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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: एसपी अमन कुमार का बड़कागांव में औचक निरीक्षण, थानों की कार्यशैली जांची और कोल माइनिंग क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

हजारीबाग: एसपी अमन कुमार का बड़कागांव में औचक निरीक्षण, थानों की कार्यशैली जांची और कोल माइनिंग क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील महूदी और बेलतू गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से किया संवाद; एनटीपीसी व सीसीएल जैसी कंपनियों को समन्वय के निर्देश।
हजारीबाग: एसपी अमन कुमार

हजारीबाग, झारखंड: जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और पुलिसिंग को जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार (IPS) ने बड़कागांव अनुमंडल क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल थानों का औचक निरीक्षण किया, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों और औद्योगिक सुरक्षा का भी बारीकी से मूल्यांकन किया।

एसपी अमन कुमार का बड़कागांव में औचक निरीक्षण,

थानों का औचक निरीक्षण और कड़े निर्देश

एसपी अमन कुमार ने बड़कागांव अनुमंडल के विभिन्न थानों और ओपी (OP) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन करें और जनता की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव और अपराधियों में भय पैदा हो।

एनटीपीसी व सीसीएल जैसी कंपनियों को समन्वय के निर्देश।

संवेदनशील क्षेत्रों में जनसंवाद

क्षेत्र की सांप्रदायिक अखंडता और शांति बनाए रखने के लिए एसपी ने विशेष रूप से संवेदनशील माने जाने वाले ग्राम महूदी और बेलतू का भ्रमण किया। वहां उन्होंने स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों के साथ विचार-विमर्श किया। एसपी ने अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शांति भंग करने वालों के विरुद्ध पुलिस कठोरतम कार्रवाई करेगी।

कोल माइनिंग कंपनियों के साथ सुरक्षा समीक्षा

बड़कागांव क्षेत्र आर्थिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए एसपी ने क्षेत्र में संचालित प्रमुख कोल माइनिंग कंपनियों जैसे एनटीपीसी (NTPC), रित्विक, बीजीआर (BGR), त्रिवेणी और सीसीएल (CCL) का निरीक्षण किया।

माइनिंग साइट्स पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने कंपनियों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

विधि व्यवस्था: माइनिंग क्षेत्रों में शांतिपूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित करना।

समन्वय: पुलिस प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना।

आम जन के साथ जुड़ाव: स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए उनके साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना ताकि विकास कार्यों में बाधा न आए।

निष्कर्ष और भविष्य की रणनीति

निरीक्षण के अंत में, एसपी अमन कुमार ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को क्षेत्र में गश्त (Patrolling) बढ़ाने और सूचना तंत्र (Intelligence) को मजबूत करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच का फासला कम करना उनकी प्राथमिकता है। इस दौरे से पुलिस महकमे में सक्रियता देखी जा रही है और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।

विष्णुगढ़ मासूम हत्याकांड न्याय की गुहार और जयराम महतो का प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम

विष्णुगढ़ मासूम हत्याकांड न्याय की गुहार और जयराम महतो का प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम

हजारीबाग:  जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड के अंतर्गत कुसुंभा पंचायत में घटी दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई क्रूरता और फिर उसकी निर्मम हत्या ने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस जघन्य अपराध को लेकर जनता के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसकी गूँज अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सड़क तक सुनाई देने लगी है। शनिवार की सुबह झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने विष्णुगढ़ पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो झारखंड की सड़कों पर एक विशाल जनांदोलन छेड़ा जाएगा।

विष्णुगढ़ के कुसुंभा पंचायत में पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाते विधायक जयराम महतो और उपस्थित ग्रामीण।

जयराम महतो ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके से ही पुलिस उपाधीक्षक (DSP) को फोन कर घटना की गंभीरता से अवगत कराया और निर्देश दिया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि एक अबोध बच्ची की अस्मिता को इस तरह कुचलना और उसकी जान ले लेना हमारी पूरी सामाजिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं और अब तक मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे क्यों नहीं भेजा गया है।

इस दुखद घड़ी में जयराम महतो ने राज्य सरकार की चुप्पी पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और सरकार के वरिष्ठ मंत्री केवल अपने आलीशान बंगलों के निर्माण और करोड़ों के प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं, जबकि झारखंड की बेटियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महतो ने मांग की है कि सरकार पीड़ित परिवार को अविलंब उचित मुआवजा प्रदान करे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराने की पुरजोर वकालत की है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिल सके। उनका कहना है कि इस मामले में ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो भविष्य के अपराधियों के लिए एक नजीर बने और कोई भी अपराधी ऐसी अमानवीय घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।

विष्णुगढ़ के कुसुंभा पंचायत में आज सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है, लेकिन ग्रामीणों की आंखों में आंसू के साथ-साथ प्रशासन के खिलाफ गुस्सा भी साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। जयराम महतो के साथ इस दौरे में जेएलकेएम के जिला अध्यक्ष सरयू साव, केंद्रीय संगठन महासचिव महेंद्र प्रसाद महतो, पूर्व जिप सदस्य जय प्रकाश सिंह पटेल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और चेतावनी दी है कि विष्णुगढ़ की बेटी को न्याय दिलाने के लिए वे सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करेंगे। अब सबकी नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन निर्धारित समय सीमा के भीतर अपराधियों को पकड़ पाता है या नहीं।

बिष्णुगढ़ में मानवता शर्मसार: मासूम की निर्मम हत्या के बाद हजारीबाग में भारी जनाक्रोश और 24 घंटे का अल्टीमेटम

बिष्णुगढ़ में मानवता शर्मसार: मासूम की निर्मम हत्या के बाद हजारीबाग में भारी जनाक्रोश और 24 घंटे का अल्टीमेटम

​HAZARIBAGH:झारखंड के हजारीबाग जिले अंतर्गत बिष्णुगढ़ प्रखंड में मानवता को कलंकित करने वाली एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने न केवल एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं बल्कि पूरे राज्य की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। एक बारह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और फिर उसकी निर्मम हत्या ने समाज के हर वर्ग को गहरे शोक और असहनीय आक्रोश में डाल दिया है। यह अमानवीय कृत्य इस बात का प्रमाण है कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह समाप्त हो चुका है और हमारी बेटियाँ अपने ही घर-आंगन में सुरक्षित नहीं हैं। इस घटना की गूँज अब राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनमानस तक सुनाई दे रही है जहाँ न्याय की मांग एक ज्वालामुखी का रूप ले चुकी है।

 "Bishnugarh Hazaribagh Case News Prahari"

​इस दुःखद और अत्यंत संवेदनशील घड़ी में हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ प्रभावित गाँव का दौरा किया। उन्होंने शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात की और उनकी व्यथा को साझा किया। परिजनों की सिसकियाँ और न्याय के लिए उनकी चीखें वहाँ उपस्थित हर व्यक्ति की आँखों को नम कर रही थीं।

 "Bishnugarh Hazaribagh Case News Prahari"

विधायक ने पीड़ित पिता और माता को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि इस भीषण संकट काल में वे स्वयं को अकेला न समझें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जब तक दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा नहीं मिल जाती, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। इस मुलाकात के दौरान गाँव में व्याप्त तनाव और असुरक्षा की भावना स्पष्ट रूप से देखी गई जिसे दूर करना अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

​विधायक प्रदीप प्रसाद ने घटनास्थल की स्थिति और परिजनों की मांग को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि अगले चौबीस घंटों के भीतर इस जघन्य अपराध में संलिप्त दरिंदों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो सोमवार को संपूर्ण हजारीबाग बंद का आह्वान किया जाएगा। विधायक का यह स्टैंड केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं है बल्कि यह उस आम आदमी की आवाज है जो अपनी सुरक्षा के लिए डरा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक व्यापक जन आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी। यह आंदोलन समाज की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने के लिए एक निर्णायक संघर्ष साबित होगा।

​घटना की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी तीखे प्रहार किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन करार दिया। प्रदीप प्रसाद के अनुसार राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और पुलिस केवल मूकदर्शक बनी हुई है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिन-दहाड़े ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराई जाए और दोषियों को मृत्युदंड जैसी कठोरतम सजा दी जाए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए और भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसी घृणित सोच रखने की हिम्मत तक न कर सके।

​इस दुःखद समय में हजारीबाग के सांसद मनीष जयसवाल और पूर्व प्रतिपक्ष नेता अमर बाउरी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और घटना की कड़ी निंदा की। उनके साथ बरकठ्ठा विधायक अमित यादव, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो और बड़कागाँव विधायक रौशनलाल चौधरी भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुँचे। जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, हरिश श्रीवास्तव, भुनेश्वर पटेल, मनोज श्रीवास्तव और बलराम शर्मा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग की है। इन सभी जनप्रतिनिधियों का एक साथ आना यह दर्शाता है कि यह मुद्दा अब केवल एक स्थानीय अपराध नहीं रहा बल्कि झारखंड की अस्मिता और कानून व्यवस्था का एक बड़ा प्रश्न बन गया है।

​वर्तमान परिदृश्य में हजारीबाग की जनता न्याय की उम्मीद लगाए बैठी है। विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जनता से भी शांति बनाए रखने की अपील की है लेकिन साथ ही यह स्पष्ट कर दिया है कि न्याय में देरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों की सलाखों के पीछे पहुँचने तक और उन्हें फांसी की सजा मिलने तक यह संघर्ष गलियों से लेकर सदन तक निरंतर जारी रहेगा। समाज की संवेदनाएं अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कितनी तत्परता से अपनी जिम्मेदारी निभाता है और इस मासूम की आत्मा को न्याय प्रदान करता है।

Naresh Soni Editor in Chief.


ईद, सरहुल और रामनवमी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम में कोई चुक नहीं ADG ने दिए सख्त निर्देश

ईद, सरहुल और रामनवमी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम में कोई चुक नहीं ADG ने दिए सख्त निर्देश
रांची में आगामी त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते ADG और अन्य वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची सहित पूरे दक्षिण छोटानागपुर प्रक्षेत्र में आगामी त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी—को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस सक्रियता चरम पर है। सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था (Law and Order) को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), दक्षिण छोटानागपुर प्रक्षेत्र, रांची की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरश अनुपालन किया जाएगा 

बैठक के दौरान ADG महोदय ने स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के जो निर्देश दिए गए हैं, उनका पालन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिक बिना किसी भय के अपने पारंपरिक त्योहार मना सकें।

संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष सतर्कता रखी जाएगी 

बैठक में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 'हॉटस्पॉट्स' या संवेदनशील इलाकों की पहचान करें। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पूर्व में छिटपुट घटनाएं हुई हैं, वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।

ADG ने जोर देकर कहा कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, जैसे बाजार, धार्मिक स्थल और मुख्य चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी न केवल सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि असामाजिक तत्वों के मन में भय भी पैदा करती है।

रूट सत्यापन और शोभायात्रा की सुरक्षा पर विशेष 

रामनवमी और सरहुल के अवसर पर निकलने वाली भव्य शोभायात्राओं और जुलूसों को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जुलूस के निर्धारित रूटों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) स्वयं करें।

रास्ते में पड़ने वाले जर्जर बिजली के तारों को दुरुस्त करना।

जुलूस के मार्ग में पड़ने वाली निर्माण सामग्रियों को हटवाना।

ट्रैफिक डायवर्जन प्लान को समय रहते सार्वजनिक करना।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाएगी।

आज के दौर में अफवाहें फैलाने का सबसे बड़ा माध्यम सोशल मीडिया बन गया है। इसे देखते हुए ADG ने साइबर सेल और स्थानीय थाना प्रभारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। व्हाट्सएप ग्रुप्स के एडमिन को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), पुलिस अधीक्षक (नगर), पुलिस अधीक्षक (यातायात) सहित जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और विभिन्न थानों के थाना प्रभारी उपस्थित थे। सभी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें। 

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक झारखंड

Jharkhand: ईद, सरहुल और रामनवमी पर हुड़दंगियों की खैर नहीं, CM हेमंत सोरेन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

Jharkhand: ईद, सरहुल और रामनवमी पर हुड़दंगियों की खैर नहीं, CM हेमंत सोरेन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्हेयमंत्री मंत सोरेन रांची में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए। 

रांची: झारखंड में आगामी त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी—को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को रांची स्थित अपने आवासीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस त्वरित और कड़ी कार्रवाई करे।

सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर, अफवाह फैलाने वाले जाएंगे जेल

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के 9दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24 घंटे निगरानी की जाए। अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों के समय भड़काऊ पोस्ट के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जाती है। सीएम ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन बिना किसी देरी के एक्शन ले। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय स्तर पर 'इनफॉर्मर्स' (सूचना तंत्र) को मजबूत करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी समय रहते मिल सके।

जुलूस में नहीं बजेंगे भड़काऊ गाने, ड्रोन से होगी एरियल निगरानी

रामनवमी और सरहुल की शोभायात्राओं को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान किसी भी हाल में उत्तेजक या भड़काऊ गाने नहीं बजने चाहिए। इसके समाधान के रूप में उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि वे पूजा समितियों और अखाड़ों के साथ समन्वय बनाकर उन्हें 'प्री-रिकॉर्डेड' गानों की पेनड्राइव उपलब्ध कराएं।

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही, पूरी शोभायात्रा की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और ड्रोन के माध्यम से एरियल सर्विलांस (आकाशीय निगरानी) की व्यवस्था भी रहेगी।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए 'सेफ जोन'

भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल होते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाने चाहिए। जुलूस मार्ग में जगह-जगह 'सेफ जोन' बनाए जाएंगे, ताकि आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, रूट चार्ट का भौतिक सत्यापन करने और फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस व दंगा रोधी वाहनों को अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉक्यूमेंटेशन और हाई कोर्ट के आदेश का पालन

सीएम ने अधिकारियों से कहा कि इस वर्ष की तमाम गतिविधियों का विस्तृत डॉक्यूमेंटेशन तैयार किया जाए, ताकि भविष्य की रणनीतियां बनाने में आसानी हो। इसके साथ ही, उन्होंने शोभायात्रा में इस्तेमाल होने वाले झंडों की लंबाई को लेकर माननीय उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

इस बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी समुदायों से आपसी सद्भाव के साथ त्योहार मनाने की अपील की और प्रशासन को बिजली-पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक झारखंड भारत।

हजारीबाग रामनवमी 2026: सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DGP ने अधिकारियों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश


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