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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हज़ारीबाग में अवैध शराब माफियाओं पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 53 ठिकानों पर छापेमारी, हज़ारों लीटर जावा महुआ नष्ट

हज़ारीबाग में अवैध शराब माफियाओं पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 53 ठिकानों पर छापेमारी, हज़ारों लीटर जावा महुआ नष्ट

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 36 टीमों ने चलाया विशेष अभियान; 8435 लीटर अवैध सामग्री ज़ब्त, हज़ारीबाग पुलिस की आम जन से खास अपील।

हज़ारीबाग, झारखंड: झारखंड के हज़ारीबाग जिले में अवैध शराब के फलते-फूलते कारोबार पर लगाम कसने के लिए जिला पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। हज़ारीबाग पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े रुख के बाद, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विशेष छापामारी अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित और बेची जा रही शराब के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

Java Mahua Nast.

36 टीमों का गठन, 166 जांबाज पुलिसकर्मी शामिल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 और 25 अप्रैल 2026 की मध्य रात्रि से शुरू हुए इस ऑपरेशन के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता रणनीति तैयार की थी। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और पुलिस निरीक्षकों के नेतृत्व में 36 विशेष टीमों का गठन किया गया। इस महा-अभियान में कुल 166 पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने जिले के दुर्गम और चिन्हित इलाकों में एक साथ दबिश दी।

Crime control 

भारी मात्रा में शराब और जावा महुआ बरामद

हज़ारीबाग पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गठित टीमों ने जिले के कुल 53 संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी:

कुल 8435 लीटर जावा महुआ (शराब बनाने की कच्ची सामग्री) को मौके पर ही नष्ट किया गया।

80 लीटर तैयार देशी शराब को विधिवत ज़ब्त किया गया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अलग-अलग थानों में 14 सन्हा (Sanha) और 01 प्राथमिकी (Case) दर्ज की है।

शराब माफियाओं में हड़कंप, पुलिस की चेतावनी

इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के अवैध शराब संचालकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि समाज में जहर घोलने वाले इस अवैध कारोबार के खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य न केवल शराब को पकड़ना है, बल्कि इसके निर्माण स्थलों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना है।

जनता से सहयोग की अपील

हज़ारीबाग पुलिस ने इस अभियान की सफलता के साथ-साथ आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि आपके आसपास कहीं भी अवैध शराब का निर्माण या बिक्री हो रही है, तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और त्वरित सत्यापन के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

हजारीबाग पुलिस की शराब माफियाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक: रामनवमी से पूर्व अवैध भट्टियों को किया गया नेस्तनाबूद

हजारीबाग पुलिस की शराब माफियाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक: रामनवमी से पूर्व अवैध भट्टियों को किया गया नेस्तनाबूद

HAZARIBAGH: झारखंड के हजारीबाग जिले में शांतिपूर्ण रामनवमी महापर्व सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अपनी कमर कस ली है।

Upkarano ko nast karte

पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण और भंडारण के खिलाफ एक व्यापक और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। शुक्रवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई ने शराब माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है क्योंकि पुलिस ने न केवल अवैध अड्डों पर छापेमारी की बल्कि भारी मात्रा में जावा महुआ और तैयार शराब को मौके पर ही विनष्ट कर दिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाए जाने वाले व्यवधान को रोकना और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।
Press Release 

हजारीबाग सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुम्हारटोली, शास्त्रीनगर, तुरी टोला और शमशान घाट जैसे संवेदनशील इलाकों के साथ-साथ रामनगर गली संख्या छह और आठ में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी। इन रिहायशी और सुनसान इलाकों में छिपाकर रखी गई लगभग एक हजार लीटर अवैध जावा महुआ और शराब बनाने वाली भट्टियों को पुलिस बल ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की यह सक्रियता दर्शाती है कि शहर के भीतर अवैध गतिविधियों को पनपने देने के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस की टीमों ने जमीन के नीचे दबाकर रखे गए शराब के ड्रमों को बाहर निकालकर उन्हें नष्ट किया ताकि भविष्य में वहां दोबारा निर्माण कार्य न हो सके।

Awaidh karobari ko Giraftaar kiya or samaan bhi pramat kiya

इसी कड़ी में पेलावल ओपी क्षेत्र के अंतर्गत गदोखर और शिवपुरी जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक छापेमारी की गई। यहां आठ अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने सघन जांच अभियान चलाया जहां से करीब बारह सौ लीटर अवैध जावा महुआ बरामद किया गया। ग्रामीण इलाकों में इस तरह के अवैध धंधों का संचालन अक्सर बड़े पैमाने पर होता है जिसे विफल करने के लिए पुलिस ने एक साथ कई ठिकानों पर प्रहार किया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में कच्चे माल की बरामदगी से अवैध शराब की आपूर्ति श्रृंखला पर गहरी चोट पहुंची है। बरामद सभी सामग्रियों को स्थानीय गवाहों की मौजूदगी में नष्ट कर दिया गया।

अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में देखने को मिला जहां पुलिस ने हाईवे और मुख्य मार्गों पर स्थित रेस्टोरेंट और ढाबों को अपना निशाना बनाया। लाखे, बड़ासी, केसुरा और जीटी रोड पर स्थित होटलों में छापेमारी के दौरान पुलिस ने आठ सौ लीटर अवैध जावा महुआ जब्त किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि सोनू किराना स्टोर जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी भारी मात्रा में अवैध बीयर की केन बरामद की गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है जिससे पूछताछ जारी है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस केवल सामग्री नष्ट करने तक सीमित नहीं है बल्कि इस काले कारोबार के पीछे शामिल चेहरों को भी बेनकाब करने में जुटी है।

लोहसिंघना थाना क्षेत्र के नूरा और मंडई इलाकों में भी पुलिस की धमक सुनाई दी जहां बाइस घरों में एक साथ तलाशी ली गई। इस कार्रवाई के दौरान दौ सौ किलोग्राम जावा महुआ और सौ लीटर बनी हुई महुआ शराब जब्त की गई। रिहायशी इलाकों में इस तरह के अवैध संचालन न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। हजारीबाग पुलिस की इस चौतरफा कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि रामनवमी के पावन अवसर पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या नशे के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा ताकि पूरा जिला नशामुक्त और सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना सके।


Naresh Soni Editor in Chief.

रामनवमी पर्व पर हजारीबाग पुलिस की सुरक्षा चाक चौबंद सोशल मीडिया और अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर

रामनवमी पर्व पर हजारीबाग पुलिस की सुरक्षा चाक चौबंद सोशल मीडिया और अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में आगामी रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी हालिया प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भ्रामक सूचनाओं और अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ा गया है। यह अभियान न केवल जमीनी स्तर पर बल्कि डिजिटल दुनिया में भी उपद्रवियों के हौसले पस्त करने के लिए चलाया जा रहा है।

हजारीबाग पुलिस द्वारा दारू और बड़कागांव क्षेत्र में अवैध जावा महुआ को नष्ट किए जाने का दृश्य।

डिजिटल निगरानी और साइबर थाने की सक्रियता

वर्तमान युग में सोशल मीडिया सूचना के आदान-प्रदान का सबसे सशक्त माध्यम है लेकिन कई बार इसका दुरुपयोग सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए किया जाता है। इसी गंभीरता को समझते हुए हजारीबाग पुलिस का साइबर थाना अब चौबीसों घंटे सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर साझा किए जाने वाले हर आपत्तिजनक पोस्ट पर उनकी पैनी नजर है। विगत कुछ दिनों में साइबर थाने द्वारा दर्जनों ऐसे संदिग्ध खातों की पहचान की गई है जो समाज में विद्वेष फैलाने वाली सामग्री प्रसारित कर रहे थे।

इन चिन्हित खातों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय और संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों जैसे मेटा को पत्र लिखकर इन आईडी को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कई खाताधारकों को नोटिस भी तामिल कराए गए हैं। पुलिस की इस सख्ती का असर भी देखने को मिल रहा है क्योंकि कई लोगों ने थाने में लिखित आवेदन देकर भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का आश्वासन दिया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य तकनीकी निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अफवाह किसी बड़ी घटना का रूप न ले सके।

अवैध शराब के विरुद्ध विशेष छापेमारी अभियान

रामनवमी के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर भी कड़ा प्रहार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बड़कागांव और दारू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न इलाकों में विशेष छापेमारी की गई। इस कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य पर्व के दौरान नशा मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना था। पुलिस की टीमों ने जंगलों और रिहायशी इलाकों के गुप्त ठिकानों पर दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध जावा महुआ और तैयार देसी शराब को जब्त किया है।

दारू थाना क्षेत्र के खरिका में की गई छापेमारी में लगभग पचास किलोग्राम अवैध जावा महुआ बरामद किया गया जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसी प्रकार बड़कागांव थाना अंतर्गत नापो और सरैयाटांड़ में भी बड़ी सफलता हाथ लगी जहाँ लगभग पचास क्विंटल अवैध जावा महुआ विनष्ट किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन का मानना है कि पर्व के दौरान अशांति फैलाने वाले कारकों में शराब एक प्रमुख कारण होती है और इस पर लगाम लगाकर कई संभावित विवादों को रोका जा सकता है।

नागरिकों से सहयोग की अपील और सुरक्षा व्यवस्था

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से इस त्यौहार को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने की मार्मिक अपील की है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को सुझाव दिया है कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार का भ्रामक संदेश या वीडियो आता है तो उसे आगे फॉरवर्ड करने के बजाय तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। शांति समिति की बैठकों में लिए गए निर्णयों का अक्षरशः पालन करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो।

पुलिस बल की तैनाती और गश्त को भी संवेदनशील इलाकों में बढ़ा दिया गया है। रामनवमी के जुलूस मार्गों पर विशेष नजर रखी जा रही है और ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की योजना बनाई गई है। हजारीबाग पुलिस का कहना है कि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशासन की इस सक्रियता से आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव जागृत हुआ है और सभी शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने की तैयारी में जुटे हैं।

यह व्यापक अभियान दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग के तालमेल से कैसे एक सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सकता है। हजारीबाग पुलिस की यह कार्रवाई न केवल इस पर्व के लिए बल्कि भविष्य के लिए भी एक मिसाल पेश करती है कि कानून तोड़ने वालों और शांति भंग करने वालों के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।


नरेश सोनी प्रधान सम्पादक (न्यूज़ प्रहरी)भारत।

रामनवमी पर्व की सुरक्षा और दारू पुलिस की पैनी नजर: अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई

रामनवमी पर्व की सुरक्षा और दारू पुलिस की पैनी नजर: अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई

हजारीबाग/दारू: झारखंड के हजारीबाग जिले के अंतर्गत दारू थाना क्षेत्र में इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। आगामी रामनवमी के महान पर्व को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और असामाजिक तत्वों के साथ-साथ अवैध धंधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में दारू थाना प्रभारी इकबाल हुसैन के कुशल नेतृत्व में पुलिस बल ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि दारू खारिक के घने और सुनसान इलाकों का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध रूप से महुआ शराब के निर्माण की योजना बना रहे हैं और भारी मात्रा में कच्चा माल एकत्र किया गया है। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और संबंधित स्थल पर छापेमारी की योजना बनाई।

 थाना प्रभारी इकबाल हुसैन की मौजूदगी में पुलिस टीम द्वारा अवैध जावा महुआ को नष्ट करने की प्रक्रिया।

पुलिस की यह कार्रवाई इतनी सुनियोजित और त्वरित थी कि अवैध धंधेबाजों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दारू खारिक के जंगली और दुर्गम रास्तों को पार करते हुए जब पुलिस टीम चिन्हित स्थान पर पहुँची, तो वहां छिपाकर रखे गए लगभग पचास किलो अवैध जावा महुआ के भंडारण का खुलासा हुआ। यह जावा महुआ शराब बनाने के लिए मुख्य कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और इसे जमीन के अंदर या झाड़ियों के पीछे बड़ी चतुराई से छुपाया गया था। थाना प्रभारी इकबाल हुसैन ने स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और बरामद किए गए सभी अवैध सामग्री को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया। पुलिस की इस सक्रियता ने उन लोगों के हौसले पस्त कर दिए हैं जो त्योहारों के सीजन में अवैध शराब की आपूर्ति कर शांति व्यवस्था भंग करने की फिराक में रहते हैं।

रामनवमी जैसे पवित्र और बड़े त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। हजारीबाग का इतिहास रहा है कि यहाँ रामनवमी का जुलूस और उत्सव बहुत ही भव्य और संवेदनशील होता है। ऐसे में नशाखोरी और अवैध शराब की बिक्री कानून व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकती है। दारू थाना प्रभारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी सूरत में क्षेत्र के भीतर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते उन पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस तरह के अवैध अड्डों पर प्रहार करने से न केवल अपराध में कमी आएगी बल्कि युवाओं को भी नशे की लत से बचाया जा सकेगा।

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने पाया कि अवैध शराब बनाने वाले लोग दुर्गम क्षेत्रों का चुनाव इसलिए करते हैं ताकि वे आम जनता और प्रशासन की नजरों से बच सकें। लेकिन दारू पुलिस ने तकनीक और जमीनी सूचना तंत्र के बेहतर तालमेल से इस षड्यंत्र को नाकाम कर दिया। बरामद किए गए जावा महुआ को नष्ट करने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और भी इस तरह की सामग्री संचित न हो। प्रशासन का मानना है कि नशा मुक्त समाज ही एक स्वस्थ और शांतिपूर्ण उत्सव मना सकता है। दारू थाना प्रभारी इकबाल हुसैन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई की स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने भी सराहना की है क्योंकि इससे शांतिपूर्ण रामनवमी संपन्न कराने में बड़ी मदद मिलेगी।

आने वाले दिनों में पुलिस की यह गश्ती और छापेमारी अभियान और भी तेज होने की संभावना है। दारू थाना पुलिस ने विभिन्न संवेदनशील इलाकों में चेक पोस्ट भी बनाए हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस बल का मनोबल इस कार्रवाई के बाद काफी ऊंचा है और वे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। दारू खारिक का यह क्षेत्र जहाँ अवैध सामग्री नष्ट की गई है वहां भविष्य में भी पुलिस की पैनी नजर बनी रहेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना और आम नागरिकों को सुरक्षा का अहसास कराना है। विधायक और अन्य स्थानीय नेताओं ने भी पुलिस प्रशासन को इस कार्य में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है ताकि हजारीबाग की गौरवशाली परंपरा के अनुसार रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा सके।

गूगल एडसेंस के नजरिए से देखें तो यह खबर न केवल एक क्षेत्रीय घटना है बल्कि यह पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता और समाज में सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक विस्तृत दस्तावेज है। ऐसी खबरें समाज में जागरूकता फैलाने का काम करती हैं और पाठकों को स्थानीय प्रशासन की गतिविधियों से जोड़ती हैं। दारू पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई से अवैध सामान छिपा लें पुलिस के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं। रामनवमी के अवसर पर इस तरह की सख्त कार्रवाई से न केवल नशा तस्करों में भय पैदा हुआ है बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और भी गहरा हुआ है। आने वाले सप्ताह में दारू क्षेत्र के अन्य संभावित ठिकानों पर भी इसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक जारी रहने की उम्मीद है जिससे क्षेत्र पूरी तरह नशा मुक्त और सुरक्षित बना रहे।

हज़ारीबाग: रामनवमी से पहले उत्पाद विभाग का बड़ा एक्शन, भगहर में अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़

हज़ारीबाग: रामनवमी से पहले उत्पाद विभाग का बड़ा एक्शन, भगहर में अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़

नरेश सोनी विशेष संवाददाता।
हज़ारीबाग के भगहर में छापेमारी के बाद जब्त की गई अवैध शराब बनाने की सामग्री और ट्रैक्टर के साथ उत्पाद विभाग की टीम।

हज़ारीबाग (News Prahari): आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए हज़ारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था भंग न हो और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके, इसके लिए उपायुक्त महोदय द्वारा कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसी कड़ी में हज़ारीबाग उत्पाद विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ छापेमारी कर अवैध शराब के बड़े काले कारोबार का पर्दाफाश किया गया है।

पहाड़ी की तलहटी में चल रहा था अवैध धंधा

सहायक आयुक्त उत्पाद, हज़ारीबाग के दिशा-निर्देशानुसार गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम भगहर में छापेमारी की। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने पाया कि पहाड़ी के किनारे सुनसान इलाके का फायदा उठाकर अवैध शराब बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से एक ट्रैक्टर वाहन को जब्त किया है, जिसका उपयोग शराब की तस्करी और सामग्री ढोने के लिए किया जा रहा था।

बरामद सामग्री की सूची (प्रारंभिक रिपोर्ट)

छापेमारी स्थल से विभाग ने भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है, जो इस बात की ओर इशारा करती है कि यहाँ बड़े पैमाने पर 'नकली विदेशी शराब' तैयार की जा रही थी। बरामद वस्तुओं में शामिल हैं:

भारी मात्रा में अवैध (सुषव) स्पिरिट।

तैयार नकली विदेशी शराब की बोतलें।

शराब बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले विभिन्न रसायन और सामग्री।

हजारों की संख्या में खाली बोतलें और ढक्कन।

विभिन्न ब्रांडों के नकली रैपर और होलोग्राम।

एडसेंस फ्रेंडली विश्लेषण: क्यों खतरनाक है यह अवैध शराब?

उत्पाद विभाग की यह कार्रवाई केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि जन-स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। अक्सर पर्व-त्योहारों के समय मांग बढ़ने पर अपराधी स्पिरिट और रसायनों के मिश्रण से ज़हरीली शराब बनाते हैं। यह शराब न केवल राजस्व की चोरी है, बल्कि इसे पीने से लोगों की जान भी जा सकती है। हज़ारीबाग उपायुक्त के आदेश पर की गई यह 'सघन छापेमारी' अपराधियों के हौसले पस्त करने वाली है।

आगे की कार्रवाई और गणना

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी बरामद सामग्री की विस्तृत गणना (Counting) की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह खेप लाखों की बताई जा रही है। गणना पूरी होने के बाद विभाग प्राथमिकी दर्ज कर इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं की गिरफ्तारी के लिए दबिश बढ़ाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि रामनवमी के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बिक्री या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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