उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने दंडाधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में विश्व प्रसिद्ध रामनवमी उत्सव 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। बुधवार को नगर भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय ब्रीफिंग बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को विधि-व्यवस्था संधारण के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस भव्य आयोजन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और जीरो टॉलरेंस नीति के साथ संपन्न कराना है।
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| नगर भवन हजारीबाग में रामनवमी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारियों को ब्रीफ करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी। |
संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर, अधिकारियों को मुस्तैद रहने का आदेश
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि रामनवमी के जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सेक्टर और जोनल अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों में पूर्व आकलन (Pre-assessment) करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
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| नगर भवन हजारीबाग में रामनवमी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारियों को ब्रीफ करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी-2 |
उपायुक्त ने कहा कि जुलूस के दौरान 'पब्लिक फ्रेंडली' व्यवहार अपनाना अनिवार्य है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो और सुरक्षा घेरा भी मजबूत रहे। उन्होंने टीम वर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सेक्टर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और स्थानीय थाना प्रभारी के बीच निरंतर संवाद बना रहना चाहिए।
भीड़ नियंत्रण और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
हजारीबाग की रामनवमी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। इसे देखते हुए बड़ा अखाड़ा परिसर और अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'खोया-पाया' केंद्रों को सक्रिय रखने और आपातकालीन स्थिति में तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित करने के लिए एक मजबूत कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया गया है।
तकनीकी निगरानी: GPS और CCTV से होगी मॉनिटरिंग
इस बार रामनवमी जुलूस की शुचिता बनाए रखने के लिए तकनीक का व्यापक सहारा लिया जा रहा है। पूरे रूट और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा जुलूस की गतिविधियों पर जीपीएस के माध्यम से भी नजर रखी जाएगी। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि भड़काऊ या विवादित गानों पर सतत निगरानी रखी जाए और ऐसी स्थिति में बिना देरी किए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाएं
प्रशासन ने न केवल सुरक्षा, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी ध्यान रखा है। ड्यूटी पॉइंट्स पर पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी घायल या बीमार व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। साथ ही, अग्नि सुरक्षा के लिए फायर ब्रिगेड की टीमों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है।
अखाड़ा समितियों से समन्वय और शांति की अपील
जुलूस को समयबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए अखाड़ा समितियों के अध्यक्ष और सचिवों के साथ निरंतर संवाद करने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने हजारीबाग के नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी भाईचारे के साथ इस पावन पर्व को मनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय, अपर समाहर्ता संतोष सिंह, प्रशिक्षु आईएएस आनंद शर्मा, भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती सहित सभी अंचलाधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) उपस्थित थे।
Naresh Soni Editor in Chief.


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