ईद, सरहुल और रामनवमी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम में कोई चुक नहीं ADG ने दिए सख्त निर्देश
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| रांची में आगामी त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते ADG और अन्य वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी। |
रांची: झारखंड की राजधानी रांची सहित पूरे दक्षिण छोटानागपुर प्रक्षेत्र में आगामी त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी—को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस सक्रियता चरम पर है। सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था (Law and Order) को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), दक्षिण छोटानागपुर प्रक्षेत्र, रांची की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरश अनुपालन किया जाएगा
बैठक के दौरान ADG महोदय ने स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के जो निर्देश दिए गए हैं, उनका पालन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिक बिना किसी भय के अपने पारंपरिक त्योहार मना सकें।
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष सतर्कता रखी जाएगी
बैठक में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 'हॉटस्पॉट्स' या संवेदनशील इलाकों की पहचान करें। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पूर्व में छिटपुट घटनाएं हुई हैं, वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।
ADG ने जोर देकर कहा कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, जैसे बाजार, धार्मिक स्थल और मुख्य चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी न केवल सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि असामाजिक तत्वों के मन में भय भी पैदा करती है।
रूट सत्यापन और शोभायात्रा की सुरक्षा पर विशेष
रामनवमी और सरहुल के अवसर पर निकलने वाली भव्य शोभायात्राओं और जुलूसों को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जुलूस के निर्धारित रूटों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) स्वयं करें।
रास्ते में पड़ने वाले जर्जर बिजली के तारों को दुरुस्त करना।
जुलूस के मार्ग में पड़ने वाली निर्माण सामग्रियों को हटवाना।
ट्रैफिक डायवर्जन प्लान को समय रहते सार्वजनिक करना।
सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाएगी।
आज के दौर में अफवाहें फैलाने का सबसे बड़ा माध्यम सोशल मीडिया बन गया है। इसे देखते हुए ADG ने साइबर सेल और स्थानीय थाना प्रभारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। व्हाट्सएप ग्रुप्स के एडमिन को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), पुलिस अधीक्षक (नगर), पुलिस अधीक्षक (यातायात) सहित जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और विभिन्न थानों के थाना प्रभारी उपस्थित थे। सभी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक झारखंड।

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