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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग रामनवमी 2026: तकनीक और सतर्कता के साये में सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह

हजारीबाग रामनवमी 2026: तकनीक और सतर्कता के साये में सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह

HAZARIBAGH: झारखंड के हजारीबाग जिले में विश्व प्रसिद्ध रामनवमी उत्सव को लेकर इस वर्ष प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे कड़े मापदंड स्थापित किए हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए। हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आस्था के इस महापर्व में खलल डालने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को इतना चाक-चौबंद बनाया गया है कि शहर का कोना-कोना तीसरी आंख की जद में होगा। इस बार की रणनीति में केवल मानवीय बल ही नहीं बल्कि आधुनिकतम तकनीक का भी समावेश किया गया है जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और सटीक हो गई है। जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ बाहरी जिलों से आए पुलिस पदाधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे।

हजारीबाग कंट्रोल रूम में जीपीएस और ड्रोन के जरिए जुलूस की निगरानी करते पुलिस अधिकारी।

हजारीबाग की रामनवमी में निकलने वाले भव्य जुलूसों की विशालता को देखते हुए इस बार पुलिस ने जीपीएस यानी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम का सहारा लिया है। जिले के उन सभी थाना क्षेत्रों को एक विशेष यूनिफॉर्म कोड दिया गया है जहाँ से रामनवमी की रैलियां और अखाड़े निकलते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर जुलूस के मुख्य रथों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाई गई है। इस तकनीक के माध्यम से जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से अधिकारी लाइव देख पाएंगे कि कौन सा जुलूस वर्तमान में किस स्थान पर है और उसे गंतव्य तक पहुँचने में कितना समय लगेगा। इससे भीड़ प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी।

शहर की भौगोलिक स्थिति और संकरी गलियों को ध्यान में रखते हुए प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। अक्सर देखा जाता है कि रात के समय अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व वारदातों को अंजाम देते हैं। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने न केवल मुख्य मार्गों बल्कि उन गलियों में भी भारी संख्या में जनरेटर और हाई-मास्ट लाइट की व्यवस्था की है जहाँ से रैलियां नहीं गुजरती हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों का जाल पूरे शहर में बिछा दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि रोशनी और कैमरों की मौजूदगी ही आधे अपराधों को रोकने के लिए पर्याप्त होती है। सुरक्षा का घेरा इतना मजबूत है कि पांच हजार से अधिक पुलिस के जवान चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहेंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी पुलिस अधीक्षक ने एक संवेदनतशील और त्वरित कार्ययोजना तैयार की है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ी एम्बुलेंस का पहुँचना अक्सर कठिन होता है इसलिए इस बार दस बाइक एम्बुलेंस की विशेष व्यवस्था की गई है। यह बाइक एम्बुलेंस संकरी गलियों में फंसे घायल या बीमार व्यक्ति तक तुरंत पहुँचकर उसे प्राथमिक उपचार प्रदान करेगी। इसके अलावा जिले के लगभग साठ अस्पतालों को चिन्हित किया गया है जहाँ घायल व्यक्तियों को तुरंत फर्स्ट एड की सुविधा मिलेगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि शुरुआती इलाज के बाद मरीज अपनी सुविधा और इच्छा अनुसार कहीं भी उच्च स्तरीय इलाज कराने के लिए स्वतंत्र होगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि किसी भी आपात स्थिति में जीवन की रक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होगी।

भीड़ पर नियंत्रण और जुलूस के सुगम संचालन के लिए मचानों की संख्या में इस वर्ष काफी वृद्धि की गई है। ऊँचे स्थानों पर तैनात पुलिस बल जुलूस के आगे और पीछे के रास्तों की स्थिति का जायजा लेंगे और वायरलेस सेट के माध्यम से नीचे तैनात टीम को रास्ता क्लियर करने के निर्देश देंगे। प्रशासन ने सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए दो विशाल डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन भी शहर के प्रमुख केंद्रों पर लगाई हैं। इन स्क्रीनों के माध्यम से आम जनता, मीडिया कर्मियों और अखाड़ों के गणमान्य व्यक्तियों को लाइव रूट मैप और जुलूस की वर्तमान स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी। इससे न केवल अफवाहों पर लगाम लगेगी बल्कि लोगों को अपने आवागमन की योजना बनाने में भी आसानी होगी।

रात के समय निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए हजारीबाग पुलिस इस बार नाइट विजन दूरबीन और उन्नत ड्रोन कैमरों का बड़े पैमाने पर उपयोग करने जा रही है। अंधेरे में भी दूर तक देखने की क्षमता रखने वाले इन उपकरणों से पुलिस बल छतों और सुनसान रास्तों पर नजर रखेगा। साथ ही ध्वनि प्रदूषण और ड्यूटी पर तैनात जवानों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए प्रशासन ने पहली बार ध्वनि रोधक यंत्रों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। यह यंत्र जवानों को डीजे और लाउडस्पीकर के कान फोड़ू शोर से बचाएंगे जिससे वे अपनी ड्यूटी अधिक एकाग्रता के साथ कर सकेंगे। हजारीबाग पुलिस का यह मास्टर प्लान दर्शाता है कि इस बार प्रशासन किसी भी छोटी से छोटी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता है ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ रामनवमी का त्यौहार मना सकें।

Naresh Soni Editor in Chief.

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने दंडाधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने दंडाधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में विश्व प्रसिद्ध रामनवमी उत्सव 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। बुधवार को नगर भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय ब्रीफिंग बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को विधि-व्यवस्था संधारण के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस भव्य आयोजन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और जीरो टॉलरेंस नीति के साथ संपन्न कराना है।

नगर भवन हजारीबाग में रामनवमी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारियों को ब्रीफ करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर, अधिकारियों को मुस्तैद रहने का आदेश

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि रामनवमी के जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सेक्टर और जोनल अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों में पूर्व आकलन (Pre-assessment) करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

नगर भवन हजारीबाग में रामनवमी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारियों को ब्रीफ करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी-2

उपायुक्त ने कहा कि जुलूस के दौरान 'पब्लिक फ्रेंडली' व्यवहार अपनाना अनिवार्य है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो और सुरक्षा घेरा भी मजबूत रहे। उन्होंने टीम वर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सेक्टर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और स्थानीय थाना प्रभारी के बीच निरंतर संवाद बना रहना चाहिए।

भीड़ नियंत्रण और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस

हजारीबाग की रामनवमी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। इसे देखते हुए बड़ा अखाड़ा परिसर और अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'खोया-पाया' केंद्रों को सक्रिय रखने और आपातकालीन स्थिति में तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित करने के लिए एक मजबूत कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया गया है।

तकनीकी निगरानी: GPS और CCTV से होगी मॉनिटरिंग

इस बार रामनवमी जुलूस की शुचिता बनाए रखने के लिए तकनीक का व्यापक सहारा लिया जा रहा है। पूरे रूट और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा जुलूस की गतिविधियों पर जीपीएस के माध्यम से भी नजर रखी जाएगी। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि भड़काऊ या विवादित गानों पर सतत निगरानी रखी जाए और ऐसी स्थिति में बिना देरी किए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाएं

प्रशासन ने न केवल सुरक्षा, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी ध्यान रखा है। ड्यूटी पॉइंट्स पर पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी घायल या बीमार व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। साथ ही, अग्नि सुरक्षा के लिए फायर ब्रिगेड की टीमों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है।

अखाड़ा समितियों से समन्वय और शांति की अपील

जुलूस को समयबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए अखाड़ा समितियों के अध्यक्ष और सचिवों के साथ निरंतर संवाद करने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने हजारीबाग के नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी भाईचारे के साथ इस पावन पर्व को मनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय, अपर समाहर्ता संतोष सिंह, प्रशिक्षु आईएएस आनंद शर्मा, भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती सहित सभी अंचलाधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) उपस्थित थे।


Naresh Soni Editor in Chief.

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