हजारीबाग: एसपी अमन कुमार का बड़कागांव में औचक निरीक्षण, थानों की कार्यशैली जांची और कोल माइनिंग क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील महूदी और बेलतू गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से किया संवाद; एनटीपीसी व सीसीएल जैसी कंपनियों को समन्वय के निर्देश।
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| हजारीबाग: एसपी अमन कुमार |
हजारीबाग, झारखंड: जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और पुलिसिंग को जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार (IPS) ने बड़कागांव अनुमंडल क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल थानों का औचक निरीक्षण किया, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों और औद्योगिक सुरक्षा का भी बारीकी से मूल्यांकन किया।
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| एसपी अमन कुमार का बड़कागांव में औचक निरीक्षण, |
थानों का औचक निरीक्षण और कड़े निर्देश
एसपी अमन कुमार ने बड़कागांव अनुमंडल के विभिन्न थानों और ओपी (OP) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन करें और जनता की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव और अपराधियों में भय पैदा हो।
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| एनटीपीसी व सीसीएल जैसी कंपनियों को समन्वय के निर्देश। |
संवेदनशील क्षेत्रों में जनसंवाद
क्षेत्र की सांप्रदायिक अखंडता और शांति बनाए रखने के लिए एसपी ने विशेष रूप से संवेदनशील माने जाने वाले ग्राम महूदी और बेलतू का भ्रमण किया। वहां उन्होंने स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों के साथ विचार-विमर्श किया। एसपी ने अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शांति भंग करने वालों के विरुद्ध पुलिस कठोरतम कार्रवाई करेगी।
कोल माइनिंग कंपनियों के साथ सुरक्षा समीक्षा
बड़कागांव क्षेत्र आर्थिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए एसपी ने क्षेत्र में संचालित प्रमुख कोल माइनिंग कंपनियों जैसे एनटीपीसी (NTPC), रित्विक, बीजीआर (BGR), त्रिवेणी और सीसीएल (CCL) का निरीक्षण किया।
माइनिंग साइट्स पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने कंपनियों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
विधि व्यवस्था: माइनिंग क्षेत्रों में शांतिपूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित करना।
समन्वय: पुलिस प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना।
आम जन के साथ जुड़ाव: स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए उनके साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना ताकि विकास कार्यों में बाधा न आए।
निष्कर्ष और भविष्य की रणनीति
निरीक्षण के अंत में, एसपी अमन कुमार ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को क्षेत्र में गश्त (Patrolling) बढ़ाने और सूचना तंत्र (Intelligence) को मजबूत करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच का फासला कम करना उनकी प्राथमिकता है। इस दौरे से पुलिस महकमे में सक्रियता देखी जा रही है और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।



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