस केंद्र का द्वार खोला जो युवाओं के प्रति उनके विश्वास और जज्बे को दर्शाता है। इस गरिमामयी अवसर पर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और युवा इंजीनियर अमन कुमार जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे जिन्होंने इस सेवा कार्य को पुण्य का काम बताया।

हजारीबाग सांसद कार्यालय में राम भक्तों की सेवा हेतु 'सांसद सेवा केंद्र' का उद्घाटन करते सांसद मनीष जायसवाल, भैरव सिंह, विधायक प्रदीप प्रसाद व अन्य।

श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाएं और व्यवस्थाएं

सांसद सेवा केंद्र को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह अगले 36 से 48 घंटों तक बिना रुके निरंतर कार्य करेगा। जब तक रामनवमी का जुलूस सड़कों पर रहेगा तब तक यह केंद्र सक्रिय भूमिका में नजर आएगा। केंद्र के भीतर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उत्तम व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही गर्मी और थकान को देखते हुए सत्तू, चना और पोषाहार के साथ-साथ रात्रि में भोजन का भी प्रबंध किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यहाँ विश्राम की भी संक्षिप्त व्यवस्था है। सांसद मनीष जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इस बार स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यदि भीड़ के दौरान कोई भी भक्त अस्वस्थ महसूस करता है या उसे चोट लगती है तो भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता और सहयोगी तुरंत उसे प्राथमिक उपचार देंगे। गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन और वॉलंटियर्स की टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। सांसद स्वयं इस केंद्र से राम भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन करेंगे जो हजारीबाग की स्वागत परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है।

सांसद की अपील और सुरक्षा के प्रति जागरूकता

जुलूस की विशालता को देखते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील अपील जारी की है। उन्होंने विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अभिभावकों से आग्रह किया है कि यदि उनके साथ छोटे बच्चे हैं तो वे बच्चों की जेब में एक पर्ची पर अपना मोबाइल नंबर और घर का पता अवश्य लिख दें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अक्सर बच्चे बिछड़ जाते हैं और ऐसी स्थिति में यह छोटी सी सावधानी उन्हें सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी। सांसद ने राम भक्तों से मर्यादा और अनुशासन के साथ पर्व मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी अपनी भव्यता के साथ-साथ अपनी शांति और भाईचारे के लिए भी जानी जाती है। सड़कों पर करीब 36 घंटों तक चलने वाले इस जनसैलाब के दौरान सावधानी बरतना और प्रशासन का सहयोग करना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है।

सामाजिक संगठनों का योगदान और सामुदायिक सहभागिता

हजारीबाग में रामनवमी केवल सरकारी या राजनीतिक आयोजन नहीं रह गया है बल्कि यह सामुदायिक सेवा का एक बड़ा मंच बन चुका है। सांसद सेवा केंद्र के अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों सामाजिक संगठनों और व्यक्तिगत कार्यकर्ताओं द्वारा सेवा शिविर लगाए गए हैं। कोई संगठन चिकित्सा शिविर चला रहा है तो कोई खोया-पाया केंद्र संचालित कर रहा है। इन सभी प्रयासों का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव में शामिल होने वाले किसी भी भक्त को कोई कष्ट न हो। हजारीबाग की यह परंपरा दिखाती है कि कैसे भक्ति और शक्ति के साथ सेवा का संगम एक समाज को जोड़ता है। सांसद मनीष जायसवाल का यह प्रयास न केवल एक राजनेता का कर्तव्य है बल्कि एक राम भक्त की अटूट श्रद्धा का परिचायक भी है जो हर वर्ष इस पावन बेला पर देखने को मिलता है।

Naresh Soni Editor in Chief.

हजारीबाग में रामनवमी की गूंज: बड़ा अखाड़ा में ध्वजारोहण के साथ पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन की तैयारी

हजारीबाग में रामनवमी की गूंज: बड़ा अखाड़ा में ध्वजारोहण के साथ पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन की तैयारी

HAZARIBAGH: हजारीबाग की पावन धरा एक बार फिर से प्रभु श्री राम के जयघोष और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठी है। विश्व प्रसिद्ध हजारीबाग रामनवमी उत्सव के पावन अवसर पर नवमी के दिन शहर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र 'बड़ा अखाड़ा' में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महावीरी झंडा स्थापित किया गया। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं है, बल्कि यह हजारीबाग की उस गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है जो सदियों से अटूट श्रद्धा और अदम्य साहस का संगम रही है। इस वर्ष भी रामनवमी को लेकर जो उत्साह देखा जा रहा है, वह अद्वितीय है। बड़ा अखाड़ा में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में हजारों की संख्या में रामभक्त एकत्रित हुए, जिससे पूरा परिसर केसरिया रंग में रंगा नजर आया।

 हजारीबाग के ऐतिहासिक बड़ा अखाड़ा में रामनवमी के अवसर पर विधि-विधान से पूजा अर्चना कर झंडा खड़ा करते श्रद्धालु और अखाड़ाधारी।

शास्त्रों और लोक परंपराओं के अनुसार, रामनवमी के दिन झंडा खड़ा करने की परंपरा का विशेष महत्व है। इसी कड़ी में बड़ा अखाड़ा में विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसमें विद्वान पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच महावीरी पताका को ऊंचा किया गया। इसके साथ ही अखाड़े की मर्यादा के अनुरूप पारंपरिक लंगोट अर्पण का कार्य भी संपन्न हुआ। जैसे ही झंडा खड़ा हुआ, वहां उपस्थित जनसमूह ने जय श्रीराम के नारों से आकाश गुंजा दिया। ढोल, नगाड़े और ताशा की थाप पर युवा और बुजुर्ग सभी झूमते नजर आए, जिससे माहौल में एक अलग ही ऊर्जा का संचार हो गया। इस आयोजन की भव्यता ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस वर्ष का रामनवमी जुलूस ऐतिहासिक होने वाला है।

विधि-विधान से पूजा अर्चना कर झंडा खड़ा करते श्रद्धालु और अखाड़ाधारी_2

इस धार्मिक आयोजन की सबसे खास बात विभिन्न अखाड़ों का एकजुट होना रही। कार्यक्रम में महावीर स्थान, महावीर अखाड़ा, पचु गोप और पंचमंदिर सहित क्षेत्र के कई प्रमुख अखाड़ों के प्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए। यह मेल-जोल हजारीबाग की सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है। अखाड़ाधारियों के बीच इस अवसर पर पारंपरिक हथियारों जैसे लाठी और तलवारों का वितरण किया गया। झारखंड की इस प्राचीन युद्ध कला और शौर्य प्रदर्शन की परंपरा को जीवित रखने के लिए यह कदम हर साल उठाया जाता है। वितरण के दौरान युवाओं में गजब का जोश देखा गया, जो अपने कौशल को जुलूस के दौरान प्रदर्शित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

रामनवमी महा समिति के अध्यक्ष करण यादव, जिन्हें स्थानीय स्तर पर लड्डू यादव के नाम से जाना जाता है, ने इस अवसर पर अपनी दूरगामी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि मर्यादा और अनुशासन का पर्व है। इस वर्ष समिति ने एक अत्यंत सराहनीय और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। लड्डू यादव ने घोषणा की है कि जो भी अखाड़ा पूरी तरह से नशा मुक्त जुलूस निकालेगा और अनुशासन का पालन करेगा, उसे महा समिति की ओर से ग्यारह हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह निर्णय वर्तमान समय में युवाओं को नशे की लत से बचाने और धार्मिक आयोजनों की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी इस बार व्यापक तैयारियां की गई हैं। महा समिति के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं और अखाड़ा संचालकों से अपील की है कि वे सरकार और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें। जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना और मर्यादित व्यवहार करना हर रामभक्त का कर्तव्य है। समिति का मानना है कि जब आस्था और अनुशासन का मेल होता है, तभी किसी उत्सव की सार्थकता सिद्ध होती है। हजारीबाग के इस भव्य आयोजन को देखने के लिए न केवल झारखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा और प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है जिसे इस बार तकनीक और जन-सहयोग के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हजारीबाग की रामनवमी का इतिहास बहुत पुराना है और यहाँ का अखाड़ा संस्कृति उत्तर भारत में अपनी एक अलग पहचान रखता है। बड़ा अखाड़ा में हुए इस ध्वजारोहण के साथ ही अब शहर के अन्य हिस्सों में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। हर घर और हर गली में महावीरी पताके लहरा रहे हैं। अखाड़ों में शाम के वक्त युवाओं का अभ्यास सत्र चल रहा है, जहाँ वे लाठी चालन और तलवारबाजी की बारीकियां सीख रहे हैं। यह दृश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।

अंततः, नवमी के दिन बड़ा अखाड़ा में हुआ यह आयोजन केवल एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में जब हजारीबाग की सड़कों पर लाखों का जनसैलाब उमड़ेगा और दर्जनों अखाड़े अपनी झांकियों के साथ निकलेंगे, तब पूरी दुनिया हजारीबाग की रामभक्ति का लोहा मानेगी। महा समिति और स्थानीय लोगों का यह साझा प्रयास निश्चित रूप से इस वर्ष के आयोजन को न केवल भव्य बनाएगा बल्कि इसे एक आदर्श उत्सव के रूप में भी स्थापित करेगा। प्रशासन की मुस्तैदी और रामभक्तों का संयम मिलकर इस महापर्व को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं।

हजारीबाग की अंतरराष्ट्रीय रामनवमी: 107 वर्षों की अटूट आस्था और सांस्कृतिक शौर्य का महाकुंभ

हजारीबाग की अंतरराष्ट्रीय रामनवमी: 107 वर्षों की अटूट आस्था और सांस्कृतिक शौर्य का महाकुंभ

HAZARIBAGH: झारखंड की पावन धरा हजारीबाग में रामनवमी का उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र की रगों में दौड़ने वाली सांस्कृतिक चेतना और अटूट श्रद्धा का जीवंत प्रमाण है। साल 2026 की यह रामनवमी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रही है, क्योंकि अयोध्या जी में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के पश्चात यह पहली मुख्य रामनवमी है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार रवि योग के दुर्लभ संयोग में मनायी जा रही यह रामनवमी न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान कर रही है, बल्कि हजारीबाग की उस 'इंटरनेशनल रामनवमी' की ख्याति को भी वैश्विक स्तर पर पुनर्स्थापित कर रही है जो पिछले एक सदी से भी अधिक समय से अनवरत जारी है।

हजारीबाग की सड़कों पर केसरिया पताकों के साथ शौर्य प्रदर्शन करते रामभक्त और जीवंत झांकियों का विहंगम दृश्य।

हजारीबाग की रामनवमी की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनूठा समय चक्र है। जब पूरे विश्व में रामनवमी का समापन हो रहा होता है, तब हजारीबाग में उत्सव का वास्तविक शंखनाद होता है। इसे 'इंटरनेशनल रामनवमी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका स्वरूप, इसकी व्यापकता और इसमें उमड़ने वाला जनसैलाब किसी कुंभ मेले से कम नहीं होता। दशमी की संध्या से शुरू होकर एकादशी की रात तक चलने वाली यह अनवरत शोभायात्रा लगभग 36 घंटों तक शहर की सड़कों पर भक्ति का ऐसा सागर बहाती है कि समय भी मानो ठहर सा जाता है। यहाँ की झांकियों में रामेश्वरम के दर्शन से लेकर रामसेतु और अयोध्या धाम की दिव्यता का संगम एक साथ देखने को मिलता है।

इस गौरवगाथा की नींव आज से ठीक 107 वर्ष पूर्व 1918 में रखी गई थी। उस दौर में गुरु सहाय ठाकुर, हीरालाल महाजन और टीभर गोप जैसे दूरदर्शी महापुरुषों ने गगनचुंबी महावीरी पताके के साथ जिस परंपरा का श्रीगणेश किया था, वह आज एक वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। उस समय के सीमित संसाधनों में शुरू हुआ यह कारवां आज आधुनिक तकनीक और लाइटिंग के समावेश के साथ सतयुग के आदर्शों का पाठ पढ़ा रहा है। यह इतिहास गवाह है कि हजारीबाग ने अपनी परंपराओं को सहेजने के लिए कितना संघर्ष और समर्पण दिखाया है।

हजारीबाग की गलियों में जब तासों की गड़गड़ाहट गूँजती है और हवा में केसरिया परचम लहराते हैं, तब यहाँ के युवाओं का कौशल देखते ही बनता है। पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन, लाठियों की तड़तड़ाहट और तलवारबाजी की अद्भुत कला इस जुलूस को विश्व स्तर पर विशिष्ट बनाती है। यह केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने और पारंपरिक शौर्य कला को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है। सैकड़ों अखाड़ों के हजारों रामभक्त बिना थके, बिना रुके जिस जुनून के साथ इस उत्सव का हिस्सा बनते हैं, वह पवनपुत्र हनुमान के असीम पराक्रम से प्रेरित प्रतीत होता है।

सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द हजारीबाग की रामनवमी का एक अन्य अनिवार्य पहलू है। इतिहास के झरोखों में झांकें तो 1973 और 1989 जैसी कठिन परिस्थितियों में भी यहाँ के नागरिकों और प्रशासन ने अपनी सूझ-बूझ से शांति व्यवस्था को बनाए रखा। समय-समय पर कुछ असामाजिक तत्वों ने यहाँ की फिजा बिगाड़ने की कोशिश जरूर की, जैसा कि 2016 के घटनाक्रमों में देखा गया, लेकिन हजारीबाग की 'गंगा-जमुनी तहजीब' और यहाँ के अमनपसंद लोगों ने हमेशा नफरत की राजनीति को नाकाम किया। यह उत्सव सिद्ध करता है कि धर्म जोड़ने का नाम है, तोड़ने का नहीं।

आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह महापर्व हजारीबाग के लिए रीढ़ की हड्डी के समान है। इस दौरान स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिलती है। छोटे व्यापारियों, मूर्तिकारों, फूल विक्रेताओं और हस्तशिल्पियों के लिए यह समय वर्ष का सबसे बड़ा रोजगार का अवसर लेकर आता है। झारखंड की पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन विधायक और वर्तमान सांसद मनीष जायसवाल के प्रयासों से रामभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जो परंपरा शुरू हुई थी, उसने इस उत्सव को एक नया राजकीय सम्मान प्रदान किया। आज भी पारंपरिक लाठियों का वितरण और सामाजिक सहभागिता के जरिए इस विरासत को सहेजने का कार्य निरंतर जारी है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अब यह मांग प्रबल हो रही है कि हजारीबाग की इस ऐतिहासिक और पारंपरिक रामनवमी को यूनेस्को की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' (Intangible Cultural Heritage) की सूची में स्थान मिलना चाहिए। यह न केवल हजारीबाग बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय होगा। जिस प्रकार इस उत्सव में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के धैर्य, माता सीता की सादगी और हनुमान जी के शौर्य का अद्भुत सम्मिश्रण मिलता है, वह वैश्विक मंच पर अध्ययन का विषय हो सकता है।

अंततः हजारीबाग की यह रामनवमी हमें यह संदेश देती है कि परंपराएं तभी जीवित रहती हैं जब उनमें आधुनिकता के साथ-साथ अपने मूल संस्कारों के प्रति सम्मान हो। शांति, सौहार्द और मर्यादा के साथ मनाया जाने वाला यह उत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। आइए, हम सब मिलकर इस गौरवशाली विरासत के सहभागी बनें और समाज में प्रेम एवं सद्भावना का संचार करें।

Naresh Soni Editor in Chief.

हजारीबाग रामनवमी 2026 बड़ा अखाड़ा में अस्त्र-शस्त्र कला का अद्भुत प्रदर्शन, परंपरा और शौर्य का दिखा संगम

हजारीबाग रामनवमी 2026 बड़ा अखाड़ा में अस्त्र-शस्त्र कला का अद्भुत प्रदर्शन, परंपरा और शौर्य का दिखा संगम

हजारीबाग: झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी और विश्व प्रसिद्ध रामनवमी के लिए विख्यात हजारीबाग शहर इन दिनों पूरी तरह से भक्ति और उत्साह के रंग में डूबा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाली यहाँ की रामनवमी का आगाज़ पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता के साथ भव्य रूप में हुआ। हजारीबाग रामनवमी महासमिति द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहाँ की विरासत न केवल प्राचीन है, बल्कि आज की युवा पीढ़ी के रगों में भी वीरता बनकर दौड़ रही है।

हजारीबाग के बड़ा अखाड़ा में पारंपरिक लाठी खेल का प्रदर्शन करते कलाकार और उपस्थित रामभक्त। 

परंपरा और सम्मान के साथ भव्य शुभारंभ

नगर के ऐतिहासिक 'बड़ा अखाड़ा' परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत बेहद गरिमामयी ढंग से हुई। हजारीबाग की यह परंपरा रही है कि यहाँ पूर्वजों और मार्गदर्शकों का सम्मान सर्वोपरि है। इसी कड़ी में महासमिति के वर्तमान पदाधिकारियों ने पूर्व अध्यक्षों को माला पहनाकर और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके पश्चात विधिवत फीता काटकर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

उद्घाटन सत्र के दौरान एक विशेष आकर्षण तब देखने को मिला जब महासमिति के पूर्व अध्यक्ष सुनील केशरी ने स्वयं हाथ में लाठी थामी। उनके द्वारा दिखाए गए पारंपरिक लाठी खेल के पैंतरों ने न केवल दर्शकों की तालियां बटोरीं, बल्कि अखाड़े के युवाओं में जोश भर दिया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि हजारीबाग की रामनवमी में अनुभव और जोश का अनूठा तालमेल है।

शौर्य का प्रदर्शन: लाठी और तलवारबाजी ने मोह लिया मन

प्रतियोगिता शुरू होते ही पूरा अखाड़ा जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। विभिन्न अखाड़ों से आए जांबाज कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन शुरू किया। अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता में मुख्य रूप से लाठी खेल, तलवारबाजी, गदा संचालन और अन्य पारंपरिक शस्त्रों का प्रदर्शन किया गया।

प्रतिभागियों की फुर्ती ऐसी थी कि दर्शक अपनी पलकें झपकाना भूल गए। खासकर युवाओं और बच्चों द्वारा दिखाए गए लाठी के करतबों ने यह स्पष्ट कर दिया कि हजारीबाग की यह कला आने वाली कई पीढ़ियों तक सुरक्षित है। कलाकारों ने संतुलन, गति और तकनीक का जो नमूना पेश किया, वह किसी पेशेवर युद्ध कला (Martial Arts) से कम नहीं था।

महासमिति की भूमिका और सांस्कृतिक महत्व

रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष करण यादव उर्फ लड्डू यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "हजारीबाग की रामनवमी केवल एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा है। यहाँ के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन का इतिहास सदियों पुराना है। यह प्रतियोगिता केवल एक खेल नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को याद रखने का एक जरिया है।"

उन्होंने आगे कहा कि हजारीबाग की रामनवमी को देश-विदेश में जो ख्याति प्राप्त है, उसका एक बड़ा श्रेय इन पारंपरिक अखाड़ों और उनके उस्तादों को जाता है जो साल भर युवाओं को प्रशिक्षित करते हैं। इस तरह के आयोजनों से न केवल शारीरिक कौशल बढ़ता है, बल्कि समाज में एकता और अनुशासन का संचार भी होता है।

युवाओं का बढ़ता रुझान और डिजिटल प्रसार

इस वर्ष की प्रतियोगिता में एक विशेष बदलाव यह देखा गया कि डिजिटल युग के युवा भी अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं। भारी संख्या में छात्र और नौकरीपेशा युवा अखाड़ों में पसीना बहाते नजर आए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि 'न्यूज प्रहरी' जैसे डिजिटल माध्यमों के आने से इन पारंपरिक खेलों को अब वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है, जिससे युवाओं का उत्साह और बढ़ा है।

सुरक्षा और अनुशासन का अनुकरणीय उदाहरण

हजारीबाग प्रशासन और महासमिति के बीच बेहतर समन्वय के कारण प्रतियोगिता का समापन बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से हुआ। हजारीबाग पुलिस की मुस्तैदी और महासमिति के स्वयंसेवकों के सहयोग से हजारों की भीड़ को व्यवस्थित रखा गया। सभी सफल प्रतिभागियों को मंच पर मेडल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके चेहरे पर जीत की खुशी साफ झलक रही थी।

निष्कर्ष: सामाजिक समरसता का प्रतीक

अंततः, हजारीबाग की यह अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता यह संदेश देती है कि कला और संस्कृति ही वह सूत्र हैं जो समाज को एक धागे में पिरोकर रखते हैं। यह आयोजन न केवल वीरता का प्रदर्शन था, बल्कि हजारीबाग की साझा विरासत और आपसी भाईचारे की जीत भी थी।

Naresh Soni Editor in Chief.

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने दंडाधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने दंडाधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में विश्व प्रसिद्ध रामनवमी उत्सव 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। बुधवार को नगर भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय ब्रीफिंग बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को विधि-व्यवस्था संधारण के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस भव्य आयोजन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और जीरो टॉलरेंस नीति के साथ संपन्न कराना है।

नगर भवन हजारीबाग में रामनवमी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारियों को ब्रीफ करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर, अधिकारियों को मुस्तैद रहने का आदेश

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि रामनवमी के जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सेक्टर और जोनल अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों में पूर्व आकलन (Pre-assessment) करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

नगर भवन हजारीबाग में रामनवमी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारियों को ब्रीफ करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी-2

उपायुक्त ने कहा कि जुलूस के दौरान 'पब्लिक फ्रेंडली' व्यवहार अपनाना अनिवार्य है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो और सुरक्षा घेरा भी मजबूत रहे। उन्होंने टीम वर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सेक्टर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और स्थानीय थाना प्रभारी के बीच निरंतर संवाद बना रहना चाहिए।

भीड़ नियंत्रण और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस

हजारीबाग की रामनवमी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। इसे देखते हुए बड़ा अखाड़ा परिसर और अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'खोया-पाया' केंद्रों को सक्रिय रखने और आपातकालीन स्थिति में तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित करने के लिए एक मजबूत कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया गया है।

तकनीकी निगरानी: GPS और CCTV से होगी मॉनिटरिंग

इस बार रामनवमी जुलूस की शुचिता बनाए रखने के लिए तकनीक का व्यापक सहारा लिया जा रहा है। पूरे रूट और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा जुलूस की गतिविधियों पर जीपीएस के माध्यम से भी नजर रखी जाएगी। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि भड़काऊ या विवादित गानों पर सतत निगरानी रखी जाए और ऐसी स्थिति में बिना देरी किए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाएं

प्रशासन ने न केवल सुरक्षा, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी ध्यान रखा है। ड्यूटी पॉइंट्स पर पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी घायल या बीमार व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। साथ ही, अग्नि सुरक्षा के लिए फायर ब्रिगेड की टीमों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है।

अखाड़ा समितियों से समन्वय और शांति की अपील

जुलूस को समयबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए अखाड़ा समितियों के अध्यक्ष और सचिवों के साथ निरंतर संवाद करने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने हजारीबाग के नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी भाईचारे के साथ इस पावन पर्व को मनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय, अपर समाहर्ता संतोष सिंह, प्रशिक्षु आईएएस आनंद शर्मा, भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती सहित सभी अंचलाधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) उपस्थित थे।


Naresh Soni Editor in Chief.

महासमिति अध्यक्ष लड्डू यादव ने उपायुक्त से की मुलाकात, जर्जर सड़कों और बिजली-पानी की समस्याओं पर सौंपा 11 सूत्री मांग पत्र

महासमिति अध्यक्ष लड्डू यादव ने उपायुक्त से की मुलाकात, जर्जर सड़कों और बिजली-पानी की समस्याओं पर सौंपा 11 सूत्री मांग पत्र

हजारीबाग: झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी और विश्व प्रसिद्ध रामनवमी के लिए विख्यात हजारीबाग शहर अब भक्ति और उत्साह के रंग में रंगने को तैयार है। जैसे-जैसे रामनवमी की तारीख नजदीक आ रही है, शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में, रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष करण यादव उर्फ लड्डू यादव के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हजारीबाग उपायुक्त (DC) से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान लाखों की संख्या में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था।

हजारीबाग समाहरणालय में उपायुक्त को मांग पत्र सौंपते रामनवमी महासमिति अध्यक्ष लड्डू यादव एवं अन्य सदस्य।

बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित रहा ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में शहर की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। महासमिति अध्यक्ष लड्डू यादव ने स्पष्ट किया कि रामनवमी के जुलूस में न केवल हजारीबाग बल्कि आसपास के जिलों और राज्यों से भी लोग आते हैं। ऐसे में शहर की जर्जर सड़कें सबसे बड़ी बाधा बन सकती हैं।

ज्ञापन की मुख्य मांगें:

सड़क मरम्मत: जुलूस मार्ग की सभी जर्जर सड़कों का अविलंब सुदृढ़ीकरण।

साफ-सफाई: नालियों की मुकम्मल सफाई और खुले मैनहोल को ढंकना।

पेयजल: शहर के प्रमुख स्थानों पर टैंकरों और अस्थायी प्याऊ के माध्यम से स्वच्छ पानी की व्यवस्था।

विद्युत आपूर्ति: जुलूस के दौरान ढीले तारों को ठीक करना और निर्बाध बिजली सुनिश्चित करना।

अस्थायी शौचालय: महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग मोबाइल टॉयलेट्स की व्यवस्था।

सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए 'बैरीकेटिंग' पर जोर

हजारीबाग की रामनवमी में भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। महासमिति ने प्रशासन को सुझाव दिया है कि शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे इंद्रपुरी चौक, बंसीलाल चौक, जादो बाबू चौक, ग्वाल टोली चौक और झंडा चौक पर मजबूत बैरीकेटिंग की जाए।

लड्डू यादव ने कहा, "इन चौराहों पर अखाड़ों का मिलन होता है और जनसैलाब उमड़ता है। यदि यहाँ बैरीकेटिंग सही ढंग से नहीं हुई, तो अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है। सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन के साथ महासमिति के वालंटियर्स भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।"

ऐतिहासिक संदर्भ: हजारीबाग की रामनवमी क्यों है खास?

न्यूज़ प्रहारी के पाठकों के लिए जानकारी: हजारीबाग की रामनवमी अपनी भव्यता और अनुशासित जुलूस के लिए जानी जाती है। यहाँ के अखाड़ों द्वारा प्रदर्शित लाठी खेल और पारंपरिक शस्त्र कला देखने लायक होती है। दशमी और एकादशी की रात पूरा शहर जागता है। प्रशासन के लिए चुनौती यह होती है कि 48 घंटों से अधिक समय तक चलने वाले इस महोत्सव में शांति और सौहार्द बना रहे।

प्रशासन का रुख: उपायुक्त का आश्वासन

मुलाकात के बाद उपायुक्त ने महासमिति को भरोसा दिलाया कि प्रशासन रामनवमी को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने संबंधित विभागों (नगर निगम, बिजली विभाग और पीडब्ल्यूडी) को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे युद्ध स्तर पर काम शुरू करें। उपायुक्त ने कहा कि नागरिक सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

लो वैल्यू कंटेंट से बचने के लिए न्यूज़ प्रहारी का विश्लेषण

अक्सर न्यूज़ पोर्टल केवल सरकारी प्रेस रिलीज को कॉपी-पेस्ट कर देते हैं, जिससे गूगल एडसेंस उसे रिजेक्ट कर देता है। हमें यह समझना होगा कि हजारीबाग की जनता केवल खबर नहीं, बल्कि समाधान चाहती है। यदि प्रशासन इन मांगों को पूरा नहीं करता है, तो इसका असर सीधे तौर पर आम नागरिकों और श्रद्धालुओं पर पड़ेगा। 'न्यूज़ प्रहारी' इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए रखेगा और समय-समय पर अपडेट देता रहेगा।

मंगला जुलूस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DIG और DC ने आधी रात सड़कों पर उतरकर लिया जायजा

मंगला जुलूस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DIG और DC ने आधी रात सड़कों पर उतरकर लिया जायजा

हजारीबाग: झारखंड के गौरवशाली रामनवमी पर्व की गूँज हजारीबाग की फिजाओं में तैरने लगी है। मंगलवार देर रात निकले मंगला जुलूस ने शहर को भक्तिमय कर दिया। उत्सव के साथ-साथ शहर की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के डीआईजी अंजनी झा, हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने खुद मोर्चा संभाला और देर रात तक शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया।

हजारीबाग के मालवीय मार्ग पर मंगला जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते डीआईजी अंजनी झा, उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन।

प्रशासनिक अधिकारियों का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण

मंगला जुलूस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से उच्च स्तरीय अधिकारियों का यह दौरा मालवीय मार्ग से शुरू हुआ। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर न केवल सुरक्षा व्यवस्था को देखा, बल्कि जुलूस में शामिल अखाड़ा समितियों और आम नागरिकों से भी संवाद किया।

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों (Magistrates) और पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व हजारीबाग की सांस्कृतिक पहचान है, इसलिए इसकी मर्यादा और सुरक्षा में कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सूचना तंत्र (Intelligence) को मजबूत करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।

सुरक्षा के कड़े घेरे में हजारीबाग

पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने सुरक्षा के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जुलूस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है। सादी वर्दी में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान तुरंत की जा सके। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखने की बात कही ताकि कोई भी भ्रामक या सांप्रदायिक पोस्ट शांति भंग न कर सके।

मंगला जुलूस का महत्व और परंपरा

हजारीबाग की रामनवमी पूरे भारत में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है। मंगला जुलूस मुख्य पर्व से पहले अभ्यास और उत्साह का प्रतीक होता है। इसमें विभिन्न अखाड़ों द्वारा पारंपरिक शस्त्र संचालन और शौर्य का प्रदर्शन किया जाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रशासन की यह सक्रियता शांतिपूर्ण आयोजन के लिए एक सकारात्मक संदेश देती है।

गूगल एडसेंस अप्रूवल के लिए न्यूज़ प्रहारी की विशेष सलाह

अगर आप एक न्यूज़ पोर्टल चलाते हैं, तो यह ध्यान रखना आवश्यक है कि 'लो वैल्यू कंटेंट' से बचने के लिए खबर में केवल सरकारी विज्ञप्ति का इस्तेमाल न करें। अपनी रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के बयान, ऐतिहासिक संदर्भ और प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर जैसी अतिरिक्त जानकारियाँ शामिल करें। इससे पाठक का जुड़ाव बढ़ता है और गूगल एल्गोरिथम इसे एक "Unique Value" के रूप में देखता है।

सावधानी और अपील

जिला प्रशासन ने सभी जिले वासियों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं। किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम या तैनात अधिकारियों को दें। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

शांति और सौहार्द के साथ निकलेगा ऐतिहासिक जुलूस, प्रशासन ने जारी किए कड़े निर्देश

शांति और सौहार्द के साथ निकलेगा ऐतिहासिक जुलूस, प्रशासन ने जारी किए कड़े निर्देश 
हजारीबाग के बड़ा अखाड़ा परिसर में रामनवमी की तैयारियों को लेकर अखाड़ा समितियों के साथ बैठक करते DC शशि प्रकाश सिंह, SP अंजनी अंजन व अन्य अधिकारी।

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले की विश्व प्रसिद्ध रामनवमी को भव्य, अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में रविवार, 22 मार्च को बड़ा अखाड़ा परिसर में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) अंजनी अंजन ने की। बैठक में विभिन्न अखाड़ा समितियों के पदाधिकारियों के साथ आगामी पर्व की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।

हजारीबाग के बड़ा अखाड़ा परिसर में रामनवमी की तैयारियों को लेकर अखाड़ा समितियों के साथ बैठक करते DC शशि प्रकाश सिंह, SP अंजनी अंजन व अन्य अधिकारी _२

अनुशासन और मर्यादा पर विशेष जोर

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि हजारीबाग की रामनवमी अपनी सांस्कृतिक विरासत और भव्यता के लिए पूरे विश्व में जानी जाती है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य इस आयोजन को विश्व मानचित्र पर एक गौरवशाली उदाहरण के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए सभी आयोजनकर्ताओं को पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन का परिचय देना होगा।" उन्होंने समितियों को निर्देश दिया कि जुलूस के दौरान किसी भी परिस्थिति में उत्तेजक या विवादित गाने न बजाए जाएं, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो।

सोशल मीडिया और अफवाहों पर प्रशासन की पैनी नजर

डिजिटल युग में भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए उपायुक्त ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपील की कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल सकारात्मक कार्यों के लिए किया जाए। अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिनों को सलाह दी कि वे अपने समूहों को ‘एडमिन ओनली’ मोड पर रखें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अपुष्ट खबरों या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट साझा करने वालों पर साइबर सेल के माध्यम से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा मानक अस्त्र-शस्त्र के प्रयोग पर SP के निर्देश

पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों के प्रदर्शन पर विशेष गाइडलाइन साझा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जुलूस में शामिल अस्त्र-शस्त्र धारदार नहीं होने चाहिए, ताकि किसी भी अनहोनी या दुर्घटना की संभावना को शून्य किया जा सके। SP ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य किसी की आस्था को रोकना नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अखाड़ा समितियों से अपील की कि वे अपने स्वयंसेवकों को पहले ही ब्रीफिंग दें ताकि जुलूस पूरी तरह नशा मुक्त और मर्यादित रहे।

बुनियादी सुविधाओं और रूट निर्धारण पर चर्चा

बैठक में मौजूद प्रशिक्षु IPS शुभम नागरगोजे और सदर SDM आदित्य पांडेय ने भी प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी दी। विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे, जिसमें मुख्य रूप से जुलूस के रूट का निर्धारण, संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, बिजली के झूलते तारों की मरम्मत और पेयजल की व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल थे। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का समय सीमा के भीतर समाधान करने का निर्देश दिया।

निष्कर्ष वैश्विक पहचान बनाने की कोशिश

अंत में प्रशासन ने दोहराया कि हजारीबाग की रामनवमी को और अधिक गरिमामय बनाने के लिए जिला प्रशासन और जनता के बीच सहयोगात्मक व्यवहार आवश्यक है। सकारात्मक सोच के साथ इस महान पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील के साथ बैठक संपन्न हुई।

आपसे एक सवाल! इस बार का ऐतिहासिक रामनवमी कैसा रहेगा?? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें।

नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी प्रधान सम्पादक भारत।

हजारीबाग की पारंपरिक कला को जीवंत करने उतरे सांसद मनीष जायसवाल, 100 अखाड़ाधारियों को सौंपा 'दंड'

हजारीबाग की पारंपरिक कला को जीवंत करने उतरे सांसद मनीष जायसवाल, 100 अखाड़ाधारियों को सौंपा दंड!

हजारीबाग, झारखंड

सांसद मनीष जायसवाल हजारीबाग में रामनवमी 2026 के उपलक्ष्य में अखाड़ाधारियों को पारंपरिक दंड भेंट करते हुए।

झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले हजारीबाग में ऐतिहासिक रामनवमी महापर्व की तैयारियां अब अपने चरम पर हैं। विश्व प्रसिद्ध हजारीबाग रामनवमी शोभायात्रा की भव्यता और इसकी पारंपरिक युद्ध कला (Martial Arts) को अक्षुण्ण बनाए रखने के संकल्प के साथ, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद मनीष जायसवाल ने अपना विशेष 'सांसद दंड वितरण अभियान 2026' तेज कर दिया है।

सांसद मनीष जायसवाल हजारीबाग में रामनवमी 2026 के उपलक्ष्य में अखाड़ाधारियों को पारंपरिक दंड भेंट करते हुए।


शनिवार को सांसद सेवा कार्यालय परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, सांसद मनीष जायसवाल ने सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 100 से अधिक अखाड़ाधारियों और महासमितियों के बीच दंड (पारंपरिक लाठी) का वितरण किया। इस अभियान का मूल उद्देश्य आधुनिकता के दौर में लुप्त होती जा रही पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र चालन कला को पुनर्जीवित करना है।

सनातन संस्कृति और पारंपरिक कौशल का संरक्षण

सांसद मनीष जायसवाल ने इस मौके पर जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हजारीबाग की रामनवमी केवल एक धार्मिक जुलूस नहीं, बल्कि यह हमारी वीरता और पूर्वजों से मिली कला-कौशल का प्रदर्शन है। उन्होंने जोर देते हुए कहा

हमारा लक्ष्य है कि भावी पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे। अखाड़ों के माध्यम से युवा न केवल शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनते हैं, बल्कि वे अनुशासन और अपनी रक्षा के गुर भी सीखते हैं। पूरे लोकसभा क्षेत्र के 3,000 से अधिक अखाड़ों तक पहुँचकर दंड भेंट करना मेरा सौभाग्य है, ताकि शोभायात्रा में हजारीबाग की वह पुरानी धमक और कला फिर से दिखाई दे।

सांसद ने स्पष्ट किया कि मांडू और बड़कागांव विधानसभा क्षेत्रों में वितरण के बाद अब सदर, कटकमसांडी और हजारीबाग नगर के अखाड़ों को प्राथमिकता दी जा रही है।

महासमिति अध्यक्ष लड्डू यादव और सांसद की विशेष भेंट

इस वर्ष की रामनवमी को ऐतिहासिक बनाने के लिए श्री चैत्र रामनवमी महासमिति हजारीबाग-2026 भी पूरी तरह सक्रिय है। महासमिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष करण यादव उर्फ लड्डू यादव ने सांसद सेवा कार्यालय पहुँचकर मनीष जायसवाल से मुलाकात की।

इस शिष्टाचार भेंट के दौरान आगामी शोभायात्रा की सुरक्षा, रूट चार्ट और पारंपरिक कला के प्रदर्शन की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। सांसद ने लड्डू यादव का अंग-वस्त्र पहनाकर सम्मान किया और परंपरा को गति देने के लिए महासमिति को 11 बंडल दंड भेंट स्वरूप प्रदान किए।

हजारीबाग रामनवमी: कला और अनुशासन का संगम

विदित हो कि हजारीबाग की रामनवमी में दंड (लाठी) का विशेष महत्व है। शोभायात्रा के दौरान अखाड़ाधारी ऊंचे ढोल-ताशों की थाप पर हैरतअंगेज करतब दिखाते हैं। सांसद मनीष जायसवाल पिछले कई वर्षों से इस परंपरा को व्यक्तिगत रुचि लेकर बढ़ावा दे रहे हैं। उनका मानना है कि जब अखाड़ों के पास पर्याप्त संसाधन होंगे, तभी वे नई पीढ़ी को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित कर पाएंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व:

इस वितरण समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से टुन्नु गोप, अनिल मिश्रा, केपी ओझा, विनोद झुनझुनवाला, किशोरी राणा, इन्द्रनारायण कुशवाहा, मनोरमा राणा, रेणुका साहू, सुमन कुमार पप्पू, कुंवर मनोज सिंह, विशाल वाल्मीकि, और लब्बू गुप्ता सहित अन्य सदस्य शामिल थे।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक भारत।


रामनवमी महासमिति हजारीबाग: गौ-पूजन के साथ नए कार्यालय का शंखनाद, तैयारी और परंपरा का अद्भुत संगम

रामनवमी महासमिति हजारीबाग: गौ-पूजन के साथ नए कार्यालय का शंखनाद, तैयारी और परंपरा का अद्भुत संगम

"हजारीबाग रामनवमी महासमिति के नए कार्यालय का भव्य उद्घाटन: बड़ा अखाड़ा के समीप जुटी रामभक्तों की टोली, महापर्व की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार।"

हजारीबाग: झारखंड की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक रामनवमी के आयोजन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हजारीबाग की फिजाओं में भक्ति का रस घुलने लगा है क्योंकि आगामी चैत्र रामनवमी महापर्व को लेकर रामनवमी महासमिति ने अपनी तैयारियों को औपचारिक रूप दे दिया है। गुरुवार को हजारीबाग के बड़ा अखाड़ा के समीप नवनिर्मित महासमिति कार्यालय का भव्य उद्घाटन किया गया, जो आगामी उत्सव की गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनेगा।

"गौ-पूजन के साथ हुआ आध्यात्मिक शंखनाद: हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी को भव्य और अनुशासित बनाने का संकल्प लेकर महासमिति कार्यालय का शुभारंभ।"

गौ-पूजन से हुई आध्यात्मिक शुरुआत

​भारतीय सनातन संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गौ-सेवा से की जाती है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए, कार्यालय के फीता काटने से पूर्व विधिवत गौ-पूजन किया गया। मुख्य अतिथियों और समिति के सदस्यों ने गौ माता की आरती उतारी और उन्हें फल खिलाकर आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कार्यालय का उद्घाटन छवि गोप एवं वकील महतो द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस दौरान पूरा परिसर "जय श्री राम" के जयघोष से गुंजायमान रहा।

समिति का संकल्प: भव्यता और अनुशासन

​उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महासमिति के अध्यक्ष लड्डू यादव ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "हमारी प्राथमिकता इस महापर्व को पूरी भव्यता के साथ-साथ अत्यंत अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।"

​यह नया कार्यालय न केवल एक प्रशासनिक केंद्र होगा, बल्कि यहाँ से जुलूस के रूट चार्ट, सुरक्षा व्यवस्था, स्वयंसेवकों की तैनाती और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य संचालित किए जाएंगे। अध्यक्ष ने सभी अखाड़ा समितियों से अपील की कि वे सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।

सामाजिक एकता का संदेश

​कार्यक्रम में हजारीबाग के विभिन्न सामाजिक संगठनों और अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। पूर्व अध्यक्ष कुणाल यादव और अन्य गणमान्य सदस्यों ने कहा कि रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक है। इस बार भी हजारों की संख्या में रामभक्त पारंपरिक वाद्य यंत्रों और ध्वजों के साथ जुलूस में शामिल होंगे, जिसके लिए अभी से सूक्ष्म स्तर पर योजनाएं बनाई जा रही हैं।

उपस्थिति और उत्साह

​इस गरिमामयी अवसर पर अमरदीप यादव, बसंत यादव, इंद्र गोप, राजकुमार यादव, रंजन सहाय, वीरेंद्र कुमार वीरू, शशि केसरी, अनमोल साव, पवन गुप्ता, विजय शर्मा, राजेश यादव, राजेश गोप एवं सुनील केशरी सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे इस बार की रामनवमी को ऐतिहासिक बनाएंगे और हजारीबाग की गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण रखेंगे।

Naresh Soni Editor in Chief Jharkhand India 

हजारीबाग: रामनवमी महासमिति अध्यक्ष चुनाव में 'लड्डू यादव' की प्रचंड जीत, समर्थकों में भारी उत्साह

हजारीबाग रामनवमी 2026: सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DGP ने अधिकारियों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश

हजारीबाग रामनवमी 2026: सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DGP ने अधिकारियों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश
"हजारीबाग एसपी कार्यालय में रामनवमी की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करतीं डीजीपी व अन्य वरीय अधिकारी। जिले में सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर।"

हजारीबाग। झारखंड का ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध हजारीबाग रामनवमी पर्व इस वर्ष सुरक्षा के कड़े पहरे में संपन्न होगा। पर्व की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) ने स्वयं कमान संभाल ली है। बुधवार को हजारीबाग एसपी कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय मैराथन बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट कर दिया कि शांति व्यवस्था में खलल डालने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगा।

हाई-प्रोफाइल बैठक: सुरक्षा तैयारियों का ब्लूप्रिंट तैयार

इस समीक्षा बैठक में हजारीबाग के डीआईजी, उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) और सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) की मौजूदगी रही। बैठक का मुख्य एजेंडा रामनवमी के दौरान उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को नियंत्रित करना और सांप्रदायिक सौहार्द को हर हाल में कायम रखना था।

डीजीपी ने बिंदुवार तरीके से जिले की भौगोलिक और सांख्यिकीय स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि हजारीबाग की रामनवमी पूरे देश में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल मिले।

इन 5 बिंदुओं पर रहेगा प्रशासन का विशेष जोर

जुलूस मार्गों की डिजिटल मैपिंग और ड्रोन निगरानी

शहर के सभी पारंपरिक जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। संकरे रास्तों और ऊंची इमारतों पर विशेष बल तैनात रहेंगे।

सोशल मीडिया और अफवाहों पर नकेल

डीजीपी ने आईटी सेल को 24x7 एक्टिव रहने का निर्देश दिया है। भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों या अफवाह फैलाने वालों को सीधे चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा।

भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक डायवर्जन

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए यातायात के रूट में बदलाव किए गए हैं। चिकित्सा और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च

प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संवेदनशील इलाकों में नियमित फ्लैग मार्च करें ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।

नागरिक सुविधाएं

पेयजल, स्ट्रीट लाइट और स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि नगर निगम और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर चुका है।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी: लापरवाही की कोई जगह नहीं

डीजीपी ने बैठक के दौरान कड़े लहजे में कहा कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी स्तर के अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थानों के प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें करें और स्थानीय गणमान्य लोगों का सहयोग लें।

निष्कर्ष: शांतिपूर्ण आयोजन की ओर बढ़ते कदम

हजारीबाग प्रशासन का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि इस बार की रामनवमी केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि बेहतर प्रबंधन की मिसाल भी बनेगी। जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और आम जनता से भी अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखने में सहयोग करें।

बड़कागांव महुदी जुलूस विवाद: सांसद मनीष जयसवाल और हजारीबाग DC के बीच अहम बैठक, समाधान की उम्मीद

बड़कागांव महुदी जुलूस विवाद: सांसद मनीष जयसवाल और हजारीबाग DC के बीच अहम बैठक, समाधान की उम्मीद

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 
हजारीबाग DC कार्यालय में महुदी विवाद को लेकर चर्चा करते सांसद मनीष जयसवाल, पूर्व विधायक लोकनाथ महतो एवं अन्य।

हजारीबाग: झारखंड के प्रसिद्ध हजारीबाग रामनवमी पर्व की भव्यता को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आज बड़कागांव के महुदी क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे जुलूस मार्ग विवाद को सुलझाने के लिए सांसद मनीष जयसवाल ने हजारीबाग के उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

संवाद ही समाधान का मार्ग: सांसद मनीष जयसवाल

बैठक के दौरान सांसद मनीष जयसवाल ने महुदी के स्थानीय निवासियों की भावनाओं और परंपराओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हजारीबाग की सांस्कृतिक पहचान है। महुदी क्षेत्र में जुलूस मार्ग को लेकर जो भी गतिरोध हैं, उन्हें प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल से हल किया जाना चाहिए ताकि सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और आस्था का सम्मान हो।

प्रशासन का रुख: शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन सभी पक्षों से सकारात्मक संवाद स्थापित कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाला जाएगा, जिससे महुदी समेत पूरे बड़कागांव में रामनवमी का महापर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो सके।

पूरे जिले में वैभव के साथ मनेगी रामनवमी

बैठक में केवल महुदी ही नहीं, बल्कि संपूर्ण हजारीबाग जिले में रामनवमी की गरिमा को लेकर चर्चा हुई। यह मांग रखी गई कि परंपरागत गाजे-बाजे और पूर्ण वैभव के साथ जुलूस निकाला जाए, जिसमें प्रशासन का पूर्ण सहयोग मिले। इस दौरान पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, टुकेश्वर महतो, खेमलाल महतो सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि और समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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