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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग में राम भक्तों की सेवा के लिए सांसद सेवा केंद्र का भव्य शुभारंभ

 हजारीबाग में राम भक्तों की सेवा के लिए सांसद सेवा केंद्र का भव्य शुभारंभ

हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी और सेवा का अनूठा संकल्प

HAZARIBAGH: झारखंड के हजारीबाग जिले में रामनवमी का पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि एक अटूट आस्था और जन-भागीदारी का महाकुंभ है। वर्ष 2026 की रामनवमी को लेकर पूरे शहर में उत्साह और उमंग का वातावरण व्याप्त है। इस पावन अवसर पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने राम भक्तों की सुविधा और सहायता के लिए एक विशेष पहल की है। शनिवार की देर शाम उन्होंने अपने सांसद सेवा कार्यालय को एक पूर्णकालिक सेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर इसका विधिवत उद्घाटन किया। इस केंद्र की स्थापना का मुख्य ध्येय उन लाखों श्रद्धालुओं की सेवा करना है जो सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य जिलों से इस विश्व प्रसिद्ध जुलूस का हिस्सा बनने हजारीबाग पहुंचते हैं। इस उद्घाटन समारोह की खास बात यह रही कि सांसद ने स्वयं हिंदूवादी युवा भैरव सिंह के साथ मिलकर इस केंद्र का द्वार खोला जो युवाओं के प्रति उनके विश्वास और जज्बे को दर्शाता है। इस गरिमामयी अवसर पर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और युवा इंजीनियर अमन कुमार जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे जिन्होंने इस सेवा कार्य को पुण्य का काम बताया।

हजारीबाग सांसद कार्यालय में राम भक्तों की सेवा हेतु 'सांसद सेवा केंद्र' का उद्घाटन करते सांसद मनीष जायसवाल, भैरव सिंह, विधायक प्रदीप प्रसाद व अन्य।

श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाएं और व्यवस्थाएं

सांसद सेवा केंद्र को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह अगले 36 से 48 घंटों तक बिना रुके निरंतर कार्य करेगा। जब तक रामनवमी का जुलूस सड़कों पर रहेगा तब तक यह केंद्र सक्रिय भूमिका में नजर आएगा। केंद्र के भीतर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उत्तम व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही गर्मी और थकान को देखते हुए सत्तू, चना और पोषाहार के साथ-साथ रात्रि में भोजन का भी प्रबंध किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यहाँ विश्राम की भी संक्षिप्त व्यवस्था है। सांसद मनीष जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इस बार स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यदि भीड़ के दौरान कोई भी भक्त अस्वस्थ महसूस करता है या उसे चोट लगती है तो भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता और सहयोगी तुरंत उसे प्राथमिक उपचार देंगे। गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन और वॉलंटियर्स की टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। सांसद स्वयं इस केंद्र से राम भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन करेंगे जो हजारीबाग की स्वागत परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है।

सांसद की अपील और सुरक्षा के प्रति जागरूकता

जुलूस की विशालता को देखते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील अपील जारी की है। उन्होंने विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अभिभावकों से आग्रह किया है कि यदि उनके साथ छोटे बच्चे हैं तो वे बच्चों की जेब में एक पर्ची पर अपना मोबाइल नंबर और घर का पता अवश्य लिख दें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अक्सर बच्चे बिछड़ जाते हैं और ऐसी स्थिति में यह छोटी सी सावधानी उन्हें सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी। सांसद ने राम भक्तों से मर्यादा और अनुशासन के साथ पर्व मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी अपनी भव्यता के साथ-साथ अपनी शांति और भाईचारे के लिए भी जानी जाती है। सड़कों पर करीब 36 घंटों तक चलने वाले इस जनसैलाब के दौरान सावधानी बरतना और प्रशासन का सहयोग करना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है।

सामाजिक संगठनों का योगदान और सामुदायिक सहभागिता

हजारीबाग में रामनवमी केवल सरकारी या राजनीतिक आयोजन नहीं रह गया है बल्कि यह सामुदायिक सेवा का एक बड़ा मंच बन चुका है। सांसद सेवा केंद्र के अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों सामाजिक संगठनों और व्यक्तिगत कार्यकर्ताओं द्वारा सेवा शिविर लगाए गए हैं। कोई संगठन चिकित्सा शिविर चला रहा है तो कोई खोया-पाया केंद्र संचालित कर रहा है। इन सभी प्रयासों का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव में शामिल होने वाले किसी भी भक्त को कोई कष्ट न हो। हजारीबाग की यह परंपरा दिखाती है कि कैसे भक्ति और शक्ति के साथ सेवा का संगम एक समाज को जोड़ता है। सांसद मनीष जायसवाल का यह प्रयास न केवल एक राजनेता का कर्तव्य है बल्कि एक राम भक्त की अटूट श्रद्धा का परिचायक भी है जो हर वर्ष इस पावन बेला पर देखने को मिलता है।

Naresh Soni Editor in Chief.

आईजी और डीआईजी ने पुलिस बल को दी अनुशासन और मुस्तैदी की कड़ी नसीहत

हजारीबाग रामनवमी की अभेद्य सुरक्षा

आईजी और डीआईजी ने पुलिस बल को दी अनुशासन और मुस्तैदी की कड़ी नसीहत

झारखंड के हजारीबाग में विश्व प्रसिद्ध रामनवमी जुलूस की भव्यता और संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शनिवार को हजारीबाग पुलिस केंद्र में आयोजित एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग सत्र के दौरान पुलिस के आला अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रामनवमी का यह महापर्व न केवल उत्साह के साथ मनाया जाए, बल्कि सुरक्षा के मानकों पर भी यह पूरी तरह खरा उतरे।

हजारीबाग पुलिस केंद्र में रामनवमी सुरक्षा को लेकर तैनात जवानों और पदाधिकारियों को ब्रीफिंग देते आईजी सुनील भास्कर, डीआईजी नौशाद आलम व अन्य अधिकारी।

बोकारो जोन के आईजी सुनील भास्कर, डीआईजी नौशाद आलम, डीआईजी अंजनी झा और हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अनजान ने संयुक्त रूप से मैदान में तैनात होने वाले पुलिस पदाधिकारियों, मजिस्ट्रेटों और जवानों को संबोधित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि रामनवमी के दौरान पुलिस की भूमिका केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी उपस्थिति जनता में विश्वास और उपद्रवियों में भय पैदा करने वाली होनी चाहिए। सुरक्षा बल के हर सदस्य को यह समझाया गया कि उनकी एक छोटी सी लापरवाही पूरे शहर की शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है, इसलिए कर्तव्य के प्रति समर्पण ही इस समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

Briefing ke dauran upayukt Shashi Prakash Singh Awam police adhikshak Anjani engine.

आईजी सुनील भास्कर ने अपने संबोधन में अनुशासन को सर्वोपरि बताया। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हर कर्मी को अपनी निर्धारित वर्दी में रहना अनिवार्य है। पुलिस की वर्दी न केवल उनकी पहचान है बल्कि उनके उत्तरदायित्व का प्रतीक भी है। ब्रीफिंग के दौरान यह भी साफ किया गया कि जब तक रामनवमी के सभी जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से होकर शांतिपूर्वक विसर्जित नहीं हो जाते, तब तक कोई भी पुलिसकर्मी या पदाधिकारी अपनी ड्यूटी पॉइंट को नहीं छोड़ सकता। इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मी के विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Duty per tainat policekarmi

शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार पुलिस प्रशासन ने मानवीय व्यवहार और संयम पर विशेष जोर दिया है। अधिकारियों ने जवानों को निर्देशित किया कि जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं और आम जनता के साथ उनका आचरण बेहद मर्यादित और सहयोगी होना चाहिए। अक्सर भीड़ के दौरान तनाव की स्थिति पैदा होती है, ऐसे में पुलिस को उत्तेजित होने के बजाय ठंडे दिमाग से स्थिति को संभालना होगा। प्रशासन ने यह भी हिदायत दी है कि किसी भी सूरत में अभद्र भाषा या अनावश्यक बल प्रयोग न किया जाए। पुलिस का मुख्य लक्ष्य भीड़ को नियंत्रित करना और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की मदद करना है, न कि भय का माहौल बनाना।

Trusty Awam ganamanya log

सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत प्रशासन द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी एसओपी का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। पुलिस बल को यह ट्रेनिंग दी गई है कि भीड़ नियंत्रण और किसी भी आकस्मिक स्थिति में किस प्रकार नियमों के दायरे में रहकर कार्य करना है। आईजी और डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी सूचना तुरंत वायरलेस या मोबाइल के माध्यम से वरीय अधिकारियों को दी जाए। कोई भी बड़ा निर्णय लेने या बल प्रयोग जैसी कार्रवाई करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है, ताकि स्थिति को रणनीतिक रूप से संभाला जा सके।

हजारीबाग की रामनवमी अपने अखाड़ों और विशाल जनसमूह के लिए जानी जाती है, जिसके कारण यहां की सुरक्षा व्यवस्था किसी चुनौती से कम नहीं होती। पुलिस मुख्यालय ने इस बार तकनीक और मानव बल का बेहतर तालमेल बिठाने की कोशिश की है। संवेदनशील इलाकों में विशेष नजर रखने के साथ-साथ सादे लिबास में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज के रक्षक हैं और इस महापर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराना उनकी नैतिक और पेशेवर जिम्मेदारी है। इस पूरी ब्रीफिंग का सार यही था कि पुलिस की मुस्तैदी और जनता का सहयोग मिलकर हजारीबाग की गौरवशाली परंपरा को सुरक्षित बनाए रखेंगे।

Naresh Soni Editor in Chief.

रामनवमी पर्व की सुरक्षा और दारू पुलिस की पैनी नजर: अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई

रामनवमी पर्व की सुरक्षा और दारू पुलिस की पैनी नजर: अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई

हजारीबाग/दारू: झारखंड के हजारीबाग जिले के अंतर्गत दारू थाना क्षेत्र में इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। आगामी रामनवमी के महान पर्व को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और असामाजिक तत्वों के साथ-साथ अवैध धंधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में दारू थाना प्रभारी इकबाल हुसैन के कुशल नेतृत्व में पुलिस बल ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि दारू खारिक के घने और सुनसान इलाकों का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध रूप से महुआ शराब के निर्माण की योजना बना रहे हैं और भारी मात्रा में कच्चा माल एकत्र किया गया है। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और संबंधित स्थल पर छापेमारी की योजना बनाई।

 थाना प्रभारी इकबाल हुसैन की मौजूदगी में पुलिस टीम द्वारा अवैध जावा महुआ को नष्ट करने की प्रक्रिया।

पुलिस की यह कार्रवाई इतनी सुनियोजित और त्वरित थी कि अवैध धंधेबाजों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दारू खारिक के जंगली और दुर्गम रास्तों को पार करते हुए जब पुलिस टीम चिन्हित स्थान पर पहुँची, तो वहां छिपाकर रखे गए लगभग पचास किलो अवैध जावा महुआ के भंडारण का खुलासा हुआ। यह जावा महुआ शराब बनाने के लिए मुख्य कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और इसे जमीन के अंदर या झाड़ियों के पीछे बड़ी चतुराई से छुपाया गया था। थाना प्रभारी इकबाल हुसैन ने स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और बरामद किए गए सभी अवैध सामग्री को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया। पुलिस की इस सक्रियता ने उन लोगों के हौसले पस्त कर दिए हैं जो त्योहारों के सीजन में अवैध शराब की आपूर्ति कर शांति व्यवस्था भंग करने की फिराक में रहते हैं।

रामनवमी जैसे पवित्र और बड़े त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। हजारीबाग का इतिहास रहा है कि यहाँ रामनवमी का जुलूस और उत्सव बहुत ही भव्य और संवेदनशील होता है। ऐसे में नशाखोरी और अवैध शराब की बिक्री कानून व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकती है। दारू थाना प्रभारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी सूरत में क्षेत्र के भीतर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते उन पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस तरह के अवैध अड्डों पर प्रहार करने से न केवल अपराध में कमी आएगी बल्कि युवाओं को भी नशे की लत से बचाया जा सकेगा।

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने पाया कि अवैध शराब बनाने वाले लोग दुर्गम क्षेत्रों का चुनाव इसलिए करते हैं ताकि वे आम जनता और प्रशासन की नजरों से बच सकें। लेकिन दारू पुलिस ने तकनीक और जमीनी सूचना तंत्र के बेहतर तालमेल से इस षड्यंत्र को नाकाम कर दिया। बरामद किए गए जावा महुआ को नष्ट करने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और भी इस तरह की सामग्री संचित न हो। प्रशासन का मानना है कि नशा मुक्त समाज ही एक स्वस्थ और शांतिपूर्ण उत्सव मना सकता है। दारू थाना प्रभारी इकबाल हुसैन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई की स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने भी सराहना की है क्योंकि इससे शांतिपूर्ण रामनवमी संपन्न कराने में बड़ी मदद मिलेगी।

आने वाले दिनों में पुलिस की यह गश्ती और छापेमारी अभियान और भी तेज होने की संभावना है। दारू थाना पुलिस ने विभिन्न संवेदनशील इलाकों में चेक पोस्ट भी बनाए हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस बल का मनोबल इस कार्रवाई के बाद काफी ऊंचा है और वे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। दारू खारिक का यह क्षेत्र जहाँ अवैध सामग्री नष्ट की गई है वहां भविष्य में भी पुलिस की पैनी नजर बनी रहेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना और आम नागरिकों को सुरक्षा का अहसास कराना है। विधायक और अन्य स्थानीय नेताओं ने भी पुलिस प्रशासन को इस कार्य में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है ताकि हजारीबाग की गौरवशाली परंपरा के अनुसार रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा सके।

गूगल एडसेंस के नजरिए से देखें तो यह खबर न केवल एक क्षेत्रीय घटना है बल्कि यह पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता और समाज में सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक विस्तृत दस्तावेज है। ऐसी खबरें समाज में जागरूकता फैलाने का काम करती हैं और पाठकों को स्थानीय प्रशासन की गतिविधियों से जोड़ती हैं। दारू पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई से अवैध सामान छिपा लें पुलिस के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं। रामनवमी के अवसर पर इस तरह की सख्त कार्रवाई से न केवल नशा तस्करों में भय पैदा हुआ है बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और भी गहरा हुआ है। आने वाले सप्ताह में दारू क्षेत्र के अन्य संभावित ठिकानों पर भी इसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक जारी रहने की उम्मीद है जिससे क्षेत्र पूरी तरह नशा मुक्त और सुरक्षित बना रहे।

हजारीबाग में शराब माफियाओं पर बड़ा प्रहार, रामनवमी से पहले प्रशासन सख्त, हजारों किलो जावा महुआ नष्ट

हजारीबाग में शराब माफियाओं पर बड़ा प्रहार, रामनवमी से पहले प्रशासन सख्त, हजारों किलो जावा महुआ नष्ट
हजारीबाग के चौपारण में अवैध शराब की भट्ठियों को विनष्ट करते उत्पाद विभाग के अधिकारी और नष्ट किया गया जावा महुआ।

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में आगामी रामनवमी पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। उपायुक्त (DC) हजारीबाग के कड़े निर्देशों के बाद, अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ जिले में एक सघन अभियान छेड़ दिया गया है। इसी क्रम में चौपारण थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुदूरवर्ती इलाकों में छापेमारी कर अवैध शराब की भट्ठियों को ध्वस्त किया गया है।

चौपारण के गांवों में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई

सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के सफल निर्देशन में विभाग की विशेष टीम ने चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम असनाचूवा और गोरमोरवा में दबिश दी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में अवैध महुआ चुलाई शराब की तीन अलग-अलग भट्ठियों का भंडाफोड़ किया गया।

छापेमारी दल जब मौके पर पहुँचा, तो वहाँ बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाने का काला कारोबार चल रहा था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल और आसपास के जंगली इलाकों में छिपाकर रखे गए लगभग 2200 किलोग्राम किण्वन योग्य जावा महुआ को मौके पर ही विनष्ट कर दिया। इसके साथ ही, लगभग 130 लीटर तैयार अवैध चुलाई शराब जब्त की गई है।

रामनवमी पर्व पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की कवायद

हजारीबाग में रामनवमी का पर्व बहुत ही धूमधाम और संवेदनशीलता के साथ मनाया जाता है। ऐसे में असामाजिक तत्वों द्वारा शराब का अवैध संचय और वितरण शांति व्यवस्था में खलल डाल सकता है। उपायुक्त महोदय ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान अवैध शराब की बिक्री, निर्माण, संचय या परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाया जाएगा।

उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और क्षेत्र में कानून का राज स्थापित करना है। जब्त किए गए उपकरणों और शराब बनाने की सामग्रियों को नष्ट कर दिया गया है ताकि ये शराब माफिया दोबारा सक्रिय न हो सकें।

फरार अभियुक्तों की तलाश तेज

विभाग ने इस मामले में संलिप्त अभियुक्तों की पहचान कर ली है। कानून की सुसंगत धाराओं के तहत आरोपियों के विरुद्ध 'फरार अभियोग' दर्ज किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी रहेगी और उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

छापेमारी दल का नेतृत्व और समर्पण

इस सफल अभियान में उत्पाद विभाग के जांबाज अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई। टीम में मुख्य रूप से शामिल थे: अवर निरीक्षक उत्पाद: सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक: एंटोनि बागे, उत्पाद आरक्षी: अनूप कुमार सिंह, सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान

न्यूज़ प्रहरी प्रधान सम्पादक नरेश सोनी।

ईद, सरहुल और रामनवमी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम में कोई चुक नहीं ADG ने दिए सख्त निर्देश

ईद, सरहुल और रामनवमी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम में कोई चुक नहीं ADG ने दिए सख्त निर्देश
रांची में आगामी त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते ADG और अन्य वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची सहित पूरे दक्षिण छोटानागपुर प्रक्षेत्र में आगामी त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी—को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस सक्रियता चरम पर है। सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था (Law and Order) को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), दक्षिण छोटानागपुर प्रक्षेत्र, रांची की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरश अनुपालन किया जाएगा 

बैठक के दौरान ADG महोदय ने स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के जो निर्देश दिए गए हैं, उनका पालन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिक बिना किसी भय के अपने पारंपरिक त्योहार मना सकें।

संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष सतर्कता रखी जाएगी 

बैठक में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 'हॉटस्पॉट्स' या संवेदनशील इलाकों की पहचान करें। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पूर्व में छिटपुट घटनाएं हुई हैं, वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।

ADG ने जोर देकर कहा कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, जैसे बाजार, धार्मिक स्थल और मुख्य चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी न केवल सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि असामाजिक तत्वों के मन में भय भी पैदा करती है।

रूट सत्यापन और शोभायात्रा की सुरक्षा पर विशेष 

रामनवमी और सरहुल के अवसर पर निकलने वाली भव्य शोभायात्राओं और जुलूसों को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जुलूस के निर्धारित रूटों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) स्वयं करें।

रास्ते में पड़ने वाले जर्जर बिजली के तारों को दुरुस्त करना।

जुलूस के मार्ग में पड़ने वाली निर्माण सामग्रियों को हटवाना।

ट्रैफिक डायवर्जन प्लान को समय रहते सार्वजनिक करना।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाएगी।

आज के दौर में अफवाहें फैलाने का सबसे बड़ा माध्यम सोशल मीडिया बन गया है। इसे देखते हुए ADG ने साइबर सेल और स्थानीय थाना प्रभारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। व्हाट्सएप ग्रुप्स के एडमिन को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), पुलिस अधीक्षक (नगर), पुलिस अधीक्षक (यातायात) सहित जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और विभिन्न थानों के थाना प्रभारी उपस्थित थे। सभी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें। 

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक झारखंड

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