शांति और सौहार्द के साथ निकलेगा ऐतिहासिक जुलूस, प्रशासन ने जारी किए कड़े निर्देश
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| हजारीबाग के बड़ा अखाड़ा परिसर में रामनवमी की तैयारियों को लेकर अखाड़ा समितियों के साथ बैठक करते DC शशि प्रकाश सिंह, SP अंजनी अंजन व अन्य अधिकारी। |
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले की विश्व प्रसिद्ध रामनवमी को भव्य, अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में रविवार, 22 मार्च को बड़ा अखाड़ा परिसर में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) अंजनी अंजन ने की। बैठक में विभिन्न अखाड़ा समितियों के पदाधिकारियों के साथ आगामी पर्व की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।
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| हजारीबाग के बड़ा अखाड़ा परिसर में रामनवमी की तैयारियों को लेकर अखाड़ा समितियों के साथ बैठक करते DC शशि प्रकाश सिंह, SP अंजनी अंजन व अन्य अधिकारी _२ |
अनुशासन और मर्यादा पर विशेष जोर
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि हजारीबाग की रामनवमी अपनी सांस्कृतिक विरासत और भव्यता के लिए पूरे विश्व में जानी जाती है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य इस आयोजन को विश्व मानचित्र पर एक गौरवशाली उदाहरण के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए सभी आयोजनकर्ताओं को पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन का परिचय देना होगा।" उन्होंने समितियों को निर्देश दिया कि जुलूस के दौरान किसी भी परिस्थिति में उत्तेजक या विवादित गाने न बजाए जाएं, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर प्रशासन की पैनी नजर
डिजिटल युग में भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए उपायुक्त ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपील की कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल सकारात्मक कार्यों के लिए किया जाए। अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिनों को सलाह दी कि वे अपने समूहों को ‘एडमिन ओनली’ मोड पर रखें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अपुष्ट खबरों या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट साझा करने वालों पर साइबर सेल के माध्यम से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानक अस्त्र-शस्त्र के प्रयोग पर SP के निर्देश
पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों के प्रदर्शन पर विशेष गाइडलाइन साझा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जुलूस में शामिल अस्त्र-शस्त्र धारदार नहीं होने चाहिए, ताकि किसी भी अनहोनी या दुर्घटना की संभावना को शून्य किया जा सके। SP ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य किसी की आस्था को रोकना नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अखाड़ा समितियों से अपील की कि वे अपने स्वयंसेवकों को पहले ही ब्रीफिंग दें ताकि जुलूस पूरी तरह नशा मुक्त और मर्यादित रहे।
बुनियादी सुविधाओं और रूट निर्धारण पर चर्चा
बैठक में मौजूद प्रशिक्षु IPS शुभम नागरगोजे और सदर SDM आदित्य पांडेय ने भी प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी दी। विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे, जिसमें मुख्य रूप से जुलूस के रूट का निर्धारण, संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, बिजली के झूलते तारों की मरम्मत और पेयजल की व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल थे। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का समय सीमा के भीतर समाधान करने का निर्देश दिया।
निष्कर्ष वैश्विक पहचान बनाने की कोशिश
अंत में प्रशासन ने दोहराया कि हजारीबाग की रामनवमी को और अधिक गरिमामय बनाने के लिए जिला प्रशासन और जनता के बीच सहयोगात्मक व्यवहार आवश्यक है। सकारात्मक सोच के साथ इस महान पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील के साथ बैठक संपन्न हुई।
आपसे एक सवाल! इस बार का ऐतिहासिक रामनवमी कैसा रहेगा?? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें।
नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी प्रधान सम्पादक भारत।


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